दुनिया के लगभग हर क्षेत्र में बिच्छू पाए जाते हैं। बिच्छू इंसानों को अपनी पूंछ से डंक मारते हैं, हालांकि ऐसे मामले बहुत कम होते हैं। इनके काटने पर घाव या प्रतिक्रिया होती है, जिससे सूजन और लाली जैसे लक्षण होते हैं।

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बिच्छू के काटने पर कुछ गंभीर लक्षण भी हो सकते हैं, जो डंक मरने के कुछ समय बाद दिखने लगते हैं।

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इनके डंक से आमतौर पर कोई गंभीर प्रभाव नहीं होता है, लेकिन कुछ तरह के बिच्छुओं के काटने से गंभीर लक्षण और मौत भी हो सकती है।

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इस लेख में क्या बिच्छू का काटना खतरनाक होता है, बिच्छू के काटने पर क्या होता है, क्या करना चाहिए और बिच्छू के काटने पर डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए के बारे में बताया गया है।

  1. क्या बिच्छू का काटना खतरनाक होता है - Kya bichhoo ka katna gambhir samasya hai
  2. बिच्छू के काटने पर क्या होता है - Bichu ke katne par kya hota hai
  3. बिच्छू के डंक मारने पर क्या करना चाहिए - Bichu katne par kya kare
  4. बिच्छू के काटने पर डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए - Bichhoo ke dank marne par doctor ke pas kab jaye

बिच्छूओं को बिना किसी वजह बुरा माना जाता है। दुनिया में इनकी 1500 तरह की प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें से केवल 25 ही ऐसी प्रजातियां हैं जिनका डंक इंसानों के लिए घातक होता है। हालांकि, किसी भी बिच्छू के काटने से एलर्जी की समस्या हो सकती है।

नवजात शिशुओं और बूढ़े लोगों को बिच्छू के काटने से मृत्यु होने का खतरा अधिक होता है। अन्य लोगों को अधिकतर इससे दौरे पड़ना और सांस फूलना जैसी समस्याएं होती हैं।

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अगर आपको पता है कि जिस बिच्छू ने आपको काटा है वो घातक नहीं है, लेकिन आपको दर्द और सूजन के अलावा कोई लक्षण अनुभव होते हैं, तो तुरंत अपने डॉक्टर के पास जाएं।

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बिच्छू काटने के बाद होने वाले लक्षण उसके प्रकार, व्यक्ति की उम्र और उसके स्वास्थ जैसे कई कारकों पर निर्भर करते हैं। आमतौर पर, बिच्छू के डंक मारने से असहजता होती है, जो कुछ समय में अपने आप ठीक हो जाती है।

बिच्छू काटने के बाद होने वाले सामान्य से गंभीर लक्षण निम्नलिखित हैं -

बिच्छू के काटने पर निम्नलिखित तरीके से प्राथमिक उपचार किया जा सकता है -

  • डंक वाले क्षेत्र को पानी और साबुन से धो लें।
  • हो सके तो प्रभावित क्षेत्र को हृदय के स्तर से ऊपर उठा लें।
  • अगर घायल व्यक्ति ने प्रभावित क्षेत्र में कोई ज्वेलरी पहनी है, तो उसे उतार दें।
  • डंक वाली जगह के थोड़ा ऊपर की तरफ एक पट्टी बांध दें। पट्टी को ज्यादा टाइट न बांधें, इससे खून का परवाह अवरुद्ध हो सकता है।
  • दर्द के लिए एसिटामिनोफेन और एलर्जी के लिए एंटीहिस्टामाइन लें। (और पढ़ें - स्किन एलर्जी के लक्षण)
  • एस्पिरिन और आइबुप्रोफेन न लें, इनसे समस्या और बढ़ सकती है।
  • प्रभावित क्षेत्र पर 10 से 15 मिनट के लिए ठंडी सिकाई करें। बर्फ के टुकड़ों को सीधे त्वचा पर न रखें, उन्हें किसी कपड़े या तौलिये में लपेट लें।
  • घाव से जहर चूसकर निकलने का प्रयास न करें।
  • अगर व्यक्ति सांस नहीं ले रहा है, तो उसे सीपीआर दें।
  • अगर 5 साल से छोटे बच्चे को बिच्छू ने काटा है, तो उसे डॉक्टर के पास ले जाएं।
  • अगर बिच्छू काटने के बाद लक्षण बढ़ने लगते हैं, तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।

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बिच्छुओं की कुछ ही प्रजातियां ऐसी हैं जिनके डंक इंसानों के लिए घातक होते हैं। ऐसे किसी बिच्छू के डंक मारने पर डॉक्टर के पास तुरंत जाएँ। हालांकि, अगर आपको पता नहीं है कि आपको किसी जहरीले बिच्छू ने काटे है या साधारण बिच्छू ने, या आपको ऊपर दिए गए लक्षण ज्यादा देर तक अनुभव होते हैं या लक्षण बिगड़ने लगते हैं, तो डॉक्टर के पास तुरंत जाएं।

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नोट: प्राथमिक चिकित्सा या फर्स्ट ऐड देने से पहले आपको इसकी ट्रेनिंग लेनी चाहिए। अगर आपको या आपके आस-पास किसी व्यक्ति को किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्वास्थ्य समस्या है, तो डॉक्टर या अस्पताल ​से तुरंत संपर्क करें। यह लेख केवल जानकारी के लिए है। 

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