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भारत में यौन शिक्षा का अभाव देखने को मिलता है। यौन स्वास्थ या यौन समस्याओं पर बात करने में लोग संकोच करते हैं। महिलाओं को गर्भनिरोधक के उपयोग के बारे में पूरी तरह से शिक्षित नहीं किया जाता है जिस कारण कभी कभी वे चाहकर भी असमर्थ महसूस करती हैं। 

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गर्भावस्था को रोकने के लिए इस्तेमाल किये जाने वाले तरीकों या उपकरणों को जन्म नियंत्रक, गर्भनिरोधक या परिवार नियोजन कहा जाता है। प्राचीनकाल से गर्भनिरोधक का उपयोग किया जाता रहा है, लेकिन इसके प्रभावी और सुरक्षित तरीके 20 वीं शताब्दी में उपलब्ध हो पाए हैं।

2005-2006 के आंकड़ों से यह निष्कर्ष निकला है कि भारत में गर्भनिरोधक का उपयोग केवल 15.6% महिलाओं द्वारा किया जाता था। हालांकि भारत में गर्भनिरोधकों का उपयोग धीरे-धीरे बढ़ रहा है। 1970 में, 13% विवाहित महिलाओं द्वारा आधुनिक गर्भनिरोधक विधियों का इस्तेमाल किया गया, जो 2007 तक 35% और 2009 तक 48% बढ़ गया है।

1952 में भारत, परिवार नियोजन कार्यक्रम शुरू करने वाला दुनिया का पहला देश बन चुका है। उल्टा लाल त्रिभुज (Inverted red triangle) भारत में, परिवार नियोजन स्वास्थ्य और गर्भनिरोधक सेवाओं का प्रतीक है।

इस लेख का उद्देश्य भारत में उपलब्ध सरल और सुरक्षित गर्भनिरोधक विधियों की जानकारी का प्रसार करना है। आइये इस लेख द्वारा जानते हैं कि कितने प्रकार के आधुनिक गर्भनिरोधक तरीके उपलब्ध हैं और भारत में कौन कौन से तरीके उपयोग किये जाते हैं। 

(और पढ़ें - परिवार नियोजन के उपाय)

  1. प्रेगनेंसी रोकने के उपाय - Types of birth control methods in Hindi
  2. गर्भ रोकने का तरीका है गर्भनिरोधक प्रत्यारोपण - Birth Control Implant in Hindi
  3. गर्भवती न होने के तरीके के लिए करें गर्भनिरोधक पैच का उपयोग - Birth Control Patch in Hindi
  4. गर्भधारण से बचने के उपाय के लिए गर्भनिरोधक गोली - Birth Control Pill in Hindi
  5. अनचाहे गर्भ से बचने के लिए गर्भनिरोधक शॉट - Birth Control Shot in Hindi
  6. गर्भ ठहरने से बचने का उपाय है पुरुष नसबंदी - Vasectomy in Hindi
  7. महिला नसबंदी है गर्भवती न होने का उपाय - Female sterilisation in Hindi
  8. प्रेग्नेंट न होने का तरीका है इंट्रायूट्राइन डिवाइस - Intrauterine device (IUD) in Hindi
  9. प्रेग्नेंसी रोकने का घरेलू तरीका है गर्भनिरोधक रिंग का उपयोग - Birth Control Ring or Vaginal ring in Hindi
  10. प्रेगनेंसी से बचने का घरेलू नुस्खा: कंडोम का उपयोग - Condom in Hindi
  11. प्रेगनेंसी रोकने का तरीका है डायाफ्राम का इस्तेमाल - Diaphragm in Hindi
  12. निकासी (पुल आउट विधि) से गर्भधारण से बच सकते हैं - Withdrawal (Pull Out Method) in Hindi
  13. प्रग्नेंट न होने का बेस्ट तरीका है संयम और संभोग बिना यौन गतिविधियां - Abstinence and Outercourse in Hindi
  14. प्रेग्नेंसी रोकने के लिए जरुरी है प्रजनन जागरूकता - Fertility Awareness in Hindi
  15. गर्भधारण रोकने के प्राकृतिक उपाय में करें स्तनपान गर्भनिरोधक विधि का उपयोग - Breastfeeding as a birth control method in Hindi

ऐसे कई तरीके हैं जो सुरक्षित हैं और उनका उपयोग करना भी आसान है -

  1. गर्भनिरोधक प्रत्यारोपण (Birth Control Implant)
  2. गर्भनिरोधक पैच (Birth Control Patch)
  3. गर्भनिरोधक गोली (Birth Control Pill)
  4. गर्भनिरोधक शॉट (Birth Control Shot)
  5. गर्भनिरोधक स्पंज (Birth Control Sponge)
  6. गर्भनिरोधक रिंग (Birth Control Ring)
  7. स्तनपान गर्भनिरोधक विधि (Breastfeeding as a birth control method)
  8. सर्विकल कैप (Cervical Cap)
  9. कंडोम (Condom)
  10. डायाफ्राम (Diaphragm)
  11. प्रजनन जागरूकता (Fertility Awareness)
  12. आईयूडी (IUD)
  13. संयम और संभोग बिना यौन गतिविधियां (Abstinence and Outercourse)
  14. शुक्राणुनाशक (Spermicide)
  15. बंध्याकरण (Sterilization)
  16. पुरुष नसबंदी (Vasectomy)
  17. निकासी (पुल आउट विधि) [Withdrawal (Pull-Out Method)]

(और पढ़ें - गर्भावस्था के लक्षण)

इनमें से भारत में उपलब्ध गर्भनिरोधक उपायों के बारे में नीचे बताया गया है -

गर्भनिरोधक प्रत्यारोपण माचिस की तीली के बराबर छोटा और पतली रॉड जैसा होता है। यह आपके शरीर में हार्मोन रिलीज करता है जो आपको गर्भवती होने से बचाता है। एक नर्स या डॉक्टर आपके हाथ में भीतर प्रत्यारोपण डालेंगे और आप 4 साल तक गर्भधारण से बच जाएंगी।

(और पढ़ें - हार्मोन्स का महत्व महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए)

प्रभावशीलता (Effectiveness): प्रत्यारोपण सबसे बेहतर गर्भनिरोधक तरीकों में से एक है। यह 99% से अधिक प्रभावी है।

प्रभाव की अवधि (Duration of effect): प्रत्यारोपण लंबे समय, लगभग 4 साल तक प्रभावी है। लेकिन यह स्थायी नहीं है। यदि आप पुनः गर्भवती होना चाहती हैं या आप अब प्रत्यारोपण नहीं करना चाहतीं, तो डॉक्टर की सहायता से इसे बाहर निकाला जा सकता है। और प्रत्यारोपण हटाने के बाद आप शीघ्र गर्भवती हो सकती हैं।

अगर मासिक चक्र के पहले 5 दिनों के दौरान प्रत्यारोपण का इस्तेमाल करती हैं तो आप गर्भधारण से पूरी तरह सुरक्षित हो जाती हैं।

यदि आपने मासिक चक्र के किसी अन्य समय प्रत्यारोपण कराया है, तो पहले सप्ताह के दौरान किसी अन्य जन्म नियंत्रक (जैसे कंडोम) का उपयोग करें। इस पहले सप्ताह के बाद, प्रत्यारोपण काम करना शुरू कर देता है और आप 4 साल तक गर्भधारण से सुरक्षित हो जाती हैं।

फायदे (Benefits):

  1. गर्भनिरोधक प्रत्यारोपण अत्यधिक प्रभावी हैं।
  2. यह सुविधाजनक और निजी तरीका है।
  3. यह आपकी माहवारी को बेहतर बनाते हैं।
  4. प्रत्यारोपण में केवल एक हार्मोन होता है।
  5. आप प्रत्यारोपण हटाने के बाद आप फिर गर्भवती हो सकती हैं।

दुष्प्रभाव (Side Effects):

कुछ लोगों में प्रत्यारोपण विधि के दुष्प्रभाव देखने को मिलते हैं और कुछ में नहीं।

  1. सबसे आम दुष्प्रभाव, विशेष रूप से पहले 6-12 महीनों में होने वाला अनियमित रक्तस्राव है। कभी-कभी प्रत्यारोपण दीर्घकाल तक स्पॉटिंग या पीरियड्स का कारण बनता है। लेकिन अधिकांश लोगों में, प्रत्यारोपण उनके मासिक धर्म रक्तस्राव को हल्का कर देता है। 3 में से 1 में प्रत्यारोपण की वजह से एक वर्ष के बाद माहवारी होनी बंद हो जाती है। (और पढ़ें - अनियमित मासिक धर्म के कारण और उपचार)
  2. गर्भनिरोधक प्रत्यारोपण यौन संचारित रोगों से रक्षा नहीं करते हैं।
  3. प्रत्यारोपण के बाद यह निश्चित है की आपको पीरियड्स नहीं होंगे।
  4. प्रत्यारोपण के बाद निम्न समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है:

ट्रांसडर्मल गर्भनिरोधक पैच एक सुरक्षित, सरल और सस्ती जन्म नियंत्रक विधि है जो आप अपने पेट, ऊपरी बांह, कूल्हे या पीठ की त्वचा पर लगा सकती हैं।

पैच में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन नामक हार्मोन होते हैं, जो हमारे शरीर में स्वाभाविक रूप से पाए जाने वाले हार्मोन के समान ही होते हैं। आप अपने शरीर के किसी हिस्से पर पैच लगाइये और हार्मोन स्वयं त्वचा द्वारा अवशोषित हो जायेंगे। पैच अंडाशय से अंडे को निकलने से रोकता है (जिसे ओवुलेशन कहा जाता है)। कोई ओवुलेशन न होने का अर्थ है कि शुक्राणु से निषेचन नहीं होगा और इस प्रकार गर्भावस्था भी नहीं हो पायेगी। 

(और पढ़ें - ओवुलेशन से जुड़े मिथक और तथ्य)

प्रभावशीलता (Effectiveness): यदि इसे सही तरह से उपयोग किया जाये तो पैच 99% प्रभावी होता है लेकिन कोई भी परिपूर्ण नहीं होता है, इसलिए वास्तविकता में, पैच लगभग 91% प्रभावी होता है। इसलिए प्रतिवर्ष 100 में से 9 पैच उपयोग करने वाली महिलाएं गर्भवती होती हैं।

प्रभाव की अवधि (Duration of effect): 3 सप्ताह के लिए हर हफ्ते एक नया पैच लगाइये, और यह गर्भधारण को रोकने वाले हार्मोन रिलीज़ करता है।

फायदे (Benefits): 

  1. अगर सही तरह से उपयोग किया जाये तो पैच प्रभावी होता है।
  2. पैच सुविधाजनक होता है।
  3. आप जैसे ही पैच का उपयोग करना बंद करेंगी उसके तुरंत बाद आप गर्भवती हो सकती हैं।
  4. पैच के कई स्वास्थ्य लाभ भी हैं जैसे निम्न को कम करने या उनसे बचने में मदद करता है:

दुष्प्रभाव (Side Effects):

सभी दवाओं की तरह, गर्भनिरोधक पैच के कुछ दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं। लेकिन आमतौर पर ये लक्षण 2 या 3 महीने बाद चले जाते हैं। बहुत से लोग बिना परेशानी के पैच का उपयोग करते हैं।

पैच में उपस्थित हार्मोन माहवारी, स्तन असहजता, सिरदर्द या मतली का कारण बन सकते हैं। जहां पैच लगाया जाता है कुछ लोगों को वहां थोड़े दर्द का अनुभव होता है।

गर्भनिरोधक गोलियां उन हार्मोन की तरह हैं जो गर्भावस्था को रोकने के लिए प्रतिदिन ली जाती हैं। इन गोलियों के कई विभिन्न ब्रांड हैं। यदि आप इसे समय पर लेती हैं तो ये गोलियां सुरक्षित, सस्ती और प्रभावी हैं। गर्भधारण रोकने के अलावा, इन गोलियों के कई स्वास्थ्य लाभ भी हैं।

स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज देसाई का कहना है कि गर्भनिरोधक गोलियां या मौखिक गर्भ निरोधक बहुत लोकप्रिय हैं। " ये दो प्रकार की होती हैं - संयुक्त मौखिक गर्भनिरोधक गोली जिसमें एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टोजेन (Progestogen) हार्मोन मौजूद होते हैं और दिन में एक बार इनका सेवन किया जाता है। दूसरे प्रकार में केवल प्रोजेस्टोजेन हार्मोन होता है और यह भी दिन में एक बार ही खायी जाती है। यह संयुक्त गोली की तुलना में अलग तरीके से कार्य करता है। इसको लेने से एस्ट्रोजन हार्मोन के सेवन से बचने का फायदा होता है क्योंकि उसके कुछ दुष्प्रभाव होते हैं।"

प्रभावशीलता (Effectiveness): यदि भली प्रकार से इसका इस्तेमाल किया जाये तो यह 99% तक प्रभावी होती है। लेकिन वास्तविकता में गोली लगभग 91% प्रभावी होती है क्योंकि किसी भी चीज़ का परिपूर्ण होना कठिन होता है। हकीकत में, हर वर्ष 100 में से 9 महिलाएं जो इसका उपयोग करती हैं, गर्भवती होती हैं।

प्रभाव की अवधि (Duration of effect): रोज़ और समय पर गोली का सेवन करने से यह बेहतर काम करेंगी। लेकिन ऐसा करने के बाद भी गर्भवती होने की संभावनाएं बहुत कम होती हैं।

फायदे (Benefits):

  1. गर्भनिरोधक गोली गर्भावस्था को रोकने का एक प्रभावी तरीका है।
  2. बहुत सारे लोगों को गोली ही पसंद आती है क्योंकि यह उनकी माहवारी नियमित और सही सही अनुमान करना आसान बनाता है। गोली में मौजूद
  3. हार्मोन मासिक धर्म के दौरान होने वाली ऐंठन को कम करते हैं और पीरियड्स को हल्का बना सकते हैं।
  4. जैसे ही आप गोली लेना बंद कर देती हैं, आप तुरंत गर्भवती हो सकती हैं।
  5. गोली सुविधाजनक होती है।
  6. गोली के स्वास्थ्य लाभ भी होते हैं संयुक्त गर्भनिरोधक गोली निम्न स्वस्थ्य समस्याएं कम कर सकती है या रोकने में मददगार साबित होती है:
  • मुँहासे।
  • हड्डियों का पतला होना।
  • स्तनों और अंडाशय में अल्सर।
  • अस्थानिक गर्भावस्था।
  • एंडोमेट्रियल कैंसर और ओवेरियन कैंसर
  • आपके अंडाशय, फैलोपियन ट्यूब और गर्भाशय में गंभीर संक्रमण।
  • आयरन की कमी (एनीमिया)।
  • पीएमएस (प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम)।

दुष्प्रभाव (Side Effects):

  1. आपको रोज़ गोली का सेवन करना याद रखना पड़ेगा।
  2. इसके नकारात्मक दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं, जैसे: गोली में मौजूद हार्मोन आपकी यौन इच्छा में बदलाव ला सकते हैं। इसके कारण स्तनों में पीड़ा, मतली, सिर दर्द, स्पॉटिंग आदि हो सकते हैं। ये लक्षण आम तौर पर 2 या 3 महीने बाद चले जाते हैं।

(और पढ़ें - गर्भनिरोधक गोलियों के उपयोग, फायदे और नुकसान)

गर्भनिरोधक शॉट (डेपो प्रोवेरा) एक इंजेक्शन है जो आपको हर तीन महीने में नर्स या डॉक्टर लगाते हैं। यह एक सुरक्षित, सुविधाजनक और निजी जन्म नियंत्रण पद्धति है जो वास्तव में अच्छी तरह से काम करती है अगर आप हमेशा इसका समय पर उपयोग करेंगी।

जन्म नियंत्रण शॉट (जिसे कभी-कभी डेपो-प्रोवेरा, डेपो शॉट या डीएमपीए भी कहा जाता है) में प्रोजेस्टिन हार्मोन होता है। प्रोजेस्टिन ओवुलेशन को रोककर आपमें गर्भ धारण होने से रोकता है। जब ट्यूब में कोई अंडा ही नहीं होगा, तो गर्भधारण भी नहीं हो सकता।

प्रभावशीलता (Effectiveness): सही प्रकार से उपयोग करने पर गर्भनिरोधक शॉट की प्रभावशीलता 99% से अधिक है। लेकिन जब वास्तविक जीवन की बात आती है, तो यह शॉट लगभग 94% प्रभावी होता है, क्योंकि कभी-कभी लोग समय पर अपने शॉट्स को लेना भूल जाते हैं।

प्रभाव की अवधि (Duration of effect): शॉट का पूर्ण रूप से उपयोग करने के लिए, आपको हर 12-13 सप्ताह में एक नया शॉट लेना याद रखना होगा। यह हर 3 महीने या एक वर्ष में 4 बार लेना होता है। यह आपको डॉक्टर या नर्स द्वारा दिया जायेगा।

यदि आप 2 या उससे अधिक सप्ताह तक शॉट लेना भूल गयी हैं, तो डॉक्टर या नर्स आपसे प्रेगनेंसी टेस्ट कराने को कहेंगे। या यदि आपने पिछले 120 घंटों (पांच दिन) में सेक्स किया है तो आपको आपातकालीन गर्भनिरोधक का इस्तेमाल करने के लिए कह सकते हैं।

फायदे (Benefits):

  1. जन्म नियंत्रण शॉट गर्भावस्था को रोकने में प्रभावी होते हैं।
  2. ये सुविधाजनक और निजी भी हैं।
  3. इंजेक्शन के उपयोग से आपको मासिक धर्म जल्दी जल्दी हो सकते हैं।
  4. शॉट आपको गर्भाशय के कैंसर और एक्टोपिक गर्भावस्था से बचाने में मदद कर सकता है।
  5. शॉट अस्थायी होता है, इसलिए यदि आप चाहें तो इसका प्रयोग बंद करने के बाद गर्भधारण कर सकती हैं।

दुष्प्रभाव (Side Effects):

  1. हर तीन महीनों में इंजेक्शन लगवाने के लिए आपको डॉक्टर या नर्स के पास जाना पड़ता है।
  2. जब आप शॉट का उपयोग करती हैं तो कुछ नकारात्मक दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं।
  3. गर्भनिरोधक शॉट का उपयोग रोकने के बाद गर्भवती होने के लिए 10 महीने का समय लग सकता है।
  4. शॉट के अन्य संभावित साइड इफेक्ट्स इस प्रकार हैं:
  • जी मिचलाना।
  • वज़न बढ़ना।
  • सिर दर्द।
  • स्तन असहजता।
  • बालों का झड़ना या चेहरे या शरीर पर अधिक बाल आना।
  • डिप्रेशन
  • जहां शॉट लगाया जाता है वहां मामूली दर्द होना।

वासेक्टोमी (Vasectomy) को पुरुष नसबंदी भी कहा जाता है। यह एक सर्जरी है। इसके द्वारा स्थिर रूप से गर्भधारण नहीं होता है। इसलिए यह अत्यधिक प्रभावी है।

यह प्रक्रिया बहुत जल्दी हो जाती है और आप उसी दिन घर भी जा सकते हैं। यह गर्भावस्था को रोकने में लगभग 100% प्रभावी है।

पुरुष नसबंदी दो प्रकार की होती है। चीरा विधि और नो-स्केलपल (बिना चीरे के) विधि। बिना चीरे वाली विधि से संक्रमण और अन्य जटिलताओं का जोखिम कम हो जाता है।

प्रभावशीलता (Effectiveness): पुरुष नसबंदी सबसे प्रभावी प्रकार का जन्म नियंत्रक उपाय है। ये विधि लगभग 100% प्रभावी होती है।

प्रभाव की अवधि (Duration of effect): आपके वीर्य के शुक्राणु मुक्त होने में लगभग 3 महीने लगते हैं। पुरुष नसबंदी के कुछ महीनों बाद, डॉक्टर आपके वीर्य में शुक्राणुओं की जांच के लिए वीर्य विश्लेषण (Semen analysis) कर सकते हैं।

फायदे (Benefits):

  1. पुरुष नसबंदी बहुत प्रभावी है।
  2. यह सुविधाजनक भी है।
  3. यह विधि आपके यौन जीवन को बेहतर बना सकती है।

दुष्प्रभाव (Side Effects):

  1. पुरुष नसबंदी स्थायी प्रक्रिया है। आपकी प्रजनन क्षमता फिर कभी वापस नहीं आ सकती।
  2. पुरुष नसबंदी में संक्रमण, दर्द, रक्तस्राव, सूजन आदि कुछ जोखिम हो सकते हैं।
  3. नसबंदी यौन संचारित रोगों के संक्रमण को नहीं रोकती है।

ट्यूबल लाईगेशन (जिसे महिला नसबंदी, या "दोनों फैलोपियन ट्यूब को दो स्थानों से बांधना" भी कहा जाता है) एक सुरक्षित और प्रभावी सर्जरी है जो स्थायी रूप से गर्भधारण को रोकती है। यह एक सर्जिकल प्रक्रिया है जो आपके फैलोपियन ट्यूबों को स्थायी रूप से बंद या अवरुद्ध करता है। इसमें दोनों फैलोपियन ट्यूब को बांध दिया जाता है, जिससे शुक्राणु अंडे तक नहीं पहुंच पाते और गर्भधारण नहीं होता है।

प्रभावशीलता (Effectiveness): ट्यूबल लाईगेशन गर्भावस्था को रोकने में वास्तव में बहुत अच्छा तरीका है। यह 99% से अधिक प्रभावी होता है।

प्रभाव की अवधि (Duration of effect): नसबंदी विभिन्न प्रकार की होती है। इसके बाद गर्भधारण को रोकने के लिए लगभग 3 महीने लगते हैं। इसका मतलब है कि जब तक आपके डॉक्टर या नर्स आपको यह सुनिश्चित नहीं कर देते तब तक अर्थात पहले 3 महीनों तक जन्म नियंत्रण की दूसरी विधि का उपयोग कर सकते हैं।

फायदे (Benefits):

  1. नसबंदी बहुत प्रभावी प्रक्रिया है।
  2. नसबंदी सुविधाजनक भी है।
  3. नसबंदी से आपके हार्मोन में कोई परिवर्तन नहीं होता।
  4. नसबंदी आपके यौन जीवन को बेहतर बना सकती है।

दुष्प्रभाव (Side Effects):

  1. नसबंदी स्थायी प्रक्रिया है।
  2. नसबंदी के कुछ जोखिम हो सकते हैं।
  3. नसबंदी यौन संचारित रोगों से बचाव नहीं करती है।

आईयूडी एक छोटी सी डिवाइस है जो गर्भधारण को रोकने के लिए गर्भाशय में डाली जाती है। यह लंबे समय तक के लिए, प्रतिवर्ती (Reversible) और सबसे प्रभावी प्रक्रिया है। ये प्रकार की होती हैं: कॉपर आईयूडी और हार्मोनल आईयूडी।

प्रभावशीलता (Effectiveness): कॉपर आईयूडी आपातकालीन गर्भनिरोधक के रूप में अच्छी तरह से काम करता है। यदि आप इसे असुरक्षित यौन संबंध के 120 घंटे (5 दिन) बाद भी उपयोग करेंगी तो गर्भधारण को रोकने में यह 99.9% प्रभावी है। वास्तव में यह सेक्स के बाद गर्भावस्था को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है। 

(और पढ़ें - सेक्स के फायदे और नुकसान)

प्रभाव की अवधि (Duration of effect): इस विधि द्वारा आप 5 से 10 साल के लिए गर्भधारण से संरक्षित हो जाते हैं। 5 या 10 साल निर्भर करता है कि आप किस प्रकार के आईयूडी का उपयोग कर रहे हैं:

  1. कॉपर आईयूडी: यह आपके गर्भाशय में 5 से 10 वर्षों तक रह सकता है।
  2. हार्मोनल आईयूडी: यह आपके गर्भाशय में पांच साल तक रह सकता है।

फायदे (Benefits):

  1. गर्भनिरोधक उपकरण बहुत प्रभावी होते हैं।
  2. आईयूडी वास्तव में सुविधाजनक हैं।
  3. आईयूडी निकालने के बाद आप गर्भवती भी हो सकती हैं।
  4. आईयूडी आपके पीरियड्स को बेहतर बना सकती हैं I
  5. कॉपर आईयूडी में हार्मोन नहीं होते हैं।
  6. कॉपर आईयूडी को आपातकालीन गर्भनिरोधक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

दुष्प्रभाव (Side Effects):

  1. आईयूडी यौन संचारित रोगों से रक्षा नहीं करते हैं।
  2. इसके निम्न दुष्प्रभाव हो सकते हैं:
  • जब आईयूडी गर्भाशय में डाली जाती है तो हल्के दर्द का अनुभव होना।
  • आईयूडी गर्भाशय में डालने के बाद कुछ दिनों के लिए ऐंठन या पीठ दर्द होना।
  • माहवारी के बीच में स्पॉटिंग होना।
  • अनियमित मासिक धर्म
  • अत्यधिक माहवारी और ऐंठन होना।

गर्भनिरोधक रिंग एक सुरक्षित, सरल और सस्ती जन्म नियंत्रण विधि है जो योनि में भीतर डाली जाती है। छोटी, लचीली रिंग शरीर में हार्मोन रिलीज़ करके गर्भधारण होने से रोकती है। अगर सही तरीके से इसका इस्तेमाल किया जाये तो रिंग भी गर्भनिरोधक का एक प्रभावी तरीका है।

प्रभावशीलता (Effectiveness): ठीक प्रकार से उपयोग किये जाने पर गर्भनिरोधक रिंग 99% प्रभावी है। लेकिन जब वास्तविक जीवन की बात आती है तब रिंग 91% ही प्रभावी होती है क्योंकि इसे सही प्रकार से उपयोग करना थोड़ा कठिन हो सकता है। इसलिए हकीकत में, प्रत्येक वर्ष 100 में से 9 रिंग उपयोगकर्ता महिलाएं गर्भवती होती हैं।

प्रभाव की अवधि (Duration of effect): हर महीने समय पर एक नयी रिंग डालना जरुरी होता है वरना आप गर्भधारण से संरक्षित नहीं हो सकतीं।

फायदे (Benefits):

  1. अगर सही तरीके से उपयोग की जाये तो गर्भनिरोधक रिंग प्रभावी है।
  2. यह सुविधाजनक भी है।
  3. अधिकतर महिलाएं इसे पसंद करती हैं क्योंकि यह उनकी माहवारी को नियमित और सही अनुमान लगाने में मदद करता है।
  4. इस रिंग का उपयोग करने के बाद आप गर्भवती हो सकती हैं।
  5. इसके कई स्वास्थ्य लाभ भी हैं। ये निम्न समस्याओं को रोकने या इनसे बचाव में मदद कर सकती है:

दुष्प्रभाव (Side Effects):

  1. आपको समय समय पर रिंग को बदलना पड़ता है।
  2. माहवारी के बीच में स्पॉटिंग, स्तनों में दर्द, मतली या सिरदर्द आदि समस्याएं हो सकती हैं।
  3. रिंग में हार्मोन मौजूद होने की वजह से आपकी यौन इच्छा के स्तर में भी बदलाव हो सकता है। 

(और पढ़ें - कामेच्छा बढ़ाने के उपाय)

कंडोम पतले, लचीले पाउच जैसी संरचना के होते हैं जो पुरुष सेक्स के दौरान अपने लिंग (Penis) पर पहनते हैं। कंडोम गर्भावस्था और यौन संचारित रोगों दोनों से सुरक्षा करते हैं। वे आसानी से खरीदे और उपयोग किये जा सकते हैं। महिला कंडोम भी बाजार में उपलब्ध हैं जो महिलाओं द्वारा योनि में भीतर उपयोग किये जाते हैं।

(और पढ़ें - sex kaise karte hain)

प्रभावशीलता (Effectiveness): यदि आप हर बार सही तरह से जब भी आप यौन संबंध स्थापित करते हैं, कंडोम का उपयोग कर रहे हैं तो वे प्रेगनेंसी को रोकने में 98% प्रभावी हैं। लेकिन कोई भी परफेक्ट नहीं होता है, इसलिए वास्तविक जीवन में कंडोम लगभग 85% प्रभावी होते हैं - इसका मतलब है कि पुरुषों द्वारा कंडोम का इस्तेमाल करने के बाद भी 100 में से 15 महिलाएं हर साल गर्भवती होती हैं।

प्रभाव की अवधि (Duration of effect): जितनी बार आप सेक्स करने से पहले कंडोम का उपयोग करेंगे। उतनी बार ये गर्भधारण रोकने में मदद करेंगे। ये हर बार सेक्स करने से पहले उपयोग किया जाता है।

फायदे (Benefits):

  1. कंडोम यौन संचारित रोगों के विरुद्ध प्रभावी हैं I
  2. इनकी कीमत ज्यादा नहीं है और ये सुविधाजनक भी हैं।
  3. कंडोम अन्य जन्म नियंत्रण तरीकों से भी बेहतर मदद करते हैं।
  4. कंडोम के कोई दुष्प्रभाव नहीं होते हैं।

(और पढ़ें - महिला कंडोम के बारे में जानकारी)

डायाफ्राम एक फैला हुआ कप होता है जिसे आप अपनी योनि में भीतर डाल सकती हैं। यह प्रेगनेंसी को रोकने के लिए सेक्स के दौरान आपके गर्भाशय ग्रीवा (Cervix) को ढक देता है।

प्रभावशीलता (Effectiveness): यदि आप डायाफ्राम सही तरीके से हर बार यौन संबंध स्थापित करने के दौरान उपयोग करती हैं तो यह 94% प्रभावी तरीका है। लेकिन वास्तविक जीवन में डायाफ्राम लगभग 88% ही प्रभावी होते हैं। अर्थात प्रत्येक वर्ष 100 में से 12 महिलाएं जो डायाफ्राम का उपयोग करती हैं, गर्भवती होती हैं।

प्रभाव की अवधि (Duration of effect): डायाफ्राम का हर बार सेक्स करने से पहले प्रयोग करें। डायाफ्राम के साथ शुक्राणुनाशक (Spermicide) का भी प्रयोग करें। उचित देखभाल की जाये तो डायाफ्राम 2 साल तक या उससे अधिक भी उपयोग कर सकते हैं।

फायदे (Benefits):

  1. डायाफ्राम सुविधाजनक हैं और आपको नियंत्रण प्रदान करते हैं।
  2. डायाफ्राम सेक्स को बाधित नहीं करते।
  3. डायाफ्रामों में हार्मोन नहीं होते हैं।

दुष्प्रभाव (Side Effects):

  1. हर बार सेक्स करने से पहले इसका इस्तेमाल करना yaad  रखना पड़ता है।
  2. डायाफ्राम का सही तरीके से उपयोग करना कठिन हो सकता है।
  3. शुक्राणुनाशक के भी दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
  4. डायाफ्राम विभिन्न आकारों में आते हैं इसलिए इसके आकार का भी अंतर पड़ सकता है।

यदि सेक्स के समय वीर्य योनि में नहीं निकलता तो भी गर्भधारण को रोकने में मदद मिलती है। यह विधि तब ज्यादा बेहतर तरह से काम करती है जब आप कंडोम जैसी किसी अन्य जन्म नियंत्रण विधि का उपयोग करते हैं।

पुल आउट का तात्पर्य है, वीर्यपात (Ejaculation) से पहले लिंग को योनि से बाहर निकालना क्योंकि यदि योनि में वीर्य चला जाता है तो महिलाएं गर्भवती हो सकती हैं। इसलिए सही समय पर लिंग की निकासी गर्भधारण को रोकती है। लेकिन वीर्य निकलने से पहले सुनिश्चित रूप से पुल आउट हो जाना चाहिए।

प्रभावशीलता (Effectiveness): यदि आप इसे सही तरीके से करते हैं तो यह गर्भावस्था को रोकने का प्रभावी तरीका है। लेकिन यह बहुत प्रभावी नहीं है।

इस विधि का उपयोग करने से 100 में से 4 महिलाएं प्रतिवर्ष गर्भवती होती हैं। लेकिन इस विधि को सही तरह से करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। इसलिए वास्तविक जीवन में, 100 में से करीब 22 महिलाएं जो इस विधि का इस्तेमाल करती हैं, हर साल गर्भवती होती हैं।

प्रभाव की अवधि (Duration of effect): जन्म नियंत्रण के लिए इस विधि का उपयोग करने पर इमरजेंसी गर्भनिरोधक (गर्भनिरोधक गोली) रखनी चाहिए। अगर गलती से वीर्य आपकी योनि में चला जाये तो आपातकालीन गर्भनिरोधक असुरक्षित यौन संबंध के 5 दिनों बाद तक गर्भावस्था को रोक सकते हैं।

फायदा (Benefit):

  1. इससे अन्य जन्म नियंत्रक अधिक प्रभावी बन जाते हैं।

दुष्प्रभाव (Side Effects):

  1. समय रहते पुल आउट मुश्किल प्रक्रिया है।
  2. कुछ लोग इस विधि का प्रभावी ढंग से उपयोग नहीं कर पाते हैं।
  3. आपको बहुत संयम और खुद पर विश्वास की आवश्यकता होती है।

जब आप यौन संबंध बनाने की इच्छा पर काबू पा लेते हैं उसे संयम कहते हैं। जब आप सेक्स के बिना अन्य यौन गतिविधियां करते हैं उसे संभोग बिना यौन गतिविधियां (Outercourse) कहते हैं।

प्रभावशीलता (Effectiveness): अगर योनि में वीर्य (Semen) कभी नहीं जायेगा, तो गर्भधारण नहीं हो सकता। संयम तब तक 100% प्रभावी है जब तक आप खुद पर काबू रख पाएं।

फायदे (Benefits):

संभोग बिना यौन गतिविधियों के निम्न लाभ हो सकते हैं:

  1. बिना गर्भधारण या एसटीडी के संक्रमण के एक दूसरे को आनंद का अनुभव हो जाता है।
  2. दोनों के बीच विश्वास और निकटता बढ़ती है।
  3. आपके और आपके साथी के शरीर को बेहतर ढंग से समझने में आपकी सहायता करता है।

दुष्प्रभाव (Side Effects):

  1. हालांकि संयम और संभोग बिना यौन गतिविधियां, गर्भावस्था और एसटीडी (यौन संचारित रोग) को रोकने के लिए अत्यधिक प्रभावी तरीके हैं। कुछ लोगों के लिए सेक्स से परहेज करना मुश्किल हो सकता है और अगर आप संयम की योजना बना रहे हैं लेकिन अंत में खुद पर नियंत्रण न रहने पर यदि बिना किसी गर्भनिरोधक का उपयोग किये सेक्स कर लेते हैं तब गर्भधारण हो सकता है।
  2. कुछ संभोग बिना यौन गतिविधियों से एसटीडी फैलता है।

प्रजनन जागरूकता के तरीके मासिक धर्म चक्र का अनुमान लगाने में सहायता करते हैं। जिससे आपको पता चल पता है कि अंडाशय से अंडा कब रिलीज़ (ओवुलेशन) होता है।

ओवुलेशन के आसपास के दिन प्रजनन का समय होते हैं, जब आपके गर्भवती होने की अधिक संभावना होती है। ओवुलेशन के बाद अंडा एक दिन तक जीवित रहता है और शुक्राणु सेक्स के करीब 6 दिनों बाद तक जीवित रहते हैं। तो मूल रूप से हर मासिक चक्र के दौरान लगभग 6 दिनों तक प्रजनन क्षमता अधिक होती है। लगभग 5 दिन ओवुलेशन से पहले और उस दिन जिस दिन ओवुलेशन होता है। आप ओवुलेशन के भी एक या 2 दिन बाद गर्भवती हो सकती हैं लेकिन ऐसा होने की कम संभावना होती है।

प्रभावशीलता (Effectiveness): प्रजनन जागरूकता विधियां (Fertility awareness methods - FAMs) 76% प्रभावी हैं अर्थात FAM का उपयोग करने वाले 100 में से 24 महिलाएं प्रत्येक वर्ष गर्भधारण करती हैं।

प्रभाव की अवधि (Duration of effect): आपके सुरक्षित दिन शुरु होते हैं - आपके तापमान में वृद्धि होने के बाद जो कम से कम 3 दिनों तक या जब आपका तापमान अगली माहवारी के शुरू होने से पहले कम हो जाता है। आपके सुरक्षित दिनों के दौरान, आप असुरक्षित सेक्स कर सकते हैं। और अपने असुरक्षित (प्रजनन) दिनों में सेक्स से बचें या जन्म नियंत्रण की दूसरी विधि का उपयोग करें।

फायदे (Benefits): प्रजनन जागरूकता के तरीकों का लाभ यह है कि वे आम तौर पर मुफ्त या सस्ते होते हैं। उनका कोई दुष्प्रभाव नहीं होता और आपकी आपके ही शरीर और प्रजनन क्षमता को जानने में मदद करते हैं।

दुष्प्रभाव (Side Effects):

  1. प्रजनन जागरूकता विधियों के दुष्प्रभावों का कोई खतरा नहीं है।
  2. यह यौन संचारित रोगों से बचाव नहीं करता है।

जब आप विशेष रूप से स्तनपान कराने वाली महिला हैं तो आप दिन में हर 4 घंटे और रात में हर 6 घंटे में अपने बच्चे को केवल स्तन का दूध पिलाती होंगी। ऐसा करने से आपका शरीर स्वाभाविक रूप से अण्डों का निर्माण करना रोक देता है। और अगर आपमें अण्डों का निर्माण नहीं होगा तो आप गर्भवती नहीं हो सकतीं। 

(और पढ़ें - स्तनपान के फायदे बच्चों और माताओं के लिए)

कोई ओवुलेशन न होने का अर्थ है कि आपको माहवारी नहीं होगी। यही कारण है कि स्तनपान के रूप में जन्म नियंत्रण करना लैक्टैंशनल अमीनोरिआ विधि [Lactational amenorrhea method (LAM)] भी कहलाता है। 

(और पढ़ें - ओवुलेशन से जुड़े मिथक और तथ्य)

जन्म नियंत्रण के रूप में स्तनपान का उपयोग करने वाली 100 में से लगभग 2 महिलाएं हर 6 महीने में गर्भवती होती हैं। इसका उपयोग केवल बच्चे के जन्म के बाद किया जा सकता है।

(स्वस्थ गर्भावस्था के बाद अपने बच्चों का कूल नाम रखने के लिए पढ़ें - बच्चों के कूल नाम)

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