चक्कर आना एक ऐसी चीज़ है जिसका अनुभव हर किसी को अपनी ज़िन्दगी में कभी न कभी ज़रूर होता है। इसमें सिर हल्का लगने लगता है, अस्थिरता या संतुलन बिगड़ने से आप गिर जाते हैं।

चक्कर आना कोई बिमारी नहीं है। ये कुछ स्वास्थ से जुडी स्थितियों का एक लक्षण है जैसे लो ब्लड प्रेशर, ह्रदय की मांसपेशियों की बिमारी (heart muscle disease), न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर (neurological disorder), एनीमिया, एलर्जी, लो ब्लड शुगर, टिनिटस (tinnitus), कान का संक्रमण, स्ट्रोक, आँख सम्बन्धहि विकार (vision-related disorders), माइग्रेन, चिंता और सिर में चोट। 

ये डीहाइड्रैशन, मोशन सिकनेस, तनाव, ज़्यादा व्यायाम, शरीर में हॉर्मोन्स के बदलने और किसी भी दवाई के नुकसान की वजह से ये समस्या हो सकती है।

कभी कभी चक्कर आने की वजह से कानों में झुनझुनाहट सी महसूस होने लगती है, सीने में दर्द, कमज़ोरी, मतली, उल्टी, पीलापन लगना या संतुलन खोने लगते हैं। 

अगर आपको चक्कर कभी कभी आते हैं या उनके लक्षण महसूस होते हैं तो आप कुछ घरेलू उपायों का इस्तेमाल कर सकते हैं। हालाँकि अगर लक्षण बहुत जल्दी जल्दी आते हैं तो आप अपने डॉक्टर को ज़रूर दिखाएं।

(और पढ़ें - चक्कर आना

तो आइये आपको बताते हैं चक्कर आने के कुछ घरेलू उपाय -     

  1. चक्कर आने पर लें गहरी सांस - Chakkar ka gharelu upay hai hai deep breathing
  2. चक्कर आने पर ज़्यादा से ज़्यादा पानी पियें - Chakkar aane par adhik pani piye
  3. चक्कर आने को रोकने के लिए कुछ खाएं - Chakkar se bachne ke liye kuch khaye
  4. चक्कर आने पर करें अदरक का सेवन - Chakkar band honge karne ke liye ginger le
  5. चक्कर आने का घरेलु उपाय है नींबू का इस्तेमाल - Chakkar dur karne ke gharelu upay me kare lemon ka upyog
  6. चक्कर आने पर घरेलू उपाय है आंवला का उपयोग - Chakkar dur karne ka upay hai amla
  7. चक्कर के लिए घरेलू नुस्खा है शहद - Chakkar roke honey se
  8. चक्कर के लिए नुस्खा है गिंको बाइलोबा - Chakkar se bachne ka upay hai ginkgo biloba
  9. चक्कर से बचने का उपाय है फीवरफ्यू जड़ीबूटी - Chakkar rokne ka upay hai feverfew herb
  10. चक्कर को रोकने के उपाय लिए खाएं स्वस्थ आहार - Chakkar rokne ke gharelu upay ke liye khaye healthy
  11. चक्कर आना रोके इन टिप्स से - Chakkar rokne ke liye tips
चक्कर आने पर लें गहरी सांस - Chakkar ka gharelu upay hai hai deep breathing

तेज़ तेज़ सांस लेना चक्कर को ठीक करने का सबसे अच्छा तरीका है। ये दिमाग को पूर्ण ऑक्सीजन देता है जिसके बदले में तंत्रिका तंत्र को आराम मिलता है और चक्कर की समस्या दूर होती है।

कैसे करें गहरी सांस लेने की प्रक्रिया -

  1. सबसे पहले आराम से बैठ जाएँ।
  2. अब अपने एक हाथ को पेट के निचले हिस्से पर रख लें और दूसरे हाथ के अंगूठे को अपनी एक नाक पर रख लें और मुँह को फिर बंद कर लें।
  3. अब धीरे धीरे दूसरी नाक से सांस लें और अपने पेट को हवा से भर लें।
  4. सांस को रोके रखें, दोनों नथुनों को बंद कर लें और होठों को सिकोड़ लें।
  5. दो से तीन सेकेंड के बाद बाहर की तरफ सांस छोड़ें और कोशिश करें कि पेट से हवा को बाहर निकालें।
  6. इस प्रक्रिया को दस बार करें।
  7. फिर पांच मिनट के लिए शांति से बैठ जाएँ और धीरे धीरे फिर सांस लें।  
चक्कर आने पर ज़्यादा से ज़्यादा पानी पियें - Chakkar aane par adhik pani piye

डीहाईड्रेशन चक्कर आने का सबसे आम कारण है। ये समस्या लम्बे समय तक पानी न पीने के कारण होती है या व्यायाम के बाद या दौरान पानी न पीने से होती है।  डीहाईड्रेशन उलटी या डायरिया सकती है -

  • जब आपको चक्कर जैसा महसूस हो तो एक ग्लास पानी पीने की कोशिश करें। डीहाईड्रेशन और चक्कर को रोकने के लिए पूरे दिन में ज़्यादा से ज़्यादा पानी पियें।
  • इसके आलावा आप हर्बल टी में शहद मिलाकर पी सकते हैं, सूप या फलों के जूस का सेवन कर सकते हैं।  
चक्कर आने को रोकने के लिए कुछ खाएं - Chakkar se bachne ke liye kuch khaye

चक्कर आने की समस्या लो ब्लड शुगर लेवल की वजह से भी हो सकती है, खासकर शुगर के मरीज को। भूखा रहने से आपको चक्कर आने की संभावना बढ़ सकती है। तो जब भी चक्कर महसूस हो कुछ न कुछ खाने की कोशिश करें।

चक्कर आने पर क्या खाएं -

  1. ऐसा स्नैक खाएं जो कार्बोहाईड्रेट या शुगर से समृद्ध हो जैसे चॉक्लेट या केला। जो भी फल पानी से भरपूर हो उसका सेवन भी ज़रूर करें।
  2. दही से भरपूर फल भी एक अच्छा विकल्प है।
  3. मुट्ठीभर नट्स जैसे काजू, बादाम या अखरोट भी चक्कर की परेशानी में अच्छे से काम करते हैं।
चक्कर आने पर करें अदरक का सेवन - Chakkar band honge karne ke liye ginger le

अदरक चक्कर या मतली के लिए एक बहुत ही अच्छा उपाय है। ये मस्तिष्क और शरीर के अन्य हिस्से तक रक्त परिसंचरण को उत्तेजित करता है जिससे चक्कर की समस्या दूर होती है।

अदरक का इस्तेमाल तीन तरीकों से करें -

पहला तरीका -

  1. ताज़ा अदरक को छोटे छोटे टुकड़ों में काट लें और फिर उसे चबाएं। या चक्कर को कम करने के लिए अदरक की टॉफी खा लें।

दूसरा तरीका -

  1. पूरे दिन में दो या तीन बार अदरक की चाय पियें जिससे चक्कर की समस्या को कम किया जा सके।

तीसरा तरीका -

  1. इसके अलावा अदरक के सप्लीमेंट्स भी आप ले सकते हैं लेकिन लेने से पहले अपने डॉक्टर से बात ज़रूर करें।

(और पढ़ें - अदरक के फायदे

चक्कर आने का घरेलु उपाय है नींबू का इस्तेमाल - Chakkar dur karne ke gharelu upay me kare lemon ka upyog

चक्कर के लिए प्रभावी उपाय है नींबू। इसमें विटामिन सी होता है जो प्रतिरोधक क्षमता को को सही रखता है और किसी भी बिमारी से लड़ता भी है। इसके साथ ही नींबू में मौजूद अन्य पोषक तत्व प्राकृतिक तरीके से ऊर्जा देने में मदद करते हैं। ये बहुत ही तेज़ी से आपके शरीर को हाइड्रेटिड रखता है जिससे आप ताज़ा महसूस करने लगते हैं।

नींबू का इस्तेमाल दो तरीकों से करें -

पहला तरीका -

  1. सबसे पहले आधा नींबू को एक ग्लास पानी में निचोड़ लें। फिर इसमें दो चम्मच चीनी को मिलाएं।
  2. फिर इस मिश्रण को पी जाएँ।

दूसरा तरीका -

  1. इसके अलावा एक चम्मच नींबू के जूस में एक चुटकी काली मिर्च पाउडर और नमक डालें। अब इस मिश्रण को एक ग्लास पानी में मिलाकर पी जाएँ। 
  2. इस मिश्रण को पूरे दिन में तीन बार ज़रूर पियें।

(और पढ़ें - नींबू के फायदे

चक्कर आने पर घरेलू उपाय है आंवला का उपयोग - Chakkar dur karne ka upay hai amla

आंवला को आमला भी कहा जाता है जो कि चक्कर की समस्या के लिए एक बहुत ही पुराना उपाय है। आमला विटामिन ए और विटामिन सी से समृद्ध होता है जिसकी मदद से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, रक्त परिसंचरण सुधरता है और चक्कर की समस्या से भी बचाव होता है। 

आंवला का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. सबसे पहले दो आंवला को बिना बीज के मिक्सर में मिक्स कर लें और इसका फिर एक पेस्ट तैयार कर लें।
  2. अब इसमें दो चम्मच धनिये के बीज और एक कप पानी को मिलाएं।
  3. रातभर के लिए इस मिश्रण को ऐसे ही रहने दें।
  4. अगली सुबह इस मिश्रण को छान लें और फिर पानी को पी जाएँ।
  5. इस प्रक्रिया को कुछ दिनों तक रोज़ाना दोहराएं।

(और पढ़ें - आंवला के गुण

चक्कर के लिए घरेलू नुस्खा है शहद - Chakkar roke honey se

शहद में प्राकृतिक चीनी होने की वजह से ये ऊर्जा के स्तर को बढ़ाता है और चक्कर आने से रोकता भी है। शहद ब्लड शुगर लेवल - जो कि चक्कर आने का सबसे बड़ा कारण है - को कम नहीं होने देता।

शहद का इस्तेमाल तीन तरीकों से करें -

पहला तरीका -

  1. सबसे पहले दो चम्मच शहद को दो चम्मच सेब के सिरके में मिला दें।
  2. अब इस मिश्रण को एक ग्लास पानी में मिलाकर पी जाएँ।
  3. इस मिश्रण को पूरे दिन में दो बार ज़रूर पियें।

दूसरा तरीका -

  1. इसके अलावा एक चम्मच शहद और नींबू के जूस को एक ग्लास गर्म पानी में मिला दें।
  2. इस मिश्रण को चक्कर से बचने के लिए जल्दी से पी जाएँ।

तीसरा तरीका -

  1. इसके साथ ही एक चम्मच शहद को दालचीनी पाउडर के साथ मिलाएं और सुबह को इस मिश्रण को खा जाएँ।
  2. कुछ हफ्ते तक इस मिश्रण को रोज़ाना सुबह लें।

(और पढ़ें - शहद के फायदे

चक्कर के लिए नुस्खा है गिंको बाइलोबा - Chakkar se bachne ka upay hai ginkgo biloba

चक्कर को ठीक करने के लिए गिंको बाइलोबा जड़ी बूटी एक अन्य प्रभावी घरेलू उपाय है। ये मस्तिष्क तक का रक्त परिसंचरण सुधारता है और चक्कर से बचाता भी है। इसके साथ ही ये जड़ी बूटी टिनिटस का भी इलाज करती है जिसके कारण चक्कर आने शुरू हो जातें हैं।

ये जड़ीबूटी टेबलेट, जूस और सूखी पत्तियों में मार्किट में उपलब्ध होती है। गिंको बाइलोबा के जूस के डोसेज 120 से 150 मिलीग्राम लें। कुछ महीने के लिए तीन डोसेज रोज़ाना लें।

नोट - गिंको बाइलोबा को लेने से अपने डॉक्टर से बात ज़रूर करें।

(और पढ़ें - गिंको बाइलोबा के फायदे)

चक्कर से बचने का उपाय है फीवरफ्यू जड़ीबूटी - Chakkar rokne ka upay hai feverfew herb

चक्कर को तक करने का अन्य बेहतरीन घरेलू उपाय है फीवरफ्यू जड़ीबूटी। ये चक्कर में होने वाले लक्षणों का इलाज करता है जैसे सिर दर्द, मतली और उल्टी। ये रक्त परिसंचरण को सुधारता है।

फेवेरफ़ेव का इस्तेमाल तीन तरीकों से करें -

पहला तरीका -

  1. जब भी आपको चक्कर आने के अगर कुछ लक्षण दिखाई दें तो फीवरफ्यू की ताज़ी पत्तियों को खालें।

दूसरा तरीका -

  1. सबसे पहले एक चम्मच फीवरफ्यू की सूखी पत्तियों और पुदीने की पत्तियों को एक कप गर्म पानी में 15 से 20 मिनट के लिए उबालने को रख दें और फिर इसे छान लें।
  2. इस चाय को कुछ हफ्ते तक पूरे दिन में कई बार पीने की कोशिश करें।

तीसरा तरीका -

  1. इसके अलावा आप फीवरफ्यू के कुछ सप्लीमेंट्स डॉक्टर से पूछने के बाद ले सकते हैं।
चक्कर को रोकने के उपाय लिए खाएं स्वस्थ आहार - Chakkar rokne ke gharelu upay ke liye khaye healthy

चक्कर और उसके लक्षणों को दूर करने के लिए स्वस्थ आहार ज़रूर खाएं। खून की कमी, लो ब्लड प्रेशर और लो ब्लड शुगर से आने वाले चक्कर को आप आयरन, विटामिन ए, फोलिक एसिड और फाइबर से समृद्ध खाद्य पदार्थों के सेवन से रोक सकते हैं। इसके साथ ही ऐसे खाद्य पदार्थ चुने जो शुगर और वसा में कम हो।

किस तरह के खाद्य पदार्थ खाएं -

  1. आयरन से समृद्ध खाद्य पदार्थ खाएं जैसे लीवर, पालक, बादाम, खजूर, फोर्टिफाइड नाश्ता और ऐस्पैरागस। इसके अलावा आप डॉक्टर से बात करने के बाद आयरन सप्लीमेंट्स भी ले सकते हैं।
  2. विटामिन सी से समृद्ध खाद्य पदार्थ खाएं जैसे संतरा, नींबू, ब्रोकोली, अंगूर और पालक। इसके अलावा आप डॉक्टर से बात करने के बाद विटामिन सी सप्लीमेंट्स भी ले सकते हैं।
  3. इसके साथ ही फोलिक एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थ खाएं जैसे हरी सब्ज़ियांअंकुरित अनाज, फोर्टिफाइएड अनाज, मूंगफली, केला और ब्रोकोली
  4. कॉफी, शराब और वाइन का सेवन न करें इससे रक्त परिसंचरण में रुकावटे पैदा होती हैं।
  5. पूरे दिन में छोटे छोटे आहार में खाना खाएं कभी खाने को स्किप न करें, खासकर नाश्ता।     
चक्कर आना रोके इन टिप्स से - Chakkar rokne ke liye tips
  1. जब भी आपको चक्कर जैसा महसूस हो तो आराम से बैठ या लेट जाएँ।
  2. अगर आपको चक्कर की वजह से शरीर असंतुलित लग रहा है तो लेट जाएँ और अपने आसपास की किसी स्थिर चीज़ को देखने लग जाएँ। इससे आपका दिमाग चक्कर से थोड़ा भटकेगा।
  3. रोज़ाना हल्का कोई व्यायाम ज़रूर करें जिससे आपके शरीर का रक्त परिसंचरण सुधरे और चक्कर जैसी समस्या को दूर कर सकें।
  4. हफ्ते में एक बार अपने शरीर की मालिश ज़रूर कराएं जिससे रक्त परिसंचरण अच्छा हो।
  5. अगर आपको इस तरह की दिक्कते हो तो ज़्यादा से ज़्यादा रेस्ट करने की कोशिश करें।
  6. इस समस्या से निकलने के लिए रोज़ाना योग या मैडिटेशन करें।
  7. अगर आपको चक्कर कुछ देर पहले आये हैं तो एकदम खड़ा होने या बैठने की कोशिश न करें।
  8. अगर आपको गाडी में बैठने से चक्कर आते हैं तो गाडी में न बैठे।
  9. कैफीन, शराब और तम्बाकू का सेवन न करें इससे आपकी स्थिति और बिगड़ सकती है।  

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Ro**** 5 महीना

सर्,
मेरे हथेली के पिछले हिस्से में, कोहनियों पर कमर पर, पेट पर, झांघों में, घुटने के पास पुट्ठों पर और मेरे लिंग एवं अंडकोष पर। इन सभी जगहों पर मुझे 3 महीने पहले खुजली शुरू हुई और उसके कुछ दिन बाद लाल लाल और त्वचा के ही रंग के दाने उठे हुए हैं और अब तक तो बहुत ज़्यादा खुजली हो गयी है बेतहाशा। सबसे बड़े दाने मेरे लिंग पर हो गए हैं और पिछले महीने ही मेरी शादी हुई है आप मेरी स्थिति समझ सकते हैं। अभी तक मैंने ये सब किया है, हरिद्राखण्ड पाउडर 3-5 ग्राम गुनगुने पानी मे रोज़ लिया । डॉक्टर को दिखाया स्किन स्पेशलिस्ट उन्होंने citrazin टेबलेट्स और fucanazol कैप्सूल्स दिए जिससे अभी तक कुछ नही हुआ यह दवाइयां मैंने 8 दिन तक खाई थीं । उसके बाद नही ली अभी मुझे कैंडिड पाउडर और एफडर्म क्रीम लगाने की सलाह दी है। मेरी आपसे रिक्वेस्ट है कि मुझे सही उपचार तो बताये ही पर सबसे पहले ये बताएं कि इस खुजली को रोकने के लिए कुछ तात्कालिक प्रभाव वाली कोई दवा होती भी है या नहीं? या ये क्रीम और पाउडर फायदेमंद होंगे? या क्या किया जाए जिससे कि मेरी खुजली और इन दानों से निजात पाया जा सके? ये मुझे मुम्बई में शेयरिंग रूम में रहते वक़्त हुई थी अक्टूबर माह में इंदौर लौटते वक्त कम थी और आने के बाद बहुत बढ़ गयी। और वर्तमान में चरम पर है दानो का आकार काली मिर्च के दानों बराबर है जो लिंग और अंडकोष पर उठे हुए हैं और बाकी जगह उससे छोटे छोटे दाने हैं । please सहायता करें।

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Ba*********** 6 महीना

मुझे क्या होता है ये मुझे नहीं पता।पर जब भी होता है तो मुझे दो तीन महिने तक परेशान करता है। पूरी history ये है‌
१. १९९८ में मैं बिमार पड़ा। दो तीन दिनों में बुखार उतर गया पर एक नमी बिमारी लग गयी। मैं यह सोचकर व्यग्र हो जाता था कि जब मेरी बेटी की शादी हो जायेगी तो मैं कैसे रहूंगा। हालांकि उस समय मेरी बेटी 10th में ही थी। इलाज कराया पर नार्मल होने में तीन चार महिने लग गये।
२. तीन साल तक मैं बिल्कुल ठीक रहा। कोई परेशानी नहीं। पर सन् २००० में मेरा बेटा पढ़ाई के लिए दिल्ली चला गया और मेरी तबियत फिर बिगड़ गई। फिर तीन महिने मुझे परेशान किया।
उसके बाद कभी मैं दो तीन सालों तक ठीक रहता हूं फिर वही।
एक बात और , जब भी मुझे ऐसा अटैक आया है मैं वर्तमान को छोड़कर past और future के बारे में ही सोचता हूं। वर्तमान के बारे में नहीं।
दुसरी बार से जब जब अटैक आया था तो मैं होमियोपैथिक दवा काली फास 6 x और पैसीफ्लोरा लिया। दो तीन महिने लेने पर और कुछ खुद को समझाने पर नार्मल हो जाता हुं।
इधर कुछ दिनों से फिर वही हो रहा है।
मैं काफी इमोशनल भी हो जाता हुं।
बराबर भविष्य के बारे में ही सोचकर परेशान होता हुं
भविष्य की चिंता ज्यादा सताती है।
ये कर्मों होता है

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As*********** 6 महीना

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Ab*************** 2 महीना

डॉक्टर साहब, मेरी 12 वर्ष की बेटी को बाएं स्तन में 22*17 इंच और 24*19 इंच का दो firobrid दिनांक 13.3.18 को सोनोग्राफी कराने के वाद निकला है। ब्लड जांच कराने पर होमोग्लोबिन 11.2 , TC- DC- ESR - मिला है। मै और पूरा परिवार बहुत घबड़ा गए है। यहाँ के चिकित्सक ऑपरेशन कराने की सलाह दे रहे है। मैंने उसी दिन से होमियोपैथी के एक विशेषज्ञ डॉक्टर से बेटी को दिखाया । उन्होंने दवा देते हुए कहा कि इस उम्र में हार्मोन तथा खासकर महिलाओं में मासिक धर्म के अनियमित आने से इस तरह की शिकायत आती है। बेटी को भी बिगत 4 ,5 माह से अनियमित मासिक धर्म आना शुरू हुआ था। ऐसी परिस्थिति में आपसे अपनी बेटी के उचित उपचार हेतु मार्गदर्शन करने का विनम्र आग्रह है।

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Ab*************** 2 महीना

डॉक्टर साहब, मेरी 12 वर्ष की बेटी को बाएं स्तन में 22*17 इंच और 24*19 इंच का दो firobrid दिनांक 13.3.18 को सोनोग्राफी कराने के वाद निकला है। ब्लड जांच कराने पर होमोग्लोबिन 11.2 , TC- 6.2 DC- segmented neutrophils- 54, eosinophils-3,lymphocytes-39,monocytes-04,nasophils-00, ESR - 28 मिला है। मै और पूरा परिवार बहुत घबड़ा गए है। यहाँ के चिकित्सक ऑपरेशन कराने की सलाह दे रहे है। मैंने उसी दिन से होमियोपैथी के एक विशेषज्ञ डॉक्टर से बेटी को दिखाया । उन्होंने दवा देते हुए कहा कि इस उम्र में हार्मोन तथा खासकर महिलाओं में मासिक धर्म के अनियमित आने से इस तरह की शिकायत आती है। बेटी को भी बिगत 4 ,5 माह से अनियमित मासिक धर्म आना शुरू हुआ था। ऐसी परिस्थिति में आपसे अपनी बेटी के उचित उपचार हेतु मार्गदर्शन करने का विनम्र आग्रह है।

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Ab*************** 2 महीना

डॉक्टर साहब, मेरी 12 वर्ष की बेटी को बाएं स्तन में 22*17 इंच और 24*19 इंच का दो fibroid LT Breast दिनांक 13.3.18 को सोनोग्राफी कराने के वाद निकला है। ब्लड जांच कराने पर होमोग्लोबिन 11.2 , TC- 6.2 DC- segmented neutrophils- 54, eosinophils-3,lymphocytes-39,monocytes-04,nasophils-00, ESR - 28 मिला है। मै और पूरा परिवार बहुत घबड़ा गए है। यहाँ के चिकित्सक ऑपरेशन कराने की सलाह दे रहे है। मैंने उसी दिन से होमियोपैथी के एक विशेषज्ञ डॉक्टर से बेटी को दिखाया । उन्होंने दवा देते हुए कहा कि इस उम्र में हार्मोन तथा खासकर महिलाओं में मासिक धर्म के अनियमित आने से इस तरह की शिकायत आती है। बेटी को भी बिगत 4 ,5 माह से अनियमित मासिक धर्म आना शुरू हुआ था। ऐसी परिस्थिति में आपसे अपनी बेटी के उचित उपचार हेतु मार्गदर्शन करने का आग्रह है।

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