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मोनो (मोनोन्यूक्लिओसिस) स्पॉट टेस्ट क्या है?

मोनोस्पॉट या मोनोन्यूक्लिओसिस स्पॉट टेस्ट का उपयोग मुख्य रूप से मोनोन्यूक्लिओसिस की जांच करने के लिए किया जाता है। मोनोन्यूक्लिओसिस अत्यधिक तेजी से फैलने वाला एक गंभीर संक्रमण है जो कि एपस्टीन-बार वायरस (ईबीवी) के कारण होता है।

यह वायरस संक्रमित व्यक्ति की लार में होता है और सीधे संपर्क से स्वस्थ व्यक्ति में फैलता है जैसे चुंबन से या एक ही बर्तन प्रयोग करने से। जब यह वायरस किसी स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में चला जाता है तो उसके बाद चार से छह हफ्तों के बीच इसके लक्षण दिखाई देने लगते हैं। इसके लक्षण आमतौर पर एक या दो महीनों के बीच ठीक हो जाते हैं, हालांकि कई मामलों में इसके लक्षण कुछ हफ्तों तक भी देखे जा सकते हैं।

संक्रमित व्यक्ति का शरीर इस संक्रमण से लड़ने के लिए हेट्रोफिल एंटीबॉडीज बनाने लगता है। मोनोस्पॉट टेस्ट की मदद से आपके ब्ल़ड सैंपल में इन एंटीबॉडीज का पता लगाने की कोशिश की जाती है।

(और पढ़ें - लैब टेस्ट क्या है)

  1. मोनो (मोनोन्यूक्लिओसिस) टेस्ट क्यों किया जाता है - Mono (Mononucleosis) Test Kyu Kiya Jata Hai
  2. मोनो (मोनोन्यूक्लिओसिस) टेस्ट से पहले - Mono (Mononucleosis) Test Se Pahle
  3. मोनो (मोनोन्यूक्लिओसिस) टेस्ट के दौरान - Mono (Mononucleosis) Test Ke Dauran
  4. मोनो (मोनोन्यूक्लिओसिस) टेस्ट के परिणाम का क्या मतलब है - Mono (Mononucleosis) Test Ke Parinam Ka Kya Matlab Hai

मोनो (मोनोन्यूक्लिओसिस) टेस्ट किसलिए किया जाता है?

यदि आपके शरीर में मोनोन्यूक्लिओसिस के लक्षण दिखाई देते हैं तो डॉक्टर इस टेस्ट को करने की सलाह दे सकते हैं। इसके कुछ मुख्य लक्षण निम्न हैं:

यह ध्यान रखना जरूरी है कि ज्यादातर लोगों में ऊपर बताए गए कई लक्षण एक साथ विकसित होते हैं, जबकि कुछ लोगों में लक्षण कम दिखाई देते हैं। कुछ मामलों में लक्षण बिल्कुल भी दिखाई नहीं देते हैं या फिर स्ट्रेप थ्रोट और फ्लू जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

मोनो (मोनोन्यूक्लिओसिस) टेस्ट की तैयारी कैसे करें?

आपको इस टेस्ट के लिए किसी भी तरह की विशेष तैयारी की जरूरत नहीं है। यदि आप किसी भी तरह की दवाएं या हेल्थ सप्लीमेंट ले रहे हैं तो इसके बारे में डॉक्टर को बताएं।

मोनो (मोनोन्यूक्लिओसिस) टेस्ट कैसे किया जाता है?

परिणामों के लिए डॉक्टर ब्लड सैंपल लेंगे। ब्लड सैंपल लेने की यह प्रक्रिया सामान्य है और इसमें अधिक समय नहीं लगता है। निम्न निर्देशों का पालन कर के ब्लड सैंपल लेने में कुछ ही मिनट का समय लगता है -

  • डॉक्टर आपकी बांह के ऊपरी हिस्से पर एक इलास्टिक बैंड या पट्टी बांधेंगे। जिससे रक्त का प्रवाह कम हो जाता है और नसें फूलने लगती हैं। जिससे डॉक्टर को नस ढूंढने में और सुई लगाने में आसानी होती है 
  • जिस जगह सुई लगाई जानी है उसे एंटीसेप्टिक या अल्कोहल युक्त दवाएं लगाकर साफ किया जाता है ताकि किसी भी तरह के संक्रमण से बचा जा सके। जगह को साफ कर के वहां सुई लगाई जाती है
  • ब्लड सैंपल को सुई से लगी एक ट्यूब में निकाल लिया जाता है और एक बार पर्याप्त सैंपल मिल जाने पर इलास्टिक बैंड और सुई निकाल ली जाती है

बहुत से लोगों को इस प्रक्रिया के दौरान बिल्कुल दर्द नहीं होता है। हालांकि, आपको सुई लगने से चुभन जैसी संवेदना हो सकती है। बैंड के बंधने से बांह में दबाव महसूस हो सकता है। आमतौर पर ब्लड टेस्ट से कम तकलीफ होती है। ब्लड टेस्ट से जुड़े कुछ जोखिम निम्न हैं -

  • चक्कर आना 
  • हल्का सा नील पड़ना या दर्द होना 
  • सुई लगी जगह पर दर्द या सूजन होना 

कुछ मामलों में ब्लड सैंपल फिंगर प्रिक द्वारा भी लिया जा सकता है। इस प्रक्रिया में ऊंगली के अगले सिरे पर हल्का सा चीरा लगाकर ब्लड सैंपल लिया जाता है। 

(और पढ़ें - ब्लड टेस्ट क्या है)

मोनो (मोनोन्यूक्लिओसिस) टेस्ट के परिणाम का क्या मतलब है?

सामान्य परिणाम:
हेट्रोफील एंटीबॉडीज की सामान्य वैल्यू शून्य मानी जाती है और लिम्फोसाइट्स के लिए यह वैल्यू 1000-4800 mcg/L है।

एंटीबॉडीज के लिए सामान्य परिणाम नेगेटिव लिखे जाते हैं जिसका मतलब है कि आपको मोनोन्यूक्लिओसिस नहीं है। कुछ लोगों में ऐसा हो सकता है कि वायरस ऐसे एंटीबॉडीज न बनाए जो कि मोनो टेस्ट में दिखाई देते हैं। कुछ मामलों में परिणाम सामान्य हो सकते हैं लेकिन इन्हें सटीक माना जा सकता है। यदि सामान्य परिणाम होने के बावजूद भी डॉक्टर को मोनोन्यूक्लिओसिस होने का संदेह होता है तो विशिष्ट एंटीबॉडीज की जांच के लिए अन्य टेस्ट किए जा सकते हैं।

असामान्य परिणाम:
रक्त में एंटीबॉडी के सामान्य से अधिक स्तर और लिम्फोसाइट्स का बढ़ा हुआ स्तर मोनोन्यूक्लिओसिस के संक्रमण की ओर संकेत करता है।

(और पढ़ें - ब्लड कल्चर टेस्ट क्या है)

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References

  1. University of Rochester Medical Center [Internet]. Rochester (NY): University of Rochester Medical Center; Mononucleosis (Blood)
  2. Teen Health: Nemours Children’s Health System [Internet]. Jacksonville (FL): The Nemours Foundation; c2017. Mononucleosis
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  4. Michigan Medicine: University of Michigan [internet]; Mononucleosis Tests
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  6. Jeffrey I. Cohen et al. Characterization and treatment of chronic active Epstein-Barr virus disease: a 28-year experience in the United States. Blood. 2011 Jun 2; 117(22): 5835–5849. PMID: 21454450.
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