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इंकोप्रीसिस क्या है? 

इंकोप्रीसिस को फीकल सोइलिंग (पेंट में मल कर देना) के नाम से भी जाना जाता है। यह समस्या विशेष रूप से चार साल से बड़े बच्चों को तब होती है, जब उनका मल कपड़े में ही निकल जाता है। इंकोप्रीसिस की समस्या अामतौर पर कब्ज से संंबंधित होती है। मल वापस आंतों में जाने से कब्ज की समस्या शुरू हो जाती है। कब्ज का इलाज करने से इंकोप्रीसिस को ठीक किया जा सकता है, हालांकि इसको कुछ अधिक समय लग सकता है।  

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इंकोप्रीसिस के लक्षण क्या हैं?

इंकोप्रीसिस होने पर कई बार दस्त के चलते गलती से मल बच्चे के कपड़ों में ही निकल जाता है। इसके साथ ही मरीज को कब्ज के साथ ही सूखा और सख्त मल आना, मल त्यागने से बचना, लंबे समय के बाद मल त्यागना, भूख कम लगना आदि कुछ मुख्य लक्षण होते हैं।

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इंकोप्रीसिस क्यों होता है?

अक्सर कब्ज की वजह से इंकोप्रीसिस की समस्या हो जाती है। मल न त्यागने से कब्ज की समस्या हो जाती है। बच्चे मल रोकने के लिए अपने निचले हिस्से को टाइट कर लेते हैं, रोने लगते हैं, किसी कोने में छिप जाते हैं, अपने पैरों को क्रॉस कर लेते हैं। माता-पिता को लगता है कि बच्चा मल त्यागने के लिए ऐसा कर रहा है लेकिन बच्चा मल को रोकने के लिए ये सब करता है। इसके अलावा भावनात्मक तनाव के कारण भी बच्चे को इंकोप्रीसिस की समस्या हो जाती है। 

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 इंकोप्रीसिस​​ का इलाज कैसे होता है?

इंकोप्रीसिस के इलाज के लिए डॉक्टर कब्ज दूर करने वाले कुछ उत्पादों को इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं। जिसमें मिनरल ऑयल, एनीमा व लैक्सटिव को शामिल किया जाता है। इसके अलावा बच्चे की दिनचर्या में बदलाव करके भी इंकोप्रीसिस को दूर करने में मदद मिलती है। इसके लिए बच्चे की डाइट में फाइबर युक्त आहार और पर्याप्त मात्रा में पानी को शामिल किया जाता है, ताकि बच्चे को मल त्यागने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। 

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