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एनिमा चिकित्सा की एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके अंतर्गत पीड़ित व्यक्ति के गुदा द्वार के माध्यम से निचली आंत में तरल पदार्थ को इंजेक्ट किया जाता है।

एनिमा का सबसे अधिक उपयोग कब्ज से छुटकारा पाने और चिकित्सा जाँच या प्रक्रिया से पहले आंत को साफ करने के लिए होता है।

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एनिमा तकनीक प्राचीन मिस्र के समय से ही उपयोग की जाती रही है और बुखार से लेकर आंतों में कीड़े जैसी कई बीमारियों से छुटकारा पाने के लिए इसका उपयोग किया गया है।

एनिमा क्रिया पची हुई खाद्य सामग्री से पानी निकालने और मल बनने की प्रक्रिया में पाचन क्रिया को सहयोग करती है। आपके डॉक्टर इलाज के लिए या किसी तरह की जाँच के ​​उद्देश्य से एनिमा क्रिया की सिफारिश कर सकते हैं।

इस लेख में विस्तार से बताया गया है कि एनिमा क्रिया क्या है, एनिमा के प्रकार और एनिमा क्रिया कैसे करे इसके साथ ही यह भी बताया गया है कि एनिमा के फायदे या लाभ और नुकसान क्या-क्या हो सकते हैं।

  1. एनिमा क्रिया क्या है - Enema kya hai in hindi
  2. एनिमा के प्रकार - Enema ke prakar in hindi
  3. एनिमा क्रिया कैसे करे - Enema procedure in hindi
  4. एनिमा के फायदे - Enema ke labh in hindi
  5. एनिमा के नुकसान - Enema side effects in hindi

आम तौर पर कब्ज से पीड़ित लोगों के इलाज के लिए अंतिम उपाय के रूप में एनिमा की सिफारिश की जाती है। कब्ज वाले लोगों को एनिमा क्रिया से राहत प्रदान की जा सकती है। हालाँकि, कुछ साइड इफेक्ट्स की आशंका के चलते पीड़ित व्यक्ति की इस क्रिया के दौरान अच्छे से देखभाल की जानी चाहिए।

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आपके डॉक्टर अक्सर कब्ज के इलाज के लिए एनिमा को आजमाने से पहले पीड़ित व्यक्ति को लैक्सेटिव (एक दवा), सपोजिटरी (एक ठोस दवा जो गुदा में डालने के बाद घुल जाती है) और उच्च फाइबर वाले भोजन की सलाह दे सकते हैं।

एनिमा क्रिया में, जैसे कि प्रसिद्ध फ्लीट एनिमा (एनिमा क्रिया का एक प्रकार) में, गुदा द्वार के माध्यम से आंतों में तरल पदार्थ डाल कर कब्ज का इलाज किया जाता हैं। यह तरल पदार्थ ठोस मल को नरम करता है, जबकि एनिमा नोजल गुदा द्वार को ढीला करती है। इस क्रिया के कारण आंत में हलचल होती है।

आपके डॉक्टर आंत या गुदा की निम्नलिखित बीमारियों और परेशानियों का इलाज करने के लिए एनिमा क्रिया की सिफारिश कर सकते हैं -

  • कब्ज, कठोर, शुष्क और अनियमित मल जिसे पास करने में मुश्किल होती है।
  • अत्यधिक गैस बनना, डकार, पेट फूलना जैसी परेशानी हो। (और पढ़े - पेट फूलने का घरेलू इलाज)
  • फेकल इम्पेक्शन, बार-बार कब्ज होने से गुदा द्वार में ठोस मल जम जाना।
  • अल्सरेटिव कोलाइटिस, सूजन और आंत में खून बहना। ऐसे मामले में आपके डॉक्टर पानी में घुलने वाले कॉर्टिकोस्टेरॉइड से युक्त एनिमा के उपयोग के लिए कह सकते हैं। कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स सूजन को कम करता है।

आपके डॉक्टर किसी चिकित्सा प्रक्रिया से पहले जाँच के लिए भी एनिमा क्रिया कर सकते हैं। इस प्रकार की एनिमा क्रिया (इसे क्लींजिंग एनिमा कहा जाता है क्योंकि यह आंत को साफ़ कर देती है) कोलोनोस्कोपी जैसे कुछ परीक्षणों के दौरान आपकी आंत की जांच करना आसान बनाती है। क्लींजिंग एनिमा आपके कोलन में बैक्टीरिया की मात्रा को भी कम करती है और सर्जरी के दौरान संक्रमण का जोखिम भी कम कर सकती है।

एनिमा के उपयोग के उद्देश्य के आधार पर इसके दो प्रकार है जो निम्नलिखित है -

  • चिकित्सीय एनिमा - 
    यह एक ऐसी एनिमा क्रिया है जो आंत या गुदा साफ करती है, कब्ज से राहत देती है या बीमारियों का इलाज करती है, जैसे कि इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज (क्रोहन और अल्सरेटिव कोलाइटिस)।
     
  • डायग्नोस्टिक एनिमा - 
    एक ऐसी एनिमा क्रिया है जो पेट दर्द, रक्तस्राव के लक्षण और अल्सरेटिव कोलाइटिस सहित आंत या गुदा की कुछ परेशानियों का पता लगाने में मदद करती है। बेरियम एनिमा एक ऐसी ही एनिमा क्रिया है। बेरियम एक्स-रे पर अच्छी तरह से दिखता है और आपके डॉक्टर को आंत को विस्तार से देखने में मदद करता है।

एनिमा क्रिया में उपयोग किये जाने वाले तरल पदार्थ के आधार पर एनिमा के सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले प्रकार निम्नलिखित हैं -

  • फ्लीट्स फॉस्फोसोडा एनिमा -
    यह एनिमा का एक ब्रांड नाम है।इस क्रिया के अंतर्गत आंतों में पानी बनाये रखने के लिए सोडियम फॉस्फेट नामक साल्ट का उपयोग किया जाता है।

    कब्ज के लिए फ्लीट एनिमा को सबसे अधिक उपयोगी माना जाता है, किंतु साइड इफेक्ट्स को रोकने के लिए इसको एक उचित खुराक में ही दिया जाना चाहिए।

    यह डिस्पोजेबल बैग और नोजल के साथ बाजार में मिलता है, जिससे इसका उपयोग करना बहुत आसान है क्योंकि इसके अलावा किसी अन्य उपकरण की आवश्यकता नहीं पड़ती है।
     
  • मिनरल आयल एनिमा - 
    इस प्रकार के एनिमा आंत के अंदर एक लुब्रिकेंट्स की तरह काम करते हैं, जिससे पीड़ित व्यक्ति को ठोस मल त्यागने में आसानी होती है।
     
  • सलाईन सोल्यूशन एनिमा - 
    इस प्रकार के एनिमा को घर पर तैयार किया जा सकता है। इसे बनाने के लिए आपको एनिमा बैग, एनिमा ट्यूब और डिस्टिल्ड पानी सहित कुछ उपकरणों को खरीदने की आवश्यकता होती है। आमतौर पर एक सेर गर्म पानी में नमक के दो चम्मच डाल कर बनाया गया घोल उपयोग किया जाता है।
     
  • दूध और गुड़ - 
    यह एनिमा भी घर पर दूध और गुड़ की बराबर मात्रा मिला कर बनाया जा सकता है। दूध और गुड़ में मौजूद शर्करा आंतों में रह जाता है और ठोस मल को नरम करता हैं।

एनिमा क्रिया को आपके घर में भी आराम से किया जा सकता है। इस तरह से यह कम महँगी पड़ती है। लेकिन आपको अपने डॉक्टर से पहले विस्तृत निर्देश लेने के बाद ही इस क्रिया को करना चाहिए। इस प्रक्रिया की नाजुक प्रकृति के कारण, अपने किसी प्रियजन की मदद लेनी चाहिए, जो ध्यान से इस क्रिया को करने में मदद कर सके।

एनिमा क्रिया में ट्यूब के एक तरफ एक बैग में रखे नमक के पानी का घोल उपयोग करते हैं। दूसरा भाग लुब्रिकेट किया जाता है और सीधे गुदा में रख दिया जाता है। घोल को आंत तक पहुंचाने के लिए, एक करवट पे लेट कर घुटनों को अपनी छाती से लगाए।

एनिमा क्रिया करने के लिए कुछ सामान्य कदम निम्नलिखित हैं -

  • एनिमा क्रिया शुरू करने से पहले एक या दो गिलास पानी पी लें क्योंकि यह प्रक्रिया आपको निर्जलित या डिहाइड्रेट कर सकती है।
  • अब अपने घुटनों को मोड़ कर पेट के निचे ला कर उलटे लेट जाएं।
  • एनिमा ट्यूब को चिकना करें और धीरे-धीरे इसे अपनी गुदा में डालें।
  • यदि आप एक डिस्पोजेबल एनिमा का उपयोग कर रहे हैं, तो धीरे-धीरे अपनी गुदा में बैग की सामग्री निचोड़ें। यदि आप घर में बने घोल के साथ एनिमा बैग का उपयोग कर रहे हैं, तो बैग ऊपर की ओर पकड़ें और सामग्री को नली में उड़ेल दें।
  • एक बार बैग खाली हो जाने पर, ट्यूब को अपनी गुदा से हटा दें।
  • इस स्थिति में तब तक रहें जब तक की आपको मलत्याग करने की आवश्यकता महसूस न होने लगे। आपको 2 से 10 मिनट के भीतर ऐसा करने की एक तेज इच्छा महसूस होगी। अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए कम से कम 5 मिनट तक एनिमा ट्यूब को गुदा में रखने का प्रयास करें।

यदि आप एनिमा क्रिया के बारे में कुछ नहीं जानते हैं, तो आपको विशेषज्ञ पेशेवर से मदद लेनी चाहिए। वे मेडिकल पर मिलने वाली घर में उपयोग करने की एनिमा किट को लेने की भी सलाह दे सकते हैं। लेकिन इसके उपयोग से पहले अपने डॉक्टर से जाँच करवा लें।

कुछ प्रकार की एनिमा क्रिया को डॉक्टर के क्लिनिक या हॉस्पिटल में ही किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, बेरियम एनिमा, जिसमें एक तरल यौगिक का उपयोग किया जाता है जो गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट के कुछ क्षेत्रों को हाइलाइट करता है। इससे आपके डॉक्टर जाँच के दौरान ट्रैक्ट को साफ़-साफ़ आसानी देख सकते हैं। कब्ज के इलाज के लिए बेरियम एनिमा का उपयोग नहीं किया जाता है।

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यद्यपि एनिमा का आंत को साफ़ करने वाला पहलू वैज्ञानिक रूप से चर्चा का विषय है, लेकिन कई लोग इसकी प्रक्रियाओं, आंत साफ़ करने वाले गुणों और अन्य चीज़ों से सहमत हैं।

एनिमा का एक फायदा यह है कि यह एक सुरक्षित और प्राकृतिक प्रक्रिया है जिसे आप अपने घर में गोपनीयता से कर सकते हैं। एनिमा क्रिया के कुछ सत्रों के बाद, आप इसे आसानी से करने में सक्षम हो जाते हैं।

एनिमा क्रिया आपके रक्त परिसंचरण में सुधार करती है, ऊर्जा को बढ़ाती है और अनिद्रा में राहत प्रदान करती है।

आंत को साफ़ करने वाली एनिमा क्रिया पेट में कच्ची सब्जी वाले भोजन से पोषक तत्वों को प्रभावी ढंग से अवशोषित करने में मदद करती है, जिसके परिणामस्वरूप ध्यान, सतर्कता बढ़ती है और आपके संपूर्ण स्वास्थ्य में सुधार होता है।

आंत साफ़ करने की एनिमा क्रिया आंतों के ट्रैक्ट से अपशिष्ट पदार्थ तुरंत साफ़ कर सकती है, जो चयापचय को सही से शुरू कर सकता है, पेट के फूलने और विषाक्त पदार्थों को कम कर सकता है और आसानी से वजन घटाने  मदद करता है।

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कई प्रकार के लाभ के बावजूद, यह प्रक्रिया अपने जोखिमों से मुक्त नहीं है, खासकर तब जब घर पर बिना विशेषज्ञ की निगरानी के की जाती है।

एनिमा क्रिया के निम्नलिखित जोखिम और साइड इफ़ेक्ट हो सकते हैं -

  • अगर सही तरह से प्रक्रिया न की जाए तो आपके गुदा द्वार में छेद हो सकता है। आंतरिक अंगों की मरम्मत और संभावित क्षति को ठीक करने के लिए सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है।
  • इसके अलावा, गुदा और आंत के "धोने" से आपके शरीर के पोषक तत्वों और तरल पदार्थों के सामान्य अवशोषण की प्रक्रिया में हस्तक्षेप हो सकता है, जिससे रासायनिक असंतुलन होता है।
  • एनिमा क्रिया से मतली, उल्टी, और दस्त जैसे साइड इफेक्ट्स होने की भी आशंका होती है। (और पढ़े - उल्टी रोकने के घरेलू उपाय)

नोट - ये लेख केवल जानकारी के लिए है। myUpchar किसी भी सूरत में किसी भी तरह की चिकित्सा की सलाह नहीं दे रहा है। आपके लिए कौन सी चिकित्सा सही है, इसके बारे में अपने डॉक्टर से बात करके ही निर्णय लें।

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