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एचपीवी संक्रमण क्या है?

एचपीवी यानि ह्यूमन पेपिलोमा वायरस एक सबसे सामान्य यौन संचारित संक्रमण है, जो सबसे ज्यादा यौन सक्रिय पुरूष और महिलाओं को उनके जीवनकाल में किसी भी समय उनके संपर्क में आ जाता है।

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जब किसी व्यक्ति में एचपीवी संक्रमण शुरू होता है, तो उसके कारण उस व्यक्ति के हाथ, पैर और जननांगों पर मस्से बनने लगते हैं। कुछ प्रकार के तनाव जो व्यक्ति के लिए कुछ प्रकार के कैंसर के उच्च जोखिम विकसित कर देते हैं।

एचपीवी एक ऐसा वायरस होता है जो यौन संभोग के माध्यम से त्वचा से दूसरे व्यक्ति के त्वचा में फैल सकता है या इसके अन्य रूप जननागों के संपर्क में त्वचा से त्वचा में फैल सकते हैं। बच्चे को जन्म लेने के दौरान शिशु में भी एचपीवी वायरस फैल सकता है, जो शिशु में उसकी मां के श्वसन या जननागों में संक्रमण से फैलता है।

एचपीवी यौन सक्रिय किसी भी व्यक्ति को संक्रमित कर सकता है, कई बार इस से संक्रमित व्यक्ति में कोई संकेत या लक्षण भी नहीं दिखाते हैं।

हालांकि, ज्यादातर एचपीवी के संक्रमण अपने आप ठीक हो जाते हैं, कई बार ये निष्क्रिय रह सकते हैं और नए यौन साथी को संक्रमित कर सकते हैं।

  1. एचपीवी के प्रकार - Types of HPV in Hindi
  2. एचपीवी के लक्षण - HPV Symptoms in Hindi
  3. एचपीवी के कारण और जोखिम कारक - HPV Causes & Risk Factors in Hindi
  4. बचाव के लिए एचपीवी टीका या इंजेक्शन - HPV Vaccine and Prevention in Hindi
  5. एचपीवी का परीक्षण - Diagnosis of HPV in Hindi
  6. एचपीवी का इलाज - HPV Treatment in Hindi
  7. एचपीवी के जोखिम और जटिलताएं - HPV Risks & Complications in Hindi
  8. एचपीवी टीकाकरण
  9. एचपीवी के डॉक्टर

एचपीवी के प्रकार - Types of HPV in Hindi

एचपीवी के कितने प्रकार होते हैं?

एचपीवी 150 से ज्यादा संबंधित वायरसों का एक समूह है, इस ग्रुप के वायरसों में हर किसी वायरस को एक नंबर दिया जाता है, वही उसका नाम और प्रकार होता है। एचपीवी को मस्सा के लिए नामांकित किया जाता है, जो एचपीवी के कुछ प्रकार के वायरस के कारण हो सकता है। कुछ प्रकार के एचपीवी वायरस कैंसर को भी पैदा कर सकते हैं। एचपीवी संक्रमण के कारण पुरूषों व महिलाओं को मुंह में कैंसर, गला में कैंसर और गुदा या मलाशय में कैंसर विकसित हो सकता है। पुरूषों को पेनिल (शिश्न) में भी कैंसर हो सकता है। महिलाओं में एचपीवी संक्रमण के कारण उनको सर्वाइकल या योनि या वल्वर एचपीवी (Vulvar HPV) कैंसर हो सकता है। लेकिन कुछ प्रकार के टीके हैं, जो एचपीवी से होने वाले संक्रमणों पर रोकथाम करते हैं (मुख्य रूप से कैंसर का कारण बनने वाले एचपीवी संक्रमण से)।

(और पढ़ें - कैंसर का इलाज)

एचपीवी के लक्षण - HPV Symptoms in Hindi

एचपीवी के लक्षण व संकेत क्या होते हैं?

ज्यादातर मामलों में, शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली एचपीवी संक्रमण को खत्म कर देती है, इससे पहले कि कोई मस्सा बनता है। जब मस्सा दिखाई देता है, मस्से का आकार और दिखावट भिन्न प्रकार के होते हैं, जो एचपीवी के प्रकार पर निर्भर करते हैं। इसके प्रकार में निम्नलिखित शामिल हैं,

  • जननांग मस्सा (Genital Warts) – यह बहुत ही कम बेचैनी या दर्द का कारण बन पाता है, हालांकि इसमें खुजली की समस्या हो सकती है। (और पढ़ें - जननांग मस्से का कारण)
  • सामान्य मस्सा (Common Warts) – यह खुरदरा और त्वचा की स्तह से उपर उठा हुआ मस्सा होता है, जो आम तौर पर हाथों, उंगलियों और कोहनी पर होता है। ज्यादातर मामलो में, मस्सा आम तौर पर अपनी दिखावट के कारण ही समस्या बनता है।
  • तलवे का मस्सा (Plantar Warts) – यह कठोर, रुखा और दानेदार होता है, जो पैर के तलवे के उस हिस्सों पर होता है, जहां शरीर का सबसे ज्यादा भार होता है। इस मस्से के कारण बेचैनी और दर्द हो सकता है।
  • स्पाट मस्सा (Flat Warts) – यह सामान्य त्वचा से उपर की उभरा एक मस्सा होता है, आपके नियमित त्वचा के रंग की तुलना में थोड़ा सा उपर उठा हुआ एक गहरा घाव होता है। आम तौर पर यह चेहरे, गर्दन या उन क्षेत्रों पर दिखाई देते हैं जिन्हें खरोंच लगी हो।

सर्वाइकल कैंसर:

सर्वाइकल कैंसर के ज्यादातर मामले जननांग एचपीवी की दो विशिष्ट किस्मों के कारण होते हैं। एचपीवी की ये दो किस्में मस्से पैदा नहीं करती, इसलिए महिलाओं को अक्सर यह महसूस नहीं होता कि वे संक्रमित हो गई हैं। सर्वाइकल कैंसर के शुरूआती चरणों में आम तौर पर कोई लक्षण या संकेत नहीं होते हैं।

इसलिए महिलाओं को नियमित रूप से पेप टेस्ट करवाना जरूरी होता है। यह सर्विक्स (Cervix) में कैंसर से पहले होने वाले बदलाव जो कैंसर का रूप ले लेते हैं, उनका पता लगता है। वर्तमान दिशा निर्देशों के अनुसार 21 से 65 उम्र की महिलाओं को तीन साल में कम से कम एक बार पेप टेस्ट करवा लेना चाहिए। 65 साल की उम्र के बाद महिलाएं पेप टेस्ट करवाना बंद कर सकती हैं, यदि उन्होनें लगातार 3 टेस्ट करवा लिए हैं या दो एचपीवी डीएनए टेस्ट करवा लिए हैं, जिनमें कोई असामान्य रिजल्ट नहीं आया हो।

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

अगर आपको या आपके बच्चे को किसी प्रकार का मस्सा है, जिसके कारण शर्मिंदगी, बेचैनी या दर्द महसूस हो रहा है, तो ऐसे में अपने डॉकटर से बात करनी चाहिए।

(और पढ़ें - मस्से हटाने के घरेलू उपाय)

एचपीवी के कारण और जोखिम कारक - HPV Causes & Risk Factors in Hindi

एचपीवी क्यों होता है?

एचपीवी संक्रमण तब होता है जब एचपी वायरस आपके शरीर में किसी कट या खरोंच के माध्यम से अंदर चला जाता है। एचपीवीवायरस मुख्य रूप से त्वचा से त्वचा के संपर्क से संचारित होता है। जननांग एचपीवी संक्रमण यौन संभोग, सेक्स व अन्य त्वचा से त्वचा के संपर्क के माध्यम से ग्रहण किया जा सकता है। कुछ प्रकार के एचपीवी संक्रमण जो मुंह के आसपास या ऊपरी श्वसन में घाव पैदा करता है, वह ओरल सेक्स के कारण होता है।

(और पढ़ें - sex karne ke tarike)

एचपीवी से संक्रमित गर्भवती महिला शिशु को जन्म देते समय उसमें वायरस संचारित कर सकती है। इस तरह से वायरस के संपर्क में आए शिशु के श्वसन तंत्र या जननांगों में संक्रमण हो सकता है।

(और पढ़ें - योनि में संक्रमण)

एचपीवी के जोखिम कारक क्या हैं?

एचपीवी के संक्रमण सामान्य होते हैं, जिनके जोखिम कारकों में शामिल हैं -

  • एक से अधिक यौन साथी – यौन साथियों की संख्या जितनी अधिक होगी, एचपीवी वायरस के संपर्क में आने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है। एक से अधिक यौन साथियों के साथ संबंध बनाने वाले व्यक्ति के साथ संबंध बनाना, एचपीवी सक्रमण के जोखिम को बढ़ा देता है।
  • उम्र – सामान्य मस्से अक्सर बच्चों में ही निकलते हैं, जबकि तलवे के मस्से ज्यादा व्ययस्कों में निकलते हैं। किशोरों और बच्चों में इसके शुरू होने की सबसे ज्यादा संभावना होती है। जननांग मस्से किशोरों और बच्चो में अक्सर ज्यादा होते हैं।
  • कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली – जिन लोगों की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है, उनके लिए एचपीवी संक्रमण के जोखिम काफी ज्यादा होते हैं। (और पढ़ें - रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के उपाय)
  • क्षतिग्रस्त त्वचा – जिन लोगों की त्वचा के किसी हिस्से पर छेद बना हो या चोट आदि लगी हो, तो वे सामान्य मस्से के लिए अधिक प्रवृत्त होते हैं।
  • व्यक्तिगत संपर्क – किसी दूसरे व्यक्ति के मस्से को छूने से या एचपीवी वायरस के संपर्क में आई वस्तुओं को छूना, जैसे सार्वजनिक बाथरूम या स्विमिंग पूल आदि से एचपीवी संक्रमण के जोखिम बढ़ सकते हैं।

(और पढ़ें - स्विमिंग के दौरान सावधानी)

बचाव के लिए एचपीवी टीका या इंजेक्शन - HPV Vaccine and Prevention in Hindi

एचपीवी टीका (HPV Vaccination) -

वर्तमान में 2 टीके हैं जो एचपीवी 16 और 18 दोनों के खिलाफ बचाव करते हैं, जो सर्वाइकल कैंसर के मामले में 70 प्रतिशत का कारण बनते हैं। टीके में सर्वाइकल कैंसर का कारण बनने वाले अन्य कम सामान्य एचपीवी प्रकारों के लिए भी कुछ क्रॉस-प्रोटेक्शन भी हो सकते हैं। इन टीकों में से एक टीका एचपीवी 6 और 11 के खिलाफ बचाव रखता है, ये एचपीवी एनोजेनिटल मस्से (Anogenital Warts) विकसित करते हैं।

(और पढ़ें - योनि के कैंसर के लक्षण)

नैदानिक परीक्षण के अनुसार, पाया गया कि एचपीवी 16 और 18 के संक्रमण को रोकने में दोनों टीके प्रभावी और सुरक्षित हैं।

अगर एचपीवी के संपर्क से पहले इन्हें लगा दिया जाए, तो ये दोनों टीके सबसे बेहतर तरीके से काम करते हैं। इसलिए, किसी भी यौन गतिविधि से पहले इन टीकों का इस्तेमाल कर लेना बेहतर हो सकता है।

ये टीके एचपीवी संक्रमण या उनसे जुड़े रोगों (जैसे कैंसर) का इलाज नहीं करते, ये सिर्फ बचाव कर सकते हैं।

कुछ देशों ने लड़कों में टीकाकरण करना शुरू किया है। टीकाकरण पुरुषों के साथ ही साथ महिलाओं में भी जननांग कैंसर को रोकता है। उपलब्ध दोनों टीकों में से एक टीका पुरूषों और महिलाओं में जननांग मस्सा बनने से भी रोकता है। डब्ल्यूएचओ (WHO) ने 9 से13 वर्ष की आयु की लड़कियों के लिए टीकाकरण का अनुग्रह किया है, जो कि सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ सबसे प्रभावी लागत वाला सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय है।

एचपीवी टीकाकरण सर्वाइकल कैंसर की जांच नहीं करता है। जिन देशों में एचपीवी टीकाकरण को शुरू किया जा चुका है, जांच के प्रोग्राम वहां पर अभी भी चलाए जा रहे हैं, ताकि सावधानी बरती जा सके।

मस्से कि रोकथाम:

सामान्य मस्से पैदा करने वाले एचपीवी संक्रमण की रोकथाम करना कठिन होता है। अगर आपको सामान्य मस्से हो गए हैं तो आप उन्हें छूने या खरोंचने से बचाव करके, संक्रमण फैलने और नए मस्से विकसित होने से रोकथाम कर सकते हैं।

(और पढ़ें - मस्सो के घरेलू उपाय)

एचपीवी का परीक्षण - Diagnosis of HPV in Hindi

एचपीवी का परीक्षण कैसे किया जाता है?

किसी भी मस्सा या घाव के दृष्टिक निरीक्षण के बाद आपके डॉक्टर एचपीवी संक्रमण का निदान करने में सक्षम हो सकते हैं।

अगर जननांग दाद दिखाई नहीं दे रहे हैं, तो आपको निम्न में से एक या एक से अधिक टेस्ट करवाने की आवश्यकता हो सकती है।

  • विनेगर सोलूशन टेस्ट – एचपीवी से संक्रमित जगह पर विनेगर सोलूशन लगाने से संक्रमित हिस्से सफेद हो जाते हैं, इससे मुश्किल दिखाई देने वाले घावों की पहचान करने में मदद मिल सकती है।
  • पेप टेस्ट – इस टेस्ट में डॉक्टर महिलाओं के सर्विक्स या गुप्तांग से कुछ सैंपल निकाल लेते हैं, और उसे विश्लेषण के लिए लेबोरेटरी टेस्ट में भेज देते हैं। पेप टेस्ट की मदद से उन असामान्यताओं का पता लगाया जा सकता है, जिससे कैंसर पैदा हो सकता है।
  • डीएनए टेस्ट – यह टेस्ट उन एचपीवी की किस्मों की पहचान करता है, जो जननांग कैंसर के उच्च जोखिम को पैदा करती हैं। यह टेस्ट सर्विक्स से ली गई कोशिकाओं के एक नमूने पर किया जाता है। पेप टेस्ट के अलावा यह भी 30 साल या उससे ऊपर की उम्र की महिलाओं के लिए अनुशंसित (सलाह) किया जाता है।

एचपीवी का इलाज - HPV Treatment in Hindi

एचपीवी का उपचार कैसे किया जाता है?

एचपीवी वायरस के लिए कोई भी इलाज नहीं है। हालंकि एचपीवी से होने वाली अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का इलाज किया जा सकता है। जैसे,

  • जननांग मस्सा – इसका इलाज आपके डॉक्टर या उनके द्वारा लिखी गई दवाइयों से किया जा सकता है। अगर मस्से को अनुपचारित छोड़ दिया जाए तो यह आकार में वृद्धि कर सकता है, संख्या में वृद्धि कर सकता है, ठीक हो सकता है या  वैसा का वैसा भी रह सकता है।
  • सर्वाइकल कैंसर से पहले के संकेत – महिलाएं जो नियमित रूप से पेप टेस्ट करवाती हैं, या उन सभी चीजों का अनुसरण करती है कैंसर से पहले होने वाली समस्या और संकेतों को दर्शाती हैं। उनमें इसका कैंसर से पहले इलाज किया जा सकता है।
  • अन्य एचपीवी संबंधी कैंसर – यह सभी कैंसर भी अधिक इलाज के योग्य होते हैं, जब इनका परीक्षण जल्दी किया गया हो।

(और पढ़ें - यौन संचारित रोग का इलाज)

एचपीवी के जोखिम और जटिलताएं - HPV Risks & Complications in Hindi

एचपीवी के कारण क्या जटिलताएं हो सकती हैं?

  • मुंह और ऊपरी श्वसन तंत्र में घाव – कुछ एचपीवी संक्रमणों के कारण जीभ, टॉन्सिल, कोमल तालू या गला और नाक के भीतर घाव हो सकते हैं। (और पढ़ें - टॉन्सिल के घरेलू उपचार)
  • कैंसर - सर्वाइकल कैंसर के ज्यादातर मामले एचपीवी की दो विशिष्ट किस्मों के कारण होते हैं। ये दोनों प्रकार के वायरस जननांगों, गुदा, मुंह और ऊपरी श्वसन तंत्र के कैंसर पैदा कर सकते हैं।
Dr. Jogya Bori

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Dr. Amisha Mirchandani

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