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चावल की भूसी का तेल तेजी से लोकप्रिय होने वाला वनस्पति तेल है जो कई फायदे प्रदान करता है। चावल सबसे व्यापक रूप से उपलब्ध और लोकप्रिय खाद्य पदार्थों में से एक है। चावल की भूसी का तेल रोगाणु (germ) और चावल के गुठलियों या गुद्दे के भूसे से निकाला जाता है। इसका उपयोग उच्च तापमान पर खाना बनाने जैसी स्तिर फ्राइंग और डीप फ्राइंग (stir frying and deep frying) में किया जाता है। चावल की भूसी का तेल मूंगफली के तेल की तरह ही होता है लेकिन मूंगफली के तेल की तुलना में इसके कुछ फायदे हैं। (और पढ़ें - चावल के आटे से करें अपने चेहरे को गोरा)

चावल की भूसी का तेल एशियाई कल्चर्स में सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाता है जिसमें जापान और चीन शामिल हैं। क्योंकि यह के व्यंजनों में चावल एक प्रमुख भोजन है। हालांकि इसके स्वास्थ्य लाभ और कम मूल्य के कारण दुनिया के दूसरे हिस्सों में भी इसकी लोकप्रियता बढ़ती जा रही है।  (और पढ़ें - ब्राउन राइस के फायदे)

इस तेल में विटामिन ई, संतुलित फैटी एसिड, एंटीऑक्सीडेंट क्षमता होने के साथ साथ कोलेस्ट्रॉल बहुत कम होता है। तो आइए जानते हैं चावल की भूसी के तेल के कुछ स्वास्थ्य लाभों के बारे में -

  1. चावल की भूसी के तेल के फायदे रजोनिवृत्ति के लिए - Rice bran oil for menopause in hindi
  2. चावल की भूसी के तेल के लाभ कोलेस्ट्रॉल करे कम - Rice bran oil reduces cholesterol in hindi
  3. चावल की भूसी के तेल के गुण कैंसर रखे दूर - Rice bran oil for cancer in hindi
  4. चावल की भूसी का तेल उपयोग त्वचा स्वास्थ्य के लिए - Rice bran oil benefits for skin in hindi
  5. धान की भूसी के तेल के फायदे एलेर्जी में - Rice bran oil ke fayde for Allergy in hindi
  6. राइस ब्रान आयल के लाभ करे वजन कम - Benefits of rice bran oil for weight loss in hindi
  7. राइस ब्रैन ऑयल के गुण करे बालों का विकास - Rice bran oil good for hair growth in hindi
  8. राइस ब्रान आयल का उपयोग लिवर रखे साफ - Rice bran oil for liver in hindi
  9. राइस ब्रान आयल साइड इफेक्ट्स - Rice bran oil side effects in hindi

चावल की भूसी के तेल पर रिसर्च में पाया गया है कि यह रजोनिवृत्ति वाली महिलाओं को प्रभावित करता है। 90% से अधिक महिलाओं ने यह बताया कि इसके पूरक का उपयोग करने से गर्म पसीने निकलने कम हो गए थे और रजोनिवृत्ति के अन्य लक्षण (जैसे चिड़चिड़ापन) भी कम हो गए थे। पूरक न इस्तेमाल करके सीधा चावल की भूसी का तेल इस्तेमाल किया जाए तो भी यही लाभ मिलते हैं। (और पढ़ें - आपके मासिक धर्म यानी पीरियड्स इन स्वास्थ्य समस्याओं का करते हैं संकेत)

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और द अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन दोनों ने ही कहा है कि चावल की भूसी के तेल में अन्य सभी वनस्पति तेलों की तुलना में मोनोअनसैचुरेटेड, पॉलीअनसेचुरेटेड, और संतृप्त वसा की सब से अच्छी रचना होती है। फैटी एसिड का संतुलन आपके शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है क्योंकि फायदेमंद कोलेस्ट्रॉल आपके शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को बढ़ने से रोकता है। यह एथोरोसक्लोरोसिस (Atherosclerosis) जैसी बीमारी को कम करने में मदद कर सकता है और दिल के दौरे और स्ट्रोक जैसी बीमारियों का सामना करने में भी मदद कर सकता है। (और पढ़ें - कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए क्या खाएं)

चावल की भूसी का तेल एंटीऑक्सिडेंट का एक समृद्ध स्रोत है और इसमें ऑरिज़ानोल (oryzanol) जैसे यौगिक भी पाया जाता है। चावल की भूसी के तेल में बहुत अधिक विटामिन ई होता है जिसमे टोकोफेरोल और टोकोट्रीएनल दोनों शामिल हैं जो अधिकांश वनस्पति तेलों में नहीं पाएं जाते हैं। विटामिन ई एक एंटीऑक्सिडेंट के रूप में कार्य करता है जो शरीर से फ्री रेडिकल्स को नष्ट करता है। फ्री रेडिकल्स सेलुलर चयापचय के खतरनाक उप-उत्पाद हैं जो कि स्वस्थ कोशिकाओं को कैंसर कोशिकाओं में बदल देते हैं। इसलिए विभिन्न प्रकार के कैंसर के विकास को रोकने के लिए एंटीऑक्सीडेंट बहुत ही जरूरी होते हैं। (और पढ़ें - कैंसर से लड़ने वाले दस बेहतरीन आहार)

विटामिन ई (टोकोफेरोल) कैंसर को रोकने के साथ साथ त्वचा के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए भी लाभदायक होता है। फ्री रेडिकल्स त्वचा की कोशिकाओं पर हमला करते है और समय से पहले बुढ़ापे के संकेतों को बढ़ाते हैं। चावल की भूसी का तेल शरीर में विटामिन ई के स्तर को बढ़ाता है जो घाव भरने, नई कोशिकाओं के निर्माण में, त्वचा को चिकना बनाने में, झुर्रियों को कम करने में और सनबर्न से सुरक्षा प्रदान करने में मदद करता है। विटामिन ई त्वचा की कोशिकाओं की सुरक्षात्मक गुणवत्ता को बढ़ाने में मदद करता है जो त्वचा के माध्यम से विषाक्त पदार्थों और रोगजनकों को प्रवेश करने से रोकता है। (और पढ़ें - प्रदूषण से त्वचा को सुरक्षित रखने के लिए अपनाएं ये आसान तरीके)

चावल की भूसी का तेल हाइपोलेर्गेनिक (Hypoallergenic; इस से एलेर्जी होने की सम्भावना बहुत काम होती है) है जो अन्य वनस्पति तेलों में नहीं पाया जाता है। चावल के चोकर के तेल में पके हुए भोजन को खाने से किसी भी प्रकार की एलर्जी नहीं होती है और यह शरीर में अन्य प्रकार की एलर्जी की प्रतिक्रिया को भी शांत करता है। यह अन्य असामान्य एलर्जी को होने से भी रोकता है। (और पढ़ें - कांजी पानी यानि चावल के पानी के फायदे)

हालांकि चावल की भूसी के तेल में तकनीकी रूप से कैलोरी अधिक होती है लेकिन इसमें चिपचिपापन न के बराबर होता है। इसमें भोजन को पकाने पर भोजन 20% तेल को अवशोषित करता है और भोजन का स्वाद बरकरार रखता है। चूंकि अन्य वनस्पति तेलों की तुलना में यह कम अवशोषित होता है, इसके कारण आप कम कैलोरी का सेवन करते हैं और आपका वजन कम होता है। 

(और पढ़ें - वजन कम करने के उपाय)

चावल की भूसी के तेल में मौजूद फेरिलिक एसिड और एस्टर बाल के विकास में मदद करते हैं। यह एंटीऑक्सिडेंट्स और विटामिन ई से भी समृद्ध है जो बालों के लिए कई लाभ प्रदान करते हैं। ओमेगा-3 और साथ ही ओमेगा-6 फैटी एसिड आपके बालों को पोषण प्रदान करते हैं और बालों को समय से पहले सफ़ेद होने से भी रोकते हैं। इसे गर्म तेल उपचार (hot-oil treatment) के रूप में प्रयोग करें ताकि आपके बालों को अच्छी देखभाल मिले और आपको सुंदर और स्वस्थ बाल प्राप्त हो। (और पढ़ें - बालों को झड़ने से रोकने के लिए ये पांच पोषक तत्व अपनी डाइट में ज़रूर करें शामिल)

चावल की भूसी के तेल में विभिन्न प्रकार के स्वस्थ यौगिक और गुण पाए जाते हैं जो लिवर के फंक्शन को सुधारने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। आप अपने दैनिक आहार में इस तेल का उपयोग करके फैटी लीवर (Fatty Liver) बीमारी होने से भी रोक सकते हैं। (और पढ़ें - लिवर को साफ और स्वस्थ रखने के लिए 10 सर्वोत्तम आहार)

चावल की भूसी के तेल में फाइबर अधिक मात्रा में होता है जो पाचन में सुधार कर सकता है। लेकिन यदि आपको जठरांत्र (Gastroenteritis) संबंधी समस्या है या आप पहले से ही अल्सर से पीड़ित हैं या फिर किसी भी अन्य कारण से आपके पाचन तंत्र संकुचित तो यह आपकी समस्या को और बढ़ा सकता है। (और पढ़ें - रोटी या चावल क्‍या है सेहत के लिए बेहतर?)

इसके अलावा चावल की भूसी के तेल में कैलोरी बहुत अधिक मात्रा में होती हैं। इसलिए खाना पकाने में जितनी जरूरत हो उतना ही इसका उपयोग करें। इसका अधिक मात्रा में उपयोग करने से आपके शरीर में कैलोरी की मात्रा बढ़ सकती है। (और पढ़ें - ब्राउन राइस रेसिपी)

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