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फिस्टुला यानी भगंदर नली के आकार के दो अंगों के बीच एक तरह का रास्ता होता है। यह एक हालो या ट्यूबलर ओपनिंग और शरीर के किसी दूसरे टीशू के बीच भी हो सकता है। भगंदर शरीर के अलग-अलग अंगों में हो सकते हैं। एनोरेक्टल भगंदर सबसे सामान्य तरह का भगंदर होता है। कुछ फिस्टुला को ठीक करने के लिए सर्जरी की जरूरत होती है। हालांकि दैनिक क्रियाकलापों में बदलाव करके भगंदर से बचाव या रोकथाम किया जा सकता है। 

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  1. भगंदर का उपाय है संतरे का जूस - Bhagandar ka desi nuskha hai Orange juice in Hindi
  2. भगंदर से छुटकारा दिलाता है आंवले का जूस - Bhagandar se chutkara pane ka tarika hai Amla juice in Hindi
  3. भगंदर से बचने का उपाय है पपीता - Bhagandar se bachne ka gharelu upay hai papaya in Hindi
  4. भगंदर का घरेलू उपाय है कच्ची पत्तागोभी का जूस - Bhagandar ka gharelu nuskha hai kachhi pattagobhi ka juice in Hindi
  5. भगंदर से बचने के लिए अल्कोहाल का सेवन न करें - Bhagandar dur karne ka upay hai in Hindi
  6. भगंदर में फायदेमंद है गर्म दूध और मक्खन - Bhagandar me faydemand hai garam doodh aur makhan in Hindi
  7. भगंदर होने पर अच्छी नींद लें - Bhagandar ho to acchi need le in Hindi
  8. भगंदर होने पर तनाव न लें - Bhagandar hone par tanav na le in Hindi
  9. फिस्टुला होने पर बैठने के लिए तकिए का इस्तेमाल करें - Bhagandar hone par takiye ka ishtemal kare in Hindi
  10. भगंदर का उपाय है पर्याप्त पानी पीना - Bhagandar ka gharelu upay hai paryapt pani pina in Hindi.

डॉक्टरों की मानें तो रोज 1-2 ग्लास संतरे का जूस भगंदर के मरीजों के लिए फायदेमंद है। 

  • इसके लिए 4-5 संतरे ले लें।
  • उन संतरों का छिलका निकाल लें।
  • अच्छे से किसी मशीन की मदद से उनका जूस निकाल लें।
  • अब साफ गिलास में उस जूस को लेकर पी जाएं।

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आंवले का जूस भी भगंदर के मरीजों के लिए फायदेमंद होता है। कुछ आंवले ले लें। उन्हें अच्छे से धुल लें। उन्हें चाकू से छोटे-छोटे कुछ टुकड़ों में काट लें। अब उन टुकड़ों को मशीन में डालकर उनका रस निकाल लें। इस रस को किसी साफ गिलास में लेकर पी जाएं।

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भगंदर के मरीजों के लिए पपीता बहुत फायदेमंद होता है। पपीता आसानी से पचता है। पपीता खाने से कब्ज नहीं बनती है। इससे पेट अच्छे से साफ होता है। इसलिए हम कह सकते हैं कि पपीता भगंदर के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद है। इसे निम्नलिखित तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं: 

  • एक पपीता लें।
  • उसे अच्छे से साफ कर लें। 
  • उसके ऊपर के छिलके को अच्छे से निकाल दें। 
  • उसे चाकू से दो भागों में फाड़कर उसके बीच के बीज बाहर निकाल दें। 
  • अब पपीते को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर सेवन करें। 

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कच्ची पत्तागोभी का जूस भी भगंदर के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। कच्ची पत्तागोभी के जूस का सेवन करने से मल कड़ा नहीं होने पाता। इससे मल त्याग करते समय कठिनाई नहीं होती जिसके कारण तकलीफ नहीं होती है। इसके अलावा कच्ची पत्तीगोभी का सेवन करने से आंत भी अच्छे से साफ हो जाती है। इसके लिए सबसे पहले एक पत्तागोभी लें। उसकी पत्तियों को अलग-अलग करके उन्हें अच्छे से साफ कर लें। अब उन पत्तियों को थोड़ा छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। इसके बाद उन पत्तियों को मशीन में डालकर जूस निकाल लें। अब इस जूस को गिलास में लेकर सेवन कर लें।

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अल्कोहल या कैफीन का सेवन करने से शरीर में डीहाइड्रेशन की शिकायत आ जाती है। जिसके कारण शरीर में पानी की कमी होने से मल कड़ा होने लगता है जो कि भगंदर के मरीजों के लिए नुकसानदेह है। इसीलिए भगंदर के मरीज भगंदर से सावधानी बरतने के लिए अल्कोहालिक तरल या फिर कैफीन का सेवन न करें।

भगंदर के मरीजों के लिए गर्म दूध और मक्खन फायदेमंद होता है। इससे कब्ज नहीं होता है और पेट साफ रहता है।

  • इसके लिए एक गिलास गर्म दूध लें।
  • गर्म दूध पीने के बाद एक चम्मच भर मलाई या घी खा लें।
  • गर्म दूध के बाद मक्खन का सेवन करने से कब्ज नहीं होगी।

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भगंदर के मरीजों के लिए पूरी नींद लेना बहुत जरूरी होता है। मरीजों को रात को पूरी नींद लेनी चाहिए। शोध से पता चला है कि रात को देर से सोने से नींद पूरी नहीं हो पाती है और इससे उनका खाना अच्छे से पच नहीं पाता है। इसीलिए भगंदर के मरीजों को रात को समय से सोना चाहिए और पूरी नींद लेनी चाहिए।

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तनाव लेने से मल कड़ा होता है। इससे मल त्याग करने में तकलीफ होती है जिसके कारण कब्ज होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए तनाव से बचने का पूरा प्रयास करना चाहिए। 

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भगंदर के मरीजों के लिए रिंग के आकार की तकिये का इस्तेमाल करना फायदेमंद होता है। इससे मरीज के शरीर का वजन पेट और कमर के निचले हिस्से पर कम पड़ने की वजह से खून की नसों पर दबाव नहीं पड़ता है।

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भगंदर के मरीजों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होने पाएगी और मल कड़े नहीं होंगे। इसलिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भगंदर के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद होता है। 

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