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आपसे कई बार कहा जाता है कि प्रोसेस्ड फूड खाना सही नहीं है। इसके बावजूद आप प्रोसेस्ड फूड से दूरी नहीं बना पाते। आपको जानकर हैरानी होगी कि फोर्टिफाइड ऑरेंज जूस और 100 फीसदी गेहूं से बना ब्रेड भी प्रोसेस्ड फूड ही है। हालांकि इनमें कुछ पोषक तत्व मौजूद हैं, जिन्हें सामान्य मात्रा में खाया जाना सही है। लेकिन हाईली प्रोसेस्ड फूड खाना कतई सही नहीं है। जितना संभव हो, इसे नजरंदाज किया जाना चाहिए। प्रोसेस्ड फूड के नियमित सेवन से मोटापे, हृदय रोग और टाइप 2 डायबिटीज का जोखिम बढ़ जाता है।

यही नहीं इस बाबत हुए एक अध्ययन के मुताबिक अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड में केक, चिकन नगेट्स, सोडा, प्रोसेस्ड मीट, तुरंत बनने वाले नूडल्स, चाॅकलेट आदि भी शामिल होते हैं। हालांकि कुछ लोगों को कहते सुना जा सकता है कि ये सब चीजें स्वास्थ्य के लिए बेहतर है। लेकिन ऐसा नहीं है। अध्ययन से यह भी पता चला कि अपनी डाइट में 10 फीसदी तक अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड को शामिल करने का मतलब है 12 फीसदी कैंसर और 11 फीसदी ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम का बढ़ना। इस लेख में आगे जानते हैं कि प्रोसेस्ड फूड किस-किस तरह से आपके स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है।

शुगर से भरे होते हैं प्रोसेस्ड फूड

सामान्यतः प्रोसेस्ड फूड शुगर से भरे हुए होते हैं और इसमें हाई फ्रुक्टोज काॅर्न सिरप भी होता है। जाहिर है अतिरिक्त शुगर का सेवन स्वास्थ्य के लिए सही नहीं होता। इसके साथ ही शुगर को ‘खाली’ कैलोरी भी कहा जाता है। इसमें कोई भी जरूरी पोषक तत्व नहीं होते। हां, इसमें एनर्जी अवश्य होती है। कुछ अध्ययनों की मानें तो शुगर के अतिरिक्त सेवन से मेटाबाॅलिज्म पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है। यह इंसुलिन प्रतिरोधी है साथ ही लिवर और पेट की चर्बी में वसा संचय को बढ़ा सकती है। आश्चर्य की बात नहीं है कि शुगर का रिश्ता कुछ गंभीर और खतरनाक बीमारी जैसे हृदय रोग, डायबिटीज, मोटापा और कैंसर से है।

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अत्यधिक मात्रा में सोडियम

संभव है कि रोजमर्रा की जिंदगी में पास्ता साॅस, सूप, माइक्रोवेव किया हुआ आहार आपकी डाइट में शामिल हो। लेकिन शायद आप यह नहीं जानते हैं कि इस तरह के प्रोसेस्ड फूड में सोडियम भरपूर मात्रा में मौजूद होता है। इसकेे साथ ही ज्यादातर सूप और साॅस ऐसे कंटेनर में बंद होते हैं जिसमें बीपीए नाम के रसायन का इस्तेमाल किया जाता है। इस रसायन का भी स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। माइक्रोवेव किए जाने वाले आहार में कैलोरी तो कम होती है, लेकिन पोषक तत्व भी इसमें नाम मात्र होते हैं और सोडियम, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट काफी ज्यादा होता है। अतिरिक्त सोडियम आपके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है।

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रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट ज्यादा होता है

हालांकि कार्बोहाइड्रेट पर काफी विवाद हो चुका है। कुछ लोगों का मानना है कि ज्यादातर एनर्जी कार्बोहाइड्रेट से ली जानी चाहिए। जबकि कुछ लोग कहते हैं कि इसे नजरंदाज किया जाना स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। हालांकि इस बात पर सब एकमत हैं कि कार्बोहाइड्रेट रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट से बेहतर है और प्रोसेसड फूड कार्बोहाइड्रेट से भरे हेाते हैं तथा सामान्यतः इनमें रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट का उपयोग किया जाता है। रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट पाचन नली में पहुंचकर तुरंत टूट जाते हैं जो कि ब्लड शुगर और इंसुलिन के स्तर को बढ़ा देते हैं। बहुत ज्यादा रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट लेने से गंभीर रोगों के जोखिम बढ़ जाते हैं।

पोषक तत्वों की कमी

प्रोसेस्ड फूड में पोषक तत्व नाम मात्र होते हैं। कुछ मामलों में सिंथेटिक विटामिन और मिनरल प्रोसस्ड फूड में जोड़े जाते हैं। ऐसा प्राकृति पोषक तत्वों की भरपाई के लिए किया जाता है। जबकि ऐसा किया जाना स्वास्थ्य के लिहाज से बिल्कुल सही नहीं है। आप यह भी न भूलें कि प्राकृतिक आहार में जो विटामिन और मिनरल होते हैं वो स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।

कुल मिलाकर कहने की बात यह है कि आप जितना ज्यादा प्रोसेस्ड फूड लेंगे, उतना ही विटामिन, मिनरल और एंटीऑक्सीडेंट से दूर हो जाएंगे, जो कि आपके स्वास्थ्य के लिए सही नहीं है। साथ ही कई गंभीर बीमारियां भी आपको अपनी चपेट में ले सकती हैं।

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