ब्रेन ट्यूमर - Brain Tumour in Hindi

Dr. Ayush PandeyMBBS

June 28, 2017

April 08, 2021

ब्रेन ट्यूमर
ब्रेन ट्यूमर

ब्रेन ट्यूमर आपके मस्तिष्क में असामान्य कोशिकाओं का जमाव होता है।

कई अलग-अलग प्रकार के ब्रेन ट्यूमर होते हैं। कुछ ब्रेन ट्यूमर कैंसर-रहित ("नॉन-कैंसरस" या "बिनाइन") होते हैं, और कुछ ब्रेन ट्यूमर कैंसर वाले ("कैंसरस" या "मालिग्नंट") होते हैं।

ब्रेन ट्यूमर आपके मस्तिष्क में शुरू हो सकता है, जिन्हें प्राथमिक ब्रेन ट्यूमर कहा जाता है, या कैंसर आपके शरीर के अन्य भागों में शुरू हो सकता है और आपके मस्तिष्क में फैल सकता है - इन्हें सेकेंडरी या मेटास्टेटिक ब्रेन ट्यूमर कहा जाता है।

अलग-अलग मामलों में ब्रेन ट्यूमर बढ़ने की दर अलग हो सकती है। ट्यूमर तंत्रिका तंत्र के कार्य पर असर डाल सकता है, लेकिन यह उसके बढ़ने की दर और स्थान पर निर्भर करता है।

ब्रेन ट्यूमर के इलाज के लिए कौन सा विकल्प सही है, यह उसके प्रकार, आकार और स्थान पर निर्भर करता है।

(और पढ़ें - ब्रेन कैंसर)

ब्रेन ट्यूमर क्या है? - What is a brain tumour

ब्रेन ट्यूमर मस्तिष्क में होने वाली असामान्य कोशिकाओं का एक संग्रह है। ब्रेन में होने वाले ट्यूमर कैंसर-युक्त या कैंसर-रहित हो सकता है। जब ट्यूमर बढ़ता है, तो इससे खोपड़ी के अंदर दबाव बढ़ सकता है। यह स्थिति मस्तिष्क को क्षति पहुंचाती है और खतरनाक हो सकती है।

(और पढ़ें - कैंसर)

ब्रेन ट्यूमर के प्रकार - Types of Brain Tumour in Hindi

ब्रेन ट्यूमर के कितने प्रकार होते हैं?

ब्रेन ट्यूमर के दो मुख्य प्रकार हैं:

  • कैंसर-रहित ब्रेन ट्यूमर - यह धीरे-धीरे बढ़ता है और इलाज के बाद इसके दोबारा होने की संभावनाएं कम होती है।
  • कैंसर-वाले ब्रेन ट्यूमर - यह मस्तिष्क में प्राथमिक ट्यूमर के रूप में  शुरू होता हैं और धीरे-धीरे मस्तिष्क के अन्य भागों में (सेकेंडरी ट्यूमर) फैल जाता है। उपचार के बाद भी इसके दोबारा होने की संभावनाएं रहती हैं।

ब्रेन ट्यूमर के लक्षण - Brain Tumour Symptoms in Hindi

ब्रेन ट्यूमर के क्या लक्षण होते हैं?

अलग-अलग मामलों में ब्रेन ट्यूमर के संकेत और लक्षण भिन्न हो सकते हैं। यह ब्रेन ट्यूमर के आकार, स्थान और बढ़ने की दर पर निर्भर करता है। कई बार बिना किसी लक्षण के भी व्यक्ति को ब्रेन ट्यूमर की समस्या हो सकती है।

ब्रेन ट्यूमर में निम्न संकेत व लक्षण शामिल होते हैं -

डॉक्टर के पास कब जाएं?

यदि आप उपरोक्त में से कोई लक्षण महसूस कर रहे हैं तो अपने डॉक्टर के पास जाएं। इस तरह के लक्षणों के लिए कई अन्य तरह की समस्याएं भी जिम्मेदार हो सकती हैं, इसलिए जरूरी है कि आप डॉक्टर के पास जाकर इसके बारे में परामर्श लें।

ब्रेन ट्यूमर के कारण और जोखिम कारक - Brain Tumour Causes & Risk Factors in Hindi

ब्रेन ट्यूमर कैसे व क्यों होता है?

ब्रेन ट्यूमर के सटीक कारणों का पता अभी तक नहीं लगाया जा सका है। ब्रेन ट्यूमर होने के जोखिम को बढ़ाने वाले कुछ कारकों की पहचान की जा चुकी है, जैसे बढ़ती आयु, रेडिएशन का दुष्प्रभाव, कैंसर का पारिवारिक इतिहास और एचआईवी / एड्स होना।

  • बढ़ती आयु - उम्र बढ़ने के साथ ब्रेन ट्यूमर होने का खतरा बढ़ जाता है। वृद्ध व्यक्तियों में ब्रेन ट्यूमर होना सबसे आम है। हालांकि, ब्रेन ट्यूमर किसी भी उम्र में हो सकता है। कुछ प्रकार के ब्रेन ट्यूमर तो केवल बच्चों में ही पाए जाते हैं।
  • रेडिएशन का एक्सपोज़र - जिन लोगों को 'आयोनिजिंग रेडिएशन' नामक एक खास रेडिएशन का एक्सपोज़र हुआ हो, उनमें ब्रेन ट्यूमर का खतरा बढ़ जाता है। आयोनिजिंग रेडिएशन होती है सिर पर एक बड़ी मशीन से विकिरण चिकित्सा करवाना जैसे कि कैंसर के इलाज में की जाती है।
  • पारिवारिक इतिहास - यदि आपके पारिवार के किसी सदस्य को पहले कभी ब्रेन ट्यूमर की समस्या रही हो, तो आपके मस्तिष्क में ब्रेन ट्यूमर होने की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है।
  • पहले कैंसर होना - कैंसर से पीड़ित बच्चों को अपने बाद के जीवनकाल में ब्रेन ट्यूमर होने का अधिक खतरा रहता है। जिन वयस्कों को ल्यूकेमिया (रक्त कैंसर) होता है, उनमें भी इसके होने का खतरा रहता है।
  • एचआईवी-एड्स - सामान्य जनसंख्या की तुलना में, यदि आपको एचआईवी या एड्स है तो आपको ब्रेन ट्यूमर होने की संभावना अधिक होती है।

ब्रेन ट्यूमर का निदान - Diagnosis of Brain Tumour in Hindi

ब्रेन ट्यूमर का परीक्षण​/ निदान किस प्रकार करें?

यदि आपके लक्षण ब्रेन ट्यूमर होने की ओर इशारा करते हैं तो आपको डॉक्टर आपका शारीरिक परीक्षण करेंगे और आपसे आपके पारिवार के सदस्यों का स्वास्थ्य संबंधी पूरा ब्यौरा लेंगे। इसके अलावा कुछ टेस्ट किये जा सकते हैं जैसे न्यूरोलॉजिक परिक्षण, एमआरआई, सीटी स्कैन, स्पाइनल टैप और ज़रूरत होने पर बॉयोप्सी भी की जा सकती है।

ब्रेन ट्यूमर की पहचान के लिए निम्न टेस्ट आवश्यक हो सकते हैं -

  • न्यूरोलॉजिक परीक्षण (नसों से संबंधित जांच) - इसके तहत डॉक्टर आपकी दृष्टि, सुनने की शक्ति, आपकी सतर्कता, मांसपेशियों की ताकत, समन्वय और इनके लचीलेपन की जांच करते हैं।
  • एमआरआई - इसका उपयोग आपके सिर के अंदर के हिस्सों का विस्तृत चित्र लेने के लिए किया जाता है। इसके चित्र मस्तिष्क के असामान्य क्षेत्रों, जैस ट्यूमर को दिखाते हैं। (और पढ़ें - एमआरआई स्कैन क्या है)
  • सीटी स्कैन - इससे आपके सिर के अंदर के कई चित्र लिए जाते हैं। यह चित्र आपके सिर के असामान्य क्षेत्रों को देखना बेहद ही आसान बना देता है। (और पढ़ें - सीटी स्कैन क्या है)
  • एंजियोग्राफी - एंजियोग्राफी में रक्त वाहिकाओं में इंजेक्शन के माध्यम से डाई के द्वारा मस्तिष्क का एक्स-रे किया जाता है। यदि मस्तिष्क में कोई ट्यूमर मौजूद है, तो एक्स-रे में ट्यूमर को देखा जा सकता है।
  • स्पाइनल टैप - स्पाइनल टैप में आपके चिकित्सक रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से से तरल पदार्थ का नमूना लेते हैं। प्रयोगशाला में कैंसर की कोशिकाओं व ट्यूमर के अन्य लक्षणों के लिए इस तरल पदार्थ की जांच की जाती है।
  • बायोप्सी - बायोप्सी के द्वारा कैंसर या ऊतकों में ऐसे परिवर्तन परिवर्तन देखे जा सकते हैं जो कैंसर का कारण बन सकते हैं। ब्रेन ट्यूमर की पुष्टि करने के लिए बायोप्सी ही एकमात्र निश्चित पुख्ता तरीका है। (और पढ़ें - बायोप्सी क्या होता है)

ब्रेन ट्यूमर का इलाज - Brain Tumour Treatment in Hindi

ब्रेन ट्यूमर का इलाज किस बात पर निर्भर करता है?

ब्रेन ट्यूमर का उपचार निम्न बातों पर निर्भर करता है -

  • ट्यूमर का प्रकार
  • मस्तिष्क में ट्यूमर कहां है
  • उसका आकार
  • वह कितना फैल चुका है
  • कोशिकाएं कितनी असामान्य हैं
  • आपके स्वास्थ्य व फिटनेस का स्तर कैसा है

ब्रेन ट्यूमर का इलाज के क्या विकल्प हैं?

ब्रेन ट्यूमर के इलाज के लिए सर्जरी, रेडिएशन थेरेपी या केमोथेरपी की जा सकती है। आपके डॉक्टर निर्धारित करेंगे की आपके लिए इनमें से कौन सा उपचार उचित है। इसके आलावा जीवन में सुधार और लक्षणों को कम करने के लिए दवाएं और अन्य उपचार उपलब्ध हैं। 

सर्जरी

यदि ब्रेन ट्यूमर किसी ऐसे स्थान पर स्थित हो जहां ऑपरेशन करना आसान हो, तो आपके सर्जन ज्यादा से ज्यादा ट्यूमर को हटाने कोशिश करेंगे। ऊपर बताई बातों के आधार पर सर्जन तय करेंगे कि सर्जरी से ट्यूमर पूरा, थोड़ा या बिलकुल नहीं निकाला जा सकता। ब्रेन ट्यूमर के कुछ हिस्से को हटाने से भी लक्षण कम हो सकते हैं।

ब्रेन ट्यूमर की सर्जरी में कुछ जोखिम होते हैं जैसे ब्लीडिंग या इन्फेक्शन होना। अपने सर्जन से इनके बारे में चर्चा अवश्य करें।

विकिरण चिकित्सा (रेडिएशन थेरेपी)

विकिरण चिकित्सा में उच्च ऊर्जा का इस्तेमाल किया जाता है, जैसे ट्यूमर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए एक्स-रे का प्रयोग करना। विकिरण चिकित्सा आपके शरीर के बाहर से दी जा सकती है ("एक्सटर्नल बीम रेडिएशन") या कुछ दुर्लभ मामलों में, रेडिएशन आपके शरीर के अंदर ट्यूमर के नजदीक रखी जा सकती है  ("ब्रैकीथेरेपी")।

विकिरण चिकित्सा का दुष्प्रभाव इस प्रक्रिया में दी गई विकिरण के प्रकार और मात्रा पर निर्भर करता है। विकिरण के दौरान या तुरंत बाद होने वाले दुष्प्रभावों में थकान, सिरदर्द और सिर की त्वचा में जलन होना शामिल है।

कीमोथेरपी

ट्यूमर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए कीमोथेरेपी का उपयोग किया जाता है। कीमोथेरेपी की दवाओं को गोली के रूप में या रक्त वाहिका में इंजेक्शन के माध्यम से लिया जा सकता है। कीमोथेरेपी में कई तरह की दवाएं उपलब्ध हैं, जिनको कैंसर के प्रकार के आधार पर इस्तेमाल किया जा सकता है।

कीमोथेरेपी के दुष्प्रभाव आपके द्वारा ली गई दवाओं के प्रकार और खुराक पर निर्भर करते हैं। कीमोथेरेपी मितली, उल्टी और बालों के झड़ने का कारण बन सकती है।

ब्रेन ट्यूमर के अन्य उपचार

लक्षण कम करने के लिए उपचार 

"पॉलीएटीव केयर" लक्षणों को कम करने, जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने व रोगी और उसके परिवार की सहायता करने का काम करता है। पॉलीएटीव केयर में दवाएं, पोषण संबंधी परिवर्तन, विश्राम से जुड़ी तकनीकें, भावनात्मक रूप से मजबूती व अन्य उपचार शामिल हैं। चाहे किसी भी प्रकार का कैंसर हो या रोगी की उम्र कुछ भी हो, पॉलीएटीव केयर हर कैंसर के रोगी के लिए किया जा सकता है।

पॉलीएटीव केयर  जल्दी शुरू किया जाये, उतना बेहतर होता है। अक्सर ट्यूमर का इलाज और इसके साइड इफेक्ट को कम करने के लिए पॉलीएटीव केयर एक साथ दी जाती है। वास्तव में ऐसे व्यक्तियों के लक्षण कम गंभीर होते हैं, उनके जीवन की गुणवत्ता अधिक होती है और वह इलाज से अपने आप को दधिक संतुष्ट बताते हैं।

अन्य दवाएं

ब्रेन ट्यूमर के कुछ लक्षण बेहद गंभीर होते हैं जिससे रोगी के जीवन पर बहुत प्रभाव पड़ता है। इन लोगों में ऐसे लक्षणों को मैनेज करने के लिए कुछ दवाइयां उपलब्ध हैं -

  • मस्तिष्क में सूजन कम करने के लिए कॉर्टिकोस्टेरोइड्स नामक दवा का इस्तेमाल किया जाता है। इनको लेने से सूजन से होने वाला दर्द भी कम होता है, और पेन किलर लेने की जरुरत नहीं पड़ती। ये दवाएं ट्यूमर के दबाव को कम करने व मस्तिष्क के स्वस्थ ऊतकों में सूजन से होने वाले न्यूरोलॉजिकल लक्षणों को कम करने में मदद करती हैं।
  • दौरे पड़ने की स्थिति में एंटी-सीज़र दवाएं आपकी मदद कर सकती हैं।

उपचार के बाद पुनर्वास - Rehabilitation after treatment in Hindi

ब्रेन ट्यूमर मस्तिष्क के कुछ हिस्सों में विकसित होता हैं और आपके बोलने, देखने और सोचने के साथ ही साथ आपके कार्यकुशलता में भी जटिलता पैदा करता है। इसलिए उपचार के बाद इन परेशानियों को ठीक करने के लिए आपको कुछ विशेष प्रकार की थेरेपी लेनी चाहिए। जिन्हें आपके डॉक्टर आपको बताते हैं, जिनमें मुख्य रूप से निम्न शामिल हैं -

  • फिजिकल थेरेपी आपकी कार्यकुशलता व मांसपेशियों की ताकत में सुधार के लिए आपकी मदद कर सकती है।
  • स्पीच थेरेपी लेने से आपको बोलने में होने वाली परेशानियां कम या दूर हो जाएंगी। 


संदर्भ

  1. MedlinePlus Medical Encyclopedia: US National Library of Medicine; Brain Tumors
  2. McKinney PA. Brain tumours: incidence, survival, and aetiology. J Neurol Neurosurg Psychiatry. 2004 Jun;75(suppl 2):ii12-7. PMID: 15146034
  3. Accelerate Brain Cancer Cure [Internet] Washington DC; Tumor Grades and Types
  4. American Association of Neurological Surgeons. [Internet] United States; Classification of Brain Tumors
  5. American Society of Clinical Oncology [Internet] Virginia, United States; Brain Tumor: Grades and Prognostic Factors
  6. American Brain Tumor Association [Internet] Chicago; Signs & Symptoms
  7. American Cancer Society [Internet] Atlanta, Georgia, U.S; What Causes Brain and Spinal Cord Tumors in Adults?.
  8. Accelerate Brain Cancer Cure [Internet] Washington DC; Staying Healthy

ब्रेन ट्यूमर के वीडियो

ब्रेन ट्यूमर के डॉक्टर

David K Simson David K Simson ऑन्कोलॉजी
11 वर्षों का अनुभव
Dr. Nilesh Ranjan Dr. Nilesh Ranjan ऑन्कोलॉजी
3 वर्षों का अनुभव
Dr. Ashok Vaid Dr. Ashok Vaid ऑन्कोलॉजी
31 वर्षों का अनुभव
Dr. Ashu Abhishek Dr. Ashu Abhishek ऑन्कोलॉजी
12 वर्षों का अनुभव
डॉक्टर से सलाह लें

ब्रेन ट्यूमर की दवा - Medicines for Brain Tumour in Hindi

ब्रेन ट्यूमर के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

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ब्रेन ट्यूमर पर आम सवालों के जवाब

सवाल लगभग 2 साल पहले

मेरी सास को ब्रेन में ट्यूमर है, क्या उन्हें ऑपरेशन करवाने की जरूरत है? क्या इसे बिना ऑपरेशन के ठीक नहीं किया जा सकता?

Dr. B. K. Agrawal MBBS, MD , कार्डियोलॉजी, सामान्य चिकित्सा, आंतरिक चिकित्सा

आप अपनी सास को किसी अच्छे कैंसर अस्पताल में दिखाएं, आगे की जांच और इलाज के लिए वहां आप न्यूरोसर्जन से बात करें। इसके बिना आपको पता नहीं पाएगा कि उन्हें ऑपरेशन की जरूरत है या नहीं। इस मामले में देरी न करें।

सवाल लगभग 2 साल पहले

मेरी उम्र 49 साल है। मेरा ब्रेन ट्यूमर का ऑपरेशन 8 से 9 साल पहले 2 बार हो चुका है? मैंने अपने दिमाग का एमआरआई करवाया था जिसमें पिट्यूटरी ग्रंथि में ब्रेन ट्यूमर का पता चला है। क्या नैचुरोपैथी और योग से इसे ठीक कर सकते हैं?

Dr. Kuldeep Meena MBBS, MD , श्वास रोग विज्ञान

जी नहीं, नैचुरोपैथी, होम्योपैथी और योग से इसे ठीक नहीं किया जा सकता है। आप न्यूरोसर्जन से अपनी जांच और इलाज करवाएं।

सवाल लगभग 2 साल पहले

मुझे ब्रेन ट्यूमर है। मुझे हमेशा सिरदर्द, बुखार और आंखों में दर्द रहता है, मैं क्या करूं?

Dr. Anand Singh MBBS , सामान्य चिकित्सा

सिरदर्द, बुखार और आंखों में दर्द ब्रेन ट्यूमर के आम लक्षण हैं। इसका इलाज शुरू करने से पहले यह पता करना जरुरी है कि यह समस्या आपको कब से है। आप न्यूरोसर्जन से अपनी जांच करवा लें वह आपको सही सलाह देंगे।

सवाल लगभग 2 साल पहले

लगभग एक साल पहले मेरे पिता की ब्रेन ट्यूमर सर्जरी हुई थी। सर्जरी के 5 दिन बाद ही उन्हें मेनिंगिओमा हो गया है जिसकी वजह से उन्हें ठीक तरह से चलने और अपने हाथों को हिलाने में दिक्कत होती है। उन्हें ठीक होने में कितना समय लगेगा?

Dr. Haleema Yezdani MBBS , सामान्य चिकित्सा

फिजियोथेरेपी और दवाएं लेते रहें। अपने डॉक्टर से उनकी रिकवरी के बारे में पूछते रहें। अगर आप फिजियोथेरेपी और दवा समय पर लेते हैं तो कुछ हफ्तों में उन्हें ठीक होने में मदद मिल सकती है।

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