आयुर्वेद में गुलमोहर के फूल का खासा महत्व है. गुलमोहर के फल और पत्तियों का उपयोग कई दवाइयां बनाने में किया जा सकता है. गुलमोहर का साइंटिफिक नाम डेलोनिक्स रेगिया (Delonix Regia) है. इसके एंटीबैक्टीरियल व एंटीडायबिटिक गुण गठिया और बवासीर जैसे कई रोगों के इलाज में फायदेमंद हैं. गुलमोहर के फूलों का अधिक सेवन अस्थमा रोग में नुकसानदायक हो सकता है.

आज की लेख में आप जानेंगे कि गुलमोहर पेड़ के फायदे और नुकसान क्या-क्या हैं -

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  1. गुलमोहर पेड़ के फायदे
  2. गुलमोहर पेड़ के नुकसान
  3. सारांश
गुलमोहर पेड़ के फायदे व नुकसान के डॉक्टर

गुलमोहर पेड़ का प्रयोग आज से नहीं, बल्कि कई वर्षों से एक असरदार औषधि के रूप में किया जा रहा है. इसके फूल और पत्तियां कई रोगों के इलाज में फायदेमंद हो सकते हैं. गुलमोहर के फूल से बनी औषधियां डायरिया और हर्पिज जैसी बीमारी के इलाज में फायदेमंद हो सकती है. आइए, गुलमोहर पेड़ के फायदे और नुकसान के बारे में विस्तार से जानते हैं -

बवासीर के इलाज में फायदेमंद

बवासीर यानी पाइल्स के इलाज में गुलमोहर फायदेमंद हो सकती है. बवासीर में एनस के पास की नसों में सूजन आ जाती है, जिससे मल त्याग के समय दर्द होता है और ब्लड भी आता है. एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होने के कारण गुलमोहर के पत्तों का उपयोग इस रोग में फायदेमंद है. दूध के साथ पीले रंग के गुलमोहर के पत्ते को पीसकर, बवासीर के मस्सों पर लगाने से आराम मिल सकता है.

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गठिया के दर्द का इलाज

गठिया के रोग में अक्सर शरीर के जोड़ों में दर्द रहता है और सूजन होने के कारण चलने-फिरने में परेशानी भी हो सकती है. ऐसे में गुलमोहर के पत्तों को पीसकर सूजन वाली जगह पर लगाने से या पत्तों का काढ़ा बनाकर उसकी स्टीम से दर्द में आराम मिल सकता है और इस समस्या से छुटकारा पाने में मदद मिल सकती है.

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डायरिया का इलाज

गुलमोहर में एंटी बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जिससे इस तरह की बीमारी को ठीक होने में मदद मिल सकती है. डायरिया कई प्रकार का होता है, जैसे एक्यूट डायरिया, परसिस्टेंट डायरिया, क्रोनिक डायरिया. समय रहते इसका इलाज जरूरी है, वरना बाद में आंतों में सूजन आ सकती है. इसलिए, गुलमोहर की छाल के चूर्ण का सेवन डायरिया में आराम पहुंचा सकता है.

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हर्पीज में आराम

हर्पीज की समस्या महिला और पुरुष किसी को भी हो सकती है. हर्पीज एक प्रकार का इन्फेक्शन है, जिसमें स्किन के ऊपर छोटे-छोटे छाले जैसी स्थिति हो जाती है. इससे हमारा इम्यूनिटी सिस्टम कमजोर हो सकता है. गुलमोहर के एंटी बैक्टीरियल, एंटी इंफ्लेमेटरी, एंटी माइक्रोबियल गुण इस बीमारी को ठीक करने में सहायक हैं.

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घाव के इलाज में फायदेमंद

गुलमोहर घाव को ठीक करने में भी सहायक हो सकता है. किसी भी प्रकार की चोट लगने पर हमारी स्किन कट जाती है, जिससे इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है. यह घाव बाद में गंभीर रूप में बदल सकता है, लेकिन गुलमोहर का प्रयोग इन्फेक्शन को बढ़ने से रोक सकता है.

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पीरियड्स के दर्द में आराम

पीरियड्स के समय होने वाले क्रैंप्स और पीरियड से संबंधित अन्य समस्याओं में गुलमोहर के फूल को सुखाकर इसका चूर्ण का सेवन आराम पहुंचा सकता है.

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बालों के इलाज में फायदेमंद

बाल झड़ने या स्कैल्प की समस्या होने पर गुलमोहर के पत्तों का पाउडर का लेप बनाकर बालों की जड़ों में लगाना फायदेमंद हो सकता है.

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गुलमोहर पेड़ के पत्ते फूल या तने का औषधि के रूप में अधिक प्रयोग अस्थमादिल की बीमारी और ब्रेस्ट फीडिंग मां के लिए, बच्चों व बुजर्गों के लिए नुकसानदायक हो सकता है.

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आयुर्वेद के तहत गुलमोहर पेड़ का प्रयोग औषधि के रूप में सदियों से किया जा रहा है. गुलमोहर की पत्तियां, फूल या छाल का प्रयोग पीरियड्स की समस्याओं व बालों का झड़ना जैसी समस्याओं में फायदेमंद है. वहीं, इसका अधिक प्रयोग ब्रेस्टफीडिंग के दौरान और बच्चों या बुजुर्गों को नुकसान पहुंचा सकता है. इसलिए, इसको प्रयोग करने से पहले डॉक्टर की राय जरूर लेनी चाहिए.

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