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पूरी दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2019 को मनाया जाता है। प्राचीन काल में स्वस्थ रहने के लिए योग सिर्फ भारतीयों द्वारा किया जाता था। लेकिन धीरे-धीरे विश्व भर में इसके प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ी है और देश-दुनिया के हर कोने में योग के प्रति लोगों का रुझान बढ़ा है। नियमित योग करने से आप मोटापे, तनाव, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, त्वचा और बाल संबंधी तमाम समस्याओं को मात दे सकते हैं। क्या आप जानते हैं कि योग न सिर्फ आपको बीमारियों से दूर रखता है बल्कि आपके शरीर को मजबूत बनाता है ताकि आप किसी भी तरह के संक्रमण से दूर रह सकें? योग आपके प्रतिरक्षा तंत्र को बेहतर कर बीमार पड़ने की आशंका को कम करता है। खासकर बदलते मौसम में आपको सर्दी-जुकाम, फ्लू जैसी बीमारियों से दूर रखता है। मतलब यह कि अपनी इम्यून पावर को मजबूत बनाकर आप स्वस्थ रह सकते हैं। जानिए इस मौसम में किस तरह के योगासन आपके लिए लाभकारी हो सकते हैं।

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अधो मुख श्वानासन:

इस आसन में आप हाथ-पैर से जमीन को छुते हैं, जिससे ऊर्जा मिलती है। गहरी सांस लेने के लिए रिबकेज के किनारों को खोलता है, साथ ही साथ शरीर को अंदर से बाहर की ओर गर्म करता है। इस आसन से सिरदर्द, अनिद्रा, पीठ दर्द और थकान से आराम मिलने जैसे कई लाभ हैं, तो बाजू और टांग भी मजबूत होते हैं। यही नहीं अधो मुख श्वानासन पाचन तंत्र को भी बेहत करता है। मानसिक सुकून और तनाव से दूर रहने के लिए भी आप इस आसन को कर सकते हैं।

इसे करने के लिए सबसे पहले घुटनों के बल बैठ जाएं और हाथों को जमीन पर टिका लें। ध्यान रखें कि इस दौरान आपकी पीठ सीधी होनी चाहिए। अब हाथों पर दबाव बनाते हुए पहले दाईं टांग को और फिर बाईं टांग को पीछे की ओर खींचें। आपकी पीठ ऊपर की तरफ उठनी चाहिए। इस अवस्था में कुछ देर रहें। इसी अवस्था में 5-6 बार सांस लें और छोड़ें। कुछ देर में सामान्य अवस्था में लौट आएं।

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सर्वांगासन:

जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, यह पूरे शरीर के लिए उपयुक्त आसन है। सर्वांगासन शरीर के विषाक्त पदार्थ को निकालता है और थाइराॅयड ग्लैंड, एडरनल ग्लैंड को बेहतर करने के लिए प्रेरित करता है। इसके अलावा भी इसके कई फायदे हैं जैसे कंधों और गर्दन में खिंचाव पैदा करना, हृदय और श्वसन प्रणाली को बेहतर करता है। सर्वांगासन तनाव को कम कर मस्तिष्क को शांत रखने में भी उपयोगी आसन है।

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बालासन:

जिस तरह शिशु अपने घुटनों के बल चलते हैं, इस आसन को करने में ठीक ऐसा ही पोज बनता है। यही वजह कि इसे बालासन कहते हैं। यह असल में आराम करने की मुद्रा होती है। इस आसन को नियमित करने से पाचन तंत्र बेहतर होता है और पेट साफ रहता है। यह आसन पीठ, गर्दन दर्द से राहत दिलाने में मददगार है। साथ ही दिमाग शांत रख अवसाद से दूर रखता है। यह आसन कूल्हों, जांघों और टखनों के लिए भी उपयोगी है।

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पश्चिमोत्तानासन:

पश्चिमोत्तानासन के कई लाभ हैं। यह आपकी अंदरूनी ताकत को बढ़ाकर आपका आत्मविश्वास बढ़ाता है। इस आसन की मदद से नर्वस सिस्टम शांत होता हे और सही मायनों में आपका कायाकल्प करता है। जहां तक शारीरिक स्वास्थ्य लाभ की बात है, तो इस आसन से गुर्दे, अंडाशय, गर्भाशय, पाचन अंग बेहतर होते हैं। महिलाओं के लिए भी ये आसन काफी फायदेमंद है। उन्हें माहवारी के दिनों में पेट दर्द से आराम देने में यह आसन खासी मदद करता है। साथ ही रजोनिवृत्ति में भी इस आसन से महिलाओं को लाभ पहुंचता है।

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