मेथी के पत्ते हलके हरे और फुल छोटे सफेद रंग के होते हैं इसकी खेती साल में एक बार ही होती है। मेथी  मटर परिवार (Fabaceae) से सम्बन्ध रखता है और इसे ग्रीक घास (Trigonella foenum-graecum) के रूप में भी जाना जाता है। मेथी का पौधा लगभग दो से तीन फीट लंबा और इसके फली में 10-20 छोटे, सपाट, पीले-भूरे, तेज और सुगंधित मेथी के बीज होते हैं।

मेथी एक बहुत ही मशहूर जड़ी-बूटी है और अपने अतुल्य औषधीय गुणों की वजह से यह आयुर्वेद में भी बहुत ज्यादा इस्तेमाल की जाती है। मेथी में अनेक प्रभावशाली फायटो-नुट्रिएंट्स के साथ-साथ लौह, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, मैंगनीज एवं ताम्बे जैसे खनिज भी उच्च मात्रा में पाए जाते हैं। इसके अलावा इसमें विटामिन बी 6 भी पाया जाता है। मेथी के बीज में प्रभावी रोगाणुरोधी, एंटीऑक्सिडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी, मधुमेह विरोधी और एंटीवायरल गुण पाएं जाते हैं। मेथी के बीज खाने के साथ औषधीय प्रयोजनों के लिए भी उपयोग किए जाते हैं। मेथी के बीज कड़वे स्वाद और खुशबू के लिए जाने जाते हैं। 

(और पढ़ें - मेथी के तेल के फायदे और नुकसान)

भारतीय करी में मेथी एक अनिवार्य घटक के रूप में प्रयोग की जाती है। मेथी दक्षिणी यूरोप, भूमध्य क्षेत्र और पश्चिमी एशिया में मूल रूप से पायी जाती है। इसके सुगंधित बीजो के लिए पश्चिमी यूरोप से चीन तक इसकी खेती जाती है और यूरोप और उत्तरी अफ्रीका के हिस्सों में जानवरो के लिए चारे में भी इसका उपयोग किया जाता है। इसके साथ ही इसके अनेक औषधीय गुण भी है। 

  1. मेथी के फायदे - Methi ke Fayde in Hindi
  2. मेथी के नुकसान - Methi ke Nuksan in Hindi
  3. मेथी के अन्य फायदे - Other Benefits of Fenugreek in Hindi
  4. मेथी का उपयोग कैसे करें - How to use Fenugreek in Hindi
  5. मेथी दाना की तासीर क्या होती है - Nature of Fenugreek Seeds in HIndi

मेथी के बीज के फायदे हैं त्वचा के लिए - Fenugreek Seeds for Skin in Hindi

मेथी में त्वचा के लिए अनेक चमत्कारी औषधीय गुण हैं। इसकी एंटी-ऑक्सीडेंट गुणवत्ता त्वचा को फ्री-रेडिकल क्षति से बचाती है और त्वचा पर आने वाले बुढ़ापे के लक्षणों से छुटकारा दिलाती है। झुरियों के अलावा, मेथी अपने एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों की वजह से फोडे, एक्जिमा एवं जली हुई त्वचा को ठीक करने में भी उपयोगी है। यह जिद्दी निशानों (स्कार्स) से भी छुटकारा दिलाने में सक्षम है।

मेथी में डाइओसजेनिन नामक एक तत्व होता है जिसमे एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो मुँहासे और त्वचा की अन्य समस्याओं को कम करते हैं। मेथी के बीज आपकी त्वचा को मॉइस्चराइज करते हैं और त्वचा को पोषण प्रदान कर रूखेपन से भी झुटकारा दिलाते हैं।  

त्वचा के निखार एवं स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए -

  • एक चम्मच मेथी के बीज को सादे दही में मिला कर एक पेस्ट बना लें।
  • इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएँ।
  • 30 मिनट तक प्रतीक्षा करें और फिर इसे हाथ की उंगलियों से स्क्रब करते हुए धो लें।
  • इससे चेहरे से मृत त्वचा की कोशिका दूर हो जाती है।
  • अंत में, ठंडे पानी से अपना चेहरा धो लें।
  • यह प्रक्रिया सप्ताह में एक बार दोहराएँ। 

(और पढ़ें – एक्जिमा का घरेलू उपाय)

मेथी के फायदे बालों के लिए - Methi ke Fayde for Hair in Hindi

अधिक मात्रा में प्रोटीन होने की वजह से मेथी बालों के विकास के लिए भी बहुत अच्छा होता है। वास्तव में प्रोटीन बालों को घना करने के साथ स्वस्थ एवं मजबूत भी बनाता है। यह बालों के रोम ( Hair Follicles), जो बालों के झड़ने के इलाज के लिए महत्वपूर्ण है उनके पुनर्निर्माण में भी मदद करते हैं। इसके अलावा इसमें मौजूद लेसीथिन (lecithin) बालों की नमी को बनाये रखता है।

मेथी के बीज में प्रोटीन और निकोटिनिक एसिड प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। जो बालों को मजबूत करने में सहायक है और उनका टूटना भी कम करते हैं। साथ ही मेथी के बीज रूसी की समस्या को कम करते हैं। डैंड्रफ आमतौर पर सिर की सुखी त्वचा या फंगल संक्रमण के कारण होता है। मेथी के उपयोग से रुसी को कम करने में मदद मिलती है। इसके साथ ही मेथी के बीज़ बालों के रंग को भी बनाये रखते हैं। 

बालों को घना एवं मजबूती प्रदान करने के लिए - 

पर्याप्त मात्रा में नारियल के दूध के साथ 2 बड़े चम्मच मेथी के बीज के पाउडर को मिलाकर पेस्ट बना लें।
यह पेस्ट अपने सिर और बालों पर लगाएँ।
इस पेस्ट को कम से कम 30 मिनट के लिए अपने बालों और सिर पर लगे रहने दें, उसके बाद अपने बालों को शैम्पू की मदद से धो लें।
सप्ताह में एक बार इस प्रक्रिया को जरूर दोहराएं। 

(और पढ़ें – क्षतिग्रस्त बालों (Damaged Hair) के लिए आसान सा घरेलू उपचार)

मेथी के औषधीय गुण करें मधुमेह को नियंत्रित - Fenugreek Powder for Diabetes in Hindi

मेथी के बीज शुगर के रोगियों के लिए अत्यंत फायदेमंद है। इसका ह्य्पोग्ल्य्सिमिक गुण रक्त में शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में सहायक है। इसके अलावा इसमें निहित फाइबर कार्बोहाइड्रेट एवं शुगर के अवशोषण को धीमा करता है।

विटामिन और पोषण अनुसंधान के इंटरनेशनल जर्नल में प्रकाशित 2009 के एक अध्ययन में पाया गया कि मेथी के बीजों का ह्य्पोग्ल्य्समिक और ह्य्पोलिपिडेमिक प्रभाव टाइप 2 मधुमेह के रोगियों के लिए बहुत ही अच्छा है। इस अध्ययन से पता चलता है कि गर्म पानी में भिगोए 10 ग्राम मेथी के बीज का सेवन उच्च रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में मददगार होता है।

औषधीय खाद्य के जर्नल में प्रकाशित 2009 के एक और दुसरे अध्ययन के अनुसार, मेथी के बीजों से बने हुए खाद्य प्रदार्थ का सेवन करने से शरीर को इन्सुलिन प्रतिरोध में मदद मिलती है।

उच्च रक्त-शर्करा को कम करने के लिए -

  • रात भर एक गिलास पानी में 1 से 2 चम्मच मेथी के बीज भीगने/ फूलने के लिए छोड़ दें। अगली सुबह, खाली पेट में उस पानी को पी लें और मेथी के बीज को चबा कर खा लें। रोजाना इस प्रक्रिया को दोहराएं ।
  • आप मेथी के आटे से बेक्ड समाग्री भी खा सकते हैं।


नोट - मधुमेह की दवाइयों के साथ मेथी के बीज का सेवन करने से आपके रक्त में शुगर का स्तर बहुत कम हो सकता है, इसलिए मेथी के बीजों का सेवन करने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से सलाह लें।

मेथी खाने के लाभ हैं स्तन-दूध बढ़ाने में में सहायक - Fenugreek for Breast Milk Production in Hindi

शिशुओं को स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए मेथी के बीजों का सेवन करना फायदेमंद माना जाता है। इस में फाइटोस्ट्रोजेन होता है जो स्तनपान कराने वाली माताओं में दूध उत्पादन को बढ़ाता है। यह गैलेक्टोगॉग्स (galactagogues) का एक बहुत ही अच्छा स्रोत है जो स्तन-दूध की मात्रा में बढ़ोतरी लाता है। इसके लिए मेथी के बीज एवं पत्तियों दोनों का उपयोग उत्तम है। 

2011 में Journal of Alternative and Complementary Medicines में प्रकाशित एक अध्य्यन के अनुसार गैलेक्टोगॉग्स की चाय पीने से दूध की मात्रा में तो बढ़ोतरी आती ही है, साथ ही में यह उसकी गुणवत्ता को भी बढ़ाता है। माना जाता है कि यह नवजात शिशु को स्वस्थ वजन ग्रहण करने में भी मदद करता है। इसमें विटामिन और मैग्नीशियम होते हैं जो दूध की गुणवत्ता को बढ़ाते हैं और शिशु के समग्र स्वास्थ्य में वृद्धि लाते हैं। यह बच्चा पैदा होने के बाद वात के कारण मोटापा एवं शरीर-दर्द जैसे समस्याओं का भी हल है।

स्तन-दूध की मात्रा एवं गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए -

  • रात भर एक कप पानी में एक चम्मच मेथी के बीज भिगो दें। अगली सुबह, कुछ मिनट के लिए बीज के साथ-साथ पानी उबाल लें और फिर इसे छान लें। इसे हर सुबह पियें।
  • आप कुछ ताजा मेथी के पत्ते का सेवन सूप एवं सलाद के साथ भी कर सकते हैं।
  • दूध का प्रवाह बढ़ाने के लिए, आप मेथी के बीज का एक कैप्सूल (कम से कम 500 मिलीग्राम) रोजाना दिन में 3 बार ले सकते हैं। लेकिन इसके लिए पहले एक डॉक्टर से परामर्श जरुर करें।

यदि आपका शिशु डायरिया का संकेत दिखाएं तो इसका सेवन रोक दें।

नोट - अस्थमा या मधुमेह की बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति मेथी के बीज का सेवन करने से पहले एक बार डॉक्टर से पूछ लें। 

(और पढ़ें – माँ का दूध बढ़ाने के लिए क्या खाएं)

मेथी दाना के गुण हैं कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए - Methi Seeds Benefits for Cholesterol in Hindi

अध्यनो के अनुसार मेथी के बीज में कोलेस्ट्रॉल कम करने की क्षमता है खासतौर पर यह LDL यानि "ख़राब"  कोलेस्ट्रॉल को कम करता है। मेथी के बीज में नारिंगेनिन (naringenin) नामक एक फ्लैवोनॉयड होता है जो उच्च कोलेस्ट्रॉल वाले लोगो में लिपिड स्तर को कम करता है।

इसमें निहित घुलनशील फाइबर पचे हुए खाने के चिपचिपेपन को बढ़ा कर शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में सहायता करता है। हानिकारक कोलेस्ट्रॉल रक्त-धमनियों में रुकावट पैदा कर सकता है और प्रभावित व्यक्ति को दिल का दौरा या फिर स्ट्रोक हो सकता है। मेथी के बीज हानिकारक कोलेस्ट्रॉल को कम करने में अत्यंत सहायक है। 

(और पढ़ें - स्ट्रोक के लक्षण)

उच्च कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने के लिए रोजाना दो औंस यानि लगभग 57 ग्राम मेथी के बीजों का सेवन करें।
सूखे मेथी के बीजों को भून लें और फिर उन्हें पीसकर चूर्ण बना लें। आप इस चूर्ण का इस्तेमाल खाने पर छिड़क कर या फिर पानी के साथ कर सकते हैं। 

(और पढ़ें – कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए पियें ये जूस)

मेथी बेनिफिट्स करे हृदय स्वास्थ्य में सुधार - Fenugreek Benefits for Heart in Hindi

मेथी के बीज में अच्छे एंटी-ऑक्सीडेंट एवं हृदय संरक्षण गुण पाएं जाते हैं जो समग्र हृदय स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए फायदेमंद हैं। यह रक्त प्रवाह को नियमित कर ब्लड-क्लॉट से बचाव करता है। रक्त-चाप को भी कम करने में सहायता करता है। इसके अलावा, यह रक्त लिपिड स्तर पर अपने सकारात्मक प्रभाव के कारण atherosclerosis के जोखिम को भी कम करता है। साथ ही में, यह हृदय रोग के दो प्रमुख कारणों रक्त शर्करा और मोटापे​ को नियंत्रित कर हृदय रोग के खतरे को बहुत हद तक कम कर देता है। 

मेथी के बीज में 25% गैलेक्टोमैनन होता है जो एक प्रकार का प्राकृतिक घुलनशील फाइबर होता है जो दिल की बीमारियों को रोकने में मदद करता है। दिल का दौरा मौत का एक प्रमुख कारण है, और यह तब होता है जब दिल की ओर जाने वाली धमनी अवरुद्ध हो जाती है। मेथी के बीज़ दिल को स्वस्थ बनाये रखने में काफी सहायक होते हैं। 

हृदय स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए रोज़ाना एक-दो कप मेथी के बीजों की चाय पिएं। मेथी के बीज की चाय बनाने के लिए -

  • डेढ़-दो कप पानी में एक चम्मच मेथी के बीज लें।
  • इन्हें 5 मिनट के लिए उबाल कर फिर छान लें।
  • स्वादानुसार इसमें शहद मिलाकर अपनी चाय में मिठास घोलें। इसके प्रयोग से आपको लाभ अवश्य होगा।

(और पढ़ें – धूम्रपान से हृदय रोग का खतरा)

मेथी के बीज का लाभ दिलायें कब्ज़ से छुटकारा - Fenugreek Seeds for Constipation in Hindi

मेथी के बीजों में अच्छी मात्रा में घुलनशील फाइबर पाया जाता है जो कब्ज से राहत दिलाने में बहुत सहायक सिद्ध होता है। यह अपच के कारण पेट में होने वाले दर्द से आराम दिलाने में भी मददगार है। इसके अलावा, यह पेट एवं आंतों की अम्लता, जलन एवं सूजन का भी एक अच्छा उपचार है। यह एक प्राकृतिक पाचन टॉनिक है, और इसके स्नेहक गुण आपके पेट और आंतों को शांत करने में मदद करते हैं। यह गैस्ट्र्रिटिस और अपचन के लिए एक प्रभावी उपचार है।

(और पढ़ें - कब्ज के लक्षण)

फाइटोथेरेपी रिसर्च पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, मेथी में पाए जाने वाले फाइबर के उत्पाद का 2 सप्ताह तक दिन में 2 बार भोजन से 30 मिनट पहले सेवन करने पर अक्सर सीने में जलन की शिकायत में कमी आई है। 

कब्ज़ से राहत पाने के लिए -
मल-त्याग क्रिया को नियमित करने के लिए, रोजाना सोने से पहले एक गिलास गर्म पानी में आधा चमच्च मेथी के बीज का पाउडर मिलाकर पियें।

नोट - छोटे बच्चों में कब्ज़ का उपचार करने के लिए मेथी के बीज का उपयोग नहीं करना चाहिए। 

(और पढ़ें – कब्ज के रामबाण इलाज)

मेथी दाने के फायदे हैं सर्दी में उपयोगी - Methi Good for Cold in Hindi

मेथी के बीज में एंटी-ऑक्सीडेंट गुण पाएं जाते हैं जो शरीर को फ्लू एवं सर्दी से लड़ कर उन्हें मात देने में सहायता करते हैं। इसमें प्रभावशाली एंटीवायरल, जीवाणुरोधी और विभिन्न अन्य औषधीय गुण हैं जो आपको बीमार कराने वाले सूक्ष्मजीवों को खत्म कर आपको प्रफुल्लित महसूस कराते हैं।

यह गल-शोथ का भी एक सफल उपचार है और बुखार को भी कम करने में सहायक है।

फ्लू एवं सर्दी का उपचार करने के लिए -

(और पढ़ें - इन्फ्लूएंजा या फ्लू के लक्षण)

  • एक चम्मच मेथी पाउडर, नींबू का रस और कच्चे शहद मिक्स करें। इस मिश्रण का दिन में दो बार सेवन करने पर सर्दी और फ्लू के लक्षणों से लड़ने में मदद मिलेगी।
  • ठीक होने की गति को तीव्रता प्रदान करने के लिए, दिन में मेथी की चाय दो या तीन बार पिएं।
  • गले की खराश से छुटकारा पाने के लिए, दिन में दो बार गर्म मेथी की चाय से कुल्ला करें। 

(और पढ़ें – सर्दी जुकाम के घरेलू उपाय)

मेथी के लाभ हैं मासिक धर्म में उपयोगी - Methi for Period Pain in Hindi

मेथी में कुछ ऐसे योगिक पाएं जाते हैं जिनमें एस्ट्रोजन सम्बंधित गुण समाविष्ट होते हैं जो रजनोवृत्ति से जुड़े लक्षणों से आराम दिलाने में सक्षम हैं। यह यौगिक हॉट फ्लैशेस, अवसाद (डिप्रेशन) और मूड में उतार-चढ़ाव जैसे रजोनिवृत्ति के लक्षणों को कम करने में सहायक है। इसके अतिरिक्त इसमें अधिक मात्रा में आयरन पाया जाता है जो रेड ब्लड सेल्स के उत्पादन द्वारा शरीर में होने वाली खून की कमी को पूरा करता है।

(और पढ़ें – डिप्रेशन दूर करने के घरेलू उपाय)

मेथी के बीज में एंटी इंफ्लेमेटरी और एनाल्जेसिक यानि दर्द को कम करने वाले गुण होते हैं। जिनके कारण यह मासिक धर्म में होने वाले दर्द को भी कम कर सकता है। अध्यनो में पाया गया है की मेथी के बीजों का पॉवडर थकान, सिरदर्द, मतली आदि अन्य परेशानियों को काफी हद तक कम कर देता है।

मासिक धर्म से सम्बंधित समस्याओं को दूर करने के लिए -

दिन में दो बार मेथी की चाय पियें।
आप मेथी की पत्तियां का इस्तेमाल खाना बनाने में या फिर सूप और सलाद में भी कर सकते हैं। 

(और पढ़ें – मासिक धर्म के दर्द का घरेलू उपचार)

मेथी पाउडर के फायदे दिलाएं जोड़ों के दर्द से राहत - Methi Powder for Joint Pain in Hindi

मेथी के बीज गठिया के कारण होने वाले जोड़ों के दर्द में विशेष रूप से फायदेमंद हैं। इसमें दिओस्जेनिन नामक एक प्रदार्थ होता है जो जोड़ों में हो रहे दर्द से आराम दिलाने के लिए अत्यंत प्रभावी हैं। इसके अलावा, मेथी के बीज में आयरन, कैल्शियम एवं फॉस्फोरस पाया जाता है जो हड्डियों को पोषक तत्वों से सिंचित कर उन्हें स्वस्थ एवं मजबूत बनाता है। इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट एवं एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी पाएं जाते हैं जो जोड़ों में होने वाली सूजन को कम करने में सक्षम हैं।

जोड़ों के दर्द को कम करने के लिए :-

रात को सोने से पहले एक चमच्च मेथी के बीज पानी में भिगो दें तथा सुबह इन स्वास्थ्यवर्धक बीजों को चबाकर खाएं। इसके अतिरिक्त मेथी के बीज के पाउडर एवं गर्म पानी से एक पेस्ट तैयार करें। फिर प्रभावित क्षेत्र पर इस पेस्ट को लगा लें और सूखने पर गर्म पानी से धो लें। दर्द ना जाने तक इस प्रक्रिया को रोजाना दिन में दो बार दोहराएं।

(और पढ़ें – गठिया से बचने का उपाय)

मशहूर कहावत है कि किसी भी चीज की ज्यादती अच्छी नहीं होती है। यह कहावत मेथी पर भी लागू होती है।

  • ज्यादा मात्रा में मेथी का सेवन ना करें, क्योंकि इससे उबकन एवं दस्त आदि हो सकते हैं।
  • इस का उपयोग करने से पहले, थोड़ी सी त्वचा पर इसका इस्तेमाल कर जांच लें कि आपको इससे एलर्जी या फिर जलन और चकत्ते तो नहीं हो रहें।
  • गर्भावस्था के दौरान इस जड़ी बूटी का प्रयोग न करें। (और पढ़ें - गर्भावस्था के दौरान पेट दर्द और लड़का पैदा करने के उपाय)
  • यदि आप किसी भी तरह की दवा ले रहे हैं तो, अपने आहार में इस जड़ी बूटी को शामिल करने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श करें।
  • मेथी का सेवन करने पर अपचन, सीने में जलन, गैस, सूजन और मूत्र गंध जैसी अन्य परेशानियां हो सकती है। 
  • अध्ययनों के अनुसार मेथी के बीज से निकाला गया तेल कैंसर से लड़ने में मदद कर सकता है। (और पढ़ें - कैंसर से लड़ने वाले आहार)
  • मेथी के बीज में पॉलीफेनोलिक फ्लैवोनोइड्स होते हैं जो गुर्दे की क्रिया में सुधार करते हैं और कोशिकाओं की क्षति को कम करते हैं। (और पढ़ें - गुर्दे की बीमारी के लक्षण)
  • मेथी के बीज लीवर को शराब के सेवन से होने वाली क्षति से बचाते हैं। अत्यधिक शराब का सेवन लिवर को नुकसान पहुँचता हैं। मेथी के बीज में मौजूद पॉलीफेनोलिक यौगिक लीवर की क्षति को कम करते हैं और अल्कोहल के चयापचय में मदद करते हैं। (और पढ़ें - शराब पीने के नुकसान)
  • मेथी के बीज वजन घटाने के लिए भी लाभकारी है। मेथी के बीज कोलेस्ट्रॉल और लिपिड स्तर को भी नयंत्रीरत रखते हैं। (और पढ़ें - वजन कम करने के लिए क्या करना चाहिए)
  • कुछ अध्ययनों से पता चला है कि मेथी टेस्टोस्टेरोन के स्तर में वृद्धि और कामेच्छा को बढ़ाने में मददगार साबित हो सकती है। (और पढ़ें - कामेच्छा बढ़ाने के उपाय)
  • मेथी घावों, सूजन, और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल जैसी परेशानियों के इलाज में भी प्रयोग की जाती है।

 (और पढ़ें - सूजन कम करने की विधि)

आप मेथी का उपयोग कई तरीकों से कर सकते हैं। इसे मसालें, सब्ज़ी, औषधि आदि किसी भी रूप में इसका सेवन किया जा सकता है। 

  • मेथी की पत्तियों को सूखा कर जड़ी बूटी के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • मेथी के बीज भिगोकर या सूखे खाए जा सकते हैं और अक्सर कुछ व्यंजनों या सूप के लिए टॉपिंग के रूप में भी इनका उपयोग किया जाता है।
  • बीज मुख्य रूप से एक मसाले के रूप में उपयोग किये जाते है और कई व्यंजनों में इनका प्रयोग कर उनके स्वाद को बढ़ाया जाता है। 
  • करी के पेस्ट, सूप आदि वंजानो में स्वाद बढ़ाने के लिए इन बीजों को पाउडर के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • मेथी के पौधे को सब्जी के रूप में उपयोग किया जाता है। 
  • मेथी के बीज हर्बल चाय बनाने के लिए उपयोग किये जाते हैं। कुछ बीजों को पानी में उबालें और फिर उबलने के बाद उस पानी को चाय के रूप में पिए। यदि आप चाहें तो स्वाद के लिए शहद और नींबू का भी प्रयोग कर सकते हैं। 
  • मेथी के बीज़ो से मेथी का तेल भी बनाया जाता है। जिसमे कई प्रकार के औषधीय गुण होते हैं।

    (और पढ़ें - मेथी के तेल के फायदे

मेथी दाना की तासीर गर्म होती है और इसलिए खाना पकाने के दौरान यह बहुत कम मात्रा में उपयोग किया जाता है। तासीर गर्म होने के कारण इसका सेवन अधिक मात्रा में न करें क्यूंकि अधिक मात्रा में सेवन करने पर आपके पाचन तंत्र पर असर पड़ सकता है।

(और पढ़ें - सर्दी में क्या खाना चाहिए)

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