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इस वक्त बाजार में आपकी पोषण संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए ढेरों विकल्प मौजूद हैं जिस वजह से कौन सा विकल्प सही है और कौन सा नहीं, इसे लेकर आपके लिए सही चुनाव करना बेहद मुश्किल हो जाता है। यहां तक ​​कि ब्रेड जैसी बुनियादी जरूरत की चीज भी कई प्रकार की आने लगी है- शहद ओटमील से लेकर मल्टीग्रेन ब्रेड तक।

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हम सभी यही चाहते हैं कि हम अपने और अपने परिवार के लिए सबसे बेस्ट चीज ही खरीदें। लेकिन कोई भी चीज खरीदने से पहले जो सबसे बड़ा सवाल हमारे मन में आता है वो ये है कि: क्या बेहतर है? क्या ब्रेड के सभी प्रकारों के बीच पोषण संबंधी किसी तरह का कोई अंतर है? और इन सभी में से किस ब्रेड तरह की ब्रेड को खरीदना हमारे लिए सेहतमंद रहेगा- आटे वाली ब्रेड या मल्टीग्रेन ब्रेड?

  1. मल्टीग्रेन और आटा - दोनों ब्रेड में क्या अंतर है? - Multigrain aur atta bread me kya antar hai?
  2. साबुत गेंहू से बनने वाली ब्रेड के फायदे - Whole wheat bread ke fayde?
  3. क्या मल्टीग्रेन ब्रेड आटा ब्रेड जितनी ही हेल्दी है? - Kya multigrain bread atta bread jitni healthy hai?
  4. मल्टीग्रेन की जगह साबुत गेंहू वाली ब्रेड क्यों सही है? - Multigrain ki jagah atta bread kyo sahi hai?
  5. आखिर में इन बातों का रखें ध्यान - In baaton ka rakhein dhyaan
  6. आटा ब्रेड या मल्टीग्रेन ब्रेड : कौन है ज्यादा हेल्दी? के डॉक्टर

ज्यादातर लोगों के बीच एक आम गलतफहमी यह है कि ये दो शब्द - साबुत गेंहू से बनने वाली ब्रेड और मल्टीग्रेन ब्रेड- दोनों परस्पर विनिमेय हैं यानी दोनों को अदला-बदली करके इस्तेमाल किया जा सकता है। साबुत अनाज का मतलब है कि इसमें अनाज के सभी तत्वों- चोकर या भूसी, अंकुर और भ्रूणपोष- का उपयोग किया जाता है। इसके विपरीत, मल्टीग्रेन का अर्थ है कि किसी खाद्य पदार्थ में एक से अधिक प्रकार का अनाज मौजूद है। हालांकि, ये जरूरी नहीं है कि उनमें से कोई भी साबुत अनाज हो। ऐसे में साबुत गेंहू से बनने वाली आटा ब्रेड और मल्टीग्रेन ब्रेड- इन दोनों वेरिएंट के बीच क्या अंतर है, आगे पढ़ें।

जब हम बाजार से साबुत गेहूं से बनने वाली ब्रेड का एक पैकेट खरीदते हैं, तो हम मुख्य रूप से जिस चीज के लिए भुगतान करते हैं, वह है- अपरिष्कृत, असंसाधित साबुत गेंहू। चोकर या भूसी और अंकुर गेहूं के दाने के सबसे पौष्टिक हिस्से माने जाते हैं जिसमें विटामिन बी1, बी2, बी3, विटामिन ई, फॉलिक एसिड, कैल्शियम, फॉस्फोरस, जिंक, कॉपर, आयरन और डाइट्री फाइबर होता है।

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संशोधन या परिष्करण की प्रक्रिया के दौरान इनमें से अधिकांश पोषक तत्व खो जाते हैं। साबुत अनाज वाले खाद्य पदार्थ बेहतरीन विकल्प हैं क्योंकि इनमें डाइट्री फाइबर के अलावा, आयरन और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं, जो स्वस्थ आहार के महत्वपूर्ण घटक माने जाते हैं। फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन करने से न केवल हृदय रोग का खतरा कम होता है, बल्कि यह ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल होता है।

मल्टीग्रेन का मतलब है कि आपके खाद्य पदार्थ में एक से अधिक प्रकार का अनाज मौजूद है लेकिन इनमें से कोई भी साबुत अनाज हो ऐसा जरूरी नहीं है, भले ही आपकी ब्रेड के पैकेट में कई तरह के अनाज जैसे- कुट्टू और बाजरा आदि शामिल हो। जब तक कि ब्रेड की पैकेट के लेबल पर यह नहीं लिखा कि उत्पाद साबुत अनाज से बना है, आपकी मल्टीग्रेन ब्रेड परिष्कृत आटे (रिफाइंड फ्लार) से बनायी जा सकती है जिसमें चोकर और अंकुर में पाए जाने वाले महत्वपूर्ण पोषक तत्वों की कमी हो सकती है।

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हालांकि, इन दिनों मार्केट में और लोगों के बीच भी मल्टीग्रेन ब्रेड काफी पॉप्युलर हो रही है, लेकिन शोध बताते हैं कि साबुत गेंहू से बनने वाली आटा ब्रेड ही आपके लिए ज्यादा स्वास्थ्यवर्धक हो सकती है। वास्तव में, विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि एक वयस्क व्यक्ति को दिनभर में साबुत अनाज से बने उत्पादों के कम से कम 3 सर्विंग्स का सेवन जरूर करना चाहिए। इस तरह की एक स्टडी जिसे साल 2016 में सर्कुलेशन नाम के जर्नल में प्रकाशित किया गया था में बताया गया है कि साबुत अनाज से बनने वाले खाद्य पदार्थों में मौजूद कई बायोऐक्टिव कम्पाउंड्स हृदय रोग, डायबिटीज, मोटापा, कैंसर, पेट की बीमारियां, हड्डी या ढांचा संबंधित खराब स्वास्थ्य और तंत्रिका तंत्र से संबंधी बीमारियों को रोकने में मददगार हैं।

साबुत अनाज में मौजूद हाई फाइबर कॉन्टेंट ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस को कम करने और बैड कोलेस्ट्रॉल के उत्पादन को कम करने में मदद करता है और बेहतर ग्लूकोज प्रतिक्रिया को भी शुरू करने में मददगार है। साबुत अनाज में मैग्नीशियम भी होता है, जो इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ावा देने और ब्लड प्रेशर को कम करने में सहायक है।

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जैसा कि पहले ही बताया जा चुका है कि चोकर या भूसी और अंकुर किसी भी साबुत अनाज का सबसे पौष्टिक हिस्सा होता है। इसमें निम्नलिखित पोषक तत्व पाए जाते हैं :

  • विटामिन बी1, बी2, बी3
  • फॉलिक एसिड
  • फॉस्फोरस
  • जिंक
  • कैल्शियम
  • कॉपर
  • आयरन

चूंकि साबुत गेंहू से बनने वाली ब्रेड परिष्कृत या रिफाइंड नहीं होती इसलिए उसमें ये सभी पौष्टिक तत्व पूर्ण रूप से पाए जाते हैं।

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साबुत अनाज को शरीर में अवशोषित होने में ज्यादा समय लगता है : साबुत अनाज से बनने वाले विभिन्न उत्पाद जैसे- साबुत गेंहू से बनने वाली ब्रेड आदि को अवशोषित करने में शरीर को अधिक समय लगता है। अवशोषण दर धीमी होने की वजह से शुगर और इंसुलिन के स्तर में तेजी से वृद्धि नहीं होती। यदि मल्टीग्रेन ब्रेड साबुत अनाज से नहीं बनी है तो यह तेजी से शरीर द्वारा अवशोषित हो जाएगी और इंसुलिन के स्तर को भी बढ़ावा देगी।

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साबुत अनाज में डाइट्री फाइबर अधिक होता है : डाइट्री फाइबर किसी भी वेट लॉस प्लान का अहम हिस्सा है। घुलनशील फाइबर पाचन प्रक्रिया को धीमा कर देता है, जिससे भोजन पाचन तंत्र में अधिक समय तक रहता है और शरीर में अवशोषित होने वाले पोषक तत्वों की मात्रा में वृद्धि करता है। फाइबर पेट भरने और संपूर्णता का भी अहसास दिलाता है, जिससे आप बहुत अधिक भोजन करने से खुद को रोक पाते हैं। अगर आप अपना वजन कम करना चाहते हैं, तो अगली बार जब आप ब्रेड खरीदने जाएं तो साबुत गेंहू से बनने वाली आटा ब्रेड ही चुनें।

अगर आप अपना वजन कम करना चाहते हैं और मसल्स बनाना चाहते हैं तो साबुत गेंहू से बनने वाली ब्रेड ही आपके लिए सबसे सुरक्षित और सबसे बेहतर विकल्प है। मल्टीग्रेन सुनने में आकर्षक लग सकता है, लेकिन जब तक इसे साबुत अनाज के साथ नहीं बनाया जाता, तब तक इसमें वही और उतने ही पोषक तत्व होते हैं जो प्रोसेस्ड वाइट ब्रेड में होते हैं।

Dt. Akanksha Mishra

Dt. Akanksha Mishra

पोषणविद्‍
7 वर्षों का अनुभव

Surbhi Singh

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Dr. Avtar Singh Kochar

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