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बोरेक्स को आयुर्वेद में टंकण भस्म के रूप में जाना जाता है। इसके अलावा हिंदी में इसे सुहागा के नाम से भी जाना जाता है। बोरेक्स का रासायनिक नाम सोडियम टेट्राबोरेट (Sodium tetraborate) है। इसमें सूजन को कम करने वाले, कसैले, रोगाणुरोधी, बलगम को निकालने वाले गुण पाए जाते हैं।

आयुर्वेद में सुहागे को बहुत प्राचीन समय से दवा की तरह आंतरिक और बाह्य रूप से इस्तेमाल किया जाता रहा है। यह कई आयुर्वेदिक दवाओं में घटक के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है। सुहागा तिब्बत, लद्दाख और कश्मीर में बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है। सोडियम टेट्राबोरेट को टूथपेस्ट और साबुन को बनाने के लिए भी उपयोग किया जाता है।

  1. सुहागा के फायदे मुंह के छालों के लिए - Borax for Mouth Ulcers in Hindi
  2. सुहागा के लाभ बचाएं आँखों को संक्रमण से - Borax for Eye Infection in Hindi
  3. सुहागा फॉर चेस्ट कंजेस्शन - Suhaga for Chest Congestion in Hindi
  4. सुहागा के गुण हैं मूत्र संक्रमण के इलाज के लिए उपयोगी - Borax for Urinary Tract Infection in Hindi
  5. सुहागा का उपयोग करे मासिक धर्म की समस्याओं को कम - Suhaga Benefits for Menstrual Problems in Hindi
  6. बोरेक्स फॉर आर्थराइटिस - Borax for Arthritis in Hindi
  7. बोरेक्स का उपयोग करे खाँसी का इलाज - Tankan Bhasma for Cough in Hindi
  8. रूसी के इलाज में मदद करें बोरेक्स - Tankan Bhasma for Dandruff in Hindi
  9. बोरेक्स पाउडर का उपयोग स्तंभन दोष के लिए - Borax Powder for Erectile Dysfunction in Hindi
  10. टंकण भस्म के फायदे त्वचा के लिए - Tankan Bhasma for Skin in Hindi
  11. अस्थमा के लिए बोरेक्स का प्रयोग - Borax for Asthma in Hindi
  12. सुहागा का इस्तेमाल करे पेट की समस्याओं को दूर - Borax for Stomach in Hindi
  13. बोरेक्स फॉर स्लीप - Borax for Sleep in Hindi
  14. बोरेक्स के अन्य फायदे - Other Benefits of Borax in Hindi
  15. सुहागा के नुकसान - Suhaga ke Nuksan in Hindi

बोरेक्स मुंह के छालों के लिए एक बहुत अच्छा उपाय है। कन्साइस चाइनीज़ मेटीरिया मेडिका के अनुसार, बोरेक्स कुछ स्वास्थ्य समस्याओं के लिए सामयिक (topical) उपचार के रूप में इस्तेमाल किया जाने वाला उपाय है जैसे जीभ या मुंह के साथ साथ गले में सूजन भी शामिल है। यह प्रभावित क्षेत्र से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालकर सूजन को कम कर सकता है। बोरेक्स सूजन या घावों से जुड़े दर्द को ठीक करता है।

एक अन्य पारंपरिक उपचार, बोरेक्स को कैलामिना, बोर्नियोलम और नाट्री सल्फास एक्ससिंकेटस के साथ मिलाकर एक आई ड्राप तैयार की जाती है। इसे आँखें लाल और आँखों में सूजन होने पर शांत करने के लिए उपयोग किया जाता है। पलकों की बालों को अंदर की ओर मुड़ने और आंखों की बाहरी कोनों की सूजन आदि में बोरेक्स का उपयोग अच्छा होता है।

जो लोग फेफड़ों में रुकावट (Congestion) या कफ की समस्या से पीड़ित उनके लिए बोरेक्स का उपयोग बहुत ही लाभकारी माना जाता है। इस उपचार के लिए, एक पाउडर या गोली बनाने के लिए बोरेक्स को अन्य जड़ी-बूटियों के साथ मिलाया जाता है। हालांकि, पारंपरिक चिकित्सकों ने यह भी चेतावनी दी है कि बोरेक्स को आम तौर पर बाह्य उपयोग के लिए निर्धारित किया जाता है और इसका आंतरिक उपयोग देखभाल और बोरेक्स के सही स्वरूप के साथ किया जाना चाहिए। यदि इसका सेवन सावधानी से नहीं किया जाता है, तो यह विषाक्त हो सकता है। ऐसी सख्त चेतावनी के साथ, आंतरिक रूप से बोरेक्स का उपयोग करने से बचना ही सबसे अच्छा होता है। रिसर्च के अनुसार यह गारलिंग घोल में इस्तेमाल होने पर पुराने टॉन्सिलिटिस के लक्षणों को दूर करने में सक्षम है।

आयुर्वेद का मानना है कि टंकण भस्म फेफड़ों के अलावा, मूत्राशय, गर्भाशय और पेट के लिए भी लाभदायक है। इसलिए इसके रोगाणुरोधी लाभ मूत्र संक्रमणों के इलाज के लिए उपयोग किया जाते हैं। चीनी हर्बल दवा में भी इसे मूत्र रोग के इलाज में इसी तरह उपयोग किया जाता है जिसमें मूत्र में स्टोन की समाया होती है और जो अक्सर बेहद दर्दनाक होती है। होमियोपैथी सिस्टिटिस से पीड़ित लोगों के लिए बोरक्स का सुझाव देती है, यह एक ऐसी स्थिति जिससे मूत्र करते समय तेज दर्द हो सकता है और मूत्राशय में एक सामान्य दर्द होता है।

यह महिलाओं में मासिक धर्म की समस्याओं को कम करने में मदद करता है। आयुर्वेदिक अनुसंधान ने पाया है कि यह सामान्य गर्भाशय और मासिक धर्म के कार्यों के रखरखाव में मदद करता है। डिसमेनोरिया या एमेनोरिया से पीड़ित महिलाओं के लिए फायदेमंद होता है, जिन्हें आमतौर पर अनियमित मासिक धर्म या मासिक धर्म की अनुपस्थित के रूप में जाना जाता है। यह शरीर में अवरोधों को साफ करने, कफ़ और वात को कम करके और आपके सिस्टम में संतुलन लाने के द्वारा कार्य करता है। पीसीओएस के इलाज में मदद करने के लिए अन्य जड़ी-बूटियों के साथ इसके उपयोग का मूल्यांकन किया गया है और इसके इलाज के लिए इसे बहुत प्रभावी पाया गया है।

बोरेक्स का उपयोग रयूमेटायड गठिया के उपचार के लिए किया जाता है। इराक में एक पायलट अध्ययन में, बोरन का उपयोग क्लीनिकल स्कोर्स में बड़ा सुधार करने के लिए पाया गया और रयूमेटायड गठिया से पीड़ित रोगियों में काफी हद तक सूजन कम करने के लिए पाया गया है। इसने कुछ शोधकर्ताओं को प्रोत्साहित किया है कि यह सुझाव है कि बोरान आपके जोड़ों और हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए एक आवश्यक पोषक तत्व है और गठिया के इलाज में इसके चिकित्सीय उपयोग के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

बोरेक्स में बलगम को निकालने वाले गुण होते हैं। यह मोटी बलगम को पिघला देता है और फेफड़ों से इसे बाहर निकालने में मदद करता है जिससे खाँसी से मुक्ति मिलती है। हालांकि, उत्पादक खाँसी
(productive cough ) वास्तव में लक्षण है और इसके कई अंतर्निहित कारण हो सकते हैं। किसी को भी इन कारणों से इनकार नहीं करना चाहिए और इन लक्षणों के अनुसार उपचार करना चाहिए।

इसके अलावा इसका उपयोग ब्रोंकाइटिस के लिए भी जाता है। लेकिन बोरेक्स अकेले ब्रोंकाइटिस में काम नहीं करता है। खांसी के इलाज के लिए इसे सितोपलादि चूर्ण और अन्य जड़ी बूटियों के साथ मिक्स करके उपयोग किया जाता है। (और पढ़ें - ब्रोंकाइटिस के घरेलू उपचार)

बोरेक्स नारियल तेल या सरसों के तेल के साथ स्कैल्प पर लगाकर रूसी के इलाज में मदद करता है।

  1. आधा चम्मच बोरेक्स को नारियल तेल में मिक्स करके स्कैल्प पर लगाएं। इसकी प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए, पेस्ट में नीम के तेल की कुछ बूँदें मिलाएँ। यह स्कैल्प की खुजली भी कम कर देता है। 3 से 5 मिनट के लिए मालिश करें। इसे 15 से 30 मिनट के लिए लगाकर छोड़ दें और शैम्पू के साथ अपना सिर धो लें।
  2. वैकल्पिक रूप से, एक बोरेक्स और नीम के पत्ते के पाउडर को मिक्स कर सकते हैं। इसमें पानी मिलाकर एक पेस्ट तैयार करें और पेस्ट को अपनी स्कैल्प पर लगाएं। इसके बाद शैम्पू के साथ स्कैल्प को वाश कर लें।

मैग्नीशियम सप्लीमेंट लेने के दौरान एक चौथाई चम्मच बोरेक्स को पीने के पानी के एक चौथाई भाग के साथ सेवन करने से नपुंसकता को ठीक किया जा सकता है। यह मानव शरीर पर कई प्रभावों के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। बोरक्स कैल्शियम और मैग्नीशियम को रक्त में स्थिर करता है। यह हार्मोन उत्पादन को उत्तेजित करता है। यह हाइपर फ्लोराइड संचय की विषाक्त स्थिति , आंतरिक कवक विकास और खतरनाक सूक्ष्म जीव उत्पादन को रोका जा सकता है। बोरेक्स को महिला कामेच्छा बढ़ाने के लिए भी जाना जाता है।

टंकण भस्म त्वचा को मॉइस्चराइजर करता है। प्राकृतिक उम्र बढ़ने की प्रक्रिया के साथ त्वचा की नमी और लोच कम हो जाती है। विशेष रूप से, बोरेक्स पानी को नरम करता है और त्वचा देखभाल वाली मॉइस्चराइजिंग क्रीम में इस्तेमाल किए जाने वाले तेल को पानी से अलग करता है। कोल्ड क्रीम रेसिपी में पानी, जैतून का तेल और बीवैक्स को घोलना शामिल हैं।

  1. 100 ग्राम शहद के साथ 75 ग्राम भुने हुए बोरेक्स को मिलाएं। रात में सोने से पहले एक चम्मच इस मिश्रण का सेवन करें। (और पढ़ें - शहद का उपयोग)
  2. लगभग 60 ग्राम शहद के साथ 30 ग्राम पिसी हुई बोरेक्स को मिक्स करें और इसे स्टोर करें। इस मिश्रण को एक दिन में तीन बार उंगलियों की टिप की मदद से कुछ दिनों के लिए चाटें। इसका उपयोग अस्थमा से छुटकारा दिलाता है। (और पढ़ें – अस्थमा के घरेलू उपचार)

भोजन करने के बाद पेट फूल जाता है तथा उल्टी करने की इच्छा बनी रहती हो तो बोरेक्स औषधि का सेवन करें। योनि विकार के कारण पेट में उत्पन्न होने वाले दर्द को ठीक करने के लिए बोरेक्स औषधि का सेवन लाभकारी होता है। यह औषधि पेट के ऐसे दर्द जिसमें दर्द के साथ दस्त लगने जैसा अनुभव होता है, के लिए प्रयोग की जाती है।

शरीर में अधिक गर्मी विशेषकर सिर में अधिक गर्मी के कारण रात को ठीक से नींद न आना। सोते-सोते अचानक चिल्लाकर उठ जाना और अधिक डर लगना आदि से नींद में बाधा पहुंचने से रोगी में कमजोरी व अन्य परेशानी उत्पन्न होने लगती है। अत: इस तरह के लक्षणों से पीड़ित रोगी को ठीक करने के लिए बोरेक्स का सेवन करना चाहिए। इस औषधि में डर को दूर करने की पावर होती है जिसके कारण रोगी को नींद में डरावने या काम वासना वाले सपने आने बंद हो जाते हैं।

  1. कान में 2-3 बार एक दिन में लगभग ¼ ग्राम बोरेक्स को कान में डालें। इसका उपयोग कान के रोगों से मुक्ति दिलाता है।
  2. 100 ग्राम सरसों के बीज और 30 ग्राम भुना हुआ बोरेक्स पीस लें और छान लें। 7 दिनों के लिए दिन में दो बार नियमित रूप से आधा चम्मच पाउडर का सेवन करें। इसका उपयोग बढ़े हुए प्लीहा को सामान्य बना देता है। यह भूख और शारीरिक शक्ति भी बढ़ाता है।
  3. पानी में बोरक्स और एलम को मिलाएं। इस पानी के साथ आँखें धोएं और आंखों में कुछ बूंदों को डालें। इसका उपयोग शीघ्र राहत प्रदान करता है।
  4. गुड़ को 6 ग्राम में बोरक्स में मिलाएं। इस मिश्रण की 3 गोलियां बनायें। रोज सुबह 3 दिन के लिए गुनगुने घी के साथ एक गोली लें। इसका उपयोग बढ़े हुए अंडकोष (testicles) को सामान्य करता है।
  5. फुलदार बोरक्स और चीनी-कैंडी को एक साथ पीसकर बारीक पाउडर बनायें। इस पाउडर के साथ नियमित रूप से ब्रशिंग से दाँत साफ और मजबूत होते हैं।
  6. 50 मिलीलीटर उबले हुए पानी में 20 ग्राम बोरेक्स और 10 ग्राम कपूर को मिलाएं। इस गुनगुने पानी के साथ बालों को धोना, बालों को रेशमी और काले रंग का बना देता है।
  7. बोरक्स के टुकड़े को चाटें यदि आप जीभ के सूजन और उत्तेजना से पीड़ित हैं। इसका उपयोग राहत प्रदान करता है।
  8. भूनकर पिसा हुआ एक ग्राम बोरक्स, एक ग्राम सेल-अमोनिक और एक ग्राम नाइट्रेट को मिलाएं। इस मिश्रण के आधे ग्राम पाउडर को 2-3 चम्मच नींबू के रस के साथ मिलाकर किडनी के दर्द के दौरान लें। इसका उपयोग राहत प्रदान करता है।
  9. तवे पर सुहागे को सेंक कर बच्चों को चटाने से पेट फूलना और दूध पीकर वापिस निकाल देने वाला रोग दूर हो जाता है।
  1. इसका प्रेगनेंसी में उपयोग नहीं करना चाहिए। (और पढ़ें - प्रेगनेंसी टेस्ट कितने दिन में करे और टेस्ट ट्यूब बेबी कैसे होता है)
  2. इसके अधिक सेवन से मासिक स्त्राव अधिक हो सकता है।
  3. इसका सेवन 500 mg से अधिक मात्रा में नहीं करना चाहिए।
  4. यह संभावित रूप से विषाक्त नहीं है और इसके ना ही कोई तीव्र विषाक्तता वाले लक्षण दिखाई देते हैं। अगर इसे चिकित्सीय खुराक के अनुसार लिया जाएँ तो सुरक्षित और अच्छी तरह से सहन किया जाता है।
  5. दीर्घकालिक उपयोग (4 सप्ताह से अधिक) उचित नहीं है। कम खुराक और उच्च मात्रा में इसका दीर्घकालिक उपयोग से परिणामस्वरूप निम्नलिखित दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
    खट्टी डकार
    भूख में कमी
    मतली और उल्टी
    दुर्बलता
    बाल झड़ना
    सूजन - सामान्यीकृत
  6. दीर्घकालिक उपयोग हड्डियों को प्रभावित कर सकता है और हड्डी खनिज घनत्व (bone mineral density) के नुकसान का कारण होता है।
  7. कुछ मामलों में, अल्पावधि उपयोग पेट में उत्तेजना या जलन पैदा कर सकती है।
  8. यह महिलाओं में ओवुलेशन और प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकता है। संभावित कारण यह है कि यह हार्मोन को प्रभावित कर सकता है।
Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
Divya Jwarnashak VatiDivya Jwarnashak Vati36.0
Baidyanath Agnitundi BatiBaidyanath Agnitundi Bati83.7
Baidyanath Karpuradi BatiBaidyanath Karpuradi Bati82.8
Baidyanath Tankan BhasmaBaidyanath Tankan Bhasma76.0
Divya Raj Pravartini VatiDivya Raj Pravartani Vati78.0
Baidyanath Jay Mangal RasBaidyanath Jayamangal Ras (Sw.Yu.)528.0
Baidyanath Agnikumar RasBaidyanath Agnikumar Ras67.0
Baidyanath Mahavatvidhwansan RasBaidyanath Mahavat Vidhwansan Ras138.0
Baidyanath Mrityunjaya RasBaidyanath Mrityunjaya Ras41.0
Baidyanath Nashtpushpantak RasBaidyanath Nashtpushpantak Ras Tablet198.0
Baidyanath Talkeshwar RasBaidyanath Talkeshwar Ras68.0
Baidyanath Tribhuvan Kirti RasBaidyanath Tribhuvankirti Ras Tablet80.0
Baidyanath Vatgajankush RasBaidyanath Vat Gajankush Ras Tablet83.0
Dabur Rajah Pravartini VatiDabur Rajahpravartini Vati119.0
Dabur Mahashankh VatiDabur Mahashankh Vati54.0
Dabur Ras PipariDabur Ras Pipari54.0
Dabur Vat Gajankush Ras Dabur Vat Gajankush Ras47.0
Dabur Agnitundi Vati Dabur Agnitundi Vati77.0
Dabur Shilajitwadi VatiDabur Shilajitwadi Bati550.0
Baidyanath Hemgarbha Pottali (Smy)Baidyanath Hemgrabha Pottali (Sw.Y)365.0
Baidyanath Mahamrigank RasBaidyanath Mahamrigank Ras (Sw.Mo.Yu.)380.0
Baidyanath Rajmrigank Ras GoldBaidyanath Rajmrigank Ras (Sw.Yu.)451.0
Patanjali Divya Shuddhi ChurnaPatanjali Divya Shuddhi Churna85.0
Baidyanath Anand Bhairav Ras (Jwar)Baidyanath Anand Bhairav Ras(Jwar)77.0
 Baidyanath Ashwakanchuki RasBaidyanath Ashwakanchuki Ras46.0
Baidyanath Ichhabhedi RasICHHABHEDI RAS 10GM80.0
Baidyanath Kafketu RasBaidyanath Kafketu Ras70.0
Baidyanath Kravyad RasBaidyanath Kravyad Ras71.0
Agrawal Borax Glycerin PowderBorax Glycerin Powder13.5
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