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आज कल हर व्यक्ति कभी न कभी तनाव या चिंता का शिकार हो जाता है। कभी काम, कभी घर, कभी परिवार, कभी दफ्तर कोई न कोई कारण व्यक्ति को तनाव ग्रस्त कर ही देता है। शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति मिले जो यह कह सके कि वह पूरी तरह तनावमुक्त है। छोटे-मोटे तनाव से तो आसानी से निपटा जा सकता है, लेकिन जब तनाव अधिक हो तो शरीर भी इसके प्रति प्रतिक्रिया करने लगता है। अधिक तनाव होने की वजह से गर्दन से लेकर पूरे बदन में दर्द होने लगता है। कुछ लोग इससे राहत के लिए दवा लेते हैं या फिर आराम करते हैं। इस लेख में कुछ ऐसी जड़ी-बूटियों के बारे में बताया गया है, जिनका नियमित सेवन कर दिमाग को शांत रखा जा सकता है, जिससे चिंता और तनाव दूर हो सकते हैं।

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तुलसी

आयुर्वेद में तुलसी को जड़ी-बूटियों की रानी भी कहा जाता है। आयुर्वेदिक दवाईयों में इसका काफी इस्तेमाल किया जाता है और यह पुदीने के परिवार से ताल्लुक रखती है। खैर, तुलसी एंटीआक्सीडेंट से भरपूर है। यह तनाव से मुक्ति दिलाने में सहायक जड़ी-बूटी है। तुलसी के नियमित इस्तेमाल से शरीर में ऊर्जा आती है जो स्वस्थ होने का अहसास कराती है। ब्लड शुगर को बेहतर करने में भी तुलसी का योगदान है। गर्भवती महिला या जो जोड़े बच्चा पैदा करने की योजना बना रहे हैं उन्हें इसका सेवन नहीं करना चाहिए। 

कैसे करें इस्तेमाल:

तनावमुक्त रहने के लिए आप तुलसी को कई तरह से उपयोग में ला सकते हैं जैसे:

  • चाय
  • खाना पकाने में
  • टैबलेट या कैप्सूल की तरह
  • पाउडर की तरह

अश्वगंधा

मानसिक और शारीरिक तनाव से राहत दिलाने में अश्वगंधा उपयोगी जड़ी-बूटी है। इंडियन जरनल आफ साइकोलोजिक मेडिसिन में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार अश्वगंधा कोर्टिसोल और स्ट्रेस हार्मोन के स्तर को कम करने में मददगार है। तनाव के कारण व्यक्ति विशेष में कोर्टिसोल का स्तर बढ़ सकता है। इस वजह से हार्मोन असंतुलन और न्यूरोट्रांसमीटर जैसी समस्या आ सकती है। ये भी चिंता, अवसाद और नींद की कमी के मुख्य लक्षण हैं। नियमित अश्वगंधा लेने से तनाव को कम कर दिमाग को शांत रखा जा सकता है।

कैसे करें इस्तेमाल:

1/2 चम्मच अश्वगंधा पाउडर को एक गिलास गर्म पानी में मिलाएं और रात को सोने से पहले पी लें।

(और पढ़ें - तनाव के लिए योग)

लैवेंडर

चिंता को कम करने में लैवेंडर काफी प्रभावी जड़ी-बूटी है। यह शरीर को आराम देती है और अच्छी नींद को भी प्रोत्साहित करती है। लैवेंडर पर हुए कुछ अध्ययनों से पता चला है कि चिंता की समस्या से छुटकारे के लिए यह बहुत लाभदायक होती है।

कैसे करें इस्तेमाल:

लैवेंडर को आप चाय के रूप में पी सकते हैं या औषधीय तेल की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं। इसका कोई नकारात्मक प्रभाव भी नहीं हैं। इसके तेल को अरोमाथेरपी के लिए भी उपयोग में लाया जा सकता है।

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हल्दी

निःसंदेह हल्दी आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत ही उपयोगी जड़ी-बूटी है। इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो मस्तिष्क में रक्त प्रवाह बढ़ाते हैं और हृदय स्वास्थ्य में सुधार होता है। हल्दी में एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं और अवसाद पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही हल्दी तनाव को कम कर मस्तिष्क और हृदय की उम्र भी बढ़ाती है।

कैसे करें इस्तेमाल:

रोजाना 1/4 चम्मच ऑर्गेनिक हल्दी का सेवन करें।

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ब्राह्मी

ब्राह्मी में तनाव कम करने के गुण होते हैं। यह मस्तिष्क में सेरोटोनिन (मस्तिष्क में पाया जाने वाला रसायन) का स्तर बढ़ाती है। इसकी मदद से पूरा शरीर आसानी से तनाव को मात दे सकता है। इसके अलावा ब्राह्मी थकान को कम कर मस्तिष्क को शांत करती है। यह मानसिक स्थिति को बेहतर कर ध्यान केंद्रित करने में भी मददगार है।

कैसे करें इस्तेमाल:

1/2 कप दूध या पानी में 1/2 चम्मच ब्राह्मी पाउडर मिलाएं। लगभग तीन मिनट तक भीगने दें। अच्छी तरह मिक्स होने पर इसमें आवश्यकता अनुसार शहद मिलाएं। अब इस मिश्रण को पी लें।

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