वर्टिगो - Vertigo in Hindi

Dr. Ayush PandeyMBBS,PG Diploma

June 28, 2017

March 23, 2022

वर्टिगो
वर्टिगो

वर्टिगो एक सेंसेशन फीलिंग है, जिसमें चक्कर आने या फिर सिर घूमने जैसा महसूस होता है. आमतौर पर यह समस्या सर्वाइकल दर्द, सिर में दर्द, कान में दर्द या फिर गर्दन में दर्द की परेशानी से जूझ रहे लोगों को होती है. वर्टिगो में चक्कर आने के साथ-साथ उल्टी या जी मिचलाने जैसा भी महसूस होता है.

आज इस लेख से हम वर्टिगो के लक्षण, कारण और इलाज के बारे में विस्तार से जानेंगे -

(और पढ़ें - चक्कर आने के घरेलू उपाय)

क्या है वर्टिगो? - What is Vertigo in Hindi

वर्टिगो ऐसी स्थिति है, जिसमें आस-पास की सभी चीजें घूमती हुई नजर आती हैं. अगर मरीज एक जगह बैठा भी हुआ है, तो भी उसे चक्कर आने जैसा महसूस होता है. इस समस्या के दो प्रकार माने गए हैं, जिनके बारे में नीचे बताया गया है -

पेरिफेरल वर्टिगो

इसे वर्टिगो का सबसे आम प्रकार माना गया है. जब कान के अंदरुनी हिस्से में या वेस्टिबुलर तंत्रिका में किसी तरह की समस्या आता है, तो व्यक्ति को पेरिफेरल वर्टिगो का सामना करना पड़ता है. वेस्टिबुलर तंत्रिका शरीर को संतुलित बनाए रखने का काम करती है.

(और पढ़ें - चक्कर आने पर क्या करें)

सेंट्रल वर्टिगो

मस्तिष्क में किसी भी तरह की समस्या होने पर सेंट्रल वर्टिगो का सामना करना पड़ता है. यह समस्या के पीछे निम्न कारण हो सकते हैं -

(और पढ़ें - चक्कर आने पर क्या खाएं)

वर्टिगो के लक्षण - Vertigo Symptoms in Hindi

वर्टिगो की समस्या में शरीर का संतुलन बिगड़ने लगता है और चक्कर आने लगते हैं. इस बीमारी में सिर इधर-उधर घुमाने से समस्या और गंभीर हो जाती है. जी मिचलाना, उल्टी इसके कुछ लक्षणों में से एक हैं. इसके कुछ अन्य लक्षण निम्न प्रकार से हैं -

  • अधिक पसीना आना
  • जी मिचलाना
  • उल्टी आना
  • सिर दर्द होना
  • कानों में घंटी जैसी आवाजें सुनाई देना
  • कम सुनाई देना
  • आंखों की एक्टिविटीज पर असर
  • शरीर का संतुलन बिगड़ना

(और पढ़ें - चक्कर आने का होम्योपैथिक इलाज)

वर्टिगो के कारण - Vertigo Causes in Hindi

यह तो आप जान ही गए हैं कि वर्टिगो शरीर का बैलेंस बिगड़ने की एक सेंसेशन फीलिंग है. वर्टिगो होने के पीछे सिर या गर्दन पर चोट लगने के साथ-साथ अन्य कारण भी हो सकते हैं, जिनके बारे में नीचे बताया गया है -

इंफेक्शन

वेस्टिबुलर नर्व में किसी तरह का वायरल इंफेक्शन होना वर्टिगो का कारण हो सकता है. इसे वेस्टिबुलर न्यूरिटिस या लैबीरिंथाइटिस कहा जाता है. तेज और बार-बार चक्कर आना इसके लक्षण हैं.

मेनिएरे डिजीज

अंदरूनी कान में अधिक फ्लूइड इकट्ठा होने से भी चक्कर आते हैं. वर्टिगो के ये लक्षण कुछ घंटे तक रह सकते हैं. इस अवस्था को मेनिएरे डिजीज कहा जाता है.

(और पढ़ें - कान के रोग का घरेलू उपाय)

माइग्रेन

माइग्रेन भी वर्टिगो का कारण हो सकता है. इसमें तेज सिर में दर्द, चक्कर, जी मिचलाना व उल्टी आना जैसे लक्षण कुछ मिनटों से लेकर कुछ घंटे तक रह सकते हैं.

(और पढ़ें - माइग्रेन के घरेलू उपाय)

सिर या गर्दन पर चोट लगना

सिर या गर्दन पर कोई गहरी चोट या चोट के कारण वेस्टिबुलर नर्व सिस्टम में समस्या होने से भी बार-बार चक्कर आने की समस्या हो सकती है.

बिनाइन पैरॉक्सिसमल पोजिशनल वर्टिगो

बिनाइन पैरॉक्सिसमल पोजिशनल वर्टिगो को आम समस्या माना गया है. इसमें सिर हिलाने से भी चक्कर आते हैं. जब कैल्शियम पार्टिकल्स कान के अंदर इकट्ठे हो जाते हैं, तब ब्रेन को पर्याप्त सिग्नल नहीं मिलते. इससे शरीर का संतुलन बिगड़ता है और चक्कर आते हैं.

कुछ दवाइयों के सेवन से

कुछ एंटीबायोटिक दवाओं के सेवन से भी वर्टिगो की परेशानी हो सकती है. सुनाई न देना या टिनिटस की समस्या व सुस्ती इसके लक्षण हैं.

(और पढ़ें - टिनिटस का इलाज)

वर्टिगो का इलाज - Vertigo Treatment in Hindi

वर्टिगो का इलाज दवा व एक्सरसाइज के जरिए किया जा सकता है. आइए, वर्टिगो के इलाज के बारे में विस्तार से जानते हैं -

दवाइयां

एंटी हिस्टामाइन जैसी दवाइयों का प्रयोग इस स्थिति को ठीक करने के लिए किया जाता है. बेशक, एंटी हिस्टामाइन दवा वर्टिगो में फायदेमंद है, लेकिन कुछ लोगों को इसे लेने से साइड इफेक्ट के रूप में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है. इसलिए, किसी भी तरह की दवा का सेवन करने से डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए.

(और पढ़ें - उलझन की समस्या की दवा)

एक्सरसाइज

कुछ एक्सरसाइज शरीर का संतुलन बनाने में सहायक होती हैं. योग से भी वर्टिगो की समस्या को कुछ हद तक ठीक किया जा सकता है. साथ ही बैलेंस ट्रेनिंग की मदद से भी वर्टिगो को ठीक किया जा सकता है.

सर्जरी

अगर ब्रेन ट्यूमर या फिर सिर में चोट लगने के कारण वर्टिगो की समस्या होती है, तो इस स्थिति में डॉक्टर सर्जरी की सलाह दे सकते हैं.

(और पढ़ें - ब्रेन ट्यूमर में क्या खाना चाहिए)

अरोमाथेरेपी

लैवेंडर जैसे एसेंशियल ऑयल को सूंघने से चक्कर आने, उल्टी व जी मिचलाने जैसी समस्या से कुछ आराम मिल सकता है. साथ ही सिर दर्द व माइग्रेन में भी आराम मिलता है.

सारांश – Summary

वर्टिगो की स्थिति में सब कुछ घूमता हुआ लगता है. कहने को यह समस्या मामूली लगती है, लेकिन इससे ग्रस्त मरीज के लिए ये गंभीर स्थिति से कम नहीं है. इसलिए, समय रहते इस समस्या का इलाज किया जाना जरूरी है. खुद से इलाज करने की बजाय डॉक्टर की सलाह पर दवा व व्यायाम आदि करना ही इस बीमारी का सही उपचार है.



संदर्भ

  1. Melissa S. Bloom et al. What is Vertigo? . American Physical Therapy Association, Section on Neurology [Internet]
  2. Rush University Medical Center. Vertigo. Chicago [Internet]
  3. Northwell Health. What is vertigo treatment?. New York, United States [Internet]
  4. Konrad HR. Vertigo and Associated Symptoms. In: Walker HK, Hall WD, Hurst JW, editors. Clinical Methods: The History, Physical, and Laboratory Examinations. 3rd edition. Boston: Butterworths; 1990. Chapter 123.
  5. MedlinePlus Medical Encyclopedia: US National Library of Medicine; Dizziness and Vertigo

वर्टिगो की दवा - Medicines for Vertigo in Hindi

वर्टिगो के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

वर्टिगो की ओटीसी दवा - OTC Medicines for Vertigo in Hindi

वर्टिगो के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

सम्बंधित लेख

cross
डॉक्टर से अपना सवाल पूछें और 10 मिनट में जवाब पाएँ