आज के व्यस्त और प्रतिस्पर्धी जीवन में हम चिंता और तनाव को नज़रअंदाज़ कर देते हैं। इसके साथ ही कुछ लोगों को स्वाभाविक रूप से दूसरों की तुलना में घबराहट और चिंता की संभावना अधिक महसूस होती है।

जिन लोगो को बहुत गंभीर या पुरानी चिंता और तनाव की समस्या है उन्हें इससे जुडी बहुत बड़ी परेशानी झेलनी पड़ सकती है। चिंता और तनाव दो बहुत आम स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं। तो ज़रूरी है आप इन गंभीर स्थितियों को संभाल लें। बहुत से लोग प्राकृतिक उपाय को बेहद प्रभावी मानते हैं। 

तो आइये आज हम आपको बताते हैं चिंता या एंग्जायटी को दूर करने के लिए कुछ घरेलू उपाए जिनके इस्तेमाल से आपको चिंता और तनाव की समस्या दूर करने में मदद मिलेगी।  

  1. चिंता दूर करने का उपाय है कैमोमाइल - Chinta se mukti dilata hai chamomile
  2. एंग्जायटी कम करने के लिए अपनाएँ संतरा - Chinta dur karne ka upay hai oranges
  3. चिंता से छुटकारा दिलाती है रोजमेरी - Anxiety kam karne ka upay hai rosemary
  4. चिंता को कम करने के उपाय में लैवेंडर तेल है फायदेमंद - Chinta se chutkara dilata hai lavender oil
  5. चिंता को दूर करें जायफल से - Chinta dur karne ka tarika hai nutmeg
  6. चिंता से मुक्ति दिलाता है लेमन बाम - Chinta door kare lemon balm se
  7. एंग्जायटी दूर करने का उपाय है बादाम - Anxiety dur karein almond se
  8. एंग्जायटी का घरेलू उपाय है सौंफ - Chinta dur karne ka gharelu upay hai fennel
  9. चिंता से मुक्ति पाए रिलैक्सिंग बाथ से - Anxiety se chutkara dilata hai relaxing bath
  10. चिंता को दूर करने का तरीका मसाज - Anxiety dur karne ka tarika hai massage
  11. चिंता दूर करने के घरेलू उपाय के डॉक्टर

कैमोमाइल आपके दिमाग को शांत करने में मदद करता है और चिंता की परेशानी से भी राहत दिलाता है। एक अध्ययन के मुताबिक जो लोग हल्के या गंभीर चिंता की समस्या से पीड़ित होते हैं कैमोमाइल के सेवन से उन लक्षणों को कम करने में मदद मिलती है। इसके शामक (sedative) प्रभाव शरीर को आराम देने में मदद करते हैं। 

कैमोमाइल का इस्तेमाल कैसे करें

  1. एक बर्तन में दो या तीन कप पानी डालें और उसे गर्म होने के लिए रख दें। अब उसमे दो से तीन चम्मच सूखे कैमोमाइल डालें और तीन से पांच मिनट तक उसे उबलते रहने दें। अब इस मिश्रण को छान लें। आप उसमे शहद या दालचीनी भी डाल सकते हैं। अब इस मिश्रण को पी लें। कम से कम इस मिश्रण को एक महीने के लिए पूरे दिन में दो से तीन बार ज़रूर पिए।
  2. इसके अलावा आप इस हर्ब को सप्लीमेंट के रूप में भी ले सकते हैं। सप्लीमेंट के रूप में सेवन करने के लिए सबसे पहले अपने डॉक्टर से बात करें। वयस्कों को आम तौर पर रोज़ाना 400 से 1600 मिलीग्राम कैप्सूल लेना चाहिए या प्रति दिन तीन बार कैमोमाइल का तरल पदार्थ पीना चहिये।

(और पढ़ें - कैमोमाइल चाय के फायदे)

संतरे और संतरे के छिलके की गंध तंत्रिकाओं को शांत करने में मदद करती है। इसके अलावा माना जाता है कि खट्टी सुगंध अवसाद और प्रतिरोधक क्षमता से लड़ने में मदद करती है। 

संतरा का इस्तेमाल कैसे करें

  1. एक संतरे को छीलें और उसकी सुगंध को सूंघ लें। इससे आपके मूड में बदलाव नज़र आएगा। बेहतर परिणाम के लिए, संतरों के छिलकों को पानी में डाल दें और कुछ मिनट के लिए उसे उबलने को रख दें। उबलने के बाद गर्म गर्म भाप को सूंघते रहें। इससे आपकी चिंता की समस्या दूर होगी। आवश्यकतानुसार इसे दोहराते रहें। (और पढ़ें - संतरे के जूस के फायदे)
  2. इसके अलावा आप एक कप ताज़े संतरे के जूस में एक चम्मच शहद और चुटकीभर जायफल पाउडर को उसमे डालकर पी जाएँ। इस मिश्रण को रोज़ाना पूरे दिन में तीन बार ज़रूर पिए।

(और पढ़ें - संतरे के फायदे)

रोजमेरी चिंता की समस्या को दूर करने के लिए एक और लोकप्रिय घरेलू उपाय है। इसके अलावा, यह संचलन को उत्तेजित करता है, श्वसन और पाचन की मांसपेशियों को आराम देता है और यादाश्त पर भी सकरात्मक प्रभाव डालता है। 

रोजमेरी का इस्तेमाल कैसे करें

  1. एक कप गर्म पानी में एक या दो चम्मच रोजमेरी को डालें। 10 मिनट के लिए उसे उबलने को रख दें। उबलने के बाद फिर उसे छान लें। इस मिश्रण को फिर पी जाएँ। इस चाय का उपयोग रोज़ाना करें तब तक जब तक अच्छा परिणाम नहीं दिख जाता।
  2. आप रोजमेरी को धूप की तरह भी इस्तेमाल कर सकते हैं। अरोमाथेरेपी में कुछ बूँद रोजमेरी के तेल की डालें और उसका इस्तेमाल सूंघने के लिए करें। 

(और पढ़ें - रोजमेरी के फायदे)

लैवेंडर के इस्तेमाल से आपके शरीर को आराम मिलता है और अवसाद से भी राहत मिलती है। इसके बायोएक्टिव घटक जैसे लिनालूल और लिनालयल शौक्त तंत्रिका तंत्र पर एक शांत और सुखदायक प्रभाव डालते हैं।

लैवेंडर का इस्तेमाल कैसे करें

  1. सबसे पहले दो कप पानी उबालें। अब उसमे लैवेंडर तेल की दो से चार बूँदें डाल दें। चिंता की समस्या को दूर करने के लिए इस मिश्रण की गर्म गर्म भाप को सूंघें। आवश्यकतानुसार इस प्रक्रिया को दोहराते रहें।
  2. इसके अलावा तीन से चार बूँद लैवेंडर तेल, एक चम्मच बादाम तेल, जैतून तेल या कोई सामान्य तेल को एक साथ मिलाएं। इस मिश्रण को गर्दन, पीठ और कंधे पर लगाएं और मालिश करें। इस प्रक्रिया को रोज़ाना इस्तेमाल करें तब तक जब तक की स्थिति सुधर नहीं जाती।

(और पढ़ें - लैवेंडर के तेल के फायदे)

जायफल एक खुशबूदार मसाला है जो शरीर और मांसपेशियों को आराम देने में मदद करता है साथ ही तनाव से भी लड़ता है। इसलिए चिंता, तनाव और अवसाद के लिए ये इलाज बहुत प्रभावी है। यह भी माना जाता है कि जायफल नींद की गुणवत्ता में भी सुधार करता है।

जायफल के तेल की सुगंध को सूँघने से आपके मूड और मस्तिष्क की थकावट कम होती है। इसके अलावा आप अपने आहार में आधा चम्मच जायफल का पाउडर भी मिक्स करके खा सकते हैं। 

(और पढ़ें - जायफल के फायदे)

नोट - जायफल का अत्यधिक उपयोग न करें। खासकर उन लोगों के लिए जिनकी मानसिक स्थिति से संबंधित समस्या है।

लेमन बाम पुदीने के परिवार से जुड़ा एक सदस्य है। यह आपके मस्तिष्क को आराम देता है और तंत्रिका टॉनिक के रूप में भी काम करता है। इसलिए इसे काफी युगो से चिंता को कम करने, नींद को बढ़ावा देने और भूख में सुधार करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। आप लेमन बाम को वैलेरीयन, ग्रीन टी, लैवेंडर, कटनीप या अन्य जड़ी-बूटियों के साथ मिलाकर भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

लेमन बाम का इस्तेमाल कैसे करें

  1. एक चम्मच सूखे लेमन बाम को 10 से 15 मिनट के लिए गर्म पानी में उबलने के लिए रख दें। ध्यान रहे उस बर्तन को ज़रूर ढक कर रखें वरना लेमन बाम की सुगंध खुले में गायब हो सकती है। अब इस मिश्रण को रात को सोने से पहले हफ्ते भर तक ज़रूर पियें। ध्यान रहे इस मिश्रण को दो हफ्ते से ज़्यादा न लें।
  2. इसके अलावा आप इस हर्ब को सप्लीमेंट के रूप में भी ले सकते हैं। आम तौर पर, इसे पूरे दिन में 400 मिलीग्राम कैप्सूल लेने का सुझाव दिया जाता है। लेकिन इसका सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से इस बारे में जानकारी ज़रूर लें। 
    (और पढ़ें - तनाव के घरेलू उपचार)

नोट - ज़रूरत से ज़्यादा इस जड़ी बूटी का उपयोग न करें। अधिक उपयोग से आपको और भी ज़्यादा परेशानी हो सकती है।

बादाम पोषक तत्वों से भरपूर होता है साथ ही इसमें ओमेगा -3 फैटी एसिड के भी गुण होते हैं। इसकी मदद से आपके मूड में सुधार आता है और चिंता या अवसाद को कम करने में भी मदद मिलती है। ओमेगा -3 फैटी एसिड में मौजूद सूजनरोधी के गुण कोशिकाओं की सूजन को कम करते हैं, और साथ ही मस्तिष्क की कोशिकाओं में सिगनलिंग की प्रक्रिया को भी बढ़ावा देते हैं। 

बादाम का इस्तेमाल कैसे करें

  1. रातभर 10 बादाम को पानी में भिगोकर रखें।
  2. अगली सुबह, बादाम को छील लें और उनका पेस्ट तैयार करें।
  3. अब बादाम का पेस्ट, जायफल पाउडर की एक चुटकी और अदरक को एक कप दूध में मिला दें।
  4. अब इस मिश्रण को पी जाएँ।
  5. इस मिश्रण को हफ्ते भर पूरे दिन में कई बार पीने की कोशिश करें। 
    (और पढ़ें - बादाम के फायदे और नुकसान)

यह फायदेमंद जड़ी बूटी तंत्रिकाओं को शांत करती है और चिंता को कम करने में भी मदद करती है। इस तेल में चिंता से मुक्त करने के प्रभाव मौजूद होते हैं। इसके अलावा इसमें पाचन संबंधी समस्याओं को भी सुधारने के गुण होते हैं जो खासकर चिंता के समय सामने आते हैं।

सौफ का इस्तेमाल कैसे करें

  1. एक टिश्यू पेपर पर सौफ के तेल की कुछ बूँदें डालें और उसे सूंघे। लगभग एक घंटे के लिए उस टिश्यू पेपर को आराम आराम से प्रयोग करें। आवश्यकतानुसार कुछ घंटों में इस प्रक्रिया को दोहराएं।
  2. आप सौफ की चाय को खाना खाने के बाद या पहले भी रोज़ाना पी सकते हैं। सौफ का जूस भी आपके लिए इसी तरह के गुणों के साथ बहुत फायदेमंद है। 
    (और पढ़ें - सौंफ के फायदे और नुकसान)

गर्म पानी के गुण आपको चिंता और तनाव से राहत प्रदान करते हैं। इसके अलावा, पानी इन सभी प्रभावों को कम करने में उत्कृष्ट माना जाता है।

रिलैक्सिंग बाथ का इस्तेमाल कैसे करें

  1. सबसे पहले एक टब को गर्म पानी से पूरा भर दें। अब उसमे एक तिहाई कप बेकिंग सोडा और अदरक मिलाएं। फिर उस टब में 10 से 15 मिनट के लिए बैठ जाएँ। अगर आपके पास टब मौजूद नहीं है तो आप मग का भी इस्तेमाल करके उस मिश्रण से स्नान कर सकते हैं।
  2. इसके अलावा आप पाँच से सात बूँद कैमोमाइल, लैवेंडर, जेरेनियम, बर्गमोट, जोजोबा जैसे तेलों को भी अपने नहाने के पानी में मिक्स कर सकते हैं। फिर उस पानी से 10 से 15 मिनट तक नहाने का प्रयास करें।

अपने शरीर की मालिश करने से चिंता और तनाव से मुक्ति मिलती है। विशेषकर गर्दन, कंधों, पीठ और पैरों के नीचे मालिश करने से आपके मस्तिष्क को चिंता से राहत मिलती है।

आप मसाज करने के लिए किसी भी प्रकार के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं जैसे तिल का तेल, सूरजमुखी, नारियल या मकई का तेल आदि। अच्छा परिणाम पाने के लिए आप एक कप तेल को हल्का गर्म भी कर सकते हैं। रोज़ाना सुबह नहाने से पहले और रात को सोने से पहले मसाज की प्रक्रिया को अपनाएँ। इस प्रक्रिया को आप कुछ हफ़्तों तक रोज़ाना जारी रखें।

इन प्राकृतिक उपचारों के साथ-साथ चिंता को कम करने के लिए कुछ अन्य सुझावों को भी ध्यान में रखें जैसे धूम्रपान न करें और कैफीन युक्त पेय पदार्थों की मात्रा को भी सीमित रखें। इसके अलावा नियमित रूप से व्यायाम, पर्याप्त नींद, आहार में सुधार और योग या विश्राम तकनीक जैसे गहरी सांस लेना, ध्यान और संगीत चिकित्सा आदि चीज़ों को अपनाकर अपनी जीवनशैली में बदलाव लाएं।

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