एंजियोटेंसिन कन्वर्टिंग एंजाइम (एसीई) टेस्ट क्या है?
एंजियोटेंसिन कन्वर्टिंग एंजाइम (एसीई) एक एंजाइम है जिसकी मदद से शरीर में ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है। एसीई टेस्ट खून में एंजियोटेंसिन कन्वर्टिंग एंजाइम की मात्रा को मापने के लिए किया जाता है। एसीई के स्तर आमतौर पर सारकॉइडोसिस के मरीजों में ज्यादा होते हैं। सारकॉइडोसिस एक सूजन संबंधी बीमारी है जिसमें त्वचा के अंदर ग्रैन्युलोमस हो जाते हैं। ये ग्रैन्युलोमस त्वचा के बाहर छोटे-छोटे बम्प की तरह दिखाई देते हैं इनके साथ-साथ आंखों से पानी और लगातार खांसी जैसे अन्य लक्षण भी दिखाई देते हैं।
एसीई टेस्ट मरीजों में सारकॉइडोसिस की उपस्थिति की जांच करने के लिए किया जाता है। हालांकि, एसीई का असामान्य स्तर अन्य रोगों का संकेत भी कर सकता है जैसे डायबिटीज मेलिटस और हाइपोथायरायडिज्म।
- एंजियोटेंसिन कन्वर्टिंग एंजाइम (एसीई) टेस्ट क्यों किया जाता है - Angiotensin converting enzyme (ACE) Test Kyu Kiya Jata Hai
- एंजियोटेंसिन कन्वर्टिंग एंजाइम (एसीई) टेस्ट से पहले - Angiotensin converting enzyme (ACE) Test Se Pahle
- एंजियोटेंसिन कन्वर्टिंग एंजाइम (एसीई) टेस्ट के दौरान - Angiotensin converting enzyme (ACE) Test Ke Dauran
- एंजियोटेंसिन कन्वर्टिंग एंजाइम (एसीई) टेस्ट के परिणाम और नॉर्मल रेंज - Angiotensin converting enzyme (ACE) Test Result and Normal Range
एंजियोटेंसिन कन्वर्टिंग एंजाइम (एसीई) टेस्ट क्यों किया जाता है - Angiotensin converting enzyme (ACE) Test Kyu Kiya Jata Hai
एंजियोटेंसिन कन्वर्टिंग एंजाइम (एसीई) टेस्ट किसलिए किया जाता है?
यदि व्यक्ति में सारकॉइडोसिस के लक्षण दिखाई देते हैं तो डॉक्टर एसीई टेस्ट करवाने की सलाह देते हैं। सारकॉइडोसिस के मरीजों में इम्यून सेल या प्रतिरक्षी कोशिकाएं शरीर के विभिन्न भागों में इकट्ठा हो कर समूह (मास) या थक्का बना लेती हैं जिन्हें ग्रैन्युलोमस कहते हैं। ये समूह अधिकतर फेफड़ों में देखे जाते हैं। इनके कारण कई स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं।
सारकॉइडोसिस के लक्षण निम्न हैं:
- खांसी
- सांस फूलना
- बुखार
- छाती में दर्द
- अचानक बिना कारण के वजन घटना
- जोड़ों में अकड़न
- दिखाई देने में समस्या
- मुंह में सूखापन
- सिर दर्द
- त्वचा में बदलाव जैसे फुंसी या चकत्ते
एंजियोटेंसिन कन्वर्टिंग एंजाइम (एसीई) टेस्ट से पहले - Angiotensin converting enzyme (ACE) Test Se Pahle
एंजियोटेंसिन कन्वर्टिंग एंजाइम (एसीई) टेस्ट की तैयारी कैसे करें?
डॉक्टर आपको टेस्ट से बारह घंटे पहले तक भूखे रहने की सलाह दे सकते हैं। यदि आप कोई स्टेरॉयड की दवा ले रहे हैं तो इसके बारे में डॉक्टर को बता देना बहुत जरूरी होता है, क्योंकि स्टेरॉयड टेस्ट के परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा यदि आप कोई भी दवा, हर्ब्स, विटामिन या सप्लीमेंट ले रहे हैं तो उनके बारे में भी डॉक्टर को बता दें।
डॉक्टर की सलाह के बिना किसी भी दवा का सेवन बंद ना करें, डॉक्टर के कहने पर ही छोड़ें।
एंजियोटेंसिन कन्वर्टिंग एंजाइम (एसीई) टेस्ट के दौरान - Angiotensin converting enzyme (ACE) Test Ke Dauran
एंजियोटेंसिन कन्वर्टिंग एंजाइम (एसीई) टेस्ट कैसे किया जाता है?
टेस्ट के लिए डॉक्टर आपकी बांह की नस से ब्लड सैंपल लेंगे। यह निम्न चरणों का पालन करते हुए किया जाएगा:
- रक्त का प्रवाह धीमा करने के लिए डॉक्टर आपकी बांह के ऊपरी भाग पर एक इलास्टिक बैंड बांध देंगे। इससे बैंड के नीचे की नसें फूल जाएंगी जिससे सुई लगाने में आसानी हो जाती है।
- इसके बाद इंजेक्शन लगने वाली जगह को अल्कोहॉल युक्त दवा से साफ किया जाएगा और एक सुई की मदद से ब्लड सैंपल ले लिया जाएगा। हो सकता है कि सुई लगने से आपको बिलकुल भी दर्द न हो या हल्की-सी चुभन हो सकती है। कभी-कभी एक से ज्यादा बार सुई की जरूरत हो सकती है।
- पर्याप्त रक्त मिल जाने पर इलास्टिक बैंड हटा कर सुई को निकाल लिया जाता है।
सुई निकालने के बाद सुई लगी जगह पर रुई लगाई जाती है। इसके बाद वहां हल्का दबाव लगाकर बैंडेज लगा दी जाती है।
इस टेस्ट से जुड़े कुछ खतरे निम्न हैं:
- ब्लड सैंपल लेने में कठिनाई
- रक्त निकाली गई जगह से अत्यधिक रक्त स्त्राव
- बेहोशी
- हीमेटोमा (त्वचा में रक्त जमना)
- जिस जगह सुई लगी है वहां संक्रमण
हालांकि उचित सावधानियां बरतने से इन खतरों को कम किया जा सकता है।
एंजियोटेंसिन कन्वर्टिंग एंजाइम (एसीई) टेस्ट के परिणाम और नॉर्मल रेंज - Angiotensin converting enzyme (ACE) Test Result and Normal Range
एंजियोटेंसिन कन्वर्टिंग एंजाइम (एसीई) टेस्ट के परिणाम और नॉर्मल रेंज
सामान्य परिणाम :
एसीई की सामान्य वैल्यू व्यक्ति की उम्र पर निर्भर करती है। वयस्कों में एसीई का स्तर 40 माइक्रोग्राम प्रति लीटर से कम होना चाहिए।
हालांकि ये स्तर हर लैब के अनुसार अलग-अलग भी हो सकते हैं।
असामान्य परिणाम :
एसीई के सामान्य से अधिक स्तर सारकॉइडोसिस के संकेत हो सकते हैं। 20-40 वर्ष के लोगों को सारकॉइडोसिस का खतरा अधिक होता है। यदि डॉक्टर इस बात की पुष्टि कर देते हैं कि आपको सारकॉइडोसिस है तो स्थिति पर नजर रखने के लिए एसीई टेस्ट नियमित अंतराल पर किया जाएगा।
एसीई के सामान्य से अधिक स्तर कुछ अन्य विकारों और स्थितियों की ओर संकेत कर सकते हैं, जैसे:
- डायबिटीज मेलिटस
- लिवर में सूजन
- फेफड़ों संबंधी रोग जैसे अस्थमा, कैंसर या ट्यूबरकुलोसिस
- नेफ्रोटिक सिंड्रोम (किडनी संबंधी विकार)
- मल्टीपल स्क्लेरोसिस
- एड्रिनल ग्रंथि में समस्या
- पेट में छाले
एसीई के सामान्य से कम स्तर निम्न की तरफ संकेत करते हैं:
- क्रोनिक लिवर डिजीज
- किडनी फेलियर
- एनोरेक्सिया नर्वोसा (भोजन विकार)
- हाइपोथायरायडिज्म
संदर्भ
- Carty RP, Pincus MR, Sarafraz-Yazdi E. Henry’s Clinical Diagnosis and Management by Laboratory Methods. Clinical enzymology. 23rd ed. St Louis, MO: Elsevier. Chap 20.
- Chernecky CC, Berger BJ. Laboratory Tests and Diagnostic Procedures. Angiotensin-converting enzyme (ACE)- blood. 6th ed. St Louis, MO: Elsevier Saunders. Pp: 138-139.
- MedlinePlus Medical Encyclopedia: US National Library of Medicine; ACE blood test
- University of Rochester Medical Center [Internet]. Rochester (NY): University of Rochester Medical Center; Angiotensin Converting Enzyme (Blood)
- Glaucestershire Hospitals. NHS Foundation Trust. National Health Service. U.K. Angiotensin Converting Enzyme (ACE)
- UCSF health: University of California [internet]; ACE Levels



