myUpchar प्लस+ के साथ पूरेे परिवार के हेल्थ खर्च पर भारी बचत

अक्सर मां बनना बड़ा ही सुखद एहसास होता है, लेकिन उसके बाद जब शरीर हैवी हो जाता है तब बड़ी परेशानी होती है। डिलिवरी के बाद एक माँ अपने स्वास्थ्य के प्रति इतना ध्यान नहीं देती है और उसका सारा ध्यान अपने बच्चे और परिवार की और चला जाता है। आप चाहें तो आसानी से इस समस्या से छुटकारा पा सकती हैं, इसके लिए किसी मुश्किल आहार या दवाई की जरूरत नहीं होती है। अपने पेट को अंदर करने और अपने फिगर को दोबारा शेप में लाने के लिए आपको बहुत मेहनत करनी होती है, इसके लिए आपकी मदद कर सकता है सही आहार में परिवर्तन और रेगुलर एक्‍सरसाइज करना। आइए जानें कुछ ऐसे उपाय जिनसे आप बच्चें के जन्म के बाद भी अपने वजन को कम कर सकती है।

(और पढ़ें - प्रेगनेंसी के बाद पेट कम करने का उपाय)

  1. प्रसव के बाद मोटापा कम करने के लिए करे वॉकिंग - Walking to Lose Weight after normal delivery in Hindi
  2. डिलीवरी के बाद वजन कम करें स्‍तनपान से - Breastfeeding to Lose Weight after Delivery in Hindi
  3. प्रसव के बाद वजन घटाने का उपाय है व्यायाम - Exercise after Delivery for weight loss in Hindi
  4. प्रेगनेंसी के बाद मोटापा कम करना है तो पिएं पानी - Pregnancy ke vajan kam karne ke Liye Water in Hindi
  5. गर्भावस्था के बाद वजन घटाने के लिए करे तनाव को कम - Reduce Stress to Lose Weight after Baby in Hindi
  6. डिलीवरी के बाद वजन कम करने का उपाय है स्वस्थ आहार - Healthy Diet to Lose Weight after Delivery in Hindi
  7. बच्चे के जन्म के बाद वजन घटाने के उपाय करें ओटमील से - Eating Oatmeal for Weight Loss after having a child in Hindi
  8. डिलीवरी के बाद मोटापा घटाने का उपाय है पर्याप्त नींद - Getting Enough Sleep for Weight Loss after Delivery in Hindi
  9. सिजेरियन प्रसव के बाद अतिरिक्त वजन कम करें बैली रैप से - Belly Wrap Weight Loss After Cesarean Delivery in Hindi
  10. डिलीवरी के बाद वजन कम कैसे करें के डॉक्टर

प्रसव के बाद जल्द ही भारी व्यायाम करने के लिए नई माताओं को मना किया जाता है। लेकिन अगर आप अपनी दिनचर्या में व्यायाम को शामिल करना चाहते हैं, तो सिर्फ वॉकिंग ही सही विकल्प है। वॉकिंग से गर्भावस्था के बाद वजन घटाने के साथ साथ हृदय स्वास्थ्य में सुधार, ऊर्जा स्तर को बढ़ाने और तनाव के साथ मुकाबला करने में मदद मिलती है।

(और पढ़ें - डिलीवरी के बाद के लिए योग)

मक्न में प्रकाशित एक अध्ययन 2008: मातृ / बाल नर्सिंग के अमेरिकन जर्नल में पाया गया कि नई माताओं के लिए वॉकिंग व्यायाम का एक अच्छा तरीका है।

अगर आप ने ऑफिस जाना शुरु कर दिया है तो अपनी कार या स्‍कूटी को पार्किंग वाली जगह से कुछ दूर खड़ा करें और पैदल चलना शुरु कर दें। इसके अलावा, लिफ्ट लेने की बजाए हमेशा सीढ़ियों का प्रयोग करें। इसके अलावा, अपने बच्‍चे को रोजाना 10 मिनट की वॉक पर ले कर जाएं और धीरे-धीरे अपनी वॉक को 10 मिनट से 20 मिनट की करें। इससे आपका बच्‍चा भी खुश रहेगा और आपकी भी वॉक हो जाएगी। 

(और पढ़ें – सैर करने के फायदे)

आप अपने बच्चे को जितना अधिक स्‍तनपान करवाएंगी, आपकी कैलोरी उतनी ही ज्‍यादा बर्न होगी। चर्बी के साथ गर्भावस्था के दौरान कई माताओं में लिपिड और ट्राइग्लिसराइड के स्तर में भी वृद्धि होती है। स्तनपान इन परिवर्तनों के पीछे एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इस प्रकार गर्भावस्था के बाद अपने चयापचय को रीसेट करने के लिए अपने बच्चे को स्तनपान कराएं।

(और पढ़ें – स्तनपान के फायदे और गर्भ ठहरने के उपाय)

कई डॉक्टरों का मानना है कि स्तनपान कराने से वजन कम होता है। स्तनपान कराने में शरीर को लगभग 300-500 कैलोरी खर्च करनी पड़ती है। ऐसे में आपकी अतिरिक्त चर्बी जल्दी और सुरक्षित तरीके से कम होती है।

क्लीनिकल न्यूट्रीशन के अमेरिकन जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन 2008 की रिपोर्ट है कि स्तनपान महिलाओं में प्रसव के बाद अतिरिक्त वजन को कम करने में मदद करता है जो अक्सर गर्भावस्था के दौरान बढ़ जाता है।

(और पढ़ें – मोटापा घटाने के लिए योगासन)

बच्चे के जन्म के बाद भारी व्यायाम बिल्कुल ना करें। वजन कम करने के लिए आसान योग और हल्के व्यायाम करना लाभदायक होता है। प्रसव के दो से तीन महीने के बाद, आपका शरीर कुछ कठिन अभ्यास करने के लिए तैयार होता है। वास्तव में, बच्चे के जन्म के बाद बढ़े वजन से छुटकारा पाने के लिए नियमित रूप से शारीरिक व्यायाम करना सबसे प्रभावी तरीका है।

(और पढ़ें - वजन घटाने के आसान तरीके)

मोटापे के इंटरनेशनल जर्नल में प्रकाशित एक 2013 के अध्ययन की रिपोर्ट है कि व्यायाम के साथ साथ एक अच्छा आहार प्रसवोत्तर के बाद महिलाओं में वजन घटाने के लिए सबसे प्रभावी तरीक़ो में से एक है।

(और पढ़ें - मोटापा कम करने के लिए व्यायाम)

आसान और बेसिक व्यायाम करना शुरू करें। इस तरह आपको थकान भी महसूस नहीं होगी। नई माताओं के लिए कुछ उपयुक्त बेसिक व्यायाम जैसे जॉगिंग, वॉकिंग, तैराकी, एरोबिक्स, बाइकिंग आदि होते हैं। मांसपेशियों की ताकत हासिल करने और अपने चयापचय में तेजी लाने के लिए आप हल्के वजन वाले व्यायाम का प्रशिक्षण भी कर सकते हैं।

(और पढ़ें - डिलीवरी के बाद एक्सरसाइज)

जब आप वजन कम करने की कोशिश कर रहें होते हैं, तब हर किसी को शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए पानी की पर्याप्त मात्रा लेनी चाहिए। पानी शरीर में गर्मी लाता है जो कि कैलोरी को जलाने और आपके चयापचय को बढ़ाने में मदद करती है। 2010 के एक अध्ययन अमेरिकन केमिकल सोसायटी द्वारा रिपोर्ट है की रोजाना 10 से 12 ग्‍लास पानी कम से कम पिएं।

(और पढ़ें - वजन कम करने के लिए कितना पानी पीना चाहिए)

हालांकि, अलग अलग लोगों के अलग अलग आकार, आनुवंशिक, मेकअप, कार्य गतिविधि और मौसम आदि के अनुसार पानी पीने की जरूरत होती है। यह ना सिर्फ आपको हाइड्रेट रखेगा बल्कि इसकी सहायता से पेट में जमी गंदगी भी दूर होती है। सुबह-शाम हल्के गर्म पानी में नींबू और शहद डालकर पीने से अतिरिक्त चर्बी खत्म होती है। 

(और पढ़ें – मटके का पानी पीने के फायदे)

मातृत्व बहुत जिम्मेदारियों को साथ लाता है और एक नवजात शिशु की देखभाल करना कोई मजाक की बात नहीं है। घबराना और चिंता करना नई माताओं के लिए एक आम बात है।

अच्छा खाना खाने के बावजूद भी तनाव आप पर विपरीत असर डालता है। चूंकि इस समय जीवनशैली में कई बदलाव होते हैं इसलिए थोड़ा तनाव आना लाज़मी है। इसलिए ज्यादा तनाव से स्ट्रेस हार्मोन स्त्रावित होता है जिससे मोटापा बढ़ता है। तनाव से आपके रक्त में कोर्टिसोल की मात्रा में वृद्धि होती है, यह एक हार्मोन है जो आपका वजन कम करने में मुश्किल बढ़ा सकता है। कोर्टिसोल के साथ एड्रेनालाईन हार्मोन के स्तर में वृद्धि से थकान, उदास, चिड़चिड़ापन और वजन बढ़ने लगता है।

तनाव आपको आप मिठाई, नमकीन और कुरकुरे खाद्य पदार्थ खाने की लालसा पैदा करता है, जो स्पष्ट रूप से वजन घटाने के खिलाफ होता है। इसलिए तनाव को कम करने के लिए, अपने लिए कुछ समय निकालकर मेडिटेशन करें , संगीत सुने या फिर कुछ देर के लिए बाहर टहलने के लिए जाएँ। 

(और पढ़ें – चिंता से मुक्ति के उपाय)

माँ और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य के लिए स्तनपान कराने वाली माँ को स्वास्थ्यवर्धक और पोषक आहार लेना चाहिए। एक हेल्‍दी भोजन आपको वापिस पहले वाले आकार को पाने में मदद कर सकता है। स्तनपान कराते समय बार-बार भूख महसूस होना सामान्य है। लेकिन इस भूख को संतुष्ट करने के लिए आपको अनहेल्‍दी नाश्ते का सेवन नहीं करना है। यह तरीका वजन बढ़ाने में मदद करता है।

महिलाओं के स्वास्थ्य के जर्नल में प्रकाशित एक 2012 के अध्ययन की रिपोर्ट है कि कम स्वस्थ खाद्य पदार्थ खाने और कम शारीरिक कार्य करने से गर्भावस्था के बाद और अधिक वजन बढ़ने का खतरा होता है।

(और पढ़ें - डिलीवरी के बाद क्या खाना चाहिए)

स्नैक्स खासकर बिस्कुट या चाय के साथ खानी वाली चीजों में सतर्कता बरतें। सफेद ब्रेड की जगह ब्राउन ब्रेड इस्तेमाल करें, गेहूं के बिस्कुट, मेवे, किशमिश, पॉपकॉर्न आदि खाएं। फुल क्रीम दूध की जगह धीरे-धीरे स्किमड मिल्क लें। इसके अलावा, ओमेगा -3 फैटी एसिड, कैल्शियम और प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ खाने चाहिए। साबुत अनाज, मछली, डेयरी उत्पाद, ताजे फल और सब्जियों आदि कि आपके शरीर को जरूरत होती है। बस ऐसी चीजें खाइए जिनमें अधिक पोषक तत्व हो और एक साथ अधिक खाने की जगह थोड़ा-थोड़ा करके खाइए।

(और पढ़ें – कैसे प्रेग्नेन्सी के बाद अपना वजन घटा रही हैं करीना कपूर खान)

वजन कम करने के लिए सुबह नाश्ता ना करना सही नहीं होता है विशेष रूप से स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए। सुबह नाश्ता ना करना दूध की आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है, जो आपके बच्चे के विकास में बाधा पैदा कर सकता है। दैनिक रूप से नाश्ता करने के साथ-साथ, यह महत्वपूर्ण है कि आप दलिये के रूप में एक स्वस्थ भोजन करें।

दलिये के प्रमुख वजन घटाने वाले लाभ इसकी फाइबर सामग्री से मिलते हैं, जो आपको लंबे समय तक भूख नहीं लगने देते है। वास्तव में, इसमें कुछ फाइबर, घुलनशील फाइबर से आते हैं जो पेट की चर्बी कम करने में मदद करते हैं।

इसके अलावा, ये स्तनपान कराने वाली माताओं में दूध की मात्रा में वृद्धि करता है। यह लोहे की कमी से होने वाले एनीमिया को रोकने में मदद करता है। 

(और पढ़ें – गर्भावस्था में खून की कमी)

पूरी रात सोना नई माताओं के लिए असंभव होता है, लेकिन डिलिवरी के बाद कम से कम 6 घंटे सोना जरूरी है। कम सोने से महिलाएं मोटी हो जाती हैं। यह भी एक प्रेग्नेंसी के बाद महिलाओं के मोटे होने का मुख्य कारण है। नींद आपके वजन घटाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण है। पर्याप्त नींद ना लेना आपके चयापचय को प्रभावित और अपने वजन घटाने की प्रक्रिया को धीमा कर सकता है।

याद रखें कि यदि आप पर्याप्त नींद नहीं लेते है, तो वर्कआउट करने के लिए आपके पास पर्याप्त ऊर्जा नहीं होगी। तनाव से हार्मोन कोर्टिसोल में वृद्धि होती है, जो आपके पेट के आसपास वजन को बढ़ाता है। नींद की कमी भी प्रमुख भूख हार्मोन लेप्टिन (भूख बाधा हार्मोन) और घ्रेलीन (भूख उत्प्रेरण हार्मोन) में उतार-चढ़ाव का कारण बन सकती है। 

(और पढ़ें – नींद ना आने के उपाय)

प्रसवोत्तर के बाद बॉडी रैप करना लंबे समय से इस्तेमाल किया जा रहा है। इस तरह के बॉडी रैप वजन को कम करते हैं जब आप गर्भवती होती है, जो मुख्य रूप से गर्भाशय के ऊतकों और मांसपेशियों, पेट की मांसपेशियों और चर्बी को कम करने में मदद करते हैं।

(और पढ़ें - पीरियड के कितने दिन बाद प्रेगनेंसी टेस्ट करे और test tube baby in hindi)

ये बॉडी रैप भी नई माताओं को पीठ दर्द से छुटकारा दिलाने में मदद करता है। यह योनि प्रसव या एक सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिलाओं को पहले वाली शेप में लाने में मदद करता है। अगर आप नियमित रूप से व्यायाम और एक स्वस्थ आहार का पालन नहीं करती है। तब आप यह ट्रिक अपना सकते हैं।

(और पढ़ें – नींद ना आने के आयुर्वेदिक उपाय)

Dr. Gaurav Chauhan

Dr. Gaurav Chauhan

सामान्य चिकित्सा

Dr. Sushila Kataria

Dr. Sushila Kataria

सामान्य चिकित्सा

Dr. Sanjay Mittal

Dr. Sanjay Mittal

सामान्य चिकित्सा

और पढ़ें ...

References

  1. Larsen TM et al. Diets with high or low protein content and glycemic index for weight-loss maintenance. N Engl J Med. 2010 Nov 25;363(22):2102-13. PMID: 21105792
  2. Simon N. Thornton. Increased Hydration Can Be Associated with Weight Loss . Front Nutr. 2016; 3: 18. PMID: 27376070
  3. Melissa C. Daniels, Barry M. Popkin. The impact of water intake on energy intake and weight status: a systematic review . Nutr Rev. 2010 Sep; 68(9): 505–521. PMID: 20796216
  4. Academy of Nutrition and Dietetics. Losing Weight While Breast-feeding. [Internet]
  5. Sámano R et al. Effects of breastfeeding on weight loss and recovery of pregestational weight in adolescent and adult mothers. Food Nutr Bull. 2013 Jun;34(2):123-30. PMID: 23964385
  6. Neville CE et al. The relationship between breastfeeding and postpartum weight change--a systematic review and critical evaluation. Int J Obes (Lond). 2014 Apr;38(4):577-90. PMID: 23892523
  7. Marian P. Jarlenski et al. Effects of breastfeeding on postpartum weight loss among U.S. women . Prev Med. 2014 Dec; 69: 146–150. PMID: 25284261
  8. healthdirect Australia. Safe return to exercise after pregnancy. Australian government: Department of Health
  9. The Royal Women's Hospital, Victoria, Australia. Exercise. [Internet]