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योनि महिला शरीर का ऐसा भाग है जिससे जुड़ी समस्याओं के बारे में बात करने में उन्हें संकोच होता है लेकिन अगर समस्या गंभीर हो जाती है तो यह आपके जीवन पर बुरा प्रभाव डालती है साथ ही आप असहज भी महसूस करती हैं। तो आइये आपकी समस्या का निदान करने के उद्देश्य से हम आपको बताते हैं योनि से जुड़ी कुछ समस्याएं।

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योनि से रक्तस्राव सिर्फ मासिक धर्म के दौरान ही नहीं होता इसके अन्य कारण भी हो सकते हैं जैसे: संक्रमण, रजोनिवृत्ति, योनि में किसी प्रकार की चोट या हार्मोन परिवर्तन के कारण। यहाँ कुछ ऐसे ही कारणों पर प्रकाश डाला गया है जो निम्नलिखित हैं - 

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  1. मासिक धर्म में योनि से रक्तस्राव - Vaginal Bleeding During Periods in Hindi
  2. कृत्रिम गर्भाधान हो सकता है योनि से रक्तस्राव का कारण - Fertility Treatments Cause Vaginal Bleeding in Hindi
  3. रजोनिवृत्ति के बाद योनि से रक्तस्राव - Vaginal Bleeding After Menopause in Hindi
  4. सेक्स के बाद योनि से रक्तस्राव - Vaginal Bleeding After Sex in Hindi
  5. संक्रमण के कारण योनि से रक्तस्राव - Vaginal Infection Causes Bleeding in Hindi
  6. योनि में चोट के कारण रक्तस्राव - Bleeding After a Vaginal Injury in Hindi
  7. गर्भावस्था के दौरान योनि से रक्तस्राव - Vaginal Bleeding During Pregnancy in Hindi
  8. मासिक धर्म में योनि से अधिक रक्तस्राव (मीनोरेजिया) - Heavy vaginal bleeding (Menorrhagia) during periods in Hindi

जैसा कि आप सब जानते हैं कि मासिकधर्म में रक्तस्राव सामान्य बात है लेकिन अगर यह अत्यधिक मात्रा में होता है तो ज़रूर चिंता का विषय है। इस सम्बन्ध में डॉक्टर से सलाह लेना बहुत ज़रूरी है क्योंकि ऐसा कई कारणों से हो सकता है जैसे हार्मोनों में परिवर्तन के कारण, गर्भनिरोधक उपकरणों के प्रयोग से, संक्रमण के कारण आदि। 

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  1. मासिक धर्म के दौरान हार्मोन परिवर्तन - Hormonal Changes During Periods in Hindi
  2. मासिक धर्म में गर्भनिरोधक का उपयोग - Contraception During Period in Hindi

मासिक धर्म के दौरान हार्मोन परिवर्तन - Hormonal Changes During Periods in Hindi

कुछ महिलाओं को मासिकधर्म के 14 दिन बाद ही रक्तस्राव का अनुभव होता है ऐसा अण्डोत्सर्ग (जब अंडाशय से अंडा निकलता है) के दौरान होता है जो एक आम बात है। साथ ही साथ एस्ट्रोजन के कम स्तर के कारण आप कुछ हार्मोन परिवर्तनों का अनुभव कर सकती हैं जो बिलकुल भी हानिकारक नहीं हैं। ऐसा तनाव या खान पान की आदतों में बदलाव के कारण भी होता है। आप डॉक्टर से परामर्श ले सकती हैं वो आपको आपके शरीर के अनुसार अधिक लाभदायक सुझाव दे सकते हैं। 

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मासिक धर्म में गर्भनिरोधक का उपयोग - Contraception During Period in Hindi

यदि आपने हाल ही में गर्भनिरोधक का उपयोग करना शुरु किया है तो हार्मोन में परिवर्तन के कारण रक्तस्राव सामान्य है। गर्भनिरोघक का उपयोग शुरु करने के छः महीने बाद रक्तस्राव सामान्य हो जाता है। लेकिन अगर ऐसा मासिकचक्र के किसी अन्य समय में हो रहा है तो आपको डॉक्टर से सलाह लेने की आवश्यकता है। अगर आप गर्भनिरोधक इंजेक्शन के रूप में ले रही हैं तो आपको शुरुआती 2-3 मासिकधर्म में अधिक रक्तस्राव का सामना करना पड़ सकता है। यह समय के साथ नियंत्रित हो जाता है। अगर रक्तस्राव अत्यधिक है तो डॉक्टर से परामर्श लें वो आपको यह बता सकते हैं की ऐसा किसी अन्य कारण से तो नहीं है। 

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योनि से रक्तस्राव कुछ प्रजनन प्रक्रियाओं के कारण भी होता है जैसे: आईवीएफ (टेस्ट ट्यूब बेबी) उपचार के दौरान। लेकिन अगर रक्तस्राव अत्यधिक मात्रा में हो रहा है तो डॉक्टर से संपर्क करें।

रजोनिवृत्ति के बाद रक्तस्राव हार्मोन में परिवर्तनों के कारण भी होता है लेकिन कभी कभी यह असामान्य भी हो सकता है इसलिए इस सम्बन्ध में डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें। पैप स्मीयर ज़रूर करवा लें। ऐसा सोचना कि रजोनिवृत्ति के बाद अब रक्तस्राव नहीं होगा एक प्रकार की गलत धारणा है।

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रजोनिवृत्ति के बाद भी एक साल तक कभी भी रक्तस्राव हो सकता है जो की सामन्य है। रक्तस्राव के सम्बन्ध में डॉक्टर से बात करना बहुत ज़रूरी है। 

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सेक्स के बाद रक्त स्राव कई कारणों से हो सकता है, जैसे:

  1. गर्भाशय ग्रीवा (cervix) में सूजन। यह गर्भवती महिलाओं या जो महिलाएं गर्भनिरोधक दवाएं ले रही हैं उनमें सामान्य है।
  2. गर्भाशय ग्रीवा में ट्यूमर जो कैंसर जनक नहीं होता। (और पढ़ें - गर्भाशय ग्रीवा कैंसर)
  3. कुछ संक्रमण जैसे क्लैमाइडिया
  4. गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाओं में परिवर्तन।
  5. योनि में चोट।

पहली बार सेक्स के बाद रक्तस्राव सामान्य बात है लेकिन अगर ऐसा अकसर होता है तो आपको डॉक्टर से बात करनी चाहिए।

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यदि आपको योनि संक्रमण हुआ है तो आपको रक्तस्राव से पहले अन्य योनि स्राव होते है। यह योनि स्राव योनि में छालों का परिणाम भी हो सकते हैं। असामान्य योनि स्राव के लक्षण निम्न प्रकार हैं :

  1. गाढ़ा और श्वेत प्रदर
  2. बदबूदार
  3. हल्के हरे और बदबूदार
  4. गुलाबी और भूरे
  5. असहज और योनि में खुजली करने वाले

रक्तस्राव का कारण योनि में अल्सर भी हो सकता है जो सेक्स के दौरान पेट में दर्द का कारण बन सकता है। यदि इस प्रकार का अनुभव आपको होता है तो डॉक्टर से सलाह लें। इस बारे में संकोच बिलकुल भी न करें क्योंकि डॉक्टर प्रोफेशनल होते हैं और वो आपकी परेशानियों का समाधान करने के लिए ही इलाज करते हैं। अगर आप किसी के साथ असुरक्षित यौन सम्बन्ध स्थापित करते हैं जो किसी प्रकार के संक्रमण से पीड़ित है तो भी आपको संक्रमण हो सकता है जो योनि से रक्तस्राव का कारण बन सकता है। यदि आप सार्वजनिक शौचालय का उपयोग करती हैं तो भी आपको योनि संक्रमण हो सकता है।

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अगर आपको योनि में महसूस हो रही है तो इन उपायों द्वारा दूर करने का प्रयास कर सकती हैं :

  1. योनि में दर्द व सूजन का अनुभव होने पर, एक बर्फ़ का टुकड़ा साफ़ तौलिये में लपेटकर उस स्थान पर सिकाई कीजिये। ऐसा 30 मिनट से अधिक नहीं करना चाहिए। (और पढ़ें - योनि में सूजन
  2. योनि क्षेत्र की सफाई करने से पहले अपने हाथ साबुन से अच्छी तरह साफ़ कर लें।
  3. योनि में चोट के दौरान टाइट कपड़ों को न पहनें।

उपर्युक्त कारण आपकी योनि से रक्तस्राव का कारण हो सकते हैं। सही इलाज के लिए डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करें अन्यथा यह हानिकारक हो सकता है। 

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गर्भावस्था में खून बहना खतरनाक हो सकता है इसलिए गर्भावस्था के दौरान अगर योनि से रक्तस्राव हो तो सीधा डॉक्टर से संपर्क करें।

गर्भावस्था की पहली तिमाही में योनि से रक्तस्राव एक आम समस्या है। लेकिन दूसरे और तीसरे तिमाही में योनि से रक्तस्राव सामान्य नहीं होता यह गंभीर समस्या हो सकती है।

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गर्भावस्था के 28वेें हफ्ते के बाद योनि से रक्त स्राव होना आपातकालीन (emergency) स्थिति होती है। ये रक्तस्राव बिना पेट में दर्द हुए बहुत कम से बहुत अधिक मात्रा में भी हो सकता है। अत्यधिक गंभीर स्थिति में इसके कारण मृत्यु भी हो सकती है।

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माहवारी में भारी या लंबे समय तक होने वाले रक्तस्राव को मेडिकल भाषा में मेनोरेजिया (Menorrhagia) कहते हैं। हालांकि पीरियड्स में रक्तस्राव होना सामान्य बात है लेकिन अत्यधिक मात्रा में रक्तस्राव होने से खून की कमी (एनीमिया) होने की सम्भावना रहती है।

मेनोरेजिया से ग्रस्त होने पर आप अपने दैनिक कार्य सही तरीके से नहीं कर सकतीं क्योंकि इस दौरान अत्यधिक रक्त निकल जाता है जिस कारण हीमोग्लोबिन की कमी होने से कमज़ोरी, दर्द और ऐंठन का अनुभव होता है। अगर यह असहनीय स्थिति है तो डॉक्टर से ज़रूर संपर्क करें क्योंकि यह किसी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है। 

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