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यदि आप माइग्रेन से पीड़ित हैं, तो आप जानते हैं कि माइग्रेन में होने वाला सिरदर्द बहुत तकलीफ दायक होता है। माइग्रेन एक प्रकार का सिरदर्द है जिसमें सिर के दोनों या एक ओर रुक रुक कर भयानक दर्द होता है। माइग्रेन 2 घंटे से लेकर कई दिनों तक बना रहता है। माइग्रेन सिरदर्द दूसरें सिरदर्द की तुलना में अधिक होता है। माइग्रेन मूल रूप से न्यूरोलॉजिकल समस्या है। शरीर में कुछ न्यूरोट्रांसमीटर (neurotransmitters) का उत्पादन भी माइग्रेन का कारण हो सकता है। माइग्रेन के समय दिमाग में रक्त का संचार बढ़ जाता है जिससे व्यक्ति को तेज सिरदर्द होने लगता है। 

  1. माइग्रेन के लक्षण - Migraine Symptoms in Hindi
  2. माइग्रेन के कारण - Migraine Causes in Hindi
  3. माइग्रेन से बचाव - Prevention of Migraine in Hindi
  4. माइग्रेन का परीक्षण - Diagnosis of Migraine in Hindi
  5. माइग्रेन का इलाज - Migraine Treatment in Hindi
  6. माइग्रेन और सिरदर्द के लिए एक्यूप्रेशर
  7. शरीर देता है माइग्रेन से पहले ये संकेत
  8. माइग्रेन के खतरे को बढ़ा सकते हैं कॉफी के तीन कप
  9. माइग्रेन के घरेलू उपाय
  10. माइग्रेन की होम्योपैथिक दवा और इलाज
  11. माइग्रेन में क्या खाना चाहिए, क्या नहीं खाएं और परहेज
  12. पुरुषों से ज्यादा महिलाएं क्यों होती हैं माइग्रेन का शिकार
  13. माइग्रेन के लिए योग
  14. माइग्रेन की दवा - Medicines for Migraine in Hindi
  15. माइग्रेन की दवा - OTC Medicines for Migraine in Hindi
  16. माइग्रेन के डॉक्टर

माइग्रेन के लक्षण - Migraine Symptoms in Hindi

माइग्रेन के लक्षण इस प्रकार हैं - 

  • सिर में फड़कता हुआ माइग्रेन दर्द ज्यादातर सिर के एक हिस्से से शुरू होता है।
  • जो लोग माइग्रेन के सिरदर्द से पीड़ित हैं वे आमतौर पर नियमित गतिविधियों को करने में असमर्थता, आंखों में दर्दमतली और उल्टी भी अनुभव करते हैं। (और पढ़ें – सिर दर्द के घरेलू उपाय)
  • वे प्रकाश, ध्वनि और गंध परिवर्तनों के प्रति अति संवेदनशील हो सकते हैं।
  • दिन भर बेवजह उबासी आना भी माईग्रेन का लक्षण है।
  • माइग्रेन सिरदर्द से पीड़ित लोगों को ऑरा (Aura) का अनुभव होता है। उन्हें संवेदना की अस्थायी कमी या पिंस और सुईया चुभने की भावना महसूस होती है।
  • माईग्रेन का दर्द होने पर नींद अच्छे से नहीं आती है। थकान महसूस होती है लेकिन नींद नहीं आती है। (और पढ़ें – नींद ना आने के घरेलु उपाय)
  • माईग्रेन के दौरान आंखों में भी भयानक दर्द होता है। पलकें झपकाने में भी बहुत जलन होती है।
  • सिरदर्द के साथ मतली, उल्टी आना भी माईग्रेन के लक्षण होते हैं।
  • माईग्रेन के दौरान मूड में परिवर्तन बहुत तेजी से होता है। कुछ मरीज़ अचानक बिना किसी के कारण बहुत ही उदास महसूस करते हैं या कभी ज्‍यादा उत्साहित हो जाते हैं।
  • माइग्रेन का दर्द होने से पहले, कुछ लोगों की खाद्य पदार्थों के लिए लालसा बढ़ जाती है।
  • नियमित गतिविधियों जैसे घूमना या सीढ़ियों पर चढ़ने से माइग्रेन का दर्द बदतर भी हो सकता है।
  • माईग्रेन में बार-बार मूत्र त्याग की आवश्यकता अनुभव करना भी इसका एक लक्षण है।

माइग्रेन के कारण - Migraine Causes in Hindi

माइग्रेन क्यों होता है?

  1. हार्मोनल परिवर्तन है माइग्रेन का कारण - Migraines Caused by Hormones in Hindi
  2. तनाव के कारण होता है माइग्रेन - Migraines Triggered by Stress in Hindi
  3. कैफीन के कारण हो सकती है माइग्रेन की शुरुआत - Migraine Due to Caffeine in Hindi
  4. वातावरण में परिवर्तन है माइग्रेन का कारण - Migraine Headaches Due to Environmental Factors in Hindi
  5. शराब का दुष्परिणाम है माइग्रेन सिरदर्द - Alcohol Causes Migraines in Hindi

हार्मोनल परिवर्तन है माइग्रेन का कारण - Migraines Caused by Hormones in Hindi

किसी महिला के शरीर में होने वाले मेजर हार्मोनल परिवर्तन माइग्रेन सिरदर्द की शुरुआत में योगदान कर सकते हैं। मासिक धर्म, गर्भावस्था और रजोनिवृत्ति जैसे विभिन्न कारणों से एक महिला के शरीर में बहुत सारे हार्मोनल परिवर्तन होते हैं। अस्थिर हार्मोनल स्तर कभी-कभी सिरदर्द का कारण हो सकता है। एक अध्ययन के अनुसार माइग्रेन पुरुषों की तुलना में महिलाओं को अधिक प्रभावित करता है।

तनाव के कारण होता है माइग्रेन - Migraines Triggered by Stress in Hindi

तनाव को माइग्रेन सिरदर्द के साथ जोड़ा गया है। तनाव का आपके मस्तिष्क पर सीधा प्रभाव पड़ता है। कभी-कभी मस्तिष्क कुछ पदार्थों को रिलीज करता है जो माइग्रेन सिरदर्द पैदा कर सकते हैं। अत्यधिक नींद या पर्याप्त नींद नहीं मिलना भी माइग्रेन का एक कारण माना जाता है। 

(और पढ़ें – तनाव के लिए योग)

कैफीन के कारण हो सकती है माइग्रेन की शुरुआत - Migraine Due to Caffeine in Hindi

यह पाया गया है कि जो लोग कैफीन पर अत्यधिक निर्भर रहते हैं, वे बहुत ज़्यादा सिरदर्द का अनुभव करते हैं जब वे अचानक कैफीन लेना बंद कर देते हैं। कॉफी का अत्यधिक सेवन अचानक से बंद करना भी इसका एक कारण हो सकता है। 

(और पढ़ें – कॉफी पीने के फायदे और नुकसान)

वातावरण में परिवर्तन है माइग्रेन का कारण - Migraine Headaches Due to Environmental Factors in Hindi

वातावरण में परिवर्तन भी माइग्रेन का एक मुख्य कारण माना जाता है। कभी-कभी अत्यधिक तेज ध्वनि और शोर माइग्रेन सिरदर्द का कारण बन सकता है। अस्थिर रोशनी और अधिक बदबू भी गड़बड़ी पैदा कर सकती है। अत्यधिक धूप से भी माइग्रेन सिरदर्द हो सकता है। तापमान में परिवर्तन जैसे अत्यधिक गर्मी या अत्यधिक ठंड का मौसम भी माइग्रेन का एक कारण हो सकता है।

शराब का दुष्परिणाम है माइग्रेन सिरदर्द - Alcohol Causes Migraines in Hindi

धूम्रपान या शराब का अधिक सेवन भी माइग्रेन को पैदा करने के लिए काम कर सकते हैं। आहार भी माइग्रेन को ट्रिगर कर सकता है जैसे मीठे खाद्य पदार्थ चॉकलेट। बेहद मसालेदार और गर्म भोजन खाने से समस्याएं हो सकती है। 

(और पढ़ें – शराब की लत से छुटकारा पाने के असरदार तरीके)

माइग्रेन से बचाव - Prevention of Migraine in Hindi

पूरे विश्व में हर साल अरबों लोग माइग्रेन के सिरदर्द की समस्या से पीड़ित होते हैं। हालांकि माइग्रेन एक बहुत ही सामान्य विकार है। इसका सही कारण और इलाज अभी तक स्थापित नहीं हुआ है। हार्मोनल परिवर्तन, तनाव आदि माइग्रेन के सिरदर्द के कारण माने जाते है। अपनी जीवनशैली को ध्यान में रख कर इस समस्या को बड़ी मात्रा में नियंत्रित किया जा सकता है। आज हम आप को कुछ जरूरी बातें बता रहे हैं जिनसे आपको माइग्रेन की समस्या में बहुत लाभ होगा।

  1. माइग्रेन से बचने का उपाय संतुलित आहार का सेवन - Foods To Eat For Migraine In Hindi
  2. माइग्रेन के दर्द के इलाज के लिए पर्याप्त नींद लें - Sleep Good For Migraines In Hindi
  3. माइग्रेन की समस्या में एक्सरसाइज करें - Exercise Helps Relieve Migraines In Hindi
  4. माइग्रेन सिरदर्द में अत्यधिक दवा का सेवन न करें - Avoid Excessive Medication For Migraine In Hindi
  5. माइग्रेन की समस्याओं के लिए शोर से बचें - Avoid Environmental Triggers For Migraine In Hindi

माइग्रेन से बचने का उपाय संतुलित आहार का सेवन - Foods To Eat For Migraine In Hindi

यह कई बार देखा गया है कि यदि आप संतुलित आहार का सेवन करते है तो माइग्रेन के सिरदर्द की समस्या को नियंत्रित कर सकते हैं। हम लोग हमेशा अपने आहार में चॉकलेट, पनीर, सोया उत्पादों, कैफीन, शराब, आदि को शामिल करते हैं। अगर आप को माइग्रेन ही समस्या है तो इन में से किसी भी आहार का सेवन न करें। इसके अलावा, मैग्नीशियम में समृद्ध हरी पत्तेदार सब्जियों को अपने आहार में शामिल करें। खट्टे फल के सेवन से बचें। ताज़ा पका हुआ खाना ही खाएं और बासी बचे हुए आहार का सेवन न करें। हाइड्रेटेड रहने के लिए पूरे दिन में कम से कम 7 गिलास पानी का सेवन करें। कुछ मामलों में कॉफी का सेवन सिर दर्द की समस्या से आराम दिलाने में मदद कर सकता है। लेकिन अगर कॉफी को अपने आहार में शामिल करते हैं तो इसमें मौजूद कैफीन माइग्रेन की समस्या को और बढ़ा सकती है। बहुत नमक के साथ तले हुए भोजन के सेवन से बचने की कोशिश करें। अपने आहार में ओमेगा 3 फैटी एसिड और विटामिन बी जैसे पोषक तत्वों को शामिल करें। शराब के सेवन से बचें क्योंकि यह माइग्रेन की समस्या को और बढ़ा सकता है। एक और महत्वपूर्ण बात जिसे आपको ध्यान में रखना चाहिए। भोजन को कभी भी छोड़े नहीं। हमेशा निश्चित समय पर उचित आहार का सेवन करें और सिरदर्द की संभावना को कम करें। 

(और पढ़ें – शराब की लत से छुटकारा पाने के असरदार तरीके)

माइग्रेन के दर्द के इलाज के लिए पर्याप्त नींद लें - Sleep Good For Migraines In Hindi

अपना पसंदीदा टीवी सीरियल देखने के लिए रात में जागना माइग्रेन की समस्या के लिए अच्छा नहीं है। नींद का अभाव माइग्रेन के लिए ट्रिगर के रूप में काम करता है। यह माइग्रेन की समस्या को और बढ़ा सकता है। अच्छे स्वास्थ्य के लिए निश्चित समय पर हर दिन पर्याप्त नींद आवश्यक है। पर ज्यादा सोना भी आप के शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है। 

(और पढ़ें – नींद ना आने के आयुर्वेदिक उपाय)

माइग्रेन की समस्या में एक्सरसाइज करें - Exercise Helps Relieve Migraines In Hindi

आप जानते हैं माइग्रेन दर्द के लिए तनाव ट्रिगर के रूप में कार्य करता है। इस समस्या से निजात पाने के लिए एक्सरसाइज बहुत ही अच्छा तरीका है। एक्सरसाइज आप के तनाव और नकारात्मक विचार को खत्म करने में मदद करती है। जब वर्कआउट करते हैं तो आपके शरीर से अच्छा हार्मोन निकलता है जिसके कारण मनोदशा सुधरती है। योग आपके आंतरिक तनाव को दूर करने के लिए बहुत ही अच्छा तरीका है। यह मन को आराम दिलाने और तनाव को शांत करने में मदद करता है। 

(और पढ़ें – व्यायाम करने का सही समय – सुबह या शाम)

माइग्रेन सिरदर्द में अत्यधिक दवा का सेवन न करें - Avoid Excessive Medication For Migraine In Hindi

यदि कोई व्यक्ति जो असहनीय दर्द का अनुभव करता हैं तो उसे दर्द से निजात पाने के लिए दवा की आवश्यकता होती है इस स्थिति में भी दवा लेने से पहले एक बार सोचना चाहिए। यदि आप दवा का सेवन बहुत ज्यादा और बार बार कर रहे है तो इससे स्थिति बिगड़ सकती हैं। अपने माइग्रेन के उपचार में उपयोग करने वाले दवा के बारे स्वास्थ्य और उसके हानिकारक परिणाम के बारे में अपने चिकित्सक से परामर्श करें। 

(और पढ़ें – जायफल का प्रयोग सिरदर्द में)

माइग्रेन की समस्याओं के लिए शोर से बचें - Avoid Environmental Triggers For Migraine In Hindi

यदि आप माइग्रेन की समस्या से पीड़ित हैं तो आप शायद उन चीजों से बचना चाहिए जो सिरदर्द का कारण बन सकता है। इसके लिए जगमगाती रोशनी, बहुत अधिक शोर और बहुत अधिक सूर्य की रोशनी वाले क्षेत्रों से बचने की कोशिश करना चाहिए।

माइग्रेन का परीक्षण - Diagnosis of Migraine in Hindi

माइग्रेन का परिक्षण कैसे करें?

अगर आपको माइग्रेन है या आपके पारिवारिक इतिहास में माइग्रेन रहा है, तो स्नायु-विशेषज्ञ (neurologist) आपके माइग्रेन का निदान आपके मेडिकल इतिहास, लक्षण, शारीरिक और स्नायविक परिक्षण के अनुसार करेंगे।

अगर आपकी स्थिति असामान्य और जटिल है या आपका दर्द एकदम अपने आप बढ़ जाता है, तो डॉक्टर आपको और परिक्षण कराने की सलाह देंगे जिससे कि वह आपके होने वाले दर्द के संभावित कारणों का पता लगा सकें।

1. खून की जांच (Blood Test) - डॉक्टर आपको खून की जांच कराने के लिए कह सकतें हैं, जिसमे  nimnlikhit kaarakon के बारे में जांच की जायेगी -

  • आपकी रक्त कोशिकाओं से संबंधित कोई दिक्कत
  • रीढ़ की हड्डी या दिमाग में संक्रमण  
  • आपके शरीर में विषाक्त पदार्थों ka star

2. मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (Magnetic resonance imaging; MRI) - मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग से डॉक्टर निम्नलिखित स्थिति का पता लगा सकतें हैं। जैसे कि -

  • ट्यूमर (tumors)
  • स्ट्रोक (stroke)
  • दिमाग में खून बहना
  • संक्रमण
  • दिमागी और तंत्रिका तंत्र की स्थिति

3. कंप्यूटराइज्डटोमोग्राफी (सीटी) स्कैन (Computerized tomography (CT) scan) - इससे डॉक्टर सिरदर्द के निम्नलिखित कारकों के बारे में पता लगा सकते हैं -

  • ट्यूमर
  • संक्रमण  
  • मस्तिष्क को कोई क्षति
  • मस्तिष्क में रक्तस्राव
  • अन्य संभावित चिकित्सा समस्या

4. स्पाइनल टैप (spinal tap; रीढ़ की हड्डी में से तरल पदार्थ इकठ्ठा करके उसे जांचना) - यदि डॉक्टर को संक्रमण, मस्तिष्क में खून बहने, या अन्य गंभीर स्थिति का संदेह हो, तो डॉक्टर आपको स्पाइनल टैप कराने का सुझाव दे सकतें हैं।

इस प्रक्रिया में, मस्तिष्कमेरु तरल पदार्थ का एक सैंपल निकालने के लिए निचले हिस्से में दो कशेरुकाओं (vertebrae) के बीच एक पतली सुई डाली जाती है। इस तरल पदार्थ की जाँच फिर एक लब में की जाती है।

माइग्रेन का इलाज - Migraine Treatment in Hindi

माइग्रेन का उपचार कैसे करें?

माइग्रेन का इलाज उसके लक्षणों को और भविष्य में माइग्रेन के हमलों को रोकने में मदद कर सकता है।

बहुत सारी दवाएं माइग्रेन के इलाज के लिए उपलब्ध हैं। कुछ दवाएं अक्सर अन्य बीमारियों का इलाज करती हैं जिससे माइग्रेन के दर्द में राहत या उसे रोकने में मदद मिलती है। 

(और पढ़ें - माइग्रेन के घरेलू उपाय

माइग्रेन को ठीक करने वाली दवाएं दो श्रेणियों में आती हैं -

  1. दर्द निवारक दवाएं - इस प्रकार की दवाओं को माइग्रेन के हमलों के दौरान लिया जाता है और ये माइग्रेन के लक्षणों को रोकने के लिए बनाई गई है।
  2. निरोधक दवाएं - इस तरह की दवाएं नियमित रूप से रोज़ से ली जाती हैं, ताकि सिरदर्द की गंभीरता को कम किया जा सके और बार- बार होने से रोका जा सके।

आपके इलाज की कार्यनीति आपकी स्थिति पर निर्भर करती है - सिरदर्द कितनी बार होता है, कितना गंभीर होता है, उसकी वजह से कितनी परेशानी होती है, और अन्य मेडिकल समस्याएं।

अगर आप गर्भावस्था में है या स्तनपात कराते है तो आपको दवाई लेने की सलाह नहीं दी जाती। कुछ दवाइयां बच्चों को नहीं दी जाती हैं। डॉक्टर आपको सही दवाई ढूंढ़ने में मदद करेंगे। (और पढ़ें - गर्भ धारण करने के उपाय)

दर्द निवारक दवाइयां

जैसे ही आपको माइग्रेन के लक्षण दिखे तुरंत दर्द निवारक दवा लें। दवा खाकर अंधेरे कमरे में आराम करके भी दर्द में राहत मिल सकती है । दवाइयां जैसे कि -

  1. दर्द निवारक - एस्पिरिन या आइबुप्रोफेन (Aspirin or ibuprofen), एसिटामिनोफेन (Acetaminophen) हल्के माइग्रेन में राहत देने में मदद कर सकते हैं। दवाइयां जो कि विशेष रूप से माइग्रेन के दर्द को ठीक करने के लिए दी जाती हैं - जैसे कि एसिटामिनोफेन (acetaminophen), एस्पिरिन (aspirin) और कैफीन (caffeine) के संयोजन से बनी दवाइयाँ - भी मध्यम माइग्रेन के दर्द में आराम दिला सकतें हैं।
  2. ट्राइप्टेंस (Triptans) - इन दवाओं का अधिकतर माइग्रेन के इलाज में उपयोग किया जाता है। ट्राइप्टेंस माइग्रेन से जुड़े दर्द और अन्य लक्षणों से प्रभावी ढंग से राहत दिलाती हैं। यह गोली, नाक का स्प्रे और इंजेक्शन के रूप में उपलब्ध हैं। ट्रिपटन दवाओं में शामिल हैं सुमात्रीप्टन (sumatriptan)।
  3. इरगॉट (Ergots) - आर्गोडामाइन और कैफीन के संयोजन से बनी दवाएं ट्राइप्टेंस से कम प्रभावी हैं। जिनका दर्द 48 घंटों से अधिक समय तक रहता है, उन लोगों में इरगॉट सबसे प्रभावी होते हैं। माइग्रेन के लक्षणों के शुरू होने के तुरंत बाद इरगॉट लेना बहुत प्रभावी होता है। आर्गोडामाइन (Ergotamine) आपके माइग्रेन से जुड़ीं समस्याएं जैसे कि जी मिचलाना और उल्टी को और भी बदतर कर सकती है, और इस दवा का ज़्यादा इस्तेमाल सिरदर्द भी पैदा कर सकता है।
  4. डायहाइड्रोएरोगाटामिन (Dihydroergotaminel) - यह इरगॉट दवाओं का एक रूप है जो अधिक प्रभावशाली होता है। यह नाक का स्प्रे और इंजेक्शन के रूप में उपलब्ध है।
  5. ओपियोइड दवाओं (Opioid medications) - ओपियोइड दवाओं में नशीली दवाएं होती हैं, (खासतौर पर कोडाइन (codeine))  इनका कभी-कभी उन लोगों के माइग्रेन के दर्द का इलाज करने के लिए उपयोग होता हैं। जो त्रिपटन या एर्गट्स नहीं ले सकते हैं।
  6. ग्लूकोकार्टोइकोड्स (Glucocorticoids) जैसे कि प्रीनिसिसोन (prednisone) - दर्द से राहत में सुधार करने के लिए ग्लूकोकॉर्टीकॉइड का इस्तेमाल दूसरी दवाओं के साथ किया जा सकता है।

निरोधक दवायें

आप निरोधक दवाएं तब ले सकते हैं जब -

  • आप पर महीने में चार बार से ज़्यादा गंभीर माइग्रेन के हमले हो रहे हों
  • हमले 12 घंटे से ज़्यादा लंबे चलते हैं
  • दर्द निवारक दवाई से कोई असर नहीं पड़ रहा हो
  • आपके माइग्रेन के लक्षणों में लंबे समय तक सुन्नता और कमजोरी शामिल है

निरोधक दवाएं दर्द के बार बार होने को, गंभीरता और माइग्रेन की अवधि को कम कर सकती हैं, और माइग्रेन के हमलों के दौरान उपयोग किए जाने वाली दवाओं की प्रभावशीलता को बढ़ा सकती हैं। आपके लक्षणों में सुधार देखने में कई सप्ताह लग सकते हैं।

माइग्रेन की रोकथाम के लिए सबसे आम दवाओं में शामिल हैं -

  1. कार्डियोवास्कुलर ड्रग्स (Cardiovascular drugs) - बीटा ब्लॉकर, जो सामान्यतः हाई बीपी का इलाज और कोरोनरी धमनी रोग का इलाज करने के लिए उपयोग किया जाता है, वे माइग्रेन के दर्द के बार बार होने को और गंभीरता को कम कर सकते हैं।
  2. माइग्रेन को रोकने के लिए बीटा ब्लॉकर्स प्रोप्रानोलोल (beta blockers propranolol, others) - मेटोप्रोलोल टार्ट्रेट (metoprolol tartrate) और टाइमोलोल (timolol) प्रभावी साबित हुए हैं। अन्य बीटा ब्लॉकर्स (beta blockers) को कभी-कभी माइग्रेन के इलाज के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। इन दवाइयों को लेने के बाद माइग्रेन के लक्षणों में सुधार आने में कई हफ्तों तक लग सकते हैं।

अगर आपकी उम्र 60 साल से ज़्यादा हैं, और तम्बाकू खातें हैं, या कोई हृदय या रक्त कोशिकाओं की बिमारी है, तो डॉक्टर आपको दूसरी दवाइयां लेने की सलाह देंगे।

हाई ब्लड प्रेशर का इलाज करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कार्डियोवास्कुलर दवाओं (कैल्शियम चैनल ब्लॉकर्स; calcium channel blockers) का एक अन्य वर्ग भी माइग्रेन को रोकने और लक्षणों से राहत पाने में सहायक हो सकता है। वेरापामिल (Verapamil) एक कैल्शियम चैनल ब्लॉकर है जो माइग्रेन के साथ जुडी दिक्कतों को रोकने में मदद कर सकता है।

इसके अलावा, ऐस इन्हीबिटर (ACE inhibitors) दवा लिसिनोप्रिल (lisinopril) सिरदर्द की अवधि और गंभीरता को कम करने में उपयोगी हो सकता है।

एंटीडिप्रेसन्ट (antidepressant) - ट्राईसाइक्लिक एंटीडेप्रेसेंट्स (Tricyclic antidepressants) तनाव रहित लोगों में भी माइग्रेन को रोकने में प्रभावी हो सकते हैं।

एन्टी-सीज़र दवाएं (Anti-seizure drugs) - कुछ एन्टी-सीज़र दवाएं, जैसे कि वैलप्रोएट (valproate) और टोपरामेट (topiramate),  माइग्रेन के बार-बार होने को कम करतीं हैं।

Dr. Virender K Sheorain

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न्यूरोलॉजी

Dr. Vipul Rastogi

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न्यूरोलॉजी

Dr. Sushil Razdan

Dr. Sushil Razdan

न्यूरोलॉजी

माइग्रेन की दवा - Medicines for Migraine in Hindi

माइग्रेन के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
Clopitab ACLOPITAB A 150MG CAPSULE 10S60
Rosave TrioRosave Trio 10 Mg Tablet112
Diclogesic RrDiclogesic Rr 75 Mg Injection25
DivonDIVON GEL 10GM0
Rosutor GoldROSUTOR GOLD 20/150MG CAPSULE207
VoveranVOVERAN 1% EMULGEL 30GM105
Ecosprin Av CapsuleEcosprin-AV 150 Capsule36
VasograinVasograin Tablet75
Deplatt CvDEPLATT CV 10MG CAPSULE 10S51
Ecosprin GoldECOSPRIN GOLD 10MG CAPSULE 10S84
EcosprinEcosprin 150 Mg Tablet6
Deplatt ADEPLATT A 150MG TABLET 15S49
SaridonSaridon Tablet27
PolycapPOLYCAP CAPSULE 10S200
PolytorvaPolytorva 10 Mg/150 Mg/2.5 Mg Kit84
Prax APrax A 75 Capsule188
DolserDolser 400 Mg/50 Mg Tablet Mr0
Renac SpRenac Sp Tablet51
Unofen KUnofen K 50 Mg Tablet0
ExflamExflam 1.16%W/W Gel48
Rid SRid S 50 Mg/10 Mg Capsule32
Rosvin GoldROSVIN GOLD 10MG CAPSULE88
ValfenValfen 100 Mg Injection10
FeganFegan Eye Drop16

माइग्रेन की दवा - OTC medicines for Migraine in Hindi

माइग्रेन के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

OTC Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
Baidyanath Shirahshuladivajra RasBaidyanath Shirashuladivajra Ras Combo Pack Of 2132
Baidyanath Mahalaxmi Vilas Ras ShiroBaidyanath Mahalakshmivilas Ras Mahashiro Combo Pack Of 2115
Divya Medha VatiPatanjali Divya Medha Vati-Extra Power148

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माइग्रेन से जुड़े सवाल और जवाब

सवाल 11 साल से अधिक पहले

माइग्रेन किसे हो सकता है?

कुछ खास कारणों की वजह से व्यक्ति विशेष में माइग्रेन होने की आशंका में बढ़ोत्तरी हो सकती है मसलन-

  • पारिवारिक इतिहास: जिन लोगों को माइग्रेन की समस्या होती है, अधिकांश मरीजों में पाया गया है कि उनके परिवार में माइग्रेन का इतिहास है। जिन मरीजों को एक बार माइग्रेन की समस्या शुरु हो जाती है, उनमें यह समस्या बार-बार देखने को मिलती है।
  • उम्र: 15 से 55 साल की उम्र के बीच के लोगों को माइग्रेन होने की आशंका ज्यादा होती है। देखा गया है कि मरीज को पहला माइग्रेन अटैक 40 साल की उम्र में आता है।
  • लिंग: पुरुषों की तुलना में महिलाएं माइग्रेन का शिकार ज्यादा होती हैं।

सवाल 8 महीना पहले

माइग्रेन के नुकसान क्या हैं?

जिन लोगों को माइग्रेन होता है, उन्हें अक्सर मस्तिष्क संबंधी समस्याओं से गुजरना पड़ता है। ऐसे लोग ज्यादातर तनाव और अवसाद से परेशान रहते हैं। यही वजह है कि जिन लोगों को यह समस्या होती है, उन्हें तुरंत अपना इलाज कराना चाहिए।

सवाल 7 महीना पहले

क्या मासिक धर्म की वजह से माइग्रेन हो सकता है?

माइग्रेन से पीड़ित लगभग 50 फीसदी महिलाओं का कहना है कि मासिक धर्म सीधे उनके माइग्रेन को प्रभावित करता है। दरअसल मासिक धर्म में, सिर्फ पीरियड्स ही नहीं, पूरे साइकिल के दौरान महिलाएं शारीरिक और मानसिक बदलावों से गुजरती हैं। ऐसे में माइग्रेन जैसी समस्या होने की आशंका हो जाती है।

सवाल 7 महीना पहले

माइग्रेन से होने वाली बीमारी के बारे में बताएं?

अगर आपको माइग्रेन है तो आप कई प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से परेशान हो सकते हैं या फिर भविष्य में इन बीमारियों के होने का खतरा बढ़ जाता है। ये बीमारियां इस प्रकार हैं-

तनाव: अगर आपको एपिसोडिक माइग्रेन है, तो आपको सामान्य लोगों की तुलना में, जिन्हें माइग्रेन नहीं है, डिप्रेशन होने का खतरा अधिक हो सकता है। अलबर्ट आइंस्टीन कॅालेज आफ मेडिसिन में न्यूरोलॅाजी के प्रोफेसर और वाइस चैंसलर डॅा. लिपटन कहते हैं, ‘अगर आपको क्रॅानिक माइग्रेन (महीने या 15 दिनों में एक बार) है तो डिप्रेशन होने का खतरा दुगना हो जाता है।

एंग्जाइटी: अमेरिकन माइग्रेन फाउंडेशन के अनुसारए क्रॅानिक माइग्रेन वाले लोगों में अवसाद विकार होने की संभावना से भी अधिक एंग्जाइटी होती है। माइग्रेन से पीड़ित लगभग आधे लोगों में डिप्रेशन भी है।

स्ट्रोक: कुछ अध्ययनों से इस बात का खुलासा हुआ है कि माइग्रेन का संबंध स्ट्रोक से भी है।

एपिलेप्सी: सीजर (seizure) डिसआर्डर और माइग्रेन दोनों की वजह से ही मूड स्विंग होता है। ऐसे में अगर आपको कोई भी एक बीमारी है तो अन्य बीमारी होने की आशंका अपने आप बढ़ जाती है।

हृदय रोग: एक अध्ययन से यह पता चला है कि जो लोग माइग्रेन से पीड़ित होते हैं, उनमें हृदयाघात से लेकर हृदय रोग जैसे उच्च रक्तचाप और डायबिटीज की आशंका में बढ़ोत्तरी हो जाती है।

अस्थमा: हालांकि अस्थमा रेसपिरेटरी डिसआर्डर है और माइग्रेन न्यूरोलाजिकल डिसआर्डर है, इसके बावजूद दोनों बीमारियां एक साथ हो सकती हैं।

मोटापा : अगर आपको माइग्रेन है, साथ ही मोटापे से ग्रस्त हैं, तो आपकी यह स्थिति माइग्रेन को और भी खतरनाक बना सकती है। इसके विपरीत अगर आपको कभी माइग्रेन की समस्या नहीं हुई, लेकिन आप मोटापे से परेशान हैं तो ऐसे में माइग्रेन होने का खतरा बढ़ जाता है। कुछ अध्ययनों से इस बात का पता चला है कि जिनका समय के साथ-साथ वजन बढ़ता जाता है, उनमें माइग्रेन होने की आशंका भी बढ़ जाती है।

पेन डिसआर्डरर : माइग्रेन होने पर कई किस्म के दर्द जैसे फायब्रोमायल्गिया, कंधे, गर्दन और पीठ के पुराने दर्द और कई प्रकार के सिर दर्द भी होने की आाशंका बढ़ जाती है। माइग्रेन और दूसरे किस्म के दर्द का आपस में क्या वास्ता है, यह कहना मुश्किल है। लेकिन ऐसा होता है।

रेस्टलेस लेग सिंड्रोम: यह कहना तो मुश्किल है कि रेस्टलेस लेग सिंड्रोम, जिसमें मरीज को अपने पैरों को हिलाने की इतनी अर्ज होती है, जिससे रात की नींद से लेकर दैनिक जीवनशैली भी प्रभावित होती है, का माइग्रेन से क्या संबंध है। लेकिन माइग्रेन होने की वजह से यह समस्या भी होने लगती है।

References

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  3. National Health Service [internet]. UK; Retinal migraine
  4. National institute of neurological disorders and stroke [internet]. US Department of Health and Human Services; Migraine Information Page
  5. US Food and Drug Administration (FDA) [internet]; Treating Migraines: More Ways to Fight the Pain
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