कोर्टिसोल कम होना - Low cortisol in Hindi in Hindi

Dr. Anurag Shahi (AIIMS)MBBS,MD

March 13, 2021

March 13, 2021

कई बार आवाज़ आने में कुछ क्षण का विलम्ब हो सकता है!
कोर्टिसोल कम होना
कई बार आवाज़ आने में कुछ क्षण का विलम्ब हो सकता है!

कोर्टिसोल एक स्ट्रेस हार्मोन है, जो कि शरीर में अधिवृक्क ग्रंथियों (एड्रेनल ग्लैंड्स) द्वारा रिलीज होता है। जब कोई व्यक्ति तनावग्रस्त होता है, तो उसकी अधिवृक्क ग्रंथियां कोर्टिसोल नामक हार्मोन का उत्पादन करती हैं। बता दें, यह ग्रंथियां किडनी के ठीक ऊपर होती हैं। यह तनाव के प्रति शरीर को प्रतिक्रिया करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यह हड्डियों के स्वास्थ्य, प्रतिरक्षा प्रणाली की प्रतिक्रिया और भोजन के चयापचय में भी भूमिका निभाती है। आमतौर पर आपका शरीर सामान्य रूप से उत्पादित कोर्टिसोल की मात्रा को संतुलित करता है। अगर इन ग्रंथियों द्वारा सामान्य से ज्यादा कोर्टिसोल को रिलीज किया जाता है, तो उसे 'हाई कोर्टिसोल' और सामान्य से कम उत्पादन करने की स्थिति को 'लो कोर्टिसोल' नाम से जाना जाता है।

इस लेख में आपको लो कोर्टिसोल के लक्षण, कारण और इलाज के बारे में बताया गया है :

कोर्टिसोल कम होने के लक्षण - Low cortisol symptoms in Hindi

कोर्टिसोल का स्तर यदि पर्याप्त मात्रा में नहीं हो रहा है, तो ऐसे में एडिसनियन क्राइसिस हो सकता है, बता दें यह एक गंभीर चिकित्सा स्थिति है। इसे एक्यूट एड्रेनल क्राइसिस के नाम से भी जाना जाता है। जिन लोगों को एडिसन की बीमारी है या जिनके अधिवृक्क ग्रंथियों को किसी वजह से नुकसान पहुंचा है, उनमें कोर्टिसोल का स्तर सामान्य से कम रह सकता है।

कोर्टिसोल कम होने के लक्षणों में शामिल हैं :

यदि किसी व्यक्ति को एडिसन की बीमारी है और उसने इलाज नहीं कराया है या गंभीर तनाव की वजह से अधिवृक्क ग्रंथियों को नुकसान (कार दुर्घटना या संक्रमण) पहुंचा है, तो ऐसे में कुछ अन्य लक्षणों को भी नोटिस किया जा सकता है जैसे अचानक चक्कर आना, उल्टी और यहां तक कि बेहोशी

(और पढ़ें - कोर्टिसोल टेस्ट क्या है)

कोर्टिसोल कम होने का कारण - Low cortisol causes in Hindi

कोर्टिसोल के स्तर में बदलाव होने का मुख्य कारण अधिवृक्क ग्रंथियों को किसी वजह से नुकसान पहुंचना है। अधिवृक्क ग्रंथियां आपके अंतःस्रावी तंत्र (endocrine system) का हिस्सा हैं। वे ऐसे हार्मोन का उत्पादन करते हैं, जो शरीर के लगभग हर अंग और ऊतकों को निर्देश देते हैं।

अधिवृक्क ग्रंथियों को नुकसान ज्यादातर ऑटोइम्यून ​रोग की वजह से होता है, जिसमें किसी व्यक्ति की प्रतिरक्षा प्रणाली शरीर की स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने लगती हैं। इसके अलावा कई बार कोर्टिसोल के स्तर में कमी का कारण कोई संक्रमण भी हो सकता है।

(और पढ़ें - परजीवी संक्रमण के लक्षण)

कोर्टिसोल कम होने का इलाज - Low cortisol treatment in Hindi

कोर्टिसोल का स्तर सामान्य करने के कुछ विकल्पों में मौखिक रूप से ली जाने वाली कॉर्टिकोस्टेरॉइड जैसे हाइड्रोकार्टिसोन (कोर्टेफ), प्रेडनिसोन या मिथाइलप्रेडनिसोलोन का उपयोग किया जा सकता है। लेकिन किसी दवाई को स्वयं लेने की जगह डॉक्टर से परामर्श करना एक अच्छा उपाय होगा। नीचे कुछ टिप्स बताए गए हैं, जिनके जरिये कोर्टिसोल के स्तर को नियंत्रित किया जा सकता है :

कोशिश करें कि रोजाना एक समय पर सोने के लिए बिस्तर पर जाएं और एक ही समय पर जागें।

(और पढ़ें - क्यों जरूरी है प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाए रखना)



कोर्टिसोल कम होना के डॉक्टर

Dr. Tanmay Bharani Dr. Tanmay Bharani एंडोक्राइन ग्रंथियों और होर्मोनेस सम्बन्धी विज्ञान
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