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कब्ज एक बहुत ही आम पाचन विकार है जो कि सभी उम्र के लोगों को प्रभावित करता है। कब्ज मल को निकालने में बहुत परेशानी करता है और व्यक्ति को मल को निकालने के लिए ज़रूरत से ज्यादा दबाव लगाना पड़ता है।

कब्ज के अन्य लक्षणों में फूला हुआ पेट, असामान्य रूप से छोटा या बड़ा मल, अम्लता, भूख न लगना, साँस की बदबू, सिर दर्द, अवसाद, मुँहासे, और मुँह का अल्सर हैं। (और पढ़ें – सिर दर्द के घरेलु उपाय)

कब्ज के मुख्य कारणों में से कुछ हैं खराब आहार, पानी कम पीना, अनियमित शौच की आदत, शारीरिक श्रम का अभाव, बवासीर, पेट की मांसपेशियों में कमज़ोरी, तनाव और रेचक का दुरुपयोग आदि हैं।

कई घरेलू उपचार आपके पाचन तंत्र की कार्यक्षमता बढ़ाने और कब्ज के इलाज के लिए अच्छे हैं। इन उपायों का पालन करना बहुत आसान है और ये बहुत शक्तिशाली भी हैं।

  1. कब्ज दूर करने के उपाय करे नींबू से - Kabz door kare lemon se in hindi
  2. पुरानी कब्ज का घरेलू उपाय है सौंफ - Purani kabj ka gharelu upay hai fennel seeds in hindi
  3. कब्ज से छुटकारा दिलाता है अंजीर - Kabz se chutkara pane ka nuskha hai figs in hindi
  4. कब्ज से राहत देता है अरंडी का तेल - Kabz se turant rahat dilata hai castor oil in hindi
  5. कब्ज मिटाने का तरीका है शहद - Kabj mitane ka upay hai honey in hindi
  6. कब्ज दूर करने के देसी नुस्खा है अलसी - Kabjiyat dur karne ke liye kare alsi ka upyog in hindi
  7. कब्ज दूर करने के लिए घरेलू उपाय है अंगूर - Kabj dur karne ka tarika hai grapes in hindi
  8. कब्ज को रोकने का उपाय है पालक - Kabj ko rokne ka tarika hai palak in hindi
  9. कब्ज दूर करे शीरा से - Kabz door karne ka nuskha hai molasses in hindi
  10. कब्ज से बचने का तरीका है उच्च फाइबर आहार - Kabj se bachne ka upay fiber in hindi

नींबू या विशेष रूप से नींबू का रस, कब्ज का इलाज कर सकता है और यह पाचन तंत्र को उत्तेजित करता है। यह सबसे आसान और प्रभावी उपचारों में से एक है जिसे आप घर पर कर सकते हैं।

आधे नींबू के रस को निकालकर एक गिलास गर्म पानी में मिलाएँ। आप एक चुटकी सेंधा नमक या आधा चम्मच सादे नमक के साथ तोड़ा शहद भी मिला सकते हैं।
सुबह खाली पेट नींबू का पानी पिएं। आप शाम में भी इसका एक गिलास पी सकते हैं।
दैनिक रूप से इस उपाय को करें और कुछ ही दिनों के भीतर परिणाम की उम्मीद रखें।

(और पढ़ें – सेंधा नमक के फायदे और नुकसान)

सौंफ के बीज बदहज़मी, सूजन, कब्ज और ग्रहणी जैसे मुद्दों के उपचार में उपयोगी होते हैं क्योंकि वह सुचारू रूप से पाचन तंत्र की मांसपेशियों की गतिविधि को उत्तेजित करते है।

एक कप सौंफ के बीज लें और सुखाकर उन्हें भून लें।
फिर उन्हें पीसें और मिश्रण को छान लें।
एक जार में इस स्वादिष्ट पाचन पाउडर को स्टोर करें।
गर्म पानी के साथ दैनिक रूप से इस पाउडर का आधा चम्मच लें।

अंजीर में बहुत अधिक फाइबर होता है और यह एक प्राकृतिक रेचक के रूप में काम करते हैं। लंबे समय और लगातार कब्ज के पीड़ित लोगों को अपने आहार में अंजीर को शामिल करना चाहिए। कब्ज के उपचार के लिए, दोनों ताजा और सूखे अंजीर का इस्तेमाल किया जा सकता है। जब ताजा अंजीर उपलब्ध हों, तब इसको छिलके सहित खाएँ। इसका छिलका फाइबर और कैल्शियम से भरपूर होता है।

दो-तीन बादाम और सूखे अंजीर लें।
कुछ घंटे के लिए पानी में भिगो दें।
बादाम को छीलकर अंजीर के साथ पीस लें।
रात में शहद की एक चम्मच के साथ इस पेस्ट का सेवन करें।

एक उत्तेजक रेचक होने के नाते, अरंडी का तेल छोटे और बड़े आंत को उत्तेजित करता है और मल त्याग में सुधार लाता है। बस खाली पेट एक से दो चम्मच अरंडी के तेल का सेवन करें। स्वाद में सुधार लाने के लिए, आप इसको फल के रस के साथ भी ले सकते हैं। (और पढ़ें – जानिए अरण्डी तेल के फायदे और नुकसान बच्चों के लिए)

कुछ ही घंटों के भीतर, आप अपनी हालत में एक बड़ा सुधार देखेंगे। आप एक लम्बी अवधि के लिए इस उपाय को दोहरा नहीं सकते हैं क्योंकि इसके दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं।

शहद कब्ज से राहत देने में बेहद फायदेमंद है क्योंकि यह एक हल्के रेचक के रूप में कार्य करता है। आप इसे कब्ज को अच्छी तरह रोकने और ठीक करने के लिए दैनिक रूप से उपयोग कर सकते हैं।

शहद के दो चम्मच दिन में तीन बार लें।
आप एक गिलास गर्म पानी में एक छोटा चम्मच शहद और नींबू का रस मिला लें। इसे हर सुबह खाली पेट पिएं।

अलसी के बीज में फाइबर और ओमेगा -3 फैटी एसिड के साथ-साथ कई औषधीय गुण हैं। इसके अलावा, अलसी में रेचक के गुण होते हैं, जो हल्के से गंभीर कब्ज के मामलों के इलाज में बहुत उपयोगी हो सकता है।

एक गिलास पानी में एक चम्मच अलसी बीज को मिलाकर दो से तीन घंटे के लिए रख दें। दैनिक रूप से बिस्तर पर जाने से पहले यह पानी पिएं। सुबह में, आपका मल त्याग ज़्यादा बेहतर हो जाएगा।

अंगूर में अघुलनशील फाइबर होते हैं जो कि नियमित रूप से मल त्याग में मदद करते हैं।

दैनिक रूप से एक ताज़ा छोटी कटोरी अंगूर या आधा गिलास अंगूर का रस लें।
एक अन्य विकल्प है, दूध में 10 से 12 सूखे बीजरहित अंगूर डालकर, कुछ मिनट के लिए उबालें और शाम में इसे पी जाएं। यह उपाय ख़ास तार से युवा बच्चों के लिए उपयोगी है जिनको कब्ज है और यह भविष्य में कब्ज के प्रकरणों को रोकने में भी मदद करता है।
अगर ताज़ा अंगूर उपलब्ध नहीं हैं, तो एक या दो दिन तक पानी में भीगे हुए किशमिश खाएँ।

पालक पाचन तंत्र के लिए बहुत अच्छा है, खासकर जब आप कब्ज से पीड़ित हों। कच्चे पालक में विभिन्न घटक होते हैं जो पूरे आंत्र पथ को साफ करने, फिर से संगठित करने और पुनर्जीवित करने में मदद करता है। 

(और पढ़ें - वजन घटाने के लिए क्या खाना चाहिए)

कब्ज से छुटकारा पाने के लिए, आपको अपने आहार में पालक को शामिल करना चाहिए। आप इसको कच्चा या पका कर खा सकते हैं यह आपकी पसंद पर निर्भर करता है।
यदि आपको गंभीर कब्ज है, तो आधा गिलास कच्चे पालक का रस और आधे गिलास पानी को एक साथ मिलाएँ और दिन में दो बार पिएं। कुछ ही दिनों के भीतर आपको बहुत राहत मिल जाएगी।

शीरा (गुड़) सबसे अच्छी प्राकृतिक रेचक औषधि है जो आपकी अंतड़ियाँ की गति को बढ़ाता है।

बिस्तर पर जाने से पहले शीरे (blackstrap molasses) की एक छोटी चम्मच खाएं। अगर आपको स्वाद पसंद नहीं है, तो आप इसे दूध या फलों के रस के साथ मिश्रित कर सकते हैं। यदि समस्या बनी रहती है, तो इसके एक या दो बड़े चम्मच खुराक के रूप में लें।
एक अन्य उपाय यह है कि शीरे के दो से तीन बड़े चम्मच के साथ, उसी मात्रा में मूंगफली के मक्खन (peanut butter) को मिलायें और सुबह खाएँ।
शीरे में उच्च कैलोरी होती है इसलिए आपको दैनिक आधार पर इस उपाय का पालन नहीं करना चाहिए।

सबसे अधिक, कब्ज का कारण आहार में फाइबर की कमी होता है। फाइबर एक प्रकार की सामग्री है जो कि आंत में पानी से बंधता है। इससे मल का वॉल्यूम बढ़ जाता है और पानी मल को निकालने में मदद करता है।

उच्च फाइबर खाद्य पदार्थ जैसे सेम, गाजर, आलू, भूरे रंग के चावल, गेहूं के बीज, ताज़े फल, हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ, नट, कद्दू के बीज, सूरजमुखी के बीज, ब्रोकोलीमटर के सभी प्रकार खाना आवश्यक है।

इसके अलावा, जब कब्ज से पीड़ित हैं, यह बहुत महत्वपूर्ण होता है की आप पर्याप्त तरल पदार्थ पिएं। दैनिक रूप से पानी के आठ से दस गिलास पीना सुनिश्चित करें।

सर्वोत्तम परिणाम के लिए, रात भर तांबे के बर्तन में पानी डाल कर रखें और सुबह सबसे पहले पिएं। यह मल त्याग को उत्तेजित करेगा और कुछ दिनों के भीतर ही आपको अच्छे परिणाम दिखाई देंगे। (और पढ़ें – तांबे के बर्तन में पानी पीने के फायदे)

पानी के साथ साथ, आप दिन भर में ताज़ा सब्ज़ी और फलों का रस भी पी सकते हैं। मादक पेय पदार्थों और कैफीन से बचें क्योंकि दोनों के कारण निर्जलीकरण हो सकता है और आपकी हालत बिगड़ सकती है।

यह ध्यान रखें कि आपको यह उपचार करके देखने होंगे यह जानने के लिए कि आप पर सबसे अच्छा क्या असर करता है। अगर यह समस्या इन प्राकृतिक उपचारों के साथ हल नहीं होती है, तो अपने चिकित्सक से संपर्क करें।


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