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सदियों से आयुर्वेदिक और चीनी चिकिस्तकों द्वारा शरीर से विषैले पदार्थों को निकालने की विधियों का उपयोग किया जा रहा है। यह विधियां शरीर को अंदर से आराम, सफाई और पौष्टिक्ता देने में मदद करती हैं। विषाक्त पदार्थों को शरीर से निकालने और खत्म करने के लिए ज़रूरी है कि आप स्वस्थ आहार खाएं। विषाक्त पदार्थ निकलने से आपका शरीर बीमारियों से मुक्त रहेगा।

इनके अलावा आप अन्य तरीकों से भी से अपने शरीर को स्वस्थ बना सकते हैं, जैसे योग, मैडिटेशन आदि।  

(और पढ़ें - खून साफ करने के घरेलू उपाय)

तो आईये आज आपको बताते हैं कि कैसे अपने शरीर को डीटॉक्स यानी अंदर से साफ़ कैसे करें।

  1. डिटॉक्सिफिकेशन क्या है - What is detoxification in Hindi
  2. डिटॉक्सिफिकेशन की ज़रुरत के लक्षण - Signs you need to detox in Hindi
  3. डिटॉक्स कैसे शुरू करें? - How do you start a detox in Hindi?
  4. डिटॉक्स डाइट और टिप्स - Detox diet and tips in Hindi

डेटोक्सिफिकेशन का अर्थ होता है रक्त शुद्ध करना। यह लीवर में मौजूद रक्त को शुद्ध करता है और विषैले पदार्थों को निकालने में मदद करता है। शरीर भी गुर्दे, आंतों, फेफड़ों, लिम्फाटिक तंत्र (lymphatic system) और त्वचा के माध्यम से विषाक्त पदार्थों को निकालता है। हालाँकि जब ये सभी सिस्टम अच्छे से काम नहीं कर पाते तो विषाक्त पदार्थों का निकलना मुश्किल हो जाता है और फिर शरीर पर कई तरह के प्रभाव पड़ने लगते हैं।

कुछ विषहरण कार्यों से शरीर की प्राकृतिक तरीकों से सफाई की जा सकती है -

  1. उपवास के माध्यम से अंगों को आराम दें।
  2. लीवर को उत्तेजित करें जिससे शरीर कि विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद मिलें।
  3. विषाक्त पदार्थों को आंतों, गुर्दे और त्वचा के माध्यम से निकालने में बढ़ावा दें।
  4. रक्त के संचलन में सुधार करें और,
  5. स्वस्थ पोषक तत्वों के साथ शरीर को स्वस्थ रखें।

साल में एक बार व्यक्ति को शरीर से विषाक्त पदार्थों को ज़रूर निकालना चाहिए। हालाँकि कैंसर और ट्यूबरक्लोसिस के मरीज़ों , बच्चों और स्तनपान करा रही महिलाओं को डेटोक्सिफिकेशन नहीं करना चाहिए। डेटोक्सिफिकेशन आपके लिए सही है या नहीं इस बारे में अपने डॉक्टर से बात ज़रूर करें।

कुछ लक्षणों के लिए विषहरण (detoxification) करना ज़रूरी है जैसे -

सबसे पहले अपने जैविक और शारीरिक विष भार को हल्का करें  - यानी शराब, कॉफी, सिगरेट, रिफाइंड शुगर, संतृप्त वसा आदि पदार्थों का सेवन एकदम रोक दें। यह सभी आपके शरीर में विषाक्त पदार्थ को बढ़ाते हैं और किसी भी तरह की समस्या का इलाज करने में भी बाधा डालते हैं। साथ ही, रासायनिक घर के क्लीनर और स्वास्थ्य सम्बंधित उत्पादों (क्लीन्ज़र, शैंपू, डेओड्रेंट्स और टूथपेस्ट) का इस्तेमाल कम करें और प्राकृतिक उत्पादों का उपयोग ज़्यादा से ज़्यादा करने की कोशिश करें।

तनाव की स्थिति एक और अन्य समस्या है जो आपके अच्छे स्वास्थ के सामने आती है। इससे आपके शरीर में मौजूद स्ट्रेस हॉर्मोन सिस्टम में रिलीज होने के लिए सक्रीय हो जाते हैं। ये हॉर्मोन शरीर में "एड्रेनालाईन रश" बनाने लगते हैं जिससे बड़ी मात्रा में विषाक्त पदार्थ उत्पन्न होता है और लीवर में डेटोक्सिफिकेशन एंजाइम को कम कर देते हैं।

तनाव कम करने के लिए योग और मेडिटशन आसान और प्रभावी उपाय हैं। अगर आप योग अभ्यास करने के लिए नए हैं तो किसी जानकार के निर्देशों के अनुसार अपने योग की शुरुआत कर सकते हैं। (और पढ़ें - तनाव के घरेलू उपाय)

आपकी व्यक्तिगत जरूरतों के आधार पर, कई डीटॉक्स प्रोग्राम और आहार मौजूद हैं। कई प्रोग्राम सात दिन का वक़्त लेते हैं क्योंकि रक्त से विषाक्त पदार्थों को निकालने में समय लगता है। जैसे दो दिन तक तरल पदार्थों पर उपवास रखना, पांच दिन तक कुछ ऐसे हल्के आहार खाना जिससे आपकी पाचन क्रिया को पचाने में ज़्यादा मेहनत न करनी पड़े। विषाक्त पदार्थ निकालने के लिए तीन से सात दिन तक कुछ ताज़ा फल या सब्ज़ियों के पेय पदार्थों पर रहें। ये उपाय आपके शरीर से विषैले पदार्थ निकालने में बेहद प्रभावी हैं।

ये कुछ डिटॉक्स आहार हैं -

  1. सामन्य फल और सब्ज़ी पर आधारित डीटॉक्स डाइट।
  2. स्मूथी पर आधारित डीटॉक्स डाइट। 
  3. चीनी रहित डेटॉक्स डाइट।
  4. ताज़े जूस पर आधारित डीटॉक्स डाइट।

(और पढ़ें - खून को साफ करने वाले आहार

डीटॉक्स प्रोग्राम के बाद, आप इन आहार और जीवनशैली की मदद से भी शरीर के विषैले पदार्थ बाहर निकाल सकते हैं -

  1. फाइबर से भरपूर आहार खाएं। जैसे ब्राउन चावल और ओर्गेनिकली उगे ताज़ा फल या सब्ज़ियां। मूली, चुकंदर, पत्ता गोभी, ब्रोकली आदि बेहद प्रभावी विषहरण आहार हैं।
  2. लीवर को जड़ी बूटियों से साफ़ और सुरक्षित रखें जैसे सिंहपर्णी जड़, ग्रीन टी, दूध आदि पोषक तत्व लें। (और पढ़ें - लिवर को साफ और स्वस्थ रखने के लिए आहार)
  3. विटामिन सी आहार लें। इससे यह शरीर में ग्लूटाथियोन का उत्पादन करने में मदद करता है। इससे लीवर में मौजूद विषैले पदार्थ बाहर निकलते हैं।
  4. पूरे दिन में कम से कम दो लीटर पानी ज़रूर पियें। पानी पीने से शरीर की अशुद्धता निकलती है।
  5. सांस गहरी लें जिससे आपके शरीर के सभी सिस्टम में ऑक्सीजन अच्छी तरह से पहुंचे। (और पढ़ें - प्राणायाम)
  6. सकारात्मक भावनाओं की मदद से तनाव को कम करें।
  7. पांच मिनट के लिए बेहद गर्म स्नान करके हायड्रोथेरपी का अभ्यास करें। इसके बाद 30 सेकंड के लिए ठंडे पानी से नहाएं। इस प्रक्रिया को तीन बार करें और फिर आधे घंटे के लिए बेड पर लेट जाएँ।
  8. अगर आपकी किसी निकटतम जिम या क्लब में सौना बाथ (sauna bath) उपलब्ध हो तो, आप उसका उपयोग करें। इससे आपको पसीने के माध्यम से विषैले पदार्थ निकालने में मदद मिलेगी।
  9. डिटॉक्सीफाई करने का सबसे महत्वपूर्ण तरीका है व्यायाम। रोज़ाना एक घंटे योग या रस्सी कूदना विषाक्त पदार्थों को निकालने का बहुत ही बेहतरीन तरीका है। इसके अलावा खेल या अन्य स्वास्थ्य आधारित व्यायाम भी आप शामिल कर सकते हैं। (और पढ़ें - सिर्फ इन 12 एक्सरसाइज से आप रहेंगे फिट)

हर्बल सप्लीमेंट्स और प्राकृतिक उपचार लेने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर बात करें। अगर आपको कोई भी बीमारी है या किसी भी प्रकार की दवाई खाते हैं तो अपने डॉक्टर को इस बारे में ज़रूर बताएं। यहां दी गयी जानकारी एक शिक्षा के उद्देश्य से दी गयी हैं।

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