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कलाई में दर्द क्या है?

कलाई में दर्द होना एक आम समस्या है। यह अचानक आने वाली मोच या फ्रैक्चर के कारण होता है। हालांकि, कलाई का दर्द दीर्घकालिक समस्याओं का परिणाम भी हो सकता है, जैसे- बार -बार पड़ने वाला दबाव, गठिया और कार्पल टनल सिंड्रोम (carpal tunnel syndrome)।

कलाई में होने वाले दर्द के लिए कई कारक जिम्मेदार हो सकते हैं, इसलिए सटीक कारण का निदान कभी-कभी मुश्किल हो सकता है। इसके उचित उपचार के लिए सही निदान आवश्यक है।

(और पढ़ें - हाथ में दर्द

  1. कलाई में दर्द के लक्षण - Wrist Pain Symptoms in Hindi
  2. कलाई में दर्द के कारण - Wrist Pain Causes in Hindi
  3. कलाई में दर्द से बचाव - Prevention of Wrist Pain in Hindi
  4. कलाई में दर्द का परीक्षण - Diagnosis of Wrist Pain in Hindi
  5. कलाई में दर्द का इलाज - Wrist Pain Treatment in Hindi
  6. कलाई में दर्द की जटिलताएं - Wrist Pain Complications in Hindi
  7. कलाई में दर्द के घरेलू उपाय
  8. कलाई में दर्द की दवा - Medicines for Wrist Pain in Hindi
  9. कलाई में दर्द के डॉक्टर

कलाई में दर्द के लक्षण - Wrist Pain Symptoms in Hindi

कलाई में दर्द के साथ कौन से संकेत और लक्षण दिखाई देते हैं?

कलाई में दर्द के कारणों के आधार पर दर्द के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं। कुछ लोगों को हल्का दर्द महसूस हो सकता है, तो अन्य लोगों को भयंकर पीड़ा हो सकती है। यह दर्द हाथ के अलग-अलग भागों में भी हो सकता है। 

(और पढ़ें - कलाई में दर्द के घरेलू उपाय)

दर्द के अलावा, अन्य लक्षण भी उत्पन्न हो सकते हैं। चोट के कारण विकसित होने वाले लक्षण हैं - कलाई में मोच आने से सूजन और नील पड़ना। कार्पल टनल सिंड्रोम के कारण होने वाले दर्द में हाथ में सुन्नता, झनझनाहट और कमजोरी भी हो सकती है।

कुछ लोगों में निम्नलिखित लक्षण दिखाई दे सकते हैं -

  • वस्तुओं को पकड़ पाने में तकलीफ होना - किसी भी चीज को पकड़े रखना कठिन या असुविधाजनक हो सकता है।
  • अकड़न - कलाई और उंगलियों में अकड़न हो सकती है।
  • कलाई को घुमाने पर चटकने की आवाज आना - लम्बे समय तक कलाई को आराम देने के बाद उसे हिलाने-डुलाने से यह समस्या और अधिक गंभीर हो सकती है।

कलाई में दर्द के शुरुआती लक्षण हल्के हो सकते हैं और समय के साथ-साथ गंभीर हो सकते हैं।

शुरुआती चरण में यह दर्द कुछ गतिविधियों के दौरान हो सकता है। समय के साथ स्थिति और खराब हो सकती है। हाथ के सुन्न हो जाने पर व्यक्ति ठंडा या गर्म महसूस नहीं कर पाता है और चीजों को पकड़ पाने में असमर्थ हो सकता है।

कलाई में दर्द के लिए डॉक्टर को कब दिखाएं?

डॉक्टर से जांच कराना बहुत महत्वपूर्ण है, यदि –

  • कमजोरी के कारण चीजों को पकड़ने में कठिनाई होना। (और पढ़ें - कमजोरी का इलाज)
  • दर्द के कारण रोजमर्रा के काम करने में बाधा उत्पन्न होना।
  • हाथ की साधारण गतिविधियां लम्बे समय तक न कर पाना।
  • सुन्नता या झनझनाहट बहुत बढ़ जाना। 
  • उंगलियों और हाथों द्वारा किसी भी उत्तेजना को महसूस कर पाने की क्षमता बहुत कम या बिलकुल समाप्त हो जाना।

कलाई में दर्द के कारण - Wrist Pain Causes in Hindi

कलाई में दर्द क्यों होता है?

आपकी कलाई आठ हड्डियों की एक जटिल संरचना है। ये हड्डियां आपकी बांह की हड्डियों और हाथों की हड्डियों के बीच दो पंक्तियों में व्यवस्थित होती हैं। लिगामेंट्स की मजबूत पट्टियां आपकी कलाई की हड्डियों को एक-दूसरे से जोड़ती हैं, साथ ही इन्हें आपकी बांह की हड्डी और हाथों की हड्डियों से भी जोड़े रखती हैं। शिराएं (tendons) हड्डियों को मांसपेशियों से जोड़ती हैं। आपकी कलाई के किसी भी हिस्से में लगने वाली चोट के कारण दर्द हो सकता है और साथ ही कलाई और हाथ की कार्यक्षमता पर असर पड़ सकता है।

(और पढ़ें - मांसपेशियों में ऐठन का इलाज

चोटें - 

  • अचानक लगने वाली चोटें – अक्सर हाथों के बल आगे की तरफ गिरने के कारण कलाई में चोट लग जाती है। इससे मोच, खिंचाव और यहां तक ​​कि फ्रैक्चर भी हो सकता है।
  • बार-बार पड़ने वाला दबाव – कलाई द्वारा बार-बार एक ही गतिविधि, जैसे – कंप्यूटर पर टाइपिंग या स्मार्टफोन का उपयोग करने के कारण जोड़ों के आसपास मौजूद टिश्यू (ऊतकों) में सूजन हो सकती है या स्ट्रेस फ्रैक्चर (बार-बार दबाव पड़ने के कारण हड्डी में आने वाली बारीक दरार) हो सकता है। ऐसा विशेष रूप से तब होता है, जब आप बिना ब्रेक लिए कई घंटों तक कलाई की गतिविधियों वाले कार्य करते रहते हैं। (और पढ़ें - मोच के घरेलू उपाय)

गठिया -

  • रूमेटाइड अर्थराइटिस (Rheumatoid arthritis) – अगर रूमेटाइड आर्थराइटिस एक कलाई में होता है, तो दूसरी कलाई भी इससे प्रभावित हो जाती है।
  • ऑस्टियोआर्थराइटिस – कलाई में ऑस्टियोआर्थराइटिस बहुत कम देखा जाता है। यह विशेष रूप से केवल उन लोगों में ही होता है, जिनकी कलाई में पहले कभी कोई चोट लगी हो।

अन्य रोग और स्थितियां - 

  • कार्पल टनल सिंड्रोम – कार्पल टनल सिंड्रोम तब विकसित होता है, जब मध्य तंत्रिका - median nerve (इंसानों और जानवरों के ऊपरी अंग में पायी जाती है) पर दबाव बढ़ता है। ऐसा तब होता है,  जब यह कार्पल टनल (आपकी कलाई में हथेली की और जाने वाला रास्ता) के माध्यम से गुजरती है।
  • कीनबॉक्स रोग (Kienbock's disease) - कलाई की आठ में से एक हड्डी में रक्त की आपूर्ति बंद हो जाना। इस परिस्थिति में कई बार हड्डी मर तक जाती है। 
  • गैंगलीओन सिस्ट्स (ganglion cysts) - एक ऐसी गांठ का कलाई और हाथ के जोड़ पर उभरना जो कैंसर तो न हो लेकिन काफी पीड़ादायक हो। 

कलाई में दर्द के लिए कौन कौन सी चीजें जोखिम हो सकती हैं?

कलाई में दर्द किसी को भी हो सकता है, चाहे फिर आप बहुत सुस्त हों या बहुत सक्रिय। दर्द का जोखिम निम्नलिखित कार्य करने से और बढ़ सकता है – 

  • कुछ विशेष रोग या स्थितियां – गर्भावस्था, मधुमेहमोटापा, रूमेटाइड आर्थराइटिस और गाउट के कारण कार्पल टनल सिंड्रोम होने की संभावना बढ़ सकती है।  
  • खेलों में भागीदारी - गेंदबाजी, गोल्फ, जिमनास्टिक और टेनिस जैसे कई खेलों के दौरान कलाई में चोटें लग सकती हैं। (और पढ़ें - कितना जरूरी है खेलना
  • बार -बार दोहराया जाने वाला कार्य - कोई भी कार्य, जिसमें हाथ और कलाई का इस्तेमाल होता है - जैसे बुनाई, बाल काटना आदि - बिना बीच में आराम किये निरंतर करते रहने से कलाई का दर्द बढ़ सकता है।  

कलाई में दर्द से बचाव - Prevention of Wrist Pain in Hindi

कलाई के दर्द से बचाव कैसे किया जा सकता है?

उन आकस्मिक घटनाओं को रोकना असंभव है, जिनसे कलाई में चोट लग सकती है। निम्न तरीकों को अपनाकर आप काफी हद तक खुद को सुरक्षित रख सकते हैं - 

  • गिरने से बचें - हाथ के बल नीचे गिरने से कलाई में चोटें आ सकती हैं। गिरने से लगने वाली चोटों से बचने के लिए ऐसी सोल (sole) के जूते पहनें, जो चलने के दौरान आपको फिसलने से बचाएं। अपने घर में पर्याप्त रोशनी रखें और यदि आवश्यक हो, तो बाथरूम और सीढ़ियों पर फिसलकर गिरने से बचने के लिए ग्रैब बार (grab bars -पकड़ने के हत्थे) और हैन्ड्रेल लगवाएं।
  • हड्डियों को मजबूत बनाएं - हड्डियों को मज़बूत बनाने के लिए पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम का सेवन करना बहुत आवश्यक है। 50 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को प्रतिदिन कम से कम 1200 मिलीग्राम और वयस्कों को हर रोज़ 1000 मिलीग्राम कैल्शियम अपनी खुराक में शामिल करना चाहिए। इससे उनकी हड्डियां मजबूत होगी।  (और पढ़ें - हड्डियों को मजबूत कैसे बनाएं
  • एर्गोनोमिक्स पर ध्यान दें - यदि आप कई घंटों तक की-बोर्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो समय-समय पर ब्रेक लें। टाइप करते वक़्त अपनी कलाई को आरामदायक स्थिति में रखें। एक एर्गोनोमिक्स की-बोर्ड और फोम या जेल कलाई की अवस्था को सुधारने में मदद कर सकते हैं।
  • एथलेटिक गतिविधियों के लिए सुरक्षात्मक सामग्री का उपयोग - फुटबॉल और स्केटिंग जैसे खेलों के दौरान कलाई को सुरक्षित रखने वाले उपकरणों का प्रयोग करें।  

कलाई में दर्द का परीक्षण - Diagnosis of Wrist Pain in Hindi

कलाई में दर्द का निदान कैसे किया जाता है?

चिकित्सक कलाई में दर्द का कारण जानने के लिए आपका शारीरिक परीक्षण करेंगे और कुछ टेस्ट कराने का सुझाव देंगे। आपके डॉक्टर निम्न कार्य कर सकते हैं –

  • क्षतिग्रस्त तंत्रिका की जांच के लिए नर्व कंडक्शन वेलोसिटी टेस्ट (nerve conduction velocity test) करवाते हैं। 
  • किसी भी अंदरूनी मेडिकल स्थिति का पता लगाने के लिए यूरिन टेस्ट और ब्लड टेस्ट का आदेश देते हैं।
  • आपकी कलाई में सुन्नता और झनझनाहट का निरीक्षण करने के लिए उसे 60 सेकंड के लिए आगे की ओर झुकाते हैं।
  • आपकी पकड़ का निरीक्षण करने के लिए किसी वस्तु को पकड़ने के लिए कहते हैं।  
  • हड्डियों और जोड़ों का निरीक्षण करने के लिए आपकी कलाई का एक्स-रे करते हैं। 
  • मध्य तंत्रिका (median nerve) के ऊपरी हिस्से को हलके से दबाते हैं और देखते हैं कि दर्द हो रहा है या नहीं।
  • आपकी तंत्रिकाओं के स्वास्थ्य का आकलन करने के लिए इलेकट्रोम्योग्राफी (electromyography) करते हैं। 
  • क्रिस्टल या कैल्शियम की जांच के लिए आपके जोड़ों से द्रव का एक छोटा सा नमूना लेते हैं। 

जब चोट में कोई सुधार नहीं आ पा रहा हो, ऐसी स्थिति में इनवेसिव निदान तकनीकों का उपयोग किया जाता है। (इसके तहत छोटे -छोटे दर्द रहित उपकरणों को शरीर के अंदर ड़ाला जाता है।) 

कलाई में दर्द का इलाज - Wrist Pain Treatment in Hindi

कलाई में दर्द का इलाज कैसे किया जाता है?

कलाई में होने वाले दर्द के कारण और गंभीरता के अनुसार इसका उपचार किया जाता है। इसके उपचार में शामिल हैं -

  • घरेलू उपचार - कलाई को अधिक से अधिक आराम देने से दर्द में राहत मिलती है। सूजन और दर्द कम करने के लिए दर्द की दवा और बर्फ का सुझाव दिया जा सकता है।
  • स्प्लिन्ट्स (टूटी हुई हड्डी को सहारा देने वाले उपकरण) - कुछ मामलों में, कलाई पर स्पलिंट पहनने से आराम मिल सकता है। स्पलिंट कलाई की उन गतिविधियों को रोक सकता है, जिनसे जलन उत्पन्न होती है। इससे तंत्रिका पर पड़ने वाला दबाव भी कम हो सकता है।
  • व्यायाम - दर्द के प्रकार के आधार पर कलाई के व्यायाम किए जा सकते हैं। मांसपेशियों और शिराओं की लम्बाई और लचीलापन बढ़ाने के लिए कुछ व्यायाम निर्धारित किये जा सकते हैं। अपने डॉक्टर से इन व्यायामों के बारे में बातचीत करनी चाहिए।
  • दवाएं - ओवर -द -काउंटर दर्द निवारक दवाएं, जैसे कि इबुप्रोफेन (ibuprofen) और एसिटामिनोफेन (acetaminophen) कलाई के दर्द को कम करने में मदद कर सकती हैं। अधिक असरदार दर्द निवारक दवाएं डॉक्टर के पर्चे द्वारा मिल सकती हैं।
  • अतिरिक्त उपचार - सूजन और दर्द कम करने में कॉर्टिसोन इंजेक्शन असरदार हो सकते हैं।
  • सर्जरी - जब दवाएं भी इस दर्द में कोई असर नहीं दिखा पाती हैं, तो केवल उस स्थिति में सर्जरी आवश्यक होती है। दर्द के कारण के अनुसार सर्जरी की जाती है। कार्पल टनल सिंड्रोम के लिए की जाने वाली सर्जरी में कलाई में मौजूद एक लिगामेंट को काटा जाता है। इससे तंत्रिका पर पड़ने वाले दबाव खत्म हो जाता है।

जब तक स्थिति में पूरी तरह से सुधार नहीं हो जाता, तब तक उपचार जारी रहता है।  कुछ मामलों में फिजियोथेरेपी भी सहायक हो सकती है।

कलाई में दर्द की जटिलताएं - Wrist Pain Complications in Hindi

कलाई में दर्द के कारण क्या जटिलताएं हो सकती हैं?

कलाई के दर्द की जटिलताओं में शामिल हैं - कमजोरी और वस्तुओं को पकड़ने एवं की-बोर्ड का उपयोग करने में कठिनाई होना। कलाई में होने वाला यह दर्द आपकी दैनिक गतिविधियों को बाधित कर सकता है। यदि दर्द मामूली दबाव के कारण होता है, तो यह आराम करने और घरेलू उपचार के द्वारा ठीक हो जाएगा।

हालांकि अगर अंदर की कोई बड़ी दिक्क्त होने के कारण दर्द लगातार चला आ रहा है तो यह समस्या के और भी अधिक बढ़ने के खतरे की घंटी है। ऐसे में इस दिक्क्त को बढ़ने से रोकने और समस्या के जटिल बनने से पहले तुरंत चिकित्स्कीय सहायता लें। 

Dr. Vivek Dahiya

Dr. Vivek Dahiya

ओर्थोपेडिक्स

Dr. Vipin Chand Tyagi

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ओर्थोपेडिक्स

Dr. Vineesh Mathur

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कलाई में दर्द की दवा - Medicines for Wrist Pain in Hindi

कलाई में दर्द के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

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References

  1. Todd A. Forman et al. A Clinical Approach to Diagnosing Wrist Pain. Am Fam Physician. 2005 Nov 1;72(9):1753-1758. American Academy of Family Physicians
  2. Ramsey Sheab et al. Evaluation and Diagnosis of Wrist Pain: A Case-Based Approach. Am Fam Physician. 2013 Apr 15;87(8):568-573. American Academy of Family Physicians.
  3. MedlinePlus Medical Encyclopedia: US National Library of Medicine; Wrist pain
  4. MedlinePlus Medical Encyclopedia: US National Library of Medicine; Wrist Injuries and Disorders
  5. Akhondi H, Panginikkod S. Wrist Arthritis. [Updated 2019 Jun 4]. In: StatPearls [Internet]. Treasure Island (FL): StatPearls Publishing; 2019 Jan-.
  6. National Institute of Neurological Disorders and Stroke [Internet] Maryland, United States; Carpal Tunnel Syndrome Fact Sheet.
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