आपने ऐसे कई लोगों के बारे में सुना होगा जो "प्लांट-बेस्ड डाइट" लेते हैं। यहां तक कि अब ऐसे नूट्रिशनिस्ट या पोषण विशेषज्ञ भी हैं जो स्वास्थ्य में सुधार के लिए आहार में अधिक प्लांट-बेस्ड खाद्य पदार्थ अपनाने की सलाह देते हैं। इसके पीछे मुख्य कारण यह है कि कार्बोहाइड्रेट, प्लांट प्रोटीन, फाइबर और यहां तक कि फाइटोन्यूट्रिएंट्स सहित आपके शरीर की ज़रूरत के सभी महत्वपूर्ण पोषक तत्व प्लांट-बेस्ड खाद्य पदार्थ में पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं।
फाइटोन्यूट्रिएंट्स पौधों द्वारा उत्पादित रसायन हैं जो उनके बढ़ने और स्वस्थ रहने के लिए आवश्यक होते हैं। प्रत्येक फाइटोन्यूट्रिएंट जिसके बारे में आज वैज्ञानिक जानते हैं, वह विभिन्न प्रकार के स्रोतों से आते हैं, उनके कई उपप्रकार हो सकते हैं और आपके शरीर के लिए उनके अलग-अलग फायदे और नुकसान हो सकते हैं। आगे इस सब के साथ-साथ फाइटोन्यूट्रिएंट्स के बारे में वह सब कुछ है जो आपको पता होना चाहिए।
(और पढ़ें - प्रोटीन की कमी से होने वाले रोग)
- फाइटोन्यूट्रिएंट्स क्या होते हैं और स्रोत - What are Phytonutrients and their sources in Hindi
- फाइटोन्यूट्रिएंट्स के प्रकार - Types of Phytonutrients in Hindi
- फाइटोन्यूट्रिएंट्स के फायदे - Benefits of phytonutrients
- फाइटोन्यूट्रिएंट्स के नुकसान - Side effects of Phytonutrients in Hindi
फाइटोन्यूट्रिएंट्स क्या होते हैं और स्रोत - What are Phytonutrients and their sources in Hindi
फाइटोन्यूट्रिएंट्स, जिन्हें फाइटोकेमिकल्स के नाम से भी जाना जाता है, पौधों द्वारा उत्पादित वह रसायन होते हैं जो उनके स्वस्थ रहने के लिए आवश्यक होते हैं। ये फाइटोकेमिकल्स पौधों को कीटों के हमलों और पराबैंगनी किरणों से बचाते हैं। वैज्ञानिकों ने पाया है कि प्रकृति में हजारों प्रकार के फाइटोन्यूट्रिएंट्स हैं और यह कि अब तक पहचाने गए फाइटोन्यूट्रिएंट्स इस रसायन-समूह का एक अंश मात्र हैं।
क्योंकि सभी फाइटोन्यूट्रिएंट्स प्लांट-बेस्ड खाद्य पदार्थों में पाए जाते हैं, उनका सेवन मनुष्यों द्वारा किया जा सकता है और हमें इनसे कई लाभ भी मिलते हैं। इन फाइटोन्यूट्रिएंट्स में रोग-प्रतिरोधक क्षमता होती है और सैकड़ों में एंटीऑक्सीडेंट गुण भी पाए गए हैं। सभी रंगीन फल, सब्जियां, फलियां, नट्स, चाय और साबुत अनाज फाइटोन्यूट्रिएंट्स में समृद्ध होते हैं।
(और पढ़ें - रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के उपाय)
फाइटोन्यूट्रिएंट्स के प्रकार - Types of Phytonutrients in Hindi
हजारों प्रकार के फाइटोन्यूट्रिएंट्स हैं पर वैज्ञानिकों द्वारा केवल कुछ की ही पहचान स्वास्थ्य-वर्धक रसायनों के रूप में की गयी है। निम्नलिखित कुछ फाइटोन्यूट्रीएंट के प्रकार हैं जिनके बारे में आपको पता होना चाहिए क्योंकि यह आपके स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हैं:
- एंथोसायनाइड
- कैरोटीनॉयड
- कैपसेसिन
- कर्क्यूमिन
- एलॉजिक एसिड
- फ्लेवनाइड
- ग्लूकोसाइनोलेट
- फाइटोएस्ट्रोजन
- रसवेराट्रोल
- टैनिन
(और पढ़ें - बीटा कैरोटीन के फायदे)
फाइटोन्यूट्रिएंट्स के फायदे - Benefits of phytonutrients
फाइटोन्यूट्रिएंट्स ज्यादातर प्लांट-बेस्ड खाद्य पदार्थों (विशेष रूप से फलों, सब्जियों और उनसे प्राप्त खाद्य पदार्थों) में आसानी से उपलब्ध हैं। कुछ फाइटोन्यूट्रिएंट्स के लिए पूरक आहार भी उपलब्ध हैं और आपकी व्यक्तिगत स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अनुसार आपके डॉक्टर द्वारा सुझाये जा सकते हैं। फाइटोन्यूट्रिएंट युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन के कुछ फायदे निम्नलिखित हैं:
- इम्युनिटी को बढ़ाते हैं
- शरीर को डिटॉक्स करते हैं (और पढ़ें - बॉडी को डिटॉक्स करने के तरीके)
- हार्मोन चयापचय में सहायता करते हैं (और पढ़ें - मेटाबॉलिज्म बढ़ाने के तरीके)
- नेत्र रोगों के जोखिम को कम करते हैं (और पढ़ें - आंखों की बीमारी का इलाज)
- आपकी त्वचा को बेहतर बनाते हैं
- कैंसर से बचने में मदद कर सकते हैं
(और पढ़ें - कैंसर से लड़ने वाले आहार)
यहां समान श्रेणी की दवाएं देखें
फाइटोन्यूट्रिएंट्स के नुकसान - Side effects of Phytonutrients in Hindi
फाइटोन्यूट्रिएंट्स को आमतौर पर स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है, खासकर वे जो फल, सब्जियों, दालों, साबुत अनाज और अन्य प्लांट-बेस्ड खाद्य पदार्थों में पाए जाते हैं। यही कारण है कि इन फाइटोन्यूट्रिएंट्स के पूरक आज बाज़ार में व्यापक रूप से मिलते हैं और डॉक्टर उन्हें आपकी आवश्यकता अनुसार आपको सुझाते हैं। फाइटोन्यूट्रिएंट्स के कई स्रोत ऐसे भी हैं जिनका उपयोग प्राकृतिक चिकित्सा और आयुर्वेद में भी किया जाता है।
हालांकि, अभी भी फाइटोन्यूट्रिएंट्स के बारे में बहुत कुछ है जिसे वैज्ञानिक समझने में असमर्थ हैं। इनके अधिक सेवन से होने वाले दीर्घकालिक प्रभाव, दुष्प्रभाव और विषाक्तता को अधिकांश फाइटोन्यूट्रिएंट्स के लिए अभी तक समझा नहीं गया है। कुछ फाइटोन्यूट्रिएंट्स के अत्यधिक सेवन पर अध्ययन से नुकसान होने के प्रमाण मिले हैं, जैसे कि फाइटोएस्ट्रोजन। चूंकि फाइटोन्यूट्रिएंट्स से संबंधित प्रभावों के बारे में अभी फ़ूड ऑथोरिटी द्वारा जानकारी जारी नहीं की गयी है, इसलिए फाइटोन्यूट्रिएंट्स को केवल खाद्य पदार्थों के माध्यम से और आपके डॉक्टर की सलाह पर ही खाया जाना सुरक्षित है।
(और पढ़ें - क्रैश डाइट क्या है)
शहर के नूट्रिशनिस्ट खोजें
फाइटोन्यूट्रिएंट्स के डॉक्टर
Dr. Dhanamjaya D
पोषणविद्
16 वर्षों का अनुभव
Dt. Surbhi Upadhyay
पोषणविद्
3 वर्षों का अनुभव
Dt. Manjari Purwar
पोषणविद्
11 वर्षों का अनुभव
Dt. Akanksha Mishra
पोषणविद्
8 वर्षों का अनुभव
संदर्भ
- The Oral Cancer Foundation [Internet]. Boise. Idaho. USA; Phytonutrients.
- Lee, Haeng-Shin. et al. Dietary intake of phytonutrients in relation to fruit and vegetable consumption in Korea. J Acad Nutr Diet . 2013 Sep;113(9). PMID: 23830325
- Isakov, Vasily A. et al. Effects of Multivitamin, Multimineral and Phytonutrient Supplementation on Nutrient Status and Biomarkers of Heart Health Risk in a Russian Population: A Randomized, Double Blind, Placebo Controlled Study. Nutrients. 2018 Feb; 10(2): 120. PMID: 29370120
- Sivakumar, Dharini. et al. A comprehensive review on beneficial dietary phytochemicals in common traditional Southern African leafy vegetables. Food Sci Nutr. 2018 Jun; 6(4): 714–727. PMID: 29983933
- Evans, Julie A. and Johnson, Elizabeth J. The Role of Phytonutrients in Skin Health. Nutrients. 2010 Aug; 2(8): 903–928. PMID: 22254062
- Gupta, Charu and Prakash, Dhan. Phytonutrients as therapeutic agents. J Complement Integr Med . 2014 Sep;11(3). PMID: 25051278
- American Institute for Cancer Research. [Internet]. Washington DC. USA. Difference Between Antioxidants and Phytochemicals?.




