आयुर्वेद में कई तरह की औषधियों का इस्तेमाल किया जाता है. इनमें कई तरह की भस्म को भी शामिल किया जाता है. इन्हीं भस्मों में मडूर भस्म भी है. मडूंर भस्म के कई फायदे हो सकते हैं. इससे पेट दर्द, एनीमिया, कब्ज व बेचैनी जैसी समस्या दूर की जा सकती है. वहीं, नुकसान की बात कि जाए, तो मंडूर का कोई दुष्प्रभाव नहीं देखा गया है. फिर भी बिना एक्सपर्ट की सलाह के इसका सेवन करने से बचें.
आज इस लेख में आप मंडूर के फायदे, नुकसान व इस्तेमाल करने की विधि के बारे में विस्तार से जानेंगे -
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मंडूर भस्म क्या है?
मंडूर भस्म एक आयुर्वेदिक औषधि है. यह भस्म जंग लगे लोहे से निर्मित होती है. इस भस्म के इस्तेमाल से लिवर और प्लीहा (Spleen) जैसी परेशानी को दूर किया जा सकता है. इसके अलावा, इसका इस्तेमाल स्वास्थ्य की कई अन्य समस्याओं, जैसे - खून की कमी, पीलिया व पीरियड्स की समस्याओं इत्यादि को दूर किया जा सकता है.
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मंडूर भस्म के फायदे
मंडूर भस्म का इस्तेमाल विशेष रूप से लिवर और प्लीहा की समस्याओं को दूर करने के लिए किया जाता है. इसके कई अन्य लाभ भी हैं. आइए जानते हैं इस बारे में -
लिवर व प्लीहा की समस्या करे दूर
लिवर और प्लीहा की समस्याओं को दूर करने के लिए आयुर्वेद में इस भस्म का विशेष रूप से इस्तेमाल किया जाता है. आयुर्वेद एक्सपर्ट की सलाह पर इस औषधि का सेवन करने से लिवर की समस्याओं से छुटकारा मिलता है, जिससे बेचैनी, भूख न लगना व कमजोरी रहना इत्यादि को दूर किया जा सकता है.
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पेट की परेशानी करे दूर
मंडूर भस्म का इस्तेमाल करने से पेट की समस्याएं, जैसे- पेट में दर्द, भारीपन व ऐंठन इत्यादि को दूर किया जा सकता है. यह पाचन संबंधी परेशानियों को दूर करने के लिए काफी लाभकारी हो सकती है. इसके सेवन से पाचन शक्ति को मजबूती मिल सकती है.
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आयरन की कमी करे दूर
मंडूर भस्म लौहे से तैयार की गई भस्म है. इसके इस्तेमाल से शरीर में आयरन की कमी को दूर किया जा सकता है. यह शरीर में खून की कमी को दूर करने के साथ-साथ ब्लड से जुड़ी परेशानियों से बचाव करने में भी प्रभावी है.
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प्रेगनेंसी में लाभकारी
प्रेगनेंसी में मंडूर भस्म का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है. दरअसल, इस भस्म से शरीर डिटॉक्सिफाई होता है. साथ ही प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली खून की कमी को दूर करने में भी लाभकारी माना जाता है. ऐसे में प्रेगनेंसी में इसका सेवन करने की सलाह दी जा सकती है. फिर भी गर्भावस्था में इसका सेवन करने से पहले एक्सपर्ट से पूछना जरूरी है. प्रेगनेंसी में बिना डॉक्टर की सलाह पर इसे बिल्कुल नहीं लेना चाहिए.
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मिट्टी खाने की आदत छुड़ाए
बच्चों में मिट्टी खाने की आदत को छुड़ाने में भी यह औषधि मददगार हो सकती है. दरअसल, शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी से मिट्टी खाने की आदत लगती है. ऐसे में मंडूर भस्म के इस्तेमाल से हीमोग्लोबिन की कमी को दूर किया जा सकता है, जो मिट्टी खाने की आदत को छुड़ाने में प्रभावी हो सकता है.
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मंडूर भस्म इस्तेमाल करने का तरीका
मंडूर भस्म का सेवन डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह पर ही करें. इसकी डोज उम्र, लिंग और व्यक्ति की परिस्थिति पर निर्भर करती है. ऐसे में इसकी डोज के बारे में सटीक जानकारी नहीं दी जा सकती है. वहीं, इसका सेवन करने की बात की जाए, तो अधिकतर एक्सपर्ट खाने के तुरंत बाद इसका सेवन करने की सलाह देते हैं. फिर भी इसका सेवन बिना डॉक्टर की सलाह के न करें.
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मंडूर भस्म के नुकसान
मंडूर भस्म प्राकृतिक तरीके से तैयार की गई भस्म है. ऐसे में इससे शरीर को नुकसान होने की आशंका कम होती है. इसके बावजूद ध्यान रखें कि बिना डॉक्टरी सलाह के इसका सेवन न करें. कुछ स्थितियों में मंडूर भस्म का अधिक सेवन करने से निम्न परेशानी हो सकती है -
- मुंह का स्वाद बदलना.
- कच्ची या अधपकी मंडूर के सेवन से शरीर में टॉक्सिन का स्तर बढ़ना.
- मल का रंग काला होना.
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सारांश
मंडूर भस्म के इस्तेमाल से शरीर की कई परेशानियां जैसे- लिवर, प्लीहा व खून की कमी इत्यादि को दूर किया जा सकता है. वहीं, इस औषधि से नुकसान होने की संभावना कम हो सकती है. अधिक मात्रा में या फिर अधपकी मंडूर भस्म का इस्तेमाल करने से मल का काला होना, शरीर में विषाक्त पदार्थ जमा होना जैसी परेशानी हो सकती है. ध्यान रखें कि मंडूर भस्म का सेवन करने से पहले डॉक्टरी सलाह जरूर लें, ताकि डॉक्टर परिस्थिति के अनुसार मंडूर का सेवन करने की सलाह दे सके.
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