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पैप स्मीयर टेस्ट को 'पैप टेस्ट' भी कहा जाता है, इस टेस्ट का इस्तेमाल महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा कैंसर (Cervical Cancer) का परीक्षण करने के लिए किया जाता है।

पैप स्मीयर टेस्ट में गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाओं से सैंपल निकाला जाता है। गर्भाशय ग्रीवा, गर्भाशय का एक संकुचित भाग होता है, जो गर्भाशय के अंत में तथा योनि के उपर स्थित होता है।

यह टेस्ट सभी यौन सक्रिय महिलाओं का किया जाता है, जिसकी मदद से गर्भाशय ग्रीवा (Cervix) की कोशिकाओं का परीक्षण किया जाता है। यह टेस्ट ग्रीवा की कोशिकाओं में असामान्य बदलावों का पता लगाता है, जिससे यह संकेत मिलता है कि गर्भाशय ग्रीवा में कैंसर है या भविष्य में होने की संभावना है।

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  1. पैप स्मीयर टेस्ट क्या होता है? - What is Pap Smear Test in Hindi?
  2. पैप स्मीयर टेस्ट क्यों किया जाता है? - What is the purpose of Pap Smear Test in Hindi
  3. पैप स्मीयर टेस्ट से पहले - Before Pap Smear Test in Hindi
  4. पैप स्मीयर टेस्ट के दौरान - During Pap Smear Test in Hindi
  5. पैप स्मीयर टेस्ट के बाद - After Pap Smear Test in Hindi
  6. पैप स्मीयर टेस्ट के क्या जोखिम होते हैं? - What are the risks of Pap Smear Test in Hindi
  7. पैप स्मीयर टेस्ट के परिणाम का क्या मतलब होता है? - What do the results of Pap Smear Test mean in Hindi
  8. पैप स्मीयर टेस्ट कब करवाना चाहिए? - When to get Pap Smear Test in Hindi

पैप स्मीयर टेस्ट क्या होता है?

पैप स्मीयर टेस्ट गर्भाशय ग्रीवा के उन बदलावों का पता लगा सकता है, जो भविष्य में कैंसर के रूप में बदल सकता हैं। गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर की संभावनाओं को रोकने का सबसे पहला कदम समय पर पैप स्मीयर टेस्ट द्वारा उनकी असामान्यताओं का पता लगाना होता है।

  • पेल्विक जांच (Pelvic Exam) के दौरान महिलाओं के गर्भावशय ग्रीवा से सैंपल के रूप में कोशिकाओं को निकाला जाता है। सैंपल का परीक्षण करने के लिए उसको माइक्रोस्कोप की स्लाइड पर फैलाया जाता है।
  • असामान्यताओं का पता लगाने के लिए इन कोशिकाओं की जांच की जाती है, खासकर कैंसर के दौरान और कैंसर से पहले होने वाले बदलावों की पहचान करने के लिए इनकी जांच की जाती है। 

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पैप स्मीयर टेस्ट क्यों किया जाता है?

दुनियाभर में कैंसर से महिलाओं की होने वाली मृत्यु में गर्भाशय ग्रीवा कैंसर (सर्वाइकल कैंसर) चौथा सबसे आम कैंसर माना जाता है। नियमित रूप से पेपनिकॉलाओ (Papanicolaou tests) टेस्ट या पैप स्मीयर टेस्ट करवाना सर्वाइकल कैंसर का पता लगाने का सबसे बेहतर तरीका माना जाता है। पैप स्मीयर टेस्ट गर्भाशय ग्रीवा से ली गई कोशिकाओं की एक माइक्रोस्कोपिक जांच होती है।

पैप टेस्ट द्वारा कुछ प्रकार के वायरल संक्रमणों की जांच भी की जाती है, जैसे एचपीवी, इनको गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर का कारण माना जाता है। पैप स्मीयर टेस्ट द्वारा कैंसर के बदलावों का उपचार करके, कैंसर को पूरी तरह विकसित होने से पहले ही नष्ट किया जा सकता है। किसी भी महिला को गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर हो सकता है और शायद उसको पता भी ना चले क्योंकि इसमें कोई लक्षण महसूस नहीं होते।

पैप स्मीयर एक सरल, कम समय लेने वाला और अपेक्षाकृत दर्दरहित स्क्रीनिंग टेस्ट होता है। कुछ दुर्लभ मामलों में पैप स्मीयर टेस्ट एक असामान्य सैंपल को सामान्य बता सकता है (हर टेस्ट में थोड़ी न थोड़ी गलती की संभावना होती है)। इसी वजह से कुछ महिलाओं में नियमित पैप टेस्ट कराने के बाद भी उनमें सर्वाइकल कैंसर विकसित हो जाता है।

पैप टेस्ट को कैंसर के अन्य रूपों जैसे अंडाशय का कैंसरयोनि का कैंसर या गर्भाशय के कैंसर आदि का पता लगाने के उद्देश्य से नहीं किया जाता। इन अंगों के कैंसर की गाइनाकॉलोजिक (पेल्विक) परीक्षण के दौरान खोज की जाती है। इस गाइनाकॉलोजिक टेस्ट को भी आमतौर पर पैप स्मीयर टेस्ट के दौरान ही किया जाता है।

पैप स्मीयर टेस्ट से पहले क्या किया जाता है?

पैप स्मीयर टेस्ट बहुत ही आसानी से होता है, अगर आप टेस्ट के दौरान खुद को रिलेक्स रखते हैं। जाँच प्रक्रिया के दौरान शांत रहना और गहरी साँस लेते रहना बहुत जरूरी है।

यदि आपको पैप स्मीयर टेस्ट के दिन पीरियड्स हो जाते हैं, तो डॉक्टर टेस्ट के लिए कोई और दिन तय कर सकते हैं, क्योंकि मासिक धर्म में जाँच रिजल्ट कम सटीक हो पाते हैं। टेस्ट होने से एक दिन पहले यौन संबंध बनाने से बचें और ना ही कोई शुक्राणुनाशक (Spermicidal) दवा लें, क्योंकि ऐसा करना पैप स्मीयर टेस्ट के रिजल्ट को प्रभावित कर सकता है।

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ज्यादातर मामलों में, गर्भावस्था के पहले 24 हफ्तों में पैप स्मीयर टेस्ट करवाना सुरक्षित होता है, क्योंकि 24 हफ्तों के बाद टेस्ट दर्दनाक हो सकता है। टेस्ट के रिजल्ट की सटीकता को बढ़ाने के लिए, बच्चे को जन्म देने के 12 हफ्ते बाद टेस्ट करवाना चाहिए। टेस्ट करवाने के लिए जाने से तुरंत पहले अपने मूत्राशय को अच्छे से खाली कर लेना चाहिए।

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पैप स्मीयर टेस्ट के दौरान क्या किया जाता है?

पैप स्मीयर टेस्ट अस्पताल या डॉक्टर के ऑफिस में किया जाता है, जिसको करने में कुछ मिनट का समय लगता है। इस टेस्ट के लिए आपको पूरी तरह से कपड़े उतारने या कमर के नीचे वाले कपड़े उतारने के लिए कहा जा सकता है।

टेस्ट की प्रक्रिया शुरू करने के लिए मरीज को एक टेबल पर पीठ के बल लेटना पड़ता है, और घुटने मोड़कर पैरों को स्टीरप्स (Stirrups) पर रखा जाता है।

डॉक्टर धीरे-धीरे योनि में स्पेक्युलम (Speculum) नाम का उपकरण डालते हैं। स्पेक्युलम योनि की दीवारों को अलग-अलग रखता है, जिससे डॉक्टर गर्भाशय ग्रीवा को आसानी से देख पाते हैं। स्पेक्युलम योनि में डालने के दौरान पेल्विक क्षेत्र में थोड़ी सनसनी या दबाव महसूस किया जा सकता है।

रुई से लिपटे एक एप्लीकेटर, स्वैब या ब्रश को गर्भाश्य ग्रीवा में डाला जाता है और उसको गोल घुमाया जाता है, ताकि सैंपल के लिए गर्भाशय से कोशिकाओं को इकट्ठा किया जा सके। आम तौर पर इसमें दर्द नहीं होता।

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पैप स्मीयर टेस्ट के बाद क्या किया जाता है?

पैप स्मीयर टेस्ट होने के बाद आप अपनी रोजाना की गतिविधियां बिना किसी पाबंदी के कर सकती हैं।

सैंपल निकालने के बाद उसको विश्लेषण के लिए लेबोरेटरी भेज दिया जाता है। लेबोरेटरी में सैंपल की माइक्रोस्कोप द्वारा जांच की जाती है और कोशिकाओं में कैंसर या कैंसर के संकेतों को पहचानने की कोशिश की जाती है।

अपने डॉक्टर से पूछें की आपको अपने टेस्ट के रिजल्ट कितने समय में मिल सकते हैं। कई बार सैंपल के रिजल्ट लेबोरेटरी से वापस डॉक्टर तक आने में 1 या 2 हफ्ते भी लग सकते हैं। 

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पैप स्मीयर टेस्ट के क्या जोखिम हो सकते हैं?

ज्यादातर महिलाओं के लिए पैप टेस्ट मामूली तकलीफें देता है। इस टेस्ट के दौरान उतनी ही तकलीफें महसूस हो सकती है, जितना मासिक धर्म में दर्द महसूस होताी है। टेस्ट के दौरान आपको कुछ दबाव जैसा भी महसूस हो सकता है। टेस्ट के बाद थोड़ा बहुत खून भी बह सकता है।

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पैप स्मीयर टेस्ट के रिजल्ट का क्या मतलब होता है?

एक पैप स्मीयर टेस्ट डॉक्टर को उन संदिग्ध कोशिकाओं की उपस्थिति का संकेत देता है, जिनको आगे जांच करने की आवश्यकता होती है।

सामान्य रिजल्ट –

अगर पैप स्मीयर टेस्ट के दौरान सभी कोशिकाएं सामान्य मिलती हैं, तो उसको "नेगेटिव" रिजल्ट बताया जाता है। इसके बाद आपको अगले पैप स्मीयर टेस्ट या पेल्विक परीक्षण तक अन्य टेस्टिंग करवाने की जरूरत नहीं होती है।

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असामान्य रिजल्ट –

अगर पैप स्मीयर टेस्ट के दौरान असामान्य या असाधारण कोशिकाएं मिलती हैं, तो उसको "पॉजिटिव" रिजल्ट कहा जाता है। पॉजिटिव रिजल्ट का मतलब, टेस्ट के दौरान पाई गई कोशिकाओं के प्रकार पर निर्भर करता है।

अगर टेस्ट का रिजल्ट असामान्य आता है, तो इसका मतलब जरूरी नहीं की आपको कैंसर है। सामान्य तौर पर इसका मतलब होता है कि गर्भाशय ग्रीवा में कुछ असामान्य कोशिकाएं हैं, जिनमें से कुछ पूर्व कैंसर (जो बाद में कैंसर के रूप में विकसित हो सकती है) हो सकती हैं। असामान्य कोशिकाओं के कई स्तर हो सकते हैं:

  • एटीपा (Atypia)
  • सौम्य (Mild)
  • मध्यम (Moderate)
  • गंभीर डिस्पलेज़िया (severe dysplasia)
  • कैंसर की स्थिति (carcinoma in situ)

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गंभीर असामान्यताओं की मुकाबले कम असामान्य कोशिकाएं अधिक आम होती है।

यदि आपके पैप स्मीयर रिजल्ट असामान्य होता है, तो डॉक्टर कॉलपोस्कोपी नामक एक प्रक्रिया का इस्तेमाल करते हैं। इस प्रक्रिया में कोलपोस्कोप (Colposcope) नामक एक खास उपकरण का इस्तेमाल गर्भाशय ग्रीवा, योनि और वुल्वा (Vulva) के ऊतकों की जांच करने के लिए किया जाता है।

डॉक्टरों को जो भी क्षेत्र असामान्य लगते हैं, वो वहां से ऊतकों के सैंपल ले लेते हैं (बायोप्सी प्रक्रिया से), उसके बाद सैंपल को विश्लेषण और एक निश्चित परीक्षण के लिए लेबोरेटरी में भेजा जाता है।

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पैप स्मीयर टेस्ट कब करवाना चाहिए?

ज्यादातर महिलाओं को 21 की उम्र के बाद नियमित रूप से पैप स्मीयर टेस्ट करवाना शुरू कर देना चाहिए। कुछ महिलाओं में संक्रमण और कैंसर विकसित होने की संभावनाएं ज्यादा हो सकती हैं। अगर आपको निम्न समस्या है, तो पैप टेस्ट और जल्दी करवाना चाहिए -

अगर आप 30 साल से ज्यादा उम्र की हो गई हैं और आपने लगातार 3 पैप टेस्ट करवा लिए हैं। यदि यह टेस्ट ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) जांच के साथ किया जाता है, तो हर पांच साल में एक टेस्ट होने के बारे में अपने डॉक्टर से पूछें। एचपीवी एक वायरस होता है, जिसके कारण मस्से विकसित होते हैं। सर्वाइकल कैंसर का प्राथमिक कारण एचपीवी भी हो सकता है, अगर आप एचपीवी से संक्रमित हैं, तो आप में सर्वाइकल कैंसर विकसित होने के जोखिम बढ़ सकते हैं।

अगर कोई महिला 65 साल से ऊपर की हो गई है और उसके पिछले पैप स्मीयर टेस्ट के रिजल्ट सामान्य रहे हैं, तो वे महिलाएं भविष्य में पैप स्मीयर जाँच रोक सकती हैं।

अगर आप एक पत्नीक रिश्ते में हैं (यानि यौन सक्रीय नहीं हैं), तब भी आपको पैप स्मीयर टेस्ट कराना चाहिए। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि एचपीवी वायरस कई सालों तक निष्क्रिय रह सकता है और अचानक से सक्रिय हो सकता है।

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पैप स्मीयर टेस्ट से जुड़े सवाल और जवाब

सवाल लगभग 2 महीना पहले

मैं शादीशुदा हूं और अपना पैप स्मीयर टेस्ट करवाना चाहती हूं। मैंने 3 महीने पहले संभोग किया था जिसके दौरान मुझे ब्लीडिंग हुई थी। मेरे पीरियड्स 11 तारीख को आए थे और मैंने 22 तारीख को बिना प्रोटेक्शन के सेक्स किया था जिसके बाद मैंने 23 तारीख को आईपिल ली थी। क्या आज मैं अपना पैप स्मीयर टेस्ट करवा सकती हूं? क्या आईपिल लेने की वजह से इस टेस्ट का रिजल्ट गलत आ सकता है?

Dr. Haleema Yezdani MBBS, सामान्य चिकित्सा

यह दवा आपके पैप स्मीयर के रिजल्ट को प्रभावित नहीं करती है। आईपिल शरीर में हार्मोनल असंतुलन का कारण बन सकती है इसलिए आपको गर्भनिरोधक के अन्य तरीकों पर ध्यान देना चाहिए। इसके लिए आप गायनेकोलॉजिस्ट से सलाह लें।

 

सवाल लगभग 1 महीना पहले

क्या मैं ओवुलेशन के बाद अपना पैप स्मीयर टेस्ट करवा सकती हूं? मैं प्रेगनेंसी के लिए प्रयास कर रही हूं, अगर मैं प्रेग्नेंट हो जाती हूं तो क्या यह टेस्ट मेरी प्रेगनेंसी को प्रभावित कर सकता है? मेरे ओवुलेशन की तारीख 13 थी और मुझे अपना पैप स्मीयर टेस्ट 23 को करवाना है, क्या यह सुरक्षित है?

Dr. Manju Shekhawat MBBS, सामान्य चिकित्सा

आप अपना पैप स्मीयर टेस्ट करवा सकती हैं। पैप स्मीयर टेस्ट प्रेगनेंसी को प्रभावित नहीं करता है। पैप स्मीयर टेस्ट में गर्भाशय ग्रीवा के बाहर के हिस्से से सैंपल लिया जाता है। सर्विकल कैनाल के लिए ब्रश का इस्तेमाल किया जाता है। यह टेस्ट गर्भाशय में घाव का पता लगाने के लिए किया जाता है।

सवाल लगभग 1 महीना पहले

मेरी उम्र 20 साल है क्या मैं पैप स्मीयर टेस्ट करवा सकती हूं? क्या इस टेस्ट के लिए कोई एज लिमिट होती है?

Dr. Anjum Mujawar MBBS, मधुमेह चिकित्सक

पैप स्मीयर टेस्ट शादीशुदा स्त्री 21 साल की उम्र के बाद कभी भी करवा सकती है।

सवाल 30 दिन पहले

पैप स्मीयर टेस्ट की रिपोर्ट कितने दिन में मिल जाती है?

Dr. Tarun kumar MBBS, अन्य

पैप स्मीयर टेस्ट की रिपोर्ट आने में लगभग 1 से 3 हफ्तों का समय लग जाता है। आप ये टेस्ट myupchar लैब से भी करवा सकती हैं।

पैप स्मीयर टेस्ट की जांच का लैब टेस्ट करवाएं

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References

  1. Office on women's health [internet]: US Department of Health and Human Services; Pap and HPV tests
  2. American Cancer Society [internet]. Atlanta (GA), USA; The American Cancer Society Guidelines for the Prevention and Early Detection of Cervical Cancer
  3. Center for Disease Control and Prevention [internet], Atlanta (GA): US Department of Health and Human Services, What Should I Know About Screening?
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  5. University of Rochester Medical Center [Internet]. Rochester (NY): University of Rochester Medical Center; Pap
  6. National Cancer Institute [Internet]. Bethesda (MD): U.S. Department of Health and Human Services; HPV and Pap Testing
  7. Office of Population Affairs [internet]. Southwest Washington DC: United States Department of Health and Human Services; Cervical Cancer Screening (Pap Test)