हाई ब्लड प्रेशर को हाइपरटेंशन भी कहा जाता है। ये एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जिसकी वजह से दिल का दौरा, स्ट्रोक और किडनी भी खराब हो सकती है। ब्लड प्रेशर का स्तर अगर 140/90 एम्एम् (mm) या उससे ज़्यादा होता है तो उसे हाई समझा जाता है। हाइपरटेंशन आमतौर पर तब होता है, जब शरीर में रक्त का स्तर तेज़ हो जाता है।

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ब्लड प्रेशर के कई आम कारण या कारक हैं, जैसे मोटापा, अनुवांशिक, अत्यधिक शराब का सेवन, ज्यादा नमक खाना, व्यायाम की कमी, तनाव, दर्द निवारक गोली, किडनी की बीमारी, अधिवृक्क रोग आदि। अक्सर कई दवाइयां हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित लोगों को दी जाती हैं, लेकिन आप ब्लड प्रेशर को कम करने के लिए कुछ आसान प्राकृतिक घरेलू उपाय भी आजमा सकते हैं।

तो आइये आपको बताते हैं, हाई ब्लड प्रेशर को कम करने के उपाय -

(और पढ़ें - हाई ब्लड प्रेशर का इलाज)

  1. ब्लड प्रेशर कम करने के उपाय हैं लहसुन - Bp kam karne ke upay kare garlic se
  2. बीपी कम करने के उपाय करें गाजर से - High bp kam karne ke tarike me kare Carrots ka upyog
  3. हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करे टमाटर से - Blood pressure kam karne ke upay hai Tomato
  4. बीपी कम करे अनार से - High blood pressure kam karne ke tarike me kare pomegranate ka upyog
  5. हाई ब्लड प्रेशर कम करने का उपाय है चुकंदर और मूली - Bp kam karne ka tarika hai Beetroot and radish
  6. बीपी कम करने के लिए उपाय है तिल - Bp kam karne ka upay hai sesame
  7. हाइपरटेंशन की रोकथाम के लिए अदरक है फायदेमंद - Blood pressure kam karne ka tarika hai ginger
  8. बीपी कम करने का उपाय है लाल मिर्च - Blood pressure kam karne ka gharelu nuskha hai Cayenne pepper
  9. ब्लड प्रेशर कम करने का तरीका है इलाइची - High blood pressure kam karne ke upay kare cardamom se
  10. हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने का तरीका है हल्दी - High blood pressure ko kam karne ka tarika hai turmeric
  11. ब्लड प्रेशर कम करने के नुस्खे में करें शहद का उपयोग - Bp kam karne ka nuksa hai honey
  12. रक्तचाप कम करने के तरीके हैं मेथी - Bp ghatane ka tarika Fenugreek seeds
  13. रक्तचाप कम करने का उपाय है प्याज - High bp kam karne ka gharelu upay hai onion juice
  14. हाई ब्लड प्रेशर कम करने का तरीका है नारियल पानी - Raktchap kam karne ka upay hai Coconut water
  15. ब्लड प्रेशर कम करने के घरेलू नुस्खे में करें अजमोद का उपयोग - Blood pressure ghatane ka tarika celery
  16. सारांश

सामग्री –

  1. एक या दो लहसुन की फांके। (और पढ़ें - लहसुन के फायदे)

विधि –

  1. रोज़ाना एक या दो लहसुन की फांके खाएं। बस आप उन्हें अपने हाथों से पीस लें। लहसुन की फांकों को पीसने से उनमें हाइड्रोजन सल्फाइड बनेगा। ये एक ऐसा कंपाउंड होता है जो रक्त प्रवाह को सही करता है, गैस को दूर करता है और ह्रदय में बन रहे प्रेशर को दूर करता है।
  2. अगर आपको कच्चा लहसुन खाने से जलन पैदा होती है तो आप इसके साथ एक कप दूध पी सकते हैं।
  3. इसके अलावा आप पांच या छः बूँद लहसुन के रस को पानी में डाल कर इसे पी सकते हैं।
  4. अगर आपको लहसुन की महक अच्छी नहीं लगती तो आप लहसुन के सप्लीमेंट्स भी ले सकते हैं।

(और पढ़ें - खाली पेट लहसुन खाने के फायदे)

इसका इस्तेमाल कब तक करें –

आप लहसुन की फांकों को रोज़ाना खा सकते हैं और लहसुन के जूस का सेवन पूरे दिन में दो बारे करें।

(और पढ़ें - लहसुन के तेल के फायदे)

फायदे –

लहसुन हाई ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करता है। इस जड़ी-बूटी में रक्त को पतला करने के भी गुण मौजूद होते हैं, जिससे ह्रदय से संबंधित सभी समस्याओं को भी सुधारने में मदद मिलती है। लहसुन मूत्र के ज़रिये शरीर से अधिक सोडियम और पानी को निकालता है। इस प्रभाव से ब्लड प्रेशर कम हो जाता है। इसके साथ ही लहसुन कोलेस्ट्रॉल के लिए भी बेहद अच्छा होता है।

(और पढ़ें - हाई बीपी का आयुर्वेदिक इलाज)

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गाजर में उच्च मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जैसे बीटाकेरोटीन, विटामिन ए और विटामिन सी। एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में मौजूद फ्री रेडिकल्स की मात्रा को कम कर देते हैं। इसके साथ ही ये रक्त वाहिकाओं और कोशिकाओं को ख़राब होने से भी बचाते हैं।

गाजर इलेक्ट्रोलाइट और पोटेशियम से भी समृद्ध होती है। पोटेशियम पूरे शरीर में तरल पदार्थ को बनाये रखने में मदद करती है और ब्लड प्रेशर को सामान्य रखती है। इसके अलावा पोटेशियम, सोडियम के प्रभाव को भी कम कर देती है। अधिक मात्रा में सोडियम खाने से ब्लड प्रेशर पर गलत प्रभाव पड़ सकता है।

(और पढ़ें - ब्लड प्रेशर में क्या खाना चाहिए)

सामग्री –

  1. एक या दो गाजर। (और पढ़ें - गाजर के फायदे)

विधि –

  1. सबसे पहले गाजर को छीलें।
  2. फिर गाजर को मिक्सर में डाल दें।
  3. अब गाजर का जूस निकालकर पी लें।
  4. ध्यान रखें गाजर ऑर्गनिक होने चाहिए।

इसका इस्तेमाल कब तक करें –

रोजाना पूरे दिन में एक से तीन ग्लास गाजर के जूस पीयें।

(और पढ़ें - गाजर के जूस के फायदे)

टमाटर में बीटा-केरोटीन, विटामिन ई, पोटेशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। ये सभी ब्लड प्रेशर को कम करने में बेहद मदद करते हैं। टमाटर में लाइकोपीन होता है। लाइकोपीन में एंटीऑक्सीडेंट्स का प्रभाव होता है जो ख़राब कोलेस्ट्रॉल को कम कर देता है और धमनियों में वसा को जमने से रोकता है। धमनियों में वसा जमने से ह्रदय की बीमारी हो सकती है।

सामग्री –

  1. एक टमाटर

विधि –

  1. आप एक ताज़ा टमाटर, एक कप टमाटर सॉस या टमाटर का जूस पी सकते हैं।
  2. अगर आपको टमाटर का स्वाद पसंद नहीं है तो इसकी जगह लाइकोपीन सप्लीमेंट्स ले सकते हैं।
  3. बाहर मार्किट में मिलने वाले टमाटर सॉस न खाएं, उनमे सोडियम की मात्रा अधिक होती है।

इसका इस्तेमाल कब तक करें –

आप टमाटर या टमाटर जूस और सॉस का सेवन रोज़ाना कर सकते हैं।

(और पढ़ें - कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए क्या खाये)

अनार पोषक तत्वों से तो समृद्ध होता ही है लेकिन इसमें उच्च मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स भी होते हैं। खासकर टैनिन्स और एंथोसायनिंस। अनार में फाइटोकेमिकल्स, फ्लेवनॉइड्स, पॉलीफेनोल्स और पुनिकालागिन (Punicalagin) भी होता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और पॉलीफेनोल्स ह्रदय की बीमारी और कैंसर से लड़ने में मदद करते हैं।

सामग्री –

  1. एक अनार

विधि –

  1. आप एक अनार के बीज को मिक्सर में डाल दें।
  2. मिक्सर में डालने के बाद उसका जूस निकालकर पी लें।
  3. इसके अलावा आप अनार के बीज को सलाद में भी मिला सकते हैं या एक अनार को छीलकर भी खा सकते हैं।

(और पढ़ें - अनार के बीज के तेल के फायदे)

इसका इस्तेमाल कब तक करें –

रोज़ाना एक अनार खाएं।

(और पढ़ें - कैंसर में क्या खाएं)

 

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चुकंदर और मूली दोनों में ही नाइट्रेट्स की मात्रा सबसे अधिक होती है, जो कि उच्च रक्तचाप को कम करने में बेहद लाभदायक है। ये वाहिकाप्रसरण (Vasodilation) को सुधारने में मदद करता है। नाइट्रेट्स वसोडिलेटर नाइट्रिक एसिड में बदल जाता है। नाइर्टिक एसिड रक्त वाहिकाओं का विस्तार करता है, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है और प्लेटलेट्स को एकत्रित करता है।

सामग्री –

  1. एक चुकंदर
  2. आधी मूली

विधि –

  1. सबसे पहले चुकंदर को छीलकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें।
  2. इसी तरह मूली को भी छील लें और छोटे-छोटे टुकड़ों में उसे भी काट लें।
  3. दोनों को अब एक साथ मिक्सर में डाल दें और फिर उनका जूस निकालकर पी लें।

(और पढ़ें - चुकंदर के जूस के फायदे)

इसका इस्तेमाल कब तक करें –

इस जूस को रोज़ाना पीयें।

(और पढ़ें - हाई ब्लड प्रेशर डाइट चार्ट)

तिल के तेल में ओमेगा 6, पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड, विटामिन ई और सिसामिन होता है, जो कि हाइपरटेंशन, ह्रदय की बिमारी और शुगर को कम करने में मदद करता है।

सामग्री –

  1. एक कप तिल के बीज।

विधि –

  1. आप एक कप तिल के बीज को अपने रोज़ाना के खाने में ज़रूर डालकर खाएं।

(और पढ़ें - तिल के तेल के फायदे)

इसका इस्तेमाल कब तक करें –

इस उपाय को दो महीने तक आजमाएं।

(और पढ़ें - शुगर में परहेज)

अदरक का इस्तेमाल इसके स्वास्थ्य लाभों की वजह से सब जगह किया जाता है। अदरक ह्रदय की बीमारी जैसे ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रोल को कम करने में मदद करता है, साथ ही रक्त का थक्का जमने से भी रोकता है। अदरक की मदद से पूरे शरीर में रक्त का प्रवाह अच्छे से होता है।

सामग्री –

  1. एक अदरक

विधि –

  1. सबसे पहले किसी फल का जूस या स्मूथी बनाएं।
  2. फिर इनमें ताज़ा अदरक डालकर पीयें।
  3. इसके अलावा अपने रोज़ाना के खाने में भी अदरक का इस्तेमाल करें।

(और पढ़ें - अदरक की चाय के फायदे)

इसका इस्तेमाल कब तक करें –

इस उपाय को रोज़ाना आजमाएं।

(और पढ़ें - हाई कोलेस्ट्रॉल कम करने के उपाय)

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जो भी उच्च रक्तचाप से पीड़ित होते हैं उनके लिए लाल मिर्च बेहद फायदेमंद होती है। ये रक्त प्रवाह को पूरे शरीर में अच्छे से संचालित रखती है और रक्त का थक्का जमने से रोकती है।

सामग्री –

  1. एक चम्मच लाल मिर्च

विधि –

  1. आप रोज़ाना अपने सलाद या खाने में एक चम्मच लाल मिर्च को मिलाकर खा सकते हैं।

इसका इस्तेमाल कब तक करें –

एक चम्मच लाल मिर्च को पूरे दिन में सब्ज़ियों या अन्य चीज़ों में मिलाकर तीन बार खाएं।

(और पढ़ें - खून का थक्का जमने के कारण)

इलाइची एक ऐसा मसाला है जिसका इस्तेमाल कई सालों से किया जा रहा है। इसका इस्तेमाल ह्रदय विकार, गैस के विकार, जलन आदि को दूर रखने के लिए किया जाता है। इलाइची में एन्टिओक्सीडेंट, एंटी-स्पास्मोडिक, एंटीबैक्टीरियल और कैंसररोधी गुण मौजूद होते हैं। इलाइची से वाहिकाप्रसरण (रक्त वाहिकाओं का फैलाव) होता है और रक्त प्रवाह पूरे शरीर में आसानी से पहुँचता है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर की समस्या कम हो जाती है।

सामग्री –

  1. एक चम्मच इलायची पाउडर।
  2. एक चम्मच शहद
  3. एक कप गर्म पानी। (और पढ़ें - गर्म पानी पीने के फायदे)

विधि –

  1. सबसे पहले एक चम्मच इलाइची पाउडर और एक चम्मच शहद को एक कप में मिला लें।
  2. अच्छे से पूरे मिश्रण को मिलाने के बाद मिश्रण को पी लें।

इसका इस्तेमाल कब तक करें –

इस मिश्रण को रोज़ाना पूरे दिन में दो बारे पीयें।

(और पढ़ें - ब्लड कैंसर ट्रीटमेंट)

हल्दी में करक्यूमिन होता है, जो की हल्दी का एक अहम घटक है। हल्दी की मदद से पूरे शरीर में सूजन की समस्या कम होती है। सूजन दूर होने से हल्दी रक्त प्रवाह को सुधारता है और ह्रदय की क्रियाओं को भी ठीक करता है।

(और पढ़ें - सूजन कम करने के उपाय)

सामग्री –

  1. एक चम्मच हल्दी। (और पढ़ें - हल्दी के फायदे)

विधि –

  1. हल्दी को आप अपनी पसंदीदा चाय में मिलाकर पी सकते हैं।
  2. इसके साथ ही इसमें अदरक और कच्चा शहद मिलाकर भी पी सकते हैं।

इसका इस्तेमाल कब तक करें –

हल्दी का इस्तेमाल आप रोज़ाना कर सकते हैं।

(और पढ़ें - हल्दी दूध के फायदे)

शहद ह्रदय में बढ़ते प्रेशर को कंट्रोल करता है और रक्त वाहिकाओं को आराम देता है। इस तरह ये हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखता है।

(और पढ़ें - हाई ब्लड प्रेशर के लिए योग)

सामग्री –

  1. दो चम्मच शहद।

विधि –

  1. रोज़ सुबह खाली पेट दो चम्मच शहद ज़रूर खाएं।
  2. इसके अलावा जीरे के पानी में आप एक चम्मच शहद और एक चम्मच अदरक का जूस भी मिलाकर पी सकते हैं।
  3. इसके अलावा आप तुलसी के जूस और शहद को बराबर मात्रा में मिलाकर खाली पेट पी सकते हैं।

इसका इस्तेमाल कब तक करें –

आप शहद और अदरक के जूस को जीरे के पानी में मिलाकर रोज़ाना दिन में दो बार पीयें। इसके साथ ही तुलसी के जूस और शहद को रोज़ाना खाली पेट पियें।

(और पढ़ें - जीरे के पानी के फायदे

मेथी के बीज में उच्च मात्रा में पोटेशियम और फाइबर की मात्रा होती है, जिससे उच्च रक्तचाप कम होने लगता है।

(और पढ़ें - हाई बीपी के घरेलू उपाय)

सामग्री –

  1. दो चम्मच मेथी के बीज।

विधि –

  1. सबसे पहले एक या दो चम्मच मेथी के बीज को पानी में दो मिनट के लिए उबलने को रख दें।
  2. उबलने के बाद इस मेथी के बीज को छान लें।
  3. छाने हुए बीज को मिक्सर में डालें और इसका पेस्ट तैयार कर लें।
  4. अब इस पेस्ट को खायें।

इसका इस्तेमाल कब तक करें –

इस पेस्ट को पूरे दिन में दो बार खाएं एक चम्मच सुबह खाली पेट और दुसरा शाम में।

(और पढ़ें - मेथी के तेल के फायदे)

प्याज में एंटीऑक्सीडेंट फ्लवोनोल होते हैं, जिसे क्वेरसेटिन (Quercetin) कहा जाता है। ये ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं।

(और पढ़ें - एंटीऑक्सीडेंट युक्त भारतीय आहार)

सामग्री –

  1. आधा माध्यम आकार का प्याज

विधि –

  1. कोशिश करें कि कच्चा मध्यम आकार का प्याज रोज़ाना खाएं।
  2. इसके आलावा आप आधा चम्मच प्याज के जूस को आधा चम्मच शहद के साथ मिलाकर खा सकते हैं।

इसका इस्तेमाल कब करें –

आप प्याज के जूस और शहद के मिश्रण को एक या दो हफ्ते के लिए पूरे दिन में दो बार मिलाकर खा सकते हैं।

(और पढ़ें - हरे प्याज के फायदे)

नारियल पानी में पोटेशियम और मैग्नीशियम इलेक्ट्रोलाइट्स होता है, जो कि ह्रदय की मांसपेशियों के लिए अच्छा होता है। नारियल का पानी हाई ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करता है।

(और पढ़ें - गर्भावस्था में हाई ब्लड प्रेशर और प्रेगनेंसी में पेट दर्द हो तो क्या करे)

सामग्री –

  1. एक नारियल पानी

विधि –

  1. आप एक नारियल पानी को रोज़ाना ज़रूर पीयें।

इसका इस्तेमाल कब तक करें –

नारियल पानी को आप पूरे दिन में एक से तीन बार ज़रूर पीयें। अगर आपको हाई ब्लड प्रेशर की समस्या ज्यादा रहती है तो पूरे दिन में तीन बार नारियल पानी पी सकते हैं।

(और पढ़ें - नारियल के दूध के फायदे)

अजमोद के बीज का इस्तेमाल बाहर के देशों में ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने के लिए किया जाता है। अजमोद से शरीर का अधिक पानी भी निकल जाता है। इससे ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है।

सामग्री -

  1. एक चम्मच अजमोद के बीज।

विधि –

  1. आप अजमोद के बीज को या तो चाय में मिलाकर खा सकते हैं या फिर खाने में भी मिलाकर खा सकते हैं।
  2. इसके आलावा आप अजमोद के जूस को भी पी सकते हैं।

इसका इस्तेमाल कब तक करें –

इस उपाय को रोज़ाना पूरे दिन में तीन बार दोहराएं।

वैसे तो हाई बीपी सामान्य समस्या है, लेकिन अगर इसका समय रहते इलाज न किया जाए, तो यह गंभीर रूप ले सकती है। हाई बीपी के चलते कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जिसमें हृदय रोग भी शामिल है। इसलिए, हाई बीपी काे कंट्रोल करने के लिए घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल करना सही रहता है। इसके तहत अजमोद, हल्दी, इलायची आदि घरेलू सामग्रियों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

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