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पीपल का पेड़ हिंदू धर्म में सबसे अहम और पूज्य माना जाता है। इसलिए तो पीपल के पेड़ की पूजा भी होती है। कहा जाता है जिस तरह से देवताओं में अनेकों गुण होते हैं, उसी तरह से पीपल के पेड़ में भी कई स्वास्थ्यवर्धक गुण होते हैं। इस वृक्ष के पत्तों, शाखाओं और जड़ों में तीव्र गति से कार्य करने की शक्ति होती है। इसी तरह यह पेड़ हमारे शरीर को कई बीमारियों से बचाने में तीव्र गति से कार्य करता है।

पृथ्वी पर पाए जाने वाले सभी पेड़ों में से पीपल का पेड़ ऑक्सिजन को शुद्ध करने वाला और सबसे अहम वृक्ष होता है। यह एक ऐसा पेड़ है जो की 24 घंटे हमें ऑक्सिजन देता है जबकि अन्य पेड़ रात में कार्बन डाईऑक्साइड या फिर नाइट्रेट छोड़ते हैं। यह एक ऐसा वृक्ष है जो सूर्य के ताप को तो रोक लेता है परंतु उसके उजाले को नहीं रोकता। इसलिए पीपल के पेड़ के नीचे छाया के साथ साथ रोशनी भी होती है। इसके पेड़ के नीचे रहने वाले लोग बुद्धिमान, निरोगी और अधिक उम्र वाले होते हैं।यह वही वृक्ष है जिसके नीचे गौतम बुद्ध ने ज्ञान की प्राप्ति की थी।

पीपल के पेड़ के पत्ते, सूखे फल, जड़, पीपल के बीज सभी स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक हैं। आइए आपको देते हैं पीपल के पेड़ के बारे में आवश्यक जानकारी -

  1. पीपल के पत्ते के फायदे दिल के रोगों के लिए - Benefits of peepal leaf for heart in Hindi
  2. पीपल का चूर्ण खाँसी जुखाम को दूर करे - Peepal tree powder for cold cough in Hindi
  3. पीपल के वृक्ष के लाभ दमा में असरदार - Pipal powder for asthma in Hindi
  4. पीपल के फल के फायदे बांझपन और नपुंसकता में - Peepal tree fruit uses for infertility and impotence in Hindi
  5. पीपल के पेड़ के लाभ दांतो के लिए - Peepal ke ped ke fayde dant ke liye in Hindi
  6. पीपल के पत्ते के गुण पीलिए में लाभदायक - Peepal tree leaves for jaundice in Hindi
  7. पीपल का महत्व दाद और खाज में - Peepal ke patte ke fayde daad khujli me in hindi
  8. पीपल ट्री के फायदे पेट की समस्याओं के लिए - Peepal tree benefits for stomach problems in Hindi
  9. पीपल की छाल साँस की तकलीफ़ का इलाज - Pipal ki chaal ke fayde for respiratory problems in Hindi
  10. पीपल के पेड़ का उपयोग घाव को ठीक करे - Peepal ke ped ke labh for wounds in Hindi
  11. पीपल की जड़ त्वचा के लिए प्रभावी - Peepal paste for skin in Hindi
  12. पीपल के औषधीय गुण मधुमेह में आएँगे काम - Peepal for diabetes in Hindi
  13. पीपल के अन्य लाभ - Other pipal benefits in Hindi

दिल को कई प्रकार के रोगों से बचाने के लिए भी पीपल का पेड़ फायदेमंद होता है। इसके उपयोग के लिए पीपल की 15 ताज़ा हरी पत्तियों को 1 गिलास पानी में अच्छी तरह से उबालें। पानी को तब तक उबालें जब तक पानी 1/3 ना हो जाए। अब पानी को ठंडा करके छान लें। अब इस काढ़े की तीन खुराक बना लें। इस काढ़े को सुबह हर 3 घंटे के बाद लें। ऐसा करने से यदि किसी व्यक्ति को हार्ट अटैक आया होता है तो उसका हृदय फिर से स्वस्थ हो जाता है और फिर दिल का दौरा पड़ने की संभावना कम हो जाती है। 

(और पढ़ें – दिल का दौरा के लक्षण)

बदलते मौसम की वजह से होने वाली सर्दी, खाँसी और जुखाम को दूर करने में भी पीपल के पत्तों का प्रयोग किया जाता है। इसके प्रयोग के लिए पीपल के 5 पत्तों को दूध के साथ अच्छी तरह से उबाल लें, अब इसमें चीनी को डालकर दिन में 2 बार सुबह और शाम पिएं. ऐसा करने से जुखाम, सिर और खाँसी में जल्दी आराम मिलता है। इसके अलावा नजला जुखाम होने पर, सूखे हुए पीपल के पत्तों का चूर्ण बना लें। अब इस चूर्ण को गुनगुने पानी के साथ थोड़ी सी मिश्री मिलाकर पी जाएँ। इससे आपको नजला जुखाम से आराम मिलेगा।

(और पढ़ें - सर्दी जुकाम के घरेलू उपाय)

दमा रोगियो के लिए पीपल का पेड़ एक महत्वपूर्ण दवा का काम करता है। इसके प्रयोग के लिए पीपल के तने की छाल के अंदर के हिस्से को निकाल कर सुखा लें। इसके सूखने के बाद इसका बारीक चूर्ण बना लें और दमा से ग्रसित रोगी को यह चूर्ण पानी के साथ दें। 

(और पढ़ें - दमा का इलाज संभव है सही खानपान, योग और प्राणायाम के साथ)

पीपल के फलों का चूर्ण लेने से बांझपन दूर होता है। पीपल के पेड़, जड़ और जटाओं में पुरुषात्व प्रदान करने के भी गुण मोजूद होते हैं। इसके प्रयोग से पुरुषों में नपुंसकता के दोष को दूर किया जा सकता है।इसके अलावा यदि पुरुष संतान उत्पन्न करने में असमर्थ हैं, तो उन्हें पीपल के पेड़ की जटों को काटकर उसका काढ़ा बनाकर पीना चाहिए।

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दांतों की मजबूती और सफेदी के लिए पीपल के तने से बनी दातून का प्रयोग किया जाता है। पीपल की दातून से दांतो का दर्द दूर होता है। इसके अलावा 10 ग्राम पीपल की छाल, कत्था और 2 ग्राम काली मिर्च को बारीक पीसकर बनाए गये मंजन का प्रयोग करने से भी दांतो की सभी समस्याओं से निजाद मिलता है। इसके अलावा दांतो की बदबू, दांतो का हिलना, मसूड़ों का दर्द और सड़न को दूर करने में भी पीपल मदद करता है। इसके उपयोग के लिए 2 ग्राम काली मिर्च, 10 ग्राम पीपल की छाल और कत्थे को बारीक पीसकर इसका पाउडर बना लें। अब इस पाउडर से दांतो को साफ करें। इससे दांतो के सभी प्रकार के रोग से छुटकारा मिलता है। 

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पीलिया होने पर पीपल के 3 से 4 पत्तों का रस निकाल लें। अब इस रस में मिश्री को मिलाकर दिन में 3 से 4 बार पीलिया से ग्रसित रोगी को पिलाने से जल्द ही आराम मिलता है।

त्वचा की दाद और खाज को दूर करने के लिए पीपल के 4 पत्तों को रोजाना चबाएँ। यदि आप ऐसा नहीं कर पा रहे हैं तो पेड़ की छाल का काढ़ा बना लें और इसे दाद और खुजली वाली जगह पर लगा लें। 

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बाहर के और अनियमित ख़ान-पान की वजह से पेट से जुड़ी कई प्रकार की समस्याएँ पैदा हो जाती हैं जैसे कब्जगैसदस्त और पेट दर्द आदि। इन सभी को दूर करने में पीपल की पत्तियाँ मददगार होती हैं। इसके उपयोग के लिए पीपल के ताजे पत्तों को कूटकर इनका रस निकाल लें और इसे रोजाना सुबह-शाम पिएं। ऐसा करने से वात और पित्त रोग में भी आराम मिलता है। 

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साँस से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या से निजाद पाने के लिए पीपल के पेड़ का उपयोग किया जाता है। इसके उपयोग के लिए पीपल के पेड़ की छाल के अंदरूनी हिस्से को निकालकर सुखा लें। अब इस सूखे हुए भाग का चूर्ण बनाकर खा लें। ऐसा करने से साँस से संबंधित परेशानियों से छुटकारा मिलता है।

किसी भी प्रकार की चोट और घाव को भरने में पीपल के पेड़ के पत्तों का प्रयोग किया जाता है। घाव को ठीक करने के लिए इसके पत्तों को गर्म कर लें। इन पत्तों को चोट और घाव वाले स्थान पर लगा लें। ऐसा करने से घाव के दर्द से राहत मिलेगी और घाव जल्दी ही भर जाएँगे।

धूल मिट्टी और प्रदूषण की वजेह से हमारी त्वचा खराब होने लगती है और उसमें झाइयाँ भी पड़ जाती हैं। इनसे छुटकारा पाने में भी पीपल का पेड़ मददगार होता है। इसके अलावा बढ़ती उम्र के कारण भी चेहरे पर झाइयाँ पड़ने लगती हैं। इसे दूर करने में पीपल का पेड़ अहम भूमिका निभाता है। इसके उपयोग के लिए पीपल की जड़ो को काट लें और उसे पानी में अच्छी तरह से भिगोकर पीस लें। अब इस पिसे हुए पेस्ट को रोजाना अपने चेहरे पर लगाएँ। ऐसा करने से चेहरे से झाइयाँ ख़त्म हो जाएँगी, साथ ही त्वचा का रंग भी निखरेगा। 

(और पढ़ें - पिंपल्स हटाने में काम आएँगे ये ज़बरदस्त घरेलू उपाय)

तीन पीपल के पत्ते, तीन अमरूद के पत्ते और तीन आम के पत्ते लें और एक पेस्ट बना लें, इसे सुबह चबा लें। यह आपके शरीर में रक्त शर्करा के स्तर को कम करने और मधुमेह में बहुत प्रभावी है। 

(और पढ़ें - सीखें कैसे कर सकते हैं योग से मधुमेह का उपचार इस वीडियो में)

पीपल के अन्य लाभ इस प्रकार हैं - 

  • पीपल के पेड़ की राख का प्रयोग स्तन के फोड़े को ठीक करने में मदद करता है।
  • बवासीर से राहत पाने के लिए पीपल और नीम की पत्तियों से बने पेस्ट को लगाया जाता है। (और पढ़ें – बवासीर का घरेलू इलाज)
  • इमली और पीपल के पेड़ की छाल से बने काढ़े को पीने से मासिक धर्म से संबंधित परेशानियों से निजाद मिलता है। (और पढ़ें - अनियमित मासिक धर्म के कारण और उपचार)
  • पीपल की छाल से बने काढ़े को लगातार पीने से शरीर में सीरम यूरिक एसिड का लेवेल कम हो जाता है जो की गठिया रोग के इलाज में मदद करता है।
  • एडियों के फटने की समस्या में भी पीपल का पेड़ आपकी बहुत मदद करता है। इसके उपयोग के लिए फटी हुई एडियों पर पीपल के पत्तों से निकले दूध को लगाएँ। ऐसा करने से कुछ ही दिनों में फटी एड़ियां चिकनी और खूबसूरत दिखाई देने लगेंगी।
  • आँखो के दर्द से निजाद पाने के लिए पीपल के पत्तों का उपयोग किया जाता है। इसके लिए पीपल के पत्तों से जो दूध निकलता है, उसे आँखो पर लगा लें। इससे आँखों का दर्द ठीक हो जाएगा। (और पढ़ें - आँखों के सूखेपन के घरेलू उपाय)
  • अधिक गर्म खानपान और अधिक गर्मी की वजेह से कुछ लोगों को नाक से खून निकलने की समस्या होने लगती है। इससे छुटकारा पाने के लिए पीपल के ताजे पत्तों का रस निकाल लें और उसे नाक में डालें।
  • इन सभी के अलावा पीपल के पत्तों का प्रयोग साँप के काटने पर भी किया जाता है। साँप काटने पर यदि चिकित्सक उपलब्ध ना हो तो पीपल के पत्तों का रस 2 चम्मच 3 से 4 बार देना चाहिए।
  • कुछ लोगो में हकलाने की समस्या होती है। ऐसे लोग अपनी बातों को किसी के भी सामने सही तरह से प्रस्तुत नही कर पाते हैं। ऐसे में पीपल के पके हुए फलों को सुखाकर बनाए गये चूर्ण को शहद के साथ लें। इससे हकलाने की समस्या दूर हो जाती है और वाणी में सुधार होता है।

पीपल के पेड़ के अद्‌भुत और अनोखे लाभ सम्बंधित चित्र

Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
Kerala Ayurveda Nalpamaradi KeramKerala Ayurveda Nalpamaradi Keram121.5
Planet Ayurveda Arjun TeaPlanet Ayurveda Arjun Tea486.0
Patanjali Divya Vrikkdoshhar KwathPatanjali Divya Vrikkdoshhar Kwath36.0
Patanjali Divya Panchkol ChurnaPatanjali Divya Panchkol Churna33.3
Patanjali Divya Vang BhasmaPatanjali Divya Vang Bhasma22.5
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References

  1. Jazir Haneef et al. Bax Translocation Mediated Mitochondrial Apoptosis and Caspase Dependent Photosensitizing Effect of Ficus religiosa on Cancer Cells. PLoS One. 2012; 7(7): e40055. PMID: 22792212
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