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सेरुलोप्लास्मिन टेस्ट क्या है?

यह टेस्ट रक्त में सेरुलोप्लास्मिन नामक प्रोटीन के स्तर की जांच करता है। सेरुलोप्लास्मिन लिवर में बनता है और यह शरीर के विभिन्न भागों में कॉपर ले जाने का काम करता है। तांबा एक महत्वपूर्ण धातु है जिसकी हमारे शरीर को विभिन्न कार्यों के लिए जरूरत पड़ती है जैसे कनेक्टिव टिशू बनाने में, आयरन के मेटाबॉलिज्म में, कोशिकाओं के स्तर पर ऊर्जा के उत्पादन में और मेलानिन बनाने में।

एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में लिवर का काम कॉपर को सेरुलोप्लास्मिन से बांधना होता है, जो कि तांबे को उन ऊतकों तक ले जाता है जहां इसकी जरूरत होती है। हालांकि विल्सन रोग नामक स्थिति में भी कॉपर-सेरुलोप्लास्मिन बॉन्डिंग नहीं होती है। इससे लिवर में तांबे का जमाव बढ़ जाता है जो कि बाद में रक्त के जरिए मस्तिष्क, हड्डियों और किडनी तक चला जाता है और वहां जमने लगता है। यदि इलाज न किया जाए तो विल्सन रोग घातक हो सकता है।

चूंकि, शरीर में अत्यधिक कॉपर सेरुलोप्लास्मिन से बंधा होता है तो इस टेस्ट की सलाह तांबे के मेटाबॉलिज्म और संचरण से जुड़े विकारों की जांच करने के लिए दी जाती है।

  1. सेरुलोप्लास्मिन टेस्ट क्यों किया जाता है - Ceruloplasmin Test Kyu Kiya Jata Hai
  2. सेरुलोप्लास्मिन टेस्ट से पहले - Ceruloplasmin Test Se Pahle
  3. सेरुलोप्लास्मिन टेस्ट के दौरान - Ceruloplasmin Test Ke Dauran
  4. सेरुलोप्लास्मिन टेस्ट के परिणाम का क्या मतलब है - Ceruloplasmin Test Ke Parinam Ka Kya Matlab Hai

सेरुलोप्लास्मिन टेस्ट किसलिए किया जाता है?

यदि डॉक्टर को विल्सन रोग होने का संदेह होता है तो वे सेरुलोप्लास्मिन टेस्ट की सलाह दे सकते हैं। विल्सन रोग एक अनुवांशिक रोग है जिसमें मस्तिष्क, लिवर व अन्य अंगों में तांबे की अत्यधिक मात्रा संचित हो जाती है। विल्सन रोग के लक्षण और संकेत निम्न हैं :

इसके अलावा इस टेस्ट की सलाह निम्न स्थितियों में दी जाती है :

  • जिन लोगों में कॉपर की कमी होने का संदेह होता है
  • जिन लोगों में कॉपर के स्तर अधिक या कम होते हैं 
  • यह पता लगाने के लिए कि इलाज कितना फायदेमंद है 
  • मेंक्स किंकी हेयर सिंड्रोम (एक दुर्लभ अनुवांशिक विकार) की जांच करने के लिए
  • उन लोगों में जिनमें कॉपर के संचरण या मेटाबोलिज्म से जुड़े विकार होने का संदेह होता है।

सेरुलोप्लास्मिन टेस्ट की तैयारी कैसे करें?

इस टेस्ट के लिए किसी विशेष तैयारी की जरूरत नहीं होती है। हालांकि, अगर आप कोई भी दवा ले रहे हैं या किसी भी स्वास्थ्य स्थिति से ग्रस्त हैं तो इसके बारे में डॉक्टर को बताएं।

सेरुलोप्लास्मिन टेस्ट कैसे किया जाता है?

यह एक सामान्य ब्लड टेस्ट है। डॉक्टर आपकी बांह की नस में सुई लगाकर थोड़ी सी मात्रा में रक्त के सैंपल ले लेंगे। सुई लगने से आपको हल्का सा दर्द हो सकता है। इस टेस्ट में कोई भी खतरा नहीं है।

यदि आपको सुई लगी जगह पर कोई भी संक्रमण या किसी भी तरह का नील दे तो इसके बारे में डॉक्टर को बताएं।

सेरुलोप्लास्मिन टेस्ट के परिणाम क्या बताते हैं?

सामान्य परिणाम

रक्त में सेरुलोप्लास्मिन की सामान्य संदर्भ रेंज 14-40 मिलीग्राम प्रति डेसीलिटर या 0.93-2.65 μmol/L  है। हालांकि विभिन्न लैब व टेस्ट के तरीकों के अनुसार स्टैंडर्ड वैल्यू अलग-अलग हो सकती है।

असामान्य परिणाम

सेरुलोप्लास्मिन के सामान्य से कम स्तर निम्न स्थितियों की तरफ संकेत कर सकते हैं :

सेरुलोप्लास्मिन के सामान्य से अधिक स्तर निम्न की ओर संकेत कर सकते हैं :

विल्सन रोग से ग्रस्त लोगों में कॉपर के स्तर आमतौर पर सामान्य से कम देखे गए हैं। सामान्यतः ये 10 mg/dL से कम देखे गए हैं। हालांकि जिन लोगों को एक्यूट लिवर फेलियर होता है उनमें इसके स्तर सामान्य से अधिक देखे गए हैं। दूसरी तरफ जिन लोगों को विल्सन रोग के साथ-साथ हेपेटाइटिस भी है उनमें सेरुलोप्लास्मिन के स्तर सामान्य होते हैं।

यदि विल्सन रोग होने का संदेह होता है तो यह टेस्ट यूरिन/ ब्लड कॉपर टेस्ट के साथ किया जा सकता है ताकि सटीक परिणामों का पता लगाया जा सके।

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References

  1. University of Rochester Medical Center [Internet]. Rochester (NY): University of Rochester Medical Center; Ceruloplasmin (Blood)
  2. ARUP Labs [Internet]. University of Utah. Wilson Disease
  3. National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases [internet]: US Department of Health and Human Services; Wilson's Disease
  4. MedlinePlus Medical Encyclopedia: US National Library of Medicine; Ceruloplasmin blood test
  5. National Heart, Lung, and Blood Institute [Internet]. Bethesda (MD): U.S. Department of Health and Human Services; Blood Tests
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