myUpchar प्लस+ के साथ पूरेे परिवार के हेल्थ खर्च पर भारी बचत

शरीर में अन्य विटामिन और खनिज की तरह एमिनो एसिड की भी आवश्यकता होती हैं। एमिनो एसिड प्रोटीन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता हैं, इसलिए मनुष्यों के लिए हर रोज एमिनो एसिड लेना आवश्यक है। यह शरीर में संरक्षित नहीं हो पाता है, इसलिए इसको आहार के माध्यम से हर रोज लिया जाना चाहिए।

एमिनो एसिड के दो मुख्य प्रकार होते हैं - आवश्यक और गैर-आवश्यक। आवश्यक एमिनो एसिड शरीर में नहीं बन पाते हैं, इसलिए इन्हे आहार के माध्यम से लेना ज़रूरी होता है। दूसरी तरफ गैर-आवश्यक एमिनो एसिड हमारे लिवर में बन जाते हैं, और खाद्य पदार्थों में भी पाए जाते हैं।

एमिनो एसिड के इसी महत्व के कारण आपको इसके बारे में विस्तार से बताया जा रहा है। इस लेख में आप आगे जानेंगे एमिनो एसिड के प्रकार और मात्रा, एमिनो एसिड के फायदे, एमिनो एसिड के साइड इफेक्ट और एमिनो एसिड के स्त्रोत के बारे में भी आगे बताया जा रहा है।

(और पढ़ें - प्रोटीन युक्त भारतीय आहार)

  1. एमिनो एसिड क्या है - Amino acid kya hai
  2. एमिनो एसिड के प्रकार - Types of amino acid in hindi
  3. एमिनो एसिड कितनी मात्रा में लेने चाहिए - Amino acid kitni maatra mein lele chahiye
  4. एमिनो एसिड के फायदे - Amino acid ke fayde
  5. एमिनो एसिड की अधिकता - Amino acid ki adhikta
  6. एमिनो एसिड के स्त्रोत - Amino acid ke srot

मानव शरीर का बीस प्रतिशत हिस्सा प्रोटीन से बना हुआ होता है। शरीर की कई प्रक्रियाओं में प्रोटीन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और एमिनो एसिड इसके निर्माण के लिए जरूरी होता है।

शरीर की कोशिकाओं, मांसपेशियों और ऊतकों का एक बड़ा हिस्सा एमिनो एसिड से बनता है। जिसका अर्थ है कि एमिनो एसिड कोशिकाओं के निर्माण में आवश्यक होता है, साथ ही एमिनो एसिड कई महत्वपूर्ण शारीरिक कार्यों को पूरा करता है। इतना ही नहीं एमिनो एसिड पोषक तत्वों के संरक्षण और उपयोग में भी अपनी अहम भूमिका निभाता है।

(और पढ़ें - मांसपेशियों में दर्द के घरेलू उपाय)

एमिनो एसिड शरीर के अंगों, ग्रंथियों और धमनियों के कार्य पर भी प्रभाव डालता है और चोट के घावों और ऊतकों को ठीक करने का काम करता है। एमिनो एसिड विशेष रूप से मांसपेशियों, हड्डियों, त्वचा और बालों के लिए भी आवश्यक होता है और साथ ही साथ चयापचय (मेटाबॉलिज्म) से संबंधित अपशिष्ट को शरीर से बाहर करने का कार्य करता है।

(और पढ़ें - हड्डी को मजबूत करने का तरीका

एमिनो एसिड दो प्रकार के होते हैं - आवश्यक और गैर आवश्यक। अपने आहार या दवाओं के माध्यम से इन दोनों ही प्रकार के एमिनो एसिड को लेना जरूरी होता है। यह शरीर के विभिन्न कार्यों के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। नीचे जानते हैं एमिनो एसिड के प्रकार के बारे में।

(और पढ़ें - संतुलित आहार के फायदे)

गैर-आवश्यक एमिनो एसिड के प्रकार

  • ग्लूटॉमिक एसिड
  • एलानिन
  • ग्लूटामाइन
  • आर्जिनिन
  • एस्पैराजिन
  • ग्लाइसिन
  • टायरोसिन
  • एस्पार्टिक एसिड
  • सिस्टीन
  • प्रोलाइन
  • सेरीन

आवश्यक एमिनो एसिड के प्रकार

  • ट्रायप्टोफैन
  • थीरियोनिन
  • मेथिओनिन
  • फेनिलएलनिन
  • हिस्टडीन
  • लाइसिन
  • इसॉलेउसीने
  • लियुसिन
  • वेलिन

लियुसिन, इसॉलेउसीने और वेलीन तीन तरह के ऐसे एमिनो एसिड हैं जो शरीर के लिए बेहद जरूरी होते हैं। इनको बीसीएए (BCAA) के नाम से जाना जाता है। इन तीनों का समूह मांसपेशियों के बढ़ने, चर्बी को कम करने और शरीर की कार्यक्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। 

(और पढ़ें - हाथ की चर्बी कम करने के उपाय)

एमिनो एसिड को लेने की मात्रा

हर व्यक्ति को एमिनो एसिड की एक निश्चित मात्रा लेने की आवश्यकता होती है। यह मात्रा व्यक्ति के वजन पर निर्भर करती है। इसको व्यक्ति के वजन के प्रति किलो के आधार पर नापा जाता है। इस मात्रा को निम्नतः सरल तरीके से समझाया गया है।

एमिनो एसिड 

वजन के प्रतिकिलोग्राम के लिए आवश्यक मात्रा (मिलीग्राम में)

70 किलो के व्यक्ति के लिए मात्रा
हिस्टडीन   10  700
इसॉलेउसीने 20  1400
लियुसिन 39 2730
लाइसिन  30  2100
मेथिओनिन + सिस्टीन 10.4 + 4.1= 15  1050
फेनिलएलनिन + टायरोसिन 25    1750
थीरियोनिन 15 1050
ट्रायप्टोफैन  4    280
वेलिन 26    1820

(और पढ़ें - वजन कम करने के उपाय)

एमिनो एसिड के अनेक फायदे हैं। एमिनो एसिड मुख्य रूप से थकान को कम करने, अत्याधिक वसा को दूर करने, दिमागी कार्यों को बढ़ाने, सूजन को कम करने, मांसपेशियों के बनने में तेजी लाने और शरीर में होने वाली अन्य क्षति को ठीक करने का काम करता है। आगे जानते हैं इनके अन्य फायदों के बारे में।

  1. सूजन कम करने में सहायक होता है –
    बीसीएए एमिनो एसिड (लियुसिन, इसॉलेउसीने और वेलीन) में सूजन को कम करने के गुण मौजूद होते हैं। यह मांसपेशियों और जोड़ों की सूजन को कम करने का काम करते हैं और गठिया, डायबिटीज व अन्य लिवर संबंधी समस्याओं में होने वाली सूजन से आपका बचाव करते हैं। (और पढ़ें - सूजन कम करने के घरेलू उपाय)
     
  2. वसा (फैट) को कम करने में मददगार होता है –
    रिसर्च से इस बात का पता चला है कि एमिनो एसिड वसा को कम करता है, यह मुख्य रूप से पेट में जमा हुई वसा को दूर करने में महत्वपूर्ण होता है। पेट में जमा हुई वसा शरीर के आंतरिक अंगों के कार्यों में बाधा उत्पन्न करती है, इस वसा से ही शरीर में सूजन व अन्य बीमारियां शुरू होने लगती हैं। (और पढ़ें - मोटापा कम करने के लिए क्या खाना चाहिए)
     
  3. मांसपेशियों में होने वाले नुकसान से बचाव करता है –
    जब आप शारीरिक कार्य अधिक करते हैं, तब मांसपेशियों में खिंचाव आता है और उनको नुकसान होता है। मांसपेशियों में होने वाला यह नुकसान कुछ समय के बाद आपने आप सही हो जाता है और इसको सही होने में एक निश्चित समय लगता है। एमिनो एसिड मांसपेशियों में होने वाले इस नुकसान को तेजी से ठीक करने का काम करता है। (और पढ़ें - मांसपेशियों में दर्द के घरेलू उपाय)
     
  4. मस्तिष्क कार्यों के लिए महत्वपूर्ण होता है -
    "ट्रायप्टोफैन" (tryptophan) नामक एमिनो एसिड शरीर में सेरोटोनिन हार्मोन के लिए आवश्यक माना जाता है। यह हार्मोन आपके मूड को अच्छा रखने के लिए ज़रूरी होता है। ट्रायप्टोफैन की सहायता से आपका मस्तिष्क बेहतर कार्य कर पाता है और आपको मानसिक शांति मिलती है। (और पढ़ें - याददाश्त बढ़ाने के घरेलू उपाय)
     
  5. थकान को दूर करने में सहायक होता है –
    दिन की शुरुआत में आप जैसे ही काम करना शुरु करते हैं, वैसे ही आपके शरीर में ऊर्जा का स्त्रोत कहे जाने वाला "ग्लाइकोजिन" (glycogen: एक तरह का ग्लूकोज) कम होना शुरु हो जाता है। इसके तेजी से कम होने से आप थकान महसूस करने लगते हैं, और इससे आपको नींद आने लगती है। हालांकि कुछ रिसर्च से पता चला है कि एमिनो एसिड युक्त आहार लेने से आप ग्लाइकोजिन के स्तर को बढ़ा सकते हैं। इसके साथ ही शरीर में एमिनो एसिड की पर्याप्त मात्रा होने से आपका शरीर ग्लाइकोजिन को धीमी गति से इस्तेमाल होता है। इससे अधिक शारीरिक कार्य करने पर भी आप थकान महसूस नहीं करते हैं। (और पढ़ें - थकान दूर करने के घरेलू उपाय)
     
  6. मांसपेशियों के बनने में अहम रोल अदा करता है –
    एमिनो एसिड को नियमित रूप से लेने वाले व्यक्तियों की मांसपेशियां में तेजी से बढ़ोतरी होती है। वर्कआउट करने के बाद एमिनो एसिड मांसपेशियों के बढ़ने के लिए प्रोटीन की जरूरत होती है, जिसके लिए एमिनो एसिड बहुत ही आवश्यक होते हैं। (और पढ़ें - बॉडी बनाने के तरीके)
     
  7. उपचार में सहायक होता है –
    शरीर के अधिकतर हिस्सों में प्रोटीन अहम भूमिका अदा करता है। यह बालों, मांसपेशियों, कोशिकाओं, ऊतकों और नाखूनों के बनने के लिए महत्वूर्ण होता है। प्रोटीन शरीर के किसी हिस्से में हुई क्षति को ठीक करने का काम करता है। यह चोट, बीमारी, सर्जरी और अधिक कसरत करने से होने वाले नुकसान की भरपाई करने में मदद करता है, और शरीर के वापिस ठीक होने की प्रक्रिया को तेज करता है। 

(और पढ़ें - पेट कम करने के लिए एक्सरसाइज)

एमिनो एसिड की अधिक मात्रा लेने से होने वाले हानिकारक प्रभाव इसकी मात्रा पर निर्भर करते हैं। हालांकि अधिकांश एमिनो एसिड हानिरहित होते हैं, लेकिन कुछ एमिनो एसिड (जैसे टायरोसिन) को अधिक मात्रा में लेने से कुछ दुर्लभ मामलों में बेचैनी, चिंता और दिल की धड़कने तेज होने के लक्षण सामने आएं हैं।

बीसीएए एमिनो एसिड को दवाओं के रूप ज्यादा ले लेने से दुष्प्रभाव कम होते हैं, क्योंकि यह आमतौर पर या तो अन्य एमिनो एसिड के परिवर्तित हो जाते हैं, ऊर्जा के रूप में उपयोग कर लिए जाते हैं, या वसा के रूप में शरीर के अंदर ही संग्रहित हो जाते हैं।

अगर आपको लिवर या गुर्दे से संबंधित कोई रोग है, तो इस स्थिति में आप अपने डॉक्टर से पूछे बिना एमिनो एसिड की अधिक मात्रा ना लें।

(और पढ़ें - लिवर रोग का इलाज)

एमिनो एसिड को आप मांसाहारी आहार व शाकाहारी आहार दोनों से ही प्राप्त कर सकते हैं। इसके कुछ स्त्रोतों के बारे में नीचे विस्तार से बताया जा रहा है।

एमिनो एसिड के शाकाहारी स्त्रोत

एमिनो एमिनो एसिड के मांसाहार स्त्रोत

और पढ़ें ...