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सेक्स हार्मोन बाइंडिंग ग्लोब्युलिन (एसएचबीजी) टेस्ट क्या है?

एसएचबीजी टेस्ट किसी व्यक्ति के रक्त में सेक्स हार्मोन बाइंडिंग ग्लोब्युलिन की जांच करता है।

एसएचबीजी एक प्रोटीन है जो कि लिवर कोशिकाओं में बनाया जाता है। यह टेस्टोस्टेरोन, एस्ट्रोजन और डाईहाइड्रोटेस्टोस्टेरोन जैसे सेक्स हार्मोन से जुड़ा होता है और उन्हें रक्त में स्रावित करता है। एसएचबीजी शरीर के ऊतकों में मौजूद हार्मोन की मात्रा को भी नियंत्रित करता है।

सेक्स हार्मोन बाइंडिंग ग्लोब्युलिन तीन सेक्स हार्मोन से जुड़ा होता है, लेकिन फिर भी एसएचबीजी टेस्ट का उपयोग विशेष रूप से टेस्टोस्टेरोन संबंधी समस्याओं की जांच करने के लिए ही किया जाता है। यह पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की कमी और महिलाओं में इसकी अधिकता की जांच करने में मदद करता है। विशेष तौर पर एसएचबीजी टेस्ट यह बताता है कि ऊतकों के लिए कितनी मात्रा में टेस्टोस्टेरोन उपलब्ध है।

  1. एसएचबीजी टेस्ट क्यों किया जाता है - SHBG (Sex Hormone Binding Globulin) Test Kyu Kiya Jata Hai
  2. एसएचबीजी टेस्ट से पहले - SHBG (Sex Hormone Binding Globulin) Test Se Pahle
  3. एसएचबीजी टेस्ट के दौरान - SHBG (Sex Hormone Binding Globulin) Test Ke Dauran
  4. एसएचबीजी टेस्ट के परिणाम और नॉर्मल रेंज - SHBG (Sex Hormone Binding Globulin) Test Result and Normal Range

एसएचबीजी टेस्ट किसलिए किया जाता है?

एसएचबीजी टेस्ट की सलाह डॉक्टर उन लोगों को देते हैं जिनके शरीर में टेस्टोस्टेरोन के असामान्य स्तर दिखाई देते हैं। आमतौर पर ऐसे मामलों में टोटल टेस्टोस्टेरोन टेस्ट से परीक्षण किया जा सकता है। हालांकि, कुछ लोगों में ऐसे लक्षण देखे जाते हैं, जो या तो टेस्टोस्टेरोन के अत्यधिक स्तर या फिर बहुत ही कम स्तर से जुड़े होते हैं। इस स्थिति की पहचान एसएचबीजी टेस्ट की मदद से नहीं की जाती है।

हालांकि कुछ लोगों में टेस्टोस्टेरोन के बहुत कम या बहुत अधिक होने के लक्षणों का पता टोटल टेस्टोस्टेरोन टेस्ट के द्वारा नहीं किया जा सकता है। ऐसे मामलों में डॉक्टर एसएचबीजी टेस्ट की सलाह देते हैं।

किसी पुरुष में यदि लो टेस्टोस्टेरोन स्तर से संबंधित लक्षण दिखाई देते हैं तो इस टेस्ट की सलाह दी जा सकती है। पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन की कमी से निम्न लक्षण देखे जा सकते हैं:

  • लिंग स्तंभन में कठिनाई
  • सेक्स ड्राइव कम होना
  • प्रजनन संबंधी समस्याएं

महिलाओं को इस टेस्ट की सलाह तब दी जा सकती है जब उनमें उच्च टेस्टोस्टेरोन होने के निम्न लक्षण दिखाई देते हैं:

एसएचबीजी टेस्ट की तैयारी कैसे करें?

इस टेस्ट के लिए किसी विशेष तैयारी की जरूरत नहीं होती है। इसमें भूखे रहने की भी जरूरत नहीं होती है। यदि आप किसी भी तरह की दवा, विटामिन या सप्लीमेंट ले रहे हैं तो इसके बारे में डॉक्टर को बताएं। कुछ विशेष दवाएं जैसे ओपिएट्स और बायोटिन, इस टेस्ट के परिणामों को प्रभावित कर सकती हैं।

इसके अलावा शरीर में बायोटिन का अत्यधिक जमाव एसएचबीजी के स्तर को कम दिखा सकता है, जो कि सच नहीं होता है। इसीलिए बायोटिन की आखिरी खुराक इस टेस्ट से 12 घंटे पहले ली जानी चाहिए।

टेस्ट से पहले अत्यधिक शारीरिक व्यायाम न करें। यदि आपको कोई भोजन विकार है तो इसके बारे में डॉक्टर को बताएं।

एसएचबीजी टेस्ट कैसे किया जाता है?

एसएचबीजी टेस्ट एक ब्लड सैंपल की मदद से किया जाता है। रक्त की पर्याप्त मात्रा को नस में सुई लगाकर निकाल लिया जाता है। 

आपको सुई लगने से हल्का सा दर्द महसूस हो सकता है लेकिन यह जल्दी ही ठीक हो जाएगा। यदि आपको सुई लगी जगह पर लगातार संक्रमण या नील दिखाई दे तो इसके बारे में डॉक्टर को बता दें।

एसएचबीजी टेस्ट के परिणाम और नॉर्मल रेंज

इस टेस्ट के परिणाम उम्र, लिंग, पिछले स्वास्थ्य और टेस्ट के तरीके के अनुसार अलग आ सकते हैं। उच्च एसएचबीजी लेवल गर्भवस्था के दौरान एस्ट्रोजन के स्तर बढ़ने के कारण देखे जाते हैं। बच्चों में आमतौर पर एसएचबीजी के स्तर अधिक होते हैं। यौन रूप से परिपक्व होने के बाद लड़कों में इसके स्तर लड़कियों की तुलना में तेजी से गिरते हैं। एसएचबीजी के स्तर वयस्क पुरुषों में स्थिर रहते हैं लेकिन एक उम्र के बाद बढ़ने लगते हैं। वहीं दूसरी ओर महिलाओं में रजोनिवृत्ति के बाद ये स्तर कम होने लगते हैं।

कृपया परिणामों की सही जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से मिलें। 

सामान्य परिणाम :

पुरुषों और जो महिलाएं गर्भवती नहीं हैं उनके लिए स्टैंडर्ड वैल्यू निम्न है :

  • पुरुष - 10-80 nmol/L (नैनोमोल्स प्रति लीटर)
  • महिला (जो गर्भवती नहीं है) - 20-130 nmol/L

गर्भावस्था के दौरान निम्न वैल्यू होती है :

  • पहली तिमाही - 39 - 131 mmol/L
  • दूसरी तिमाही - 214 -717 mmol/L
  • तीसरी तिमाही - 216 - 724 mmol/L

असामान्य परिणाम :

कम स्तर इस बात की ओर संकेत करते हैं कि एसएचबीजी पर्याप्त मात्रा में टेस्टोस्टेरोन से बाइंड नहीं कर पा रहा है। इस कारण रक्त में अनबाउंड टेस्टोस्टेरोन के स्तर अधिक हो जाते हैं और ऊतकों के लिए शरीर में अत्यधिक टेस्टोस्टेरोन हो जाता है।

लो एसएचबीजी स्तर (जिसके कारण अत्यधिक टेस्टोस्टेरोन के स्तर अत्यधिक हो जाते हैं) निम्न स्थितियों में देखे जा सकते हैं:

एसएचबीजी के अधिक स्तर दिखाते हैं कि प्रोटीन बहुत ही अधिक मात्रा में टेस्टोस्टेरोन से बाइंड कर रहा है इससे रक्त में फ्री टेस्टोस्टेरोन के स्तर कम हो जाते हैं और ऊतकों के लिए पर्याप्त टेस्टोस्टेरोन नहीं बच पाता है। एचएसबीजी के उच्च स्तर निम्न कारण से हो सकते हैं:

संदर्भ

  1. American College of Obstetricians and Gynecologists. [internet], Bethesda (MD); FAQ: Polycystic Ovary Syndrome (PCOS)
  2. National Cancer Institute [Internet]. Bethesda (MD): U.S. Department of Health and Human Services; NCI Dictionary of Cancer Terms: DHT
  3. National Heart, Lung, and Blood Institute [Internet]. Bethesda (MD): U.S. Department of Health and Human Services; Blood Tests
  4. National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases [internet]: US Department of Health and Human Services; Graves' Disease
  5. University of Rochester Medical Center [Internet]. Rochester (NY): University of Rochester Medical Center; Sex Hormone Binding Globulin (Blood)
  6. National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases [internet]: US Department of Health and Human Services; Hashimoto's Disease
  7. UW Health: American Family Children's Hospital [Internet]. Madison (WI): University of Wisconsin Hospitals and Clinics Authority; Testosterone
  8. ARUP Labs [Internet]. University of Utah. Male Hypogonadism
  9. University of Iowa. Department of Pathology. Laboratory Services Handbook [internet]; Sex Hormone Binding Globulin
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