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कान बहना क्या होता है ?

कान बहने का मतलब है कान से एक तरल पदार्थ का रिसाव होना। इसे चिकित्सीय भाषा में ओटोरिया (otorrhea) कहा जाता है।

अधिकांश मामलों में आपके कान में वैक्स होती है। इसका काम यह सुनिश्चित करना है कि धूल, बैक्टीरिया या अन्य पदार्थ आपके कान में न जा पाएं।

हालांकि, कुछ अन्य स्थितियों, जैसे कि कान के परदे के फटने से आपके कान से रक्त या अन्य तरल पदार्थों का रिसाव भी हो सकता है। यह इस बात का संकेत है कि आपके कान में चोट लगी है या संक्रमण है और आपको तुरंत चिकित्सा लेने की आवश्यकता है।

(और पढ़ें - संक्रमण का इलाज)

कान से रिसाव सामान्य, खूनी और सफेद हो सकता है, जैसे मवाद। रिसाव के कारणों पर निर्भर करते हुए, लोगों को कान में दर्द, बुखार, खुजली, वर्टिगो, कान बजना और सुनाई देना बंद होना हो सकता है।

(और पढ़ें - कान में दर्द क्यों होता है)

  1. कान बहने के प्रकार - Types of Ear Discharge in Hindi
  2. कान बहने के लक्षण - Ear Discharge Symptoms in Hindi
  3. कान बहने के कारण - Ear Discharge Causes in Hindi
  4. कान बहने से बचाव - Prevention of Ear Discharge in Hindi
  5. कान बहने का परीक्षण - Diagnosis of Ear Discharge in Hindi
  6. कान बहने का उपचार - Ear Discharge Treatment in Hindi
  7. कान बहना की दवा - Medicines for Ear Discharge in Hindi
  8. कान बहना के डॉक्टर

कान बहने के प्रकार - Types of Ear Discharge in Hindi

कान बहने के क्या प्रकार होते हैं ?

कान बहने के निम्नलिखित प्रकार होते हैं -

  • पस या धुंधला द्रव -
    यह सबसे सामान्य कान से रिसाव के प्रकार में से एक है। इसका मुख्य कारण कान का संक्रमण होता है। 10% बैक्टीरियल कान के संक्रमण में कान का पर्दा फट जाता है। (और पढ़ें - बैक्टीरियल संक्रमण का इलाज)
     
  • कान की ट्यूब से द्रव का रिसाव -
    कान के संक्रमण से अक्सर ग्रस्त रहने वाले बच्चों को कान में वेंटिलेशन ट्यूब डाली जा सकती है। ये ट्यूब मध्य कान को तरल पदार्थ निकालकर शुष्क रहने में मदद करता है। कभी-कभी, यह ट्यूब बंद हो जाती है। सामान्य तरल पदार्थ मध्य कान में बनते रहते हैं, जब तक कान की ट्यूब फिर से खुल नहीं जाती। इससे एक दिन के लिए कान से कुछ स्पष्ट द्रव का रिसाव हो सकता है।
     
  • वैक्स -
    वैक्स हल्के भूरे, गहरे भूरे या नारंगी भूरे रंग का होता है। यदि यह गीला हो जाता है, तो यह एक रिसाव की तरह दिख सकता है। (और पढ़ें - कान में संक्रमण का इलाज)
     
  • खून -
    यह रिसाव कान की चोट के बाद होता है। आमतौर पर, यह कान की लाइनिंग पर एक छोटी सी खरोंच होती है।
     
  • पानी -
    कभी-कभी नहाने का पानी या आँसू कान में जा सकते हैं। कभी-कभी होने वाला पानी का रिसाव इन कारणों से होता है। (और पढ़ें - कान दर्द के घरेलू उपाय)
     
  • स्विमर्स ईयर्स रिसाव -
    स्विमर्स ईयर्स के प्रारंभिक लक्षण में कान में खुजली होती है। बाद के लक्षणों में सफेद व पानी वाला रिसाव होता है। यह मुख्य रूप से तैराकों को और गर्मी के समय में होता है।
     
  • कान में किसी वस्तु का जाना -
    छोटे बच्चे अपने कान में छोटी वस्तुएं डाल सकते हैं। इससे छोटे संक्रमण हो सकते हैं और पस के रंग का रिसाव हो सकता है। यदि वस्तु नुकीली थी, तो रिसाव में खून भी आ सकता है।

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कान बहने के लक्षण - Ear Discharge Symptoms in Hindi

कान बहने के लक्षण क्या होते हैं ?

कान बहने में आपके कान से एक तरल पदार्थ का रिसाव होता है। यह रिसाव सामान्य, खूनी, मोटा और सफेद हो सकता है, जैसे मवाद। रिसाव के कारणों पर निर्भर करते हुए, इसके निम्नलिखित लक्षण हो सकते हैं-

(और पढ़ें - बीमारियों के लक्षण और उपचार)

कान बहने के कारण - Ear Discharge Causes in Hindi

कान बहने के क्या कारण होते हैं ?

कान से रिसाव होने के नम्नलिखित कारण हो सकते हैं -

कान के संक्रमण-
कान का संक्रमण तब होता है जब एक जीवाणु या वायरल संक्रमण मध्य कान को प्रभावित करता है (कान के परदे के पीछे की जगह)।

(और पढ़ें - परजीवी संक्रमण का उपचार)

शरीर में बाहरी वस्तुएं-
कोई बाहरी वस्तु ऐसी चीज़ होती है, जो शरीर में होती है लेकिन वह शरीर का हिस्सा नहीं होती। यह गलती से या जानबूझकर शरीर में डाली जा सकती है।

बाहरी कान का संक्रमण (स्विमर्स ईयर्स)-
स्विमर्स ईयर्स के प्रारंभिक लक्षण में कान में खुजली होती है। बाद के लक्षणों में एक सफेद व पानी वाला रिसाव होता है। यह मुख्य रूप से तैराकों और गर्मी के समय में होता है।

(और पढ़ें - गर्मियों में क्या खाएं)

मध्य कान का संक्रमण (ओटिटिस मीडिया)-
मध्यम कान का संक्रमण (ओटिटिस मीडिया) तब होता है जब एक वायरस या बैक्टीरिया कान के पीछे के क्षेत्र में सूजन करता है। यह बच्चों में सबसे आम है।

मेस्टोइडिटिस (Mastoiditis)-
यदि कोई संक्रमण आपके मध्य कान में फैलता है और आपकी कंबुकर्णी नली (यूस्टेकियन ट्यूब) को अवरुद्ध करता है, तो बाद में इससे मास्टॉइड हड्डी में गंभीर संक्रमण हो सकता है।

(और पढ़ें - हड्डी के संक्रमण का इलाज)

हानिकारक ओटिटिस एक्सटर्ना (Maslignant Otitis Externa)-
यह तब होता है जब एक कान का संक्रमण बाहरी कान और आसपास के ऊतकों तक फैल जाता है।

सिर की चोट-
सिर की चोट आपके मस्तिष्क, खोपड़ी या मस्तक की चोट होती है। सभी सिर की चोटों का गंभीरता से चिकित्सक द्वारा उपचार और मूल्यांकन किया जाना चाहिए। इस स्थिति को आपातकालीन स्थिति माना जाता है, इसमें आवश्यक देखभाल की ज़रूरत हो सकती है।

(और पढ़ें - सिर की चोट का इलाज)

कान के परदे को नुकसान-
कान के परदे में एक छेद या खरोंच से कान से रिसाव हो सकता है।

कोलेस्टिओटोमा (Cholesteatoma)-
कोलेस्टिओटोमा एक गैर-कैंसर रोग है, जो कान में विकसित हो सकता है।

(और पढ़ें - कैंसर का इलाज)

सिर का फ्रैक्चर-
इस स्थिति को आपातकालीन स्थिति माना जाता है, इसमें आवश्यक देखभाल की ज़रूरत होती है।

(और पढ़ें - मस्तिष्क संक्रमण का इलाज)

कान बहने से बचाव - Prevention of Ear Discharge in Hindi

कान बहने का बचाव कैसे होता है ?

  • कान में संक्रमण से बचने के लिए, बीमार लोगों से दूर रहने की कोशिश करें। (और पढ़ें - फंगल इन्फेक्शन का इलाज)
  • स्तनपान से शिशुओं को कानों के संक्रमण से सुरक्षा मिलती है, क्योंकि उन्हें दूध में अपनी मां की एंटीबॉडी प्राप्त होती हैं। (और पढ़ें - स्तनपान के फायदे)
  • बाहरी वस्तुओं को अपने कानों से दूर रखें, ताकि आपका कान का पर्दा न फटे।
  • यदि आप जानते हैं कि आप अत्यधिक शोर वाले क्षेत्र में जाने वाले हैं, तो कान को ढ़कने के लिए कुछ इस्तेमाल करें।
  • "स्विमर् ईयर" (swimmer ear) से बचने के लिए, पानी से बाहर आने के बाद अपने कानों को अच्छे से सुखा लें। इसके अलावा, अपने सिर को एक तरफ झुकाकर पानी को निकालने की कोशिश करें।
  • तैराकी करने के बाद, स्विमर्स ईयर्स को बढ़ने से रोकने के लिए आप केमिस्ट से मिलने वाली दवाओं का उपयोग भी कर सकते हैं।

(और पढ़ें - दवाओं की जानकारी)

कान बहने का परीक्षण - Diagnosis of Ear Discharge in Hindi

कान बहने का निदान/ परीक्षण कैसे होता है ?

कान बहने वाली समस्या से ग्रस्त लोगों में, डॉक्टर पहले व्यक्ति के लक्षणों और चिकित्सा इतिहास के बारे में सवाल पूछते हैं।
इसके बाद डॉक्टर एक शारीरिक परीक्षण करते हैं। इतिहास और शारीरिक परीक्षण के दौरान डॉक्टरों को अकसर कान के रिसाव का कारण समझ आ जाता है, इसके बाद टेस्ट की आवश्यकता नहीं रहती है।

(और पढ़ें - लैब टेस्ट लिस्ट)

चिकित्सा के इतिहास के बारे में पूछने के दौरान, डॉक्टर निम्नलिखित के बारे में पूछते हैं -

  • क्या व्यक्ति ने कान को नुकसान पहुंचाने वाली कोई गतिविधि (उदाहरण के लिए तैराकी, कान के अंदर बाहरी वस्तुओं का उपयोग) की है ? (और पढ़ें - तैराकी के फायदे)
  • क्या व्यक्ति को कान में संक्रमण फिर से हुआ है?
  • क्या व्यक्ति को कोई गंभीर सिर की चोट आई है?

(और पढ़ें - चोट की सूजन का इलाज)

शारीरिक परीक्षण के दौरान डॉक्टर कान, नाक, गले और तंत्रिका तंत्र की जांच करने पर ध्यान केंद्रित करते हैं। कान को एक प्रकाश के साथ जांच कर, चिकित्सक आमतौर पर कान के रिसाव के सामान्य कारणों का निदान कर सकते हैं।

(और पढ़ें - गले के संक्रमण के लक्षण)

चिकित्सक के परीक्षण के बाद, कान के रिसाव के कई कारण स्पष्ट होते हैं। इसके संभावित परीक्षण निम्नलिखित हैं -

(और पढ़ें - मैमोग्राफी क्या है)

डॉक्टर आपकी सुनाने की शक्ति का परीक्षण (ऑडीओमेट्री) करेंगे। कभी-कभी सीटी स्कैन या एमआरआई की जरूरत भी पड़ सकती है। यदि कान में असामान्य ऊतक मौजूद हैं, तो ऊतक का एक नमूना लिया जा सकता है (बायोप्सी)।
कभी-कभी संक्रमण की पहचान करने के लिए रिसाव का नमूना भी लिया जा सकता है।

(और पढ़ें - बायोप्सी क्या होता है)

कान बहने का उपचार - Ear Discharge Treatment in Hindi

कान बहने का इलाज कैसे होता है ?

कान के बहने का उपचार कारण पर निर्भर होता है।

  • जिन लोगों के कान के परदे में बड़े छेद होते हैं, उन्हें कान से पानी को दूर रखने की सलाह दी जाती है।
  • पानी को कान से बाहर रखने के लिए, रुई पर पेट्रोलियम जेली लगाएं और कान में रख लें। (और पढ़ें - पेट्रोलियम जेली के फायदे)
  • डॉक्टर भी आपके लिए सिलिकॉन के डाट बना सकते हैं और कान में लगा सकते हैं। ऐसे डाट को सही आकार और आकृति का बनाया जाता है ताकि वह कान में फंसे नहीं और आसानी से हटाया न जा सके।

(और पढ़ें - सर्जरी से पहले की तैयारी)

Dr. Chintan Nishar

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कान बहना की दवा - Medicines for Ear Discharge in Hindi

कान बहना के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine Name
Otorex खरीदें
Ciplox खरीदें
Dexoren S खरीदें
Throatsil खरीदें
Cifran खरीदें
Neocip खरीदें
Winvax खरीदें
Neoflox खरीदें
Newcip खरीदें
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Nucipro (Numed) खरीदें
Olbid खरीदें
Low Dex खरीदें
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Pic खरीदें
Q Bid खरीदें
Quinopic खरीदें
Dexacort खरीदें
Tn 500 खरीदें
Quinotop खरीदें
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4 Quin DX खरीदें

References

  1. Peter Dannat. Management of patients presenting with otorrhoea: diagnostic and treatment factors. Br J Gen Pract. 2013 Feb; 63(607): e168–e170.doi: [10.3399/bjgp13x663253]
  2. Appiah Korang L. Aetiological agents of ear discharge: a two year review in a teaching hospital in Ghana.. Ghana Med J. 2014 Jun; 48(2):91-5
  3. Vaghela A et al. An analysis of ear discharge and antimicrobial sensitivity used in its treatment. Int J Res Med Sci. 2016 Jul; 4(7):2656-60
  4. MedlinePlus Medical Encyclopedia: US National Library of Medicine; Ear discharge
  5. Center for Disease Control and Prevention [internet], Atlanta (GA): US Department of Health and Human Services; Ear Infection
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