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भारत में अधिकतर घरों में चावल को मुख्य आहार में शामिल किया जाता है। अपने देश में रोटी व सब्जियों की तरह चावल खाने के शौकीन लोगों की कमी नहीं है। भारत में चावल की अधिक पैदावार होने के चलते कई प्रांतों में चावल को एक समय अवश्य ही बनाया जाता है। सभी खाद्य पदार्थों की तरह ही चावल के भी कुछ फायदे और नुकसान होते हैं। कुछ लोग इसके फायदों के बारे में चर्चा करते हैं तो कुछ इसके नुकसान को बताते हैं।

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इस लेख में चावल के फायदे और नुकसान के बारे में विस्तार से बताया गया है। साथ ही आपको चावल खाने से क्या होता है, चावल खाने से लाभ व हानि आदि के बारे में भी विस्तार से बताने का प्रयास किया गया है। 

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  1. चावल खाने के फायदे - Chawal khane ke fayde
  2. चावल खाने के नुकसान - Chawal khane ke nuksan
  3. चावल कैसे बनाते हैं

चावल खाने से दस्त में आराम मिलता है - Chawal khane se dast me aram milta hai

सफेद चावल जोड़ने वाले तत्व (binding Agent) की तरह कार्य करता है, जिसकी वजह से आपका मल सख्त हो जाता है। सफेद चावल में फाइबर की मात्रा बेहद कम होती है, इसलिए यह पचाने में बेहद ही आसान होते हैं। इसके साथ ही इनमें कार्बोहाइड्रेट की अधिकता आपको ऊर्जा प्रदान करने का कार्य करती है। सफेद चावल में आयरन और अन्य पोषक तत्व भी पाए जाते हैं, जो दस्त में आराम पहुंचाने में मदद करते हैं।

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चावल खाने का लाभ है उसका ग्लूटेन मुक्त होना - Chawal khane ka labh hai uska gluten mukt hona

जौ, गेहूं और राई से प्राप्त होने वाले ग्लूटेन कई तरह की समस्याओं का कारण बनते हैं। ग्लुटेन सेहत के लिए हानिकारक क्यों होते हैं इस बारे में अब तक पता नहीं लगाया जा सका है। लेकिन निम्नलिखित कुछ संभावित कारण हो सकते हैं:

  • हो सकता है कि ग्लूटेन जैसा प्रोटीन शरीर के पाचन तंत्र के लिए पचाना बहुत मुश्किल हो।
  • ऐसा भी हो सकता है कि यह अक्सर खाएं जाने वाले जंक फूड में काफी अधिक पाया जाता है और हम आजकल इनका सेवन भी बहुत अधिक करते हैं।
  • पहले की अपेक्षा आज के समय में उन्नत तकनीकों की मदद से उगाए जानें वाले गेहूं में ग्लूटेन की मात्रा अधिक होने के कारण भी ऐसा हो सकता है।
  • ऐसा इसलिए भी हो सकता है क्योंकि गेंहू की फसल को सुरक्षित रखने के लिए कई तरह के केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है।
  • उपरोक्त सभी कारण मिलकर भी ग्लुटेन को सेहत के लिए हानिकारक बनाने के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।

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वजह कुछ भी हो लेकिन गेहूं से तैयार होने वाला भोजन अधिकतर लोगों के लिए संवेदनशील होता जा रहा है। हालांकि, सफेद चावल हाईपोएलर्जेनिक (hypoallergenic: कम एलर्जी करने वाला आहार) भोजन होता है और वर्तमान में चावल से इस तरह की कोई समस्या नहीं होती है। अगर ग्लूटेन मुक्त डाइट को अपनाना चाहते हैं तो आप चावल का सेवन कर सकते हैं।

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चावल खाने के फायदे बॉडी बिल्डिंग के लिए - Chawal khane ke fayde body building ke liye

बॉडी बनाने वाले लोगों के लिए सफेद चावल कार्बोहाइड्रेट प्राप्त करने का आसान और बेहतर स्रोत माना जाता है। बॉडी बनाने वाले सामान्यतः एक दिन में पांच से छह बार थोड़ा थोड़ा खाना खाते हैं। ऐसे में सफेद चावल उनके शरीर को कोर्बोहाइड्रेट प्रदान करने का कार्य करता है।

इसके साथ ही आप वर्क आउट करने से पहले और बाद में भी सफेद चावल का सेवन कर सकते हैं। वर्कआउट से पहले चावल खाने से मिलने वाले कार्बोहाइड्रेट आपको ऊर्जा प्रदान करने का कार्य करते हैं। जबकि वर्क आउट के बाद सफेद चावल खाने से इसके आसानी पचने वाले कार्बोहाइड्रेट आपकी मांसपेशियों को दोबारा ठीक करने और उनमें एमिनो एसिड के स्राव को बढ़ा देते हैं।

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चावल खाने के फायदे में शामिल है प्रेग्नेंसी में कब्ज न होना - Chawal khane ke fayde me shamil hai pregnancy me kabj na hona

चावल में पर्याप्त मात्रा में रेसिसटेंट स्टार्च होता है जो आपके पेट को प्रभावित करता है। प्रेग्नेंसी में मल त्याग करने की प्रक्रिया को आसान और सामान्य करने के लिए रेसिसटेंट स्टार्च पेट में फायदेमंद बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं। इससे महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान होने वाली कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं जैसे कब्ज और बवासीर से बचने में मदद मिलती है।

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चावल खाने का फायदा है पाचन समस्याओं से छुटकारा - Chawal khane ka fayda hai pachan sambandhi samasyaon se chutkara

पाचन संबंधी समस्या होने पर डॉक्टर आपको कम फाइबर वाले आहार खाने की सलाह देते हैं। कम फाइबर वाले आहार से आपके पाचन तंत्र को आराम मिलता है और अतिरक्ति दबाव नहीं पड़ता है। इस तरह के आहार कुछ समय तक खाने की सलाह दी जाती है और कम फाइबर वाले आहार से क्रोहन रोग, आंतों में सूजन, इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज और अन्य पाचन संबंधी विकारों के कारण होने वाले लक्षणों को कम करने में भी मदद मिलती है।

इसके साथ ही सीने में जलन, जी मिचलाना, उल्टी की समस्या व किसी रोग के ठीक होने के लिए चिकित्सीय प्रक्रिया के दौरान भी पाचन तंत्र पर प्रभाव पड़ता है, ऐसे में वयक्ति के लिए कम फाइबर वाली डाइट फायदेमंद होती है। इन सभी समस्याओं में सफेद चावल खाने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इनमें फाइबर की मात्रा कम होती है और इसलिए ये आसानी से पच जाते हैं।

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चावल खाने का नुकसान है डायबिटीज का खतरा - Chawal khane ka nuksan hai diabetes ka khatra

भारत में अधिकतर लोग सफेद चावल खाना पसंद करते हैं और इसे वह अपनी रोजाना की डाइट में शामिल भी करते हैं। अध्ययनों से इस बात का पता चला है कि सफेद चावल खाने से टाइप 2 डायबिटीज होने का खतरा बढ़ जाता है। शोधकर्ताओं ने दो एशियाई देशों और दो पश्चिमी देशों के आकड़ों को देखा। इन अध्ययनों में उन लोगों को शामिल किया गया था जिनको डायबिटीज की समस्या नहीं थी।

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भारत के कई प्रदेश ऐसे हैं जहां पर दिन में कम से कम एक बार सफेद चावल अवश्य खाया जाता है। अध्ययन में पाया गया है कि एशिया के कई देश दिन में करीब चार बार सफेद चावल खाते हैं, जबकि पश्चिमी देशों में इसको सप्ताह में औसतन पांच बार खाया जाता है। अध्ययन बताते हैं कि जो लोग रोजाना कई बार सफेद चावल खाते हैं उनको टाइप 2 डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। इन लोगों की डायबिटीज मुख्य रूप से मोटापे से संबंधित होती है।

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चावल खाने से होता है मेटाबॉलिक सिंड्रोम का जोखिम - Chawal khane se hota hai metabolic syndrome ka jokhim

मेटाबोलिक सिंड्रोम से शरीर में ऐसे कई विकार हो जाते हैं, जिसकी वजह से टाइप 2 डायबिटीज और स्ट्रोक आदि समस्याएं होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके जोखिम कारकों में निम्नलिखित को शामिल किया जाता है।

अध्ययन से पता चलता है कि जो लोग रोजाना अधिक मात्रा में सफेद चावल खाते हैं उनको मेटाबोलिक सिंड्रोम होने की संभावना अधिक होती है। हालांकि सफेद चावल को खाने और हृदय रोगों के बीच संबंध पर सटीक तरह से कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। 

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