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कामसूत्र सिर्फ़ यौन पोजीशन सिखाने वाला ग्रंथ नहीं है, बल्कि यह एक पुराना विज्ञान है जो हमें रिश्तों, प्यार और शारीरिक नज़दीकी को समझने में मदद करता है। आजकल जब कपल्स के बीच तनाव, दूरियाँ और सेक्स से जुड़ी परेशानियाँ बढ़ रही हैं, ऐसे में कामसूत्र की बातें रिश्तों को बेहतर बनाने, एक-दूसरे को समझने और जिंदगी में संतुलन लाने में बहुत काम आ सकती हैं।

  1. कामसूत्र क्या है? - What is Kamasutra in Hindi
  2. कामसूत्र पुस्तक में क्या शामिल है?
  3. कामसूत्र सेक्स पोजीशन
  4. कामसूत्र और सेक्स
  5. कामसूत्र के मिथक
  6. कामसूत्र को सुरक्षित रूप से कैसे करें
  7. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
  8. सारांश
यौन रोग के डॉक्टर

कामसूत्र एक प्राचीन भारतीय ग्रंथ है, जिसे हजारों साल पहले महर्षि वात्स्यायन ने लिखा था। ज्यादातर लोग इसे सिर्फ़ "सेक्स पोजीशन की किताब" समझते हैं, लेकिन सच्चाई ये है कि कामसूत्र एक बहुत ही गहराई से लिखा गया रिश्तों, प्रेम, और यौन जीवन को समझाने वाला ग्रंथ है। यह लगभग तीसरी शताब्दी में किसी समय  लिखा गया था। 

अधिकतर लोग आज जो भी बातें कामसूत्र के बारे में जानते हैं, वो असल में बहुत बाद में, खासकर 19वीं शताब्दी के आखिर में सामने आईं। जब एक ब्रिटिश रिसर्चर  रिचर्ड फ्रांसिस बर्टन ने कामसूत्र को अंग्रेज़ी में अनुवाद किया था, तब पहली बार पश्चिमी देशों को इस ग्रंथ के बारे में पता चला था। उसी समय से कामसूत्र को सेक्स से जोड़कर देखा जाने लगा है। जबकि असली कामसूत्र तो सिर्फ यौन एक्शनस की जानकारी नहीं देता, बल्कि यह तो रिश्तों, प्रेम, जीवनशैली और सेल्फ-कंट्रोल जैसे विषयों पर भी गहराई से बात करता है।

हालाँकि अब कई विशेषज्ञ बर्टन के अनुवाद को एक बेहद गलत और भ्रम फ़ैलाने वाला अनुवाद मानते हैं, लेकिन इसमें बताया गया यौन मुद्राओं ने लोगों का ध्यान खींचा हुआ है। यही एक कारण है कि आज भी लोग कामसूत्र को एक अलग-अलग यौन पोसिशन्स की किताब मानते है।  

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कामसूत्र पुस्तक संस्कृत भाषा में लिखी गई थी, इसे समझना थोड़ा कठिन था क्युकी संस्कृत भाषा थोड़ी जटिल तरिके से लिखी गई थी। इसलिए इसे आज की इंग्लिश में ट्रांसलेट करना थोड़ा कठिन हो गया है। इस ग्रंथ में कुल 1250 श्लोक (छोटी-छोटी संस्कृत की कविताएं) और 36 अलग-अलग अध्याय हैं। 

कामसूत्र पुस्तक को सात भागों में बाटा गया है : 

1. दत्तक - सामान्य सिद्धांत

यह किताब हिंदू जीवन के चार मुख्य उद्देश्यों, धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष का आसान तरिका और उनका इतिहास बताकर शुरू होती है। इसमें बताया गया है कि कैसे एक इंसान सम्मान के साथ जिंदगी जी सकता है और सही रास्ते पर चलकर ज्ञान हासिल कर सकता है।

2. सुवर्णनाभ - कामुक प्यार और यौन संबंध

इसका दूसरा भाग उन यौन बातों पर आता है, जिन्हें ज़्यादातर लोग सीधा कामसूत्र से जोड़ते हैं। इसमें 64 तरह की यौन तरीकों के बारे में बताया गया है, जैसे गले लगाना, किस करना, प्यार में हल्का-सा काटना या नाखून से खरोंचने जैसी चीज़ें, और साथ ही ओरल सेक्स का ज़िक्र भी किया गया है।

3. घोटकमुख - पत्नी प्राप्ति

कामसूत्र का तीसरा भाग एक अविवाहित पुरुष के जीवन पर ध्यान देता है और यह बताता है कि वह शादी के लिए किसी स्त्री को कैसे आकर्षित कर सकता है। इसमें यह समझाया गया है कि लड़का-लड़की और उनके परिवारों के बीच शादी के लिए मिलान कैसे देखा जाता है, जैसे उनके जन्म के ग्रह-नक्षत्र और समाज की जाति व्यवस्था के हिसाब से सब कैसे देखा जाता है। यह भाग इस बात पर भी ध्यान देता है कि दोनों परिवारों को शादी से क्या फ़ायदे हो सकते हैं।

4. गोनर्दिया - पत्नी के कर्तव्य और अधिकार

कामसूत्र का चौथा भाग बताता है कि पुराने ज़माने में एक पत्नी से क्या-क्या ज़िम्मेदारियाँ निभाने की उम्मीद की जाती थी। इसमें लिखा है कि पत्नी को खाना बनाना, घर की सफाई करना और पति के लिए खाने-पीने का ध्यान रखना चाहिए। लेकिन क्योंकि यह किताब हज़ारों साल पहले लिखी गई थी, इसलिए इसमें दी गई बातें आज के समय के रिश्तों और महिला-पुरुष की बराबरी के विचारों से थोड़ी अलग लग सकती हैं।

5. गोनीकापुत्र - मित्र और परिवार

कामसूत्र का पाँचवाँ भाग उन रिश्तों के बारे में है जो यौन संबंधों से अलग होते हैं। इसमें बताया गया है कि पुरुष और महिला अपने दोस्तों और परिवार के साथ कैसे अच्छे और मज़बूत रिश्ते बना सकते हैं। यह भाग हमें इमोशन्स को समझने और अपने अपने रिश्तों को प्यार और समझदारी से निभाने के तरीके सिखाता है।

6. चरायण - वेश्याएँ

कामसूत्र का छठा भाग बताता है कि पुराने समय में कुछ पुरुष शादी से पहले अपने यौन आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए वेश्याओं से मेलजोल रखते थे। इसमें यह भी समझाया गया है कि कैसे दोस्तों और प्रेम संबंधों को बेहतर बनाया जा सकता है, जीवन में सफलता, जैसे धन कमाना आदि कैसे पाई जा सकती है, और जब कोई जीवनसाथी चुनना हो तो उस समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

7. कुचुमारा - गुप्त तरिके

कामसूत्र का आख़िरी भाग कुछ खास यौन कहानियों, रिवाज़ों और पुराने जमाने की मान्यताओं पर आधारित है। इसमें यह बताया गया है कि कैसे व्यक्ति अपने शरीर की देखभाल कर सकता है,जैसे सुंदर दिखने के उपाय, इत्र और तेलों का इस्तेमाल। साथ ही इसमें कुछ ऐसे घरेलू या पुराने इलाज भी बताए गए हैं जो यौन समस्याओं को दूर करने में मदद कर सकते हैं।

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कामसूत्र में बताए गए कई आसन थोड़े कठिन हो सकते हैं, लेकिन कुछ आसन इतने आसान हैं कि आम लोग भी उन्हें बिना परेशानी के आज़मा सकते हैं। नीचे उनके कुछ उदाहरण दिए हैं:

बाघिन

यह पोज़िशन रिवर्स काउगर्ल जैसी होती है। इसमें एक पार्टनर पीठ के बल लेट जाता है। दूसरा पार्टनर उसके ऊपर इस तरह बैठता है कि उसका मुँह पैरों की तरफ होता है। ऊपर बैठा व्यक्ति आगे-पीछे हिलता है और पूरे कंट्रोल में होता है। इससे वह गति और अंदर जाने की गहराई को अपने अनुसार नियंत्रित कर सकता है।

दूध और पानी का मिलान 

इस पोज़िशन में एक पार्टनर कुर्सी पर बैठता है, बेहतर होगा कि कुर्सी के साइड में हाथ रखने की जगह न हो। दूसरा पार्टनर उसकी गोद में इस तरह बैठता है कि उसका मुँह पीछे की तरफ होता है।

क्लैस्पिंग पोज़िशन

यह मिशनरी पोज़िशन जैसी ही होती है। इसमें दोनों पार्टनर आराम से बिस्तर या किसी सॉफ्ट जगह पर सीधे लेटते हैं। उनके पैर सीधे और साथ-साथ होते हैं। एक पार्टनर ऊपर लेटता है और दोनों के पेट आपस में मिलते हैं। नीचे वाला पार्टनर हल्के-हल्के शरीर को ऊपर की ओर हिलाकर तालमेल बनाता है।

स्वर्ग की रानी

इस पोज़िशन में एक पार्टनर पीठ के बल लेटता है और अपने घुटनों को मोड़कर छाती की तरफ ले आता है। दूसरा पार्टनर उसके सामने आता है और अपनी जांघें उसके मुड़े हुए पैरों के बाहर की तरफ रखता है। फिर वह आगे की ओर झुकता है और शरीर को पास लाता है।

बैले डांसर 

इस पोज़िशन में एक पार्टनर खड़ा रहता है और अपने शरीर का बैलेंस एक पैर पर बनाए रखता है। फिर वह अपना दूसरा पैर उठाकर अपने साथी की कमर के चारों ओर लपेटता है ताकि दोनों एक-दूसरे के बहुत पास आ सकें। यह पोज़िशन बैले नृत्य की तरह दिखती है, इसलिए इसे "बैले डांसर" कहा जाता है। इसमें शरीर का बैलेंस और तालमेल बहुत ज़रूरी होता है।

बाँस को चीरना

इस पोज़िशन में एक पार्टनर पीठ के बल सीधा लेट जाता है, लेकिन शरीर थोड़ा एक तरफ मोड़ लेता है। फिर वह अपना एक पैर उठाकर दूसरे पार्टनर के कंधे पर रखता है, जबकि दूसरा पैर नीचे की ओर फैला रहता है। दूसरा पार्टनर खड़े होकर या झुककर सामने से जुड़ाव बनाता है।

ताला

इस पोज़िशन में एक पार्टनर किसी मज़बूत जगह जैसे मेज़ या काउंटर पर बैठता है और थोड़ा पीछे की ओर झुकता है ताकि बैलेंस बना रहे। दूसरा पार्टनर सामने खड़ा होता है और झुककर पहले वाले के कमर के हिस्से को अपने हाथों से पकड़कर ऊपर उठाता है और सहारा देता है। इसके बाद, जो बैठा होता है, वह अपने पैरों को खड़े साथी की पीठ के पीछे ले जाकर कसकर जकड़ लेता है।

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कामसूत्र व सेक्स का जुड़ाव निम्न तरीके से समझा जा सकता है -

सेक्स क्या है?

कामसूत्र के अनुसार, सेक्स इंसान के जीवन का एक अहम हिस्सा है। इसमें सिर्फ शरीर का नहीं, बल्कि मन और आत्मा का भी जुड़ाव होता है। सेक्स को केवल एक शारीरिक क्रिया मानना सही नहीं है। इसमें भावनाएँ बहुत मायने रखती हैं। पुरुष को अपनी खुशी के साथ-साथ महिला की संतुष्टि का भी पूरा ध्यान रखना चाहिए।

सेक्स के लिए क्या जरूरी है?

कामसूत्र के अनुसार, सेक्स ऐसे कमरे में करना चाहिए जहाँ हल्की रोशनी और मीठी खुशबू हो। ऐसा माहौल इस खास पल को और भी सुंदर बना देता है। पति-पत्नी को सेक्स से पहले अपने सारे तनाव और चिंता को भूल जाना चाहिए। उस समय दोनों को सिर्फ प्यार और एक-दूसरे की भावनाओं पर ध्यान देना चाहिए। जब सेक्स प्रेम और भावनाओं के साथ किया जाए, तो दोनों को सच्ची खुशी और सटिस्फैक्शन मिलता है।

सेक्स करने का तरीका

इस विषय पर कामसूत्र में विस्तार से समझाया गया है। सेक्स को अध्याय दो में 64 यौन पोजीशन के माध्यम से बताया गया है।

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कामसूत्र के सबसे आम मिथक इस प्रकार है : 

कामसूत्र सिर्फ़ एक यौन पुस्तक है।

लोकप्रिय संस्कृति में भले ही कामसूत्र को सिर्फ़ यौन किताब माना जाता है, लेकिन कामसूत्र में सिर्फ़ सेक्स की बातें नहीं हैं, इसमें प्यार, शादी और रिश्तों के कई पहलुओं को समझने की कोशिश करती है।

कामसूत्र की पोजीशन केवल ताकतवर और लचीले लोग ही कर सकते हैं।

हाँलाकि कामसूत्र की कुछ सेक्स पोजीशन काफी कठिन हो सकती है, पर ज्यादातर आसान ही है जिसे हर कोई आम व्यक्ति कर सकता है उसके लिए ज्यादा लचीलेपन की जरूरत नहीं होती है। 

कामसूत्र सिर्फ़ लड़का-लड़की के रिश्तों के लिए है।

कामसूत्र में समलैंगिक(gay) और तीसरे लिंग का भी बताया गया है जिसे हम आज एलजीबीटी कहते है। हालाँकि कामसूत्र में ज्यादा महिला और पुरुषों के जोड़े के लिए यौन पोजीशन्स बताई गई है। परन्तु कई पोजीशन है जिन्हे समलैंगिक जोड़े भी अपना सकते हैं। 

( और पढ़े - ज्यादा सेक्स करने के फायदे व नुकसान)

जब भी आप किसी भी नई सेक्स पोजीशन या तरीका आज़माना चाहें, तो आपका सबसे ज़रूरी कदम है अपने साथी से बात करना। आपको सेक्स शुरू करने से पहले और उसके दौरान, एक-दूसरे से अपनी पसंद, नापसंद और आराम के बारे में बातचीत करें। क्योकि ये जानना ज़रूरी है कि आप दोनों किसमें अच्छा और सही महसूस करते हैं और किसमें आप सही महसूस नहीं करते है।

नई चीज़ें आज़माने से आपको अपने पार्टनर और खुद को बेहतर समझने में मदद मिल सकती है। लेकिन अगर आप दोनों में से किसी को कोई पोज़िशन अच्छा नहीं लगे, तो आप कभी भी साफ़ तरिके पर "ना" कह सकते हैं और उसी समय रुक सकते है।
 

कामसूत्र की किसी भी पोजीशन को ज़्यादा आरामदायक बनाने के लिए कुछ बातें :

अगर कोई पोज़िशन आपको थकाने लगे या सही ना लगे, तो आप आराम से कोई दूसरी पोज़िशन चुन सकते हैं जिसमें आपका पार्टनर ज़्यादा एक्टिव हो।अगल-बगल लेटने वाली पोज़िशन जैसे साइड बाय साइड, ज़्यादातर लोगों के लिए आसान और आरामदायक होती है, खासकर जब आप आराम के साथ जुड़ाव महसूस करना चाहते हैं।

सबसे ज़रूरी बात ये है कि आप खुले मन से सोचें। क्योकि जब भी आप कुछ नया ट्राय करते है, तो ज़रूरी नहीं कि वह आपको या आपके पार्टनर को हमेशा सही बैठे या पसंद आए, इसलिए आपकी और आपके पार्टनर की सहमति, आराम और खुशी सबसे ज्यादा जरूरी होती है। 

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अपने सवालों के जवाब यहां पाये। 

कामसूत्र का अर्थ क्या है?

संस्कृत में "काम" का अर्थ इच्छा, आनंद या प्रेम होता है, और यह हिंदू प्रेम के देवता का नाम भी है। "सूत्र" का अनुवाद "धागे" या "प्रवचन" होता है। इसलिए, कामसूत्र का अर्थ "प्रेम की पुस्तक" या "आनंद के धागे" जैसा है।

कौन सा धर्म कामसूत्र का प्रयोग करता है?

हालाँकि कामसूत्र में हिंदू मान्यताओं और परंपराओं की कई बातें शामिल हैं, लेकिन यह कोई धार्मिक ग्रंथ नहीं है।

क्या कामसूत्र केवल सेक्स पोजीशन के बारे में है?

नहीं, कामसूत्र केवल सेक्स पोजीशन के बारें में नहीं होती है। इसमें रिश्तों, प्यार और शारीरिक नज़दीकी को समझने भी बताया गया है।

कामसूत्र किसने लिखी है?

इसे हजारों साल पहले महर्षि वात्स्यायन ने लिखा था।

कामसूत्र में कितने सेक्स पोजीशन का उल्लेख है?

कामसूत्र में लगभग 64 यौन पोज़िशनों का ज़िक्र किया गया है, लेकिन ये सिर्फ शारीरिक संबंधों तक सीमित नहीं हैं। ये सब प्रेम और एक-दूसरे को गहराई से समझने के काफी बातों को समझाती हैं।

कामसूत्र एक बहुत पुराना हिंदू ग्रंथ है जो प्यार और रिश्तों की कई बातों को समझाता है। ज़्यादातर लोग इसे इसकी यौन पोज़िशनों के लिए जानते हैं, लेकिन इसमें और भी बहुत कुछ होता है। इसमें कुछ पोज़िशन मुश्किल हो सकती हैं, लेकिन कई ऐसी भी हैं जो आम लोगों के लिए आसान होती हैं और ज़्यादा लचीलापन भी नहीं चाहिए होता है।

Dr. Hakeem Basit khan

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सेक्सोलोजी
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