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हम अपने दोपहर और रात के खाने में पूड़ी, नान और पराठे को पूरी तरह से दूर नहीं कर सकते हैं। हालांकि हम सभी मैदा के साथ इन व्यंजनों को तैयार करना पसंद करते हैं इसके सुखदायक नरम और सफेद टेक्सचर के कारण, पर मैदा या रिफाइंड (परिष्कृत) आटा पोषण संबंधी सामग्री के लिए एक अच्छा विकल्प नहीं हो सकता है। परिष्कृत आटे को तैयार करने के लिए अनाज में से चोकर और अंकुर को निकाल दिया जाता है जिससे इसमें पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। ऐसा करने से इसमें मौजूद सभी विटामिन खो जाते हैं और इस शोधन प्रक्रिया के दौरान सारा कैल्शियम समाप्त हो जाता है। मैदे की तुलना में गेहूं के आटे को थोड़ा अधिक फेंटने की आवश्यकता होती है, लेकिन यह कई तरह से आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद भी साबित हो सकता है। यही कारण है कि गेहूं का आटा परिष्कृत आटे की तुलना में बेहतर विकल्प है।

  1. गेहूं का आटा या मैदा है विटामिन्स में परिपूर्ण - Whole Wheat Flour or White Flour Rich in Vitamin in Hindi
  2. मैदा या पूरे गेहूं का आटा है फाइबर में उच्च - Refined Flour vs Whole Wheat Flour is High in Fibre in Hindi
  3. वाइट फ्लोर या होल वीट फ्लोर का है ग्लाइसेमिक इंडेक्स - White Flour or Whole Wheat Flour have a Low Glycemic Index in Hindi
  4. आराम के लिए गेंहू का आटा या मैदा है लाभकारी - Gehun ka Atta vs Maida for Relaxation in Hindi
  5. वजन घटाने के लिए है गेहूं का आटा या मैदा उपयोगी - White Flour vs Whole Wheat Flour for Weight Loss in Hindi

व्होल व्हीट फ्लोर में कई विटामिन होते हैं जिनमें फोलेट, राइबोफ़्लिविन और विटामिन बी 1, बी 3 और बी 5 शामिल हैं। हालांकि, सफेद आटे में रिफाइनिंग प्रक्रिया अनाज के विटामिन सामग्री को नष्ट कर देती है। विटामिन बी 1 और बी 3 भोजन में मौजूद कार्बोहाइड्रेट को ऊर्जा में बदलने में मदद करते हैं। विटामिन बी 5 रक्त कोशिकाओं के उत्पादन में मदद करता है। इसके साथ ही, यह आपके पाचन तंत्र में वसा और प्रोटीन का चयापचय करने में भी मदद करता है। रिफाइनिंग के दौरान खोए गए पोषक तत्वों को बदलने के लिए कुछ खाद्य निर्माता विटामिन के साथ सफेद आटे को समृद्ध करते हैं। जब आप सफेद आटा ख़रीदे तो पहले लेबल की जांच करें कि क्या इसमें अतिरिक्त विटामिन हैं या नहीं।

सफेद आटे के बजाए व्होल व्हीट फ्लोर में उच्च फाइबर सामग्री होती है। फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ आपको कब्ज, लोअर ब्लड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को रोकने में और आपका वजन कम करने में मदद कर सकते हैं। परिष्कृत आटा में मिलिंग प्रक्रिया शेष अनाज से फाइबर युक्त चोकर को अलग करती है। इसलिए, सफेद आटे में फाइबर सामग्री आम तौर पर अपने पूरे-अनाज से कम है। हालांकि, विटामिन को परिष्कृत आटे में जोड़ना संभव है,लेकिन आहार फाइबर को जोड़ना नामुमकिन है।

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ग्लाइसेमिक इंडेक्स या जीआई आपके खाने के बाद आपके रक्त शर्करा के स्तर पर विशेष भोजन के प्रभाव को मापता है। कम ग्लिसेमिक भोजन का 50 या उससे कम जीआई अच्छा होता है। पूरे गेहूं के आटे का जीआई इंडेक्स 49 है। इस प्रकार यह टाइप II मधुमेह और हृदय रोगों के विकास के जोखिम को कम कर सकता है। गेहूं के आटे के मुकाबले परिष्कृत आटे का जीआई उच्च होता है, जो जल्दी से शरीर में अवशोषित हो जाता है जिससे इंसुलिन और शर्करा के स्तर में असंतुलन हो जाता है, जो अंततः मधुमेह का कारण बनता है। परिष्कृत आटे का सेवन करने से आपको खाने के तुरंत बाद भूख और चिड़चिड़ाहट महसूस हो सकती है।

गेहूं के आटे में अमीनो एसिड और एंटीऑक्सिडेंट की पर्याप्त मात्रा शरीर को स्वाभाविक रूप से आराम करने में मदद करती है। चिंता, अनिद्रा, सिरदर्द और अवसाद जैसे आम बीमारियों से अनाज के साथ संघर्ष किया जा सकता है। ट्रिपटोपान नामक एमिनो एसिड गेहूं के आटे के आराम प्रभाव के लिए एक महत्वपूर्ण योगदान है। (और पढ़ें - अनिद्रा के घरेलू उपचार)

गेहूं के आटे में असंतृप्त वसा मौजूद होती है और इस प्रकार यह वजन घटाने के लिए अच्छी होती है। इसके अलावा, इसमें मौजूद उच्च फाइबर सामग्री भी आपकी भूख की पीड़ा को दूर करने में मदद करके वजन कम करने में सहायता करती है। इसलिए जो लोग वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, उनके लिए यह मैदा या परिष्कृत आटे की जगह एक अच्छा विकल्प है। इसमें ट्रिपटोपान नामक एक एमिनो एसिड भी शामिल है, जो आपकी भूख को कम कर देता है।

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