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हर्पीस सिम्प्लेक्स वायरस क्या है ?

हर्पीस, हर्पीस सिम्प्लेक्स वायरस के कारण होने वाला एक संक्रमण है। यह वायरस बाहरी जननांग, गुदा के क्षेत्र, श्लेष्म सतह और शरीर के अन्य भागों की त्वचा को प्रभावित करता है।

हर्पीस संक्रमित जगहों के साथ त्वचा के संपर्क से फैलता है, अक्सर यह योनि सेक्स, ओरल सेक्स, एनल सेक्स (गुदा मैथुन) और किस के दौरान फैलता है।

(और पढ़ें - सेक्स करने के नुकसान और sex kaise kare)

हरपीज से खुजली वाले दर्दनाक फफोले या घाव होते हैं जो कभी आते हैं व कभी चले जाते हैं। हर्पीस से ग्रस्त कई लोग घावों पर ध्यान नहीं देते हैं या उन्हें किसी और चीज़ का घाव मान लेते हैं, इसलिए उन्हें पता नहीं चलता कि वे संक्रमित हैं। आप हर्पीस को तब भी फैला सकते हैं, जब आपको कोई लक्षण अनुभव न हों।

हर्पीस एक दीर्घकालिक समस्या है। हालांकि, बहुत से लोगों में वायरस मौजूद होने के बाद भी लक्षण नहीं होते हैं। इसके लक्षणों में फफोले, अल्सर, पेशाब होने पर दर्द, मुंह के छाले और योनि स्राव शामिल हैं। 

हालांकि, हर्पीस का कोई इलाज नहीं है, इसके इलाज के लिए दवाएं और घरेलू उपचार का उपयोग किया जा सकता है।

  1. हर्पीस के प्रकार - Types of Herpes Simplex Virus in Hindi
  2. हर्पीस के लक्षण - Herpes Simplex Virus Symptoms in Hindi
  3. हर्पीस के कारण - Herpes Simplex Virus Causes in Hindi
  4. हर्पीस सिम्प्लेक्स वायरस से बचाव - Prevention of Herpes Simplex Virus in Hindi
  5. हर्पीज सिम्प्लेक्स वायरस का परीक्षण - Diagnosis of Herpes Simplex Virus in Hindi
  6. हर्पीस का इलाज - Herpes Simplex Virus Treatment in Hindi
  7. हर्पीस की जटिलताएं - Herpes Simplex Virus Complications in Hindi
  8. Ayurvedic medicine, treatment and remedies for Herpes
  9. हर्पीस की आयुर्वेदिक दवा और इलाज
  10. हर्पीस की दवा - Medicines for Herpes in Hindi
  11. हर्पीस की दवा - OTC Medicines for Herpes in Hindi
  12. हर्पीस के डॉक्टर

हर्पीस के प्रकार - Types of Herpes Simplex Virus in Hindi

हर्पीस के कितने प्रकार होते हैं ?

हर्पीज़ सिम्प्लेक्स वायरस (एचएसवी) संक्रमण को निम्नलिखित दो प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है -

  1. हर्पीज़ टाइप 1 (एचएसवी-1, या मौखिक हर्पीज)
    इसमें मुंह और होंठ के आसपास घाव बनाता है। कभी-कभी इन्हें "कोल्ड सोर" (Cold Sore) भी कहते हैं। हर्पीज़ टाइप 1 त्वचा पर मौखिक स्राव या घावों के माध्यम से फैलता है। यह टूथब्रश, खाने के बर्तन और किस या साझा करने वाली वस्तुओं के माध्यम से फैल सकता है।
     
  2. हर्पीज़ टाइप 2 (एचएसवी-2, या जनांग हर्पीज)
    एचएसवी -2 में, संक्रमित व्यक्ति के जननांगों या मलाशय के आसपास घाव हो सकता है। हालांकि एचएसवी -2 घाव अन्य स्थानों में भी हो सकता है, ये घाव आमतौर पर कमर के नीचे पाए जाते हैं। (और पढ़ें - जननांग दाद)

    सामान्य तौर पर, एचएसवी-2 से संक्रमित किसी व्यक्ति के साथ यौन संपर्क के दौरान आप एचएसवी-2 से संक्रमित हो सकते हैं।

हर्पीज़ सिम्प्लेक्स वायरस वाली गर्भवती महिलाओं को डॉक्टर से बात करनी चाहिए, क्योंकि यह बच्चों के जन्म के दौरान बच्चे में पारित हो जाते है।

(और पढ़ें - यौन संचारित रोग)

हर्पीस के लक्षण - Herpes Simplex Virus Symptoms in Hindi

हर्पीस सिम्प्लेक्स वायरस के लक्षण क्या होते हैं?

इस वायरस से जुड़े कुछ निम्नलिखित हैं -

आपको फ्लू के समान लक्षण भी हो सकते हैं। यह लक्षण निम्नलिखित हैं -

हर्पीस कभी-कभी आँखों में भी फैल सकता है, जिसे हर्पीज़ कैराटाइटिस कहा जाता है। इससे आंखों में दर्द, रिसाव और आंखों में किरकिराहट महसूस होने जैसे लक्षण हो सकते हैं।

यह समझना महत्वपूर्ण है कि किसी व्यक्ति को दिखाई देने वाले घाव या लक्षण न होने के बावजूद भी वह वायरस से संक्रमित हो सकता है और वे दूसरों को भी वायरस प्रसारित कर सकता है।

हर्पीस के कारण - Herpes Simplex Virus Causes in Hindi

हर्पीस क्यों होता है?

अगर वायरस एक संक्रमित व्यक्ति की त्वचा की सतह पर मौजूद होता है, तो यह आसानी से किसी अन्य व्यक्ति को नम त्वचा के माध्यम से पारित हो सकता है, जो मुंह, गुदा, और जननांगों के आसपास होती है। वायरस त्वचा के अन्य क्षेत्रों, जैसे आँखों के माध्यम से भी अन्य व्यक्तियों में फैल सकता है।

यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के छुए हुए सामन को छूने से नहीं फैलता है।

संक्रमण निम्नलिखित तरीकों से हो सकता है -

  1. बिना कंडोम के योनि या एनल सेक्स करना। (और पढ़ें - कंडोम का उपयोग कैसे करें)
  2. मुंह के छालों से ग्रस्त व्यक्ति के साथ मौखिक सेक्स करना।
  3. सेक्स खिलौने शेयर करना।
  4. संक्रमित व्यक्ति के साथ जननांग संपर्क में आना।

(और पढ़ें - महिला कंडोम की जानकारी)

वायरस के फैलने की संभावना तब ज़्यादा होती है जब फफोला उत्पन्न नहीं हुआ होता है, जब वह दिखने लगता है और जब तक वह पूरी तरह ठीक नहीं होता। वायरस तब भी किसी अन्य व्यक्ति को प्रसारित किया जा सकता है जब कोई दिखने वाला लक्षण नहीं होता है, हालांकि इसकी संभावना कम होती है।

यदि एक महिला को जन्म देने के दौरान जननांग दाद है, तो यह संभव है कि बच्चे को संक्रमण पारित हो जाए।

हर्पीस होने के खतरा किन चीज़ों से होता है?

कोई भी व्यक्ति हर्पीस सिम्प्लेक्स वायरस से संक्रमित हो सकता है, चाहे वह किसी भी उम्र का हो। आपका जोखिम संक्रमण के संपर्क पर आधारित होता है।

यौन संचारित हर्पीज़ के मामलों में, यह तब फैलता है जब लोग बिना कंडोम के सेक्स करते हैं। 

(और पढ़ें - सुरक्षित कैसे करें)

एचएसवी-2 के लिए अन्य जोखिम कारक निम्नलिखित हैं -

  • एक से ज़्यादा लोगों के साथ यौन सम्बन्ध बनाना।
  • छोटी उम्र में सेक्स करना।
  • महिलाओं को हर्पीस होने का खतरा ज्यादा होता है।
  • एक अन्य यौन संचारित संक्रमण होना।
  • प्रतिरक्षण प्रणाली का कमज़ोर होना। (और पढ़ें - रोग प्रतिरोधक क्षमता)

यदि एक गर्भवती महिला को जन्म देते समय जननांग दाद है, तो यह बच्चे को एचएसवी के दोनों प्रकार के लिए अधिक संवेदनशील बनाता है और उसे गंभीर जटिलताओं के खतरे में भी डाल देता है।

हर्पीस सिम्प्लेक्स वायरस से बचाव - Prevention of Herpes Simplex Virus in Hindi

हर्पीस सिम्पलेक्स वायरस होने से कैसे बच सकते हैं?

हर्पीस सिम्पलेक्स वायरस के जोखिम को कम करने के लिए -

  • सेक्स करते समय कंडोम का उपयोग करें।
  • लक्षण मौजूद होने पर सेक्स न करें (जननांग, गुदा या त्वचा से त्वचा)।
  • मुंह में छाला होने पर किस न करें।
  • बहुत अधिक यौन साथी न बनाएं।

कुछ लोगों को ऐसा लगता है कि तनाव, थकान, बीमारी या धूप में रहने से लक्षणों की पुनरावृत्ति हो सकती है। इन कारकों को पहचानने और उनसे बचने से पुनरावृत्तियों की संख्या को कम करने में मदद मिल सकती है।

(और पढ़ें - तनाव कम करने के उपाय)

हर्पीज सिम्प्लेक्स वायरस का परीक्षण - Diagnosis of Herpes Simplex Virus in Hindi

हर्पीस सिम्प्लेक्स वायरस का निदान कैसे होता है?

इस प्रकार के वायरस का आमतौर पर एक शारीरिक परीक्षण से पता चला है। आपके चिकित्सक घावों के लिए आपके शरीर की जांच करेंगे और लक्षणों के बारे में पूछेंगे।

आपके डॉक्टर एचएसवी परीक्षण भी कर सकते हैं। इसे एक दाद संस्कृति के रूप में जाना जाता है। यह निदान की पुष्टि करेगा अगर आपके जननांगों पर घाव हैं। इस परीक्षण के दौरान, आपके डॉक्टर एक फोहे की मदद से घाव के द्रव का एक नमूना लेंगे और फिर इसे परीक्षण के लिए प्रयोगशाला में भेज देंगे।

एचएसवी-1 और एचएसवी-2 के एंटीबॉडी की खोज करने वाले रक्त परीक्षण भी इन संक्रमणों का निदान करने में मदद कर सकते हैं। यह विशेष रूप से तब उपयोगी होता है जब कोई घाव मौजूद न हो।

(और पढ़ें - लैब टेस्ट)

हर्पीस का इलाज - Herpes Simplex Virus Treatment in Hindi

हर्पीस सिम्प्लेक्स वायरस का उपचार कैसे होता है ?

हर्पीस सिम्प्लेक्स वायरस के उपचार के निम्नलिखित विकल्प हैं -

1. घरेलू उपचार

  • दर्दनिवारक दवाएं लें, जैसे कि एसिटामिनोफेन या इबुप्रोफेन
  • हल्के नमकीन पानी में स्नान करने से लक्षणों को दूर करने में मदद मिलती है।
  • प्रभावित क्षेत्र में पेट्रोलियम जेली लगाएं।
  • प्रभावित क्षेत्र में तंग कपड़े न पहनें।
  • प्रभावित क्षेत्र को छूने के बाद, अच्छी तरह से हाथ धोएं।
  • जब तक लक्षण समाप्त न हों, तब तक सेक्स न करें।
  • यदि पेशाब करते समय दर्द हो रहा है, तो मूत्रमार्ग पर कोई क्रीम या लोशन लगाएं।
  • कुछ लोगों को बर्फ का उपयोग करने से मदद मिल सकती है। कभी भी बरफ को त्वचा पर सीधे न लगाएं, हमेशा उसे एक कपड़े या तौलिये में लपेट लें।

2. दवाएं
कोई दवा हर्पीज़ वायरस से छुटकारा नहीं दिला सकती है। डॉक्टर एक एंटीवायरल दवा लिख सकते हैं, जैसे एसाइक्लोविर, जो वायरस को गुणन करने से रोकती है। एंटीवायरल दवाएं फैले हुए दाद को ठीक करती हैं और लक्षणों की गंभीरता को कम करने में भी मदद करती है।
डॉक्टर आमतौर पर एंटीवायरल दवाएं पहली बार संक्रमित होने पर लिखते हैं। बाद में घाव आमतौर पर हल्के होते हैं, इलाज आवश्यक नहीं होता है।

हर्पीस की जटिलताएं - Herpes Simplex Virus Complications in Hindi

हर्पीस सिम्पलेक्स वायरस की जटिलताएं क्या हैं ?

अगर एचएसवी जननांग क्षेत्र के अलावा शरीर के अन्य हिस्से में फैलता है, तो यह शरीर के उस हिस्से में भी बीमारी फैला सकता है। सामान्य तौर पर, इसकी जटिलताएं कम होती हैं। इसकी कुछ जटिलताएं निम्नलिखित हैं -

  • मेनिनजाइटिस
  • एनसेफेलिटिस (मस्तिष्क की सूजन)।
  • रीढ़ की हड्डी और आसपास की नसों की सूजन।
Dr. Jogya Bori

Dr. Jogya Bori

संक्रामक रोग

Dr. Lalit Shishara

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संक्रामक रोग

Dr. Amisha Mirchandani

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संक्रामक रोग

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हर्पीस की दवा - Medicines for Herpes in Hindi

हर्पीस के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
Acicet TabletAcicet 200 Mg Tablet Dt49.0
AciherpinAciherpin 200 Mg Tablet57.0
AcivexAcivex 200 Mg Tablet Dt78.0
AxovirAxovir 250 Mg Injection258.0
Lovir (Eli Lilly)Lovir 400 Mg Tablet124.0
NeoclovirNeoclovir 250 Mg Injection218.0
TriclovirTriclovir 400 Mg Tablet120.0
TrikaseTrikase 800 Mg Tablet233.0
VazovirVazovir 500 Mg Injection670.0
Vir InjectionVir 250 Mg Injection471.0
AcivAciv 400 Mg Tablet110.0
AcivirAcivir 200 Mg Tablet Dt66.0
AclovirAclovir 200 Mg Tablet55.0
AtcAtc 800 Mg Capsule38.0
CyclopizCyclopiz 200 Mg Tablet55.0
DocvirDocvir 400 Mg Tablet Dt51.0
GlenviraxGlenvirax 200 Mg Tablet18.0
HerperaxHerperax 200 Mg Tablet36.0
HerpesafeHerpesafe 400 Mg Tablet Dt66.0
HerpexHerpex 100 Mg Tablet81.0
HerpikindHerpikind 200 Mg Tablet72.0
HerzovirHerzovir 250 Mg Injection465.0
LovirLovir 200 Mg Tablet365.0
NorbitaNorbita 400 Mg Tablet12.0
OcuvirOcuvir 120 Mg Suspension128.0
OptiviralOptiviral 200 Mg Tablet51.0
PsyvirPsyvir 400 Mg Tablet137.0
RivolRivol 200 Mg Tablet60.0
ViraxVirax 800 Mg Tablet211.0
ZosterZoster 5%W/W Cream15.0
ZoviraxZovirax 200 Mg Tablet33.0
ZovistarZovistar 200 Mg Tablet56.0
ZoylexZoylex 500 Mg Injection670.0
Zoylex RdZoylex Rd 250 Mg Injection529.0
RhovirRhovir 800 Mg Tablet204.0
ZovirZovir 400 Mg Tablet129.0
ClovirClovir 5% Ointment37.63
OpthovirOpthovir 3% Ointment46.66
SetuvirSetuvir 5% Cream36.4
ToxinexToxinex 3% Eye Ointment65.0
ViraVira Eye Ointment38.25
VirinoxVirinox 3% W/W Eye Ointment43.5
VirucidVirucid 3% Eye Ointment49.95
YavirYavir 3% Eye Ointment38.0
AcyclovirAcyclovir 5% W/W Eye Ointment67.17
ClovidermCloviderm 5% Ointment18.75
EyevirEyevir 3% Eye Ointment45.0
Primacort PlusPrimacort Plus 5% Cream66.67

हर्पीस की दवा - OTC medicines for Herpes in Hindi

हर्पीस के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

OTC Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
Baidyanath Rasmanikya RasBaidyanath Rasmanikya Ras194.0
Baidyanath Sphatika BhasmaBaidyanath Sphatika Bhasma Combo Pack Of 3129.0

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