जब आपके सामने कोई तनावपूर्ण स्थिति हो और आपका दिल जोर-जोर से धड़कने लगता है, आपके हाथ में पसीना आना शुरू हो जाता है और आप बचने के रास्ते की तलाश शुरू कर देते हैं, अगर आपके साथ कभी ऐसा हुआ हैं तो आपने “फाइट-या-फ्लाइट” नामक हार्मोनल प्रतिक्रिया का वास्तविक अनुभव किया है।
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“फाइट-या-फ्लाइट” प्रतिक्रिया एड्रेनालाईन नाम के एक हार्मोन से उत्पन्न होती है। यह हार्मोन शरीर की “फाइट-या-फ्लाइट” यानी लड़ने के लिए या खतरे बचने के लिए तैयार होने की प्रतिक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन ऐसा अधिक बार होने पर हमारे शरीर के लिए यह हानिकारक हो सकता है। इस वजह से, एड्रेनालाईन हार्मोन के बारे में समझना हमारे लिए बहुत जरुरी है।
कुछ लोग इस प्रतिक्रिया का अनुभव करने के लिए दुनिया भर में ऐसी चीजों की खोज करते हैं, जैसे बंजी जंपिंग करते हैं, चट्टानों से कूदते हैं, गोताखोरी करते हैं, शार्क के साथ केज में तैरते हैं। हालाँकि, हर कोई इतना उत्साह नहीं रखता है।
लेकिन आखिर एड्रेनालाईन क्या है और यह आपके शरीर में ऐसा क्या काम करता है? यह जानना आपके लिए महत्वपूर्ण है। इस लेख में यह विस्तार से बताया गया है कि एड्रेनालाईन हार्मोन क्या है? इसके कार्य और प्रभाव क्या है? तथा एड्रेनालाईन हार्मोन असंतुलन कैसे होता है? और इसे कैसे कंट्रोल करें?
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- एड्रेनालाईन हॉर्मोन क्या है? - Adrenaline kya hai in hindi
- एड्रेनालाईन हार्मोन के कार्य - Adrenaline hormone function in hindi
- एड्रेनालाईन के प्रभाव - Adrenaline hormone effects on body in hindi
- एड्रेनालाईन हार्मोन का असंतुलन - Adrenaline hormone imbalance in hindi
- एड्रेनालाईन हार्मोन कैसे कंट्रोल करें? - How to control Adrenaline hormone in hindi
- सारांश
एड्रेनालाईन हॉर्मोन क्या है? - Adrenaline kya hai in hindi
एड्रेनालाईन, जिसे एपिनेफ्राइन भी कहा जाता है, आपकी एड्रेनल ग्रंथियों और कुछ न्यूरॉन्स द्वारा स्रावित हार्मोन है। एड्रेनल ग्रंथियां आपकी किडनी के ऊपरी भाग पर स्थित होती हैं। वे एल्डोस्टेरोन, कोर्टिसोल, एड्रेनालाईन और नॉरएड्रेनलाइन सहित कई हार्मोन के उत्पादन के लिए ज़िम्मेदार हैं।
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एड्रेनल ग्रंथियों को पिट्यूटरी ग्रंथि नामक एक अन्य ग्रंथि द्वारा नियंत्रित किया जाता है। एड्रेनल ग्रंथियों को दो हिस्सों में विभाजित किया जाता है - बाहरी ग्रंथियां (एड्रेनल कॉर्टेक्स) और आंतरिक ग्रंथियां (एड्रेनल मेडुला)। आंतरिक ग्रंथियां एड्रेनालाईन उत्पन्न करती हैं।
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एड्रेनालाईन को “फाइट-या-फ्लाइट” हार्मोन भी कहा जाता है क्योंकि जब एड्रेनालाईन स्रावित होता है तो शरीर “फाइट-या-फ्लाइट” प्रतिक्रिया में प्रवेश करता है। दुर्भाग्यवश, कुछ लोगों में डर या उत्तेजना के लिए कोई वास्तविक कारण नहीं होने पर भी एड्रेनालाईन स्राव होने के ट्रिगर पैदा होते हैं।
उदाहरण के लिए, चिंता संबंधी विकारों और पोस्ट-ट्रॉमेटिक तनाव विकार वाले लोगों को तब एड्रेनालाईन की वृद्धि का अनुभव हो सकता है, जब उन्हें किसी ऐसी चीज की याद दिलाई जाती है जो पिछले दिनों घटित हुई हो और जो उनकी भय की भावना को उकसाती हो। जब ऐसा प्रति दिन कई बार या प्रति सप्ताह कई बार होता है, तो यह हमारे शरीर और दिमाग पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
एड्रेनालाईन एड्रेनल ग्रंथियों में मेडुला के साथ-साथ कुछ केंद्रीय तंत्रिका तंत्र के न्यूरॉन्स से भी उत्पादित होता है। एक तनावपूर्ण परिस्थिति के दौरान कुछ मिनटों के भीतर, एड्रेनालाईन को तुरंत रक्त में छोड़ दिया जाता है, जो एक विशिष्ट प्रतिक्रिया करने के लिए अंगों को संवेग भेजते हैं। एड्रेनालाईन के बारे में सबसे दिलचस्प बातों में से एक यह है कि यह एक हार्मोन और एक न्यूरोट्रांसमीटर दोनों हो सकता है।
जब एड्रेनालाईन अचानक स्रावित किया जाता है, इसे अक्सर “एड्रेनालाईन रश” के रूप में जाना जाता है। एक एड्रेनालाईन रश शरीर के महत्वपूर्ण रक्षा तंत्र में से एक है। हालांकि एड्रेनालाईन का एक एवोल्यूशनरी (क्रम-विकास-संबंधी) उद्देश्य है, लेकिन कुछ लोग केवल एड्रेनालाईन रश के लिए कुछ गतिविधियों में भाग लेते हैं।
ऐसी गतिविधियां जो एड्रेनालाईन रश को पैदा कर सकती हैं उनमें निम्नलिखित गतिविधियां शामिल हैं -
- कोई डरावनी फिल्म
- स्काई डाइविंग
- क्लिफ जंपिंग
- बंजी जंपिंग
- शार्क के साथ केज डाइविंग
- ज़िप लाइनिंग यानी केबल पर हार्नेस के सहारे राइडिंग और
- वाइट वाटर राफ्टिंग इत्यादि।
एड्रेनालाईन हार्मोन के कार्य - Adrenaline hormone function in hindi
एड्रेनालाईन एड्रेनल ग्रंथि का न्यूरोट्रांसमीटर है जो संकट के क्षणों में स्रावित होता है। यह दिल को तेजी से धड़कने और कड़ी मेहनत करने के लिए उत्तेजित करता है, मांसपेशियों में रक्त का प्रवाह बढ़ाता है, मन की बढ़ती सतर्कता का कारण बनता है, और आपातकाल का सामना करने के लिए शरीर को तैयार करने के लिए अन्य परिवर्तन उत्पन्न करता है। यह मस्तिष्क में एक रासायनिक संदेशवाहक का भी काम करता है।
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एड्रेनालाईन शरीर की “फाइट-या-फ्लाइट” प्रतिक्रिया को ट्रिगर करता है। यह प्रतिक्रिया मांसपेशियों के वायु मार्गों को ऑक्सीजन प्रदान करने के लिए फैलाती है जिसकी उन्हें खतरे से लड़ने या भागने के लिए आवश्यकता होती है। एड्रेनालाईन हृदय और फेफड़ों सहित प्रमुख मांसपेशी समूहों की ओर रक्त को फिर से प्रवाहित करने के लिए रक्त वाहिकाओं को सिकोड़ता है।
दर्द महसूस करने की शरीर की क्षमता भी एड्रेनालाईन के परिणामस्वरूप कम हो जाती है, यही कारण है कि आप घायल होने पर भी खतरे से लड़ना या भागना जारी रख सकते हैं। एड्रेनालाईन तनाव और प्रदर्शन में उल्लेखनीय वृद्धि के साथ-साथ तनावपूर्ण समय के दौरान जागरूकता बढ़ाता है। तनाव कम होने के बाद, एड्रेनालाईन का प्रभाव एक घंटे तक रह सकता है।
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एड्रेनालाईन के प्रभाव - Adrenaline hormone effects on body in hindi
एड्रेनालाईन किसी तनावपूर्ण, रोमांचक, खतरनाक या डरावनी स्थिति के जवाब में स्रावित किया जाता है। एड्रेनालाईन आपके शरीर को और अधिक तेज़ी से प्रतिक्रिया करने में मदद करता है। एड्रेनालाईन में वृद्धि के तत्काल शारीरिक प्रभाव -
- आंखें फैलती हैं।
- दिल तेजी से धड़कता है।
- पसीना बढ़ता है। (और पढ़े - अधिक पसीना आने के घरेलू उपाय)
- ब्रोंकीओल (वायु मार्ग) फैलते हैं, इसलिए हमारा शरीर अधिक ऑक्सीजन प्राप्त कर पाता है।
- हमारी मांसपेशियों में रक्त वाहिकाएं फैल जाती हैं।
- पाचन धीमा करने के लिए हमारे पाचन तंत्र में रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं। (और पढ़े - पाचन तंत्र के विकार का इलाज)
- किडनियां अधिक रेनिन (ब्लड प्रेशर बढ़ाने के लिए) बनाती हैं।
- ऊर्जा के लिए ग्लूकोज उत्पादन बढ़ता है।
इनमें से प्रत्येक प्रतिक्रिया जीवित रहने के उद्देश्य से शरीर के संसाधनों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए तैयार की गयी है।
एड्रेनालाईन के कुछ नकारात्मक प्रभाव भी हो सकते हैं जो निम्नलिखित हैं -
- जब एड्रेनालाईन स्रावित किया जाता है, दिमाग फोकस करता है और जान बचाने वाले मोड में प्रवेश कर लेता है, जो कोई वास्तविक खतरा मौजूद नहीं होने पर डरावना हो सकता है।
- जब खतरा हो, तब तो ये लक्षण जीवन बचा सकते हैं, लेकिन जब वे बार-बार होते हैं और जिनका कोई व्यावहारिक कारण नहीं होता है, तो वे कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली, पेट के छले, कार्डियोवैस्कुलर विकार और यहां तक कि डीएनए की क्षति का कारण बन सकते हैं। (और पढ़े - प्रतिरक्षा मजबूत करने के घरेलू उपाय)
- तनाव से प्रेरित डीएनए की क्षति समय से पहले उम्र बढ़ने, ट्यूमर की वृद्धि को बढ़ावा देने, महिलाओं में मिसकैरेज और अवसाद जैसी मनोवैज्ञानिक स्थितियों का कारण बन सकती है।
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एड्रेनालाईन हार्मोन का असंतुलन - Adrenaline hormone imbalance in hindi
एड्रेनालाईन हमारे शरीर की जीवित रहने की क्षमता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन कभी-कभी शरीर तनाव में होने पर ये हार्मोन छोड़ देता है लेकिन वास्तविक खतरे का सामना नहीं कर रहा होता है। इससे हल्का सिरदर्द, दृष्टि परिवर्तन और चक्कर आने जैसी भावना पैदा हो सकती है।
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इसके अलावा, एड्रेनालाईन ग्लूकोज के स्राव का भी कारण बनता है, जिसका फाइट-या-फ्लाइट प्रतिक्रिया में उपयोग होता है। जब कोई खतरा मौजूद नहीं होता, तो इस अतिरिक्त ऊर्जा का कोई उपयोग नहीं होता है और यह व्यक्ति को बेचैन और चिड़चिड़ाहट महसूस करवा सकती है।
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अगर आपको बहुत अधिक एड्रेनालाईन का स्राव होता है तो क्या होगा?
एड्रेनालाईन का अधिक उत्पादन बहुत आम है। ज्यादातर लोग किसी न किसी अवसर पर तनावपूर्ण परिस्थितियों का सामना करते हैं और इसलिए हम में से अधिकांश एड्रेनालाईन रिलीज के विशिष्ट लक्षणों से परिचित हैं, जैसे - दिल की तेज धड़कन, उच्च रक्तचाप, चिंता, वजन घटना, अत्यधिक पसीना और हाथ पैर में कम्पन।
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हालांकि, यह शरीर की एक सामान्य प्रतिक्रिया है जिसका उद्देश्य हमें तनावपूर्ण स्थिति का जवाब देने में मदद करना है। एक बार तीव्र तनाव खत्म हो जाने के बाद, लक्षण तुरंत गायब हो जाते हैं, क्योंकि एड्रेनालाईन हाइपर-स्राव बंद हो जाता है।
मोटापे और उपचार न किए गए “ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया” से ग्रस्त कुछ लोगों को हर रात नॉरएड्रेनलाइन या एड्रेनालाईन के उच्च स्तर का सामना करना पड़ सकता है, वे सांस लेने में परेशानी महसूस करते हैं। यह ऐसे लोगों में उच्च रक्तचाप के विकास में भी भूमिका निभा सकता है।
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कभी कभार, एड्रेनालाईन या नॉरएड्रेनलाइन का अधिक उत्पादन एक एड्रिनल ट्यूमर के कारण भी हो सकता है जिसे फियोक्रोमोसाइटोमा या पैरागैंग्लियोमा (यदि यह एड्रेनल के बाहर लेकिन छाती और पेट से जाने वाली सिम्पैथेटिक तंत्रिका तंत्र की नसों के साथ स्थित है) कहा जाता है। ऐसे ट्यूमर परिवारों में पीढ़ी दर पीढ़ी भी चल सकते हैं।
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अगर आपको बहुत कम एड्रेनालाईन स्राव होता है तो क्या होगा?
कम एड्रेनालाईन स्राव से पीड़ित होना बहुत असामान्य होता है, भले ही आप किसी बीमारी या सर्जरी के चलते दोनों एड्रेनल ग्रंथियों को खो देते हैं। चूंकि शरीर का 90% नॉरएड्रेनलाइन तंत्रिका तंत्र से आता है, इसलिए एड्रेनल ग्रंथियों के माध्यम से स्रावित होने वाली 10% की कमी वास्तव में महत्वपूर्ण नहीं होती है।
इस कारण 'एड्रेनालाईन की कमी' वास्तव में बहुत ही दुर्लभ और असामान्य आनुवांशिक कैटेक्लोमाइन एंजाइम की कमी (जेनेटिक कैटेक्लोमाइन एंजाइम डेफिसिएन्सिस) नामक विकार के अलावा किसी अन्य विकार के रूप में दिखाई नहीं देती है।
एड्रेनालाईन हार्मोन कैसे कंट्रोल करें? - How to control Adrenaline hormone in hindi
एड्रेनालाईन मुख्य रूप से एड्रेनल ग्रंथियों से जुड़ी नसों के सक्रिय होने से स्रावित होता है, ये नसें सक्रिय होकर एड्रेनालाईन के स्राव को ट्रिगर करती है और इस प्रकार रक्त में एड्रेनालाईन के स्तर को बढ़ाती है। किसी तनावपूर्ण घटना का सामना करने के 2 से 3 मिनट के भीतर, यह प्रक्रिया अपेक्षाकृत तेज़ी से होती है। जब तनावपूर्ण स्थिति समाप्त हो जाती है, तो एड्रेनल ग्रंथियों के तंत्रिका संवेग कम हो जाते हैं, जिसका अर्थ है कि एड्रेनल ग्रंथियां एड्रेनालाईन का उत्पादन बंद कर देती हैं।
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अपने शरीर की इस तनाव प्रतिक्रिया का सामना करने के लिए तकनीक सीखना काफी महत्वपूर्ण है। कुछ प्रकार के तनाव का अनुभव होना सामान्य है और कभी-कभी आपके स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होता है। लेकिन समय के साथ, एड्रेनालाईन के लगातार बढ़ने से आपकी रक्त वाहिकाओं को नुकसान हो सकता है, आपके रक्तचाप में वृद्धि हो सकती है और दिल के दौरे या स्ट्रोक का जोखिम बढ़ सकता है। इससे चिंता, वजन बढ़ना, सिरदर्द और अनिद्रा जैसी परेशानियां भी हो सकती है।
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एड्रेनालाईन को नियंत्रित करने में मदद के लिए, आपको अपने पैरासिम्पेथेटिक तंत्रिका तंत्र को सक्रिय करने की आवश्यकता होगी, जिसे “रेस्ट एंड डाइजेस्ट" सिस्टम भी कहा जाता है। “रेस्ट एंड डाइजेस्ट" एड्रेनालाईन के स्राव से होने वाली प्रतिक्रिया "फाइट या फ्लाइट" प्रतिक्रिया के बिलकुल विपरीत है। यह शरीर में एड्रेनालाईन के संतुलन को बढ़ावा देने में मदद करती है, और आपके शरीर को आराम और ठीक होने की अनुमति देता है।
एड्रेनालाईन के नकारात्मक प्रभाव को कम करने और संतुलन रेखा पर लौटने के लिए, स्वस्थ मुकाबले का कौशल विकसित करना महत्वपूर्ण है जिसका उपयोग कहीं भी किया जा सकता है। शोध से पता चला है कि रिलैक्सेशन (विश्राम) तकनीक एड्रेनालाईन के नकारात्मक प्रभावों का मुकाबला कर सकती है, खासकर चिंता विकारों और क्रोध की समस्याओं वाले व्यक्तियों में।
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निम्नलिखित कुछ ऐसे कदम हैं जिनका व्यक्ति एड्रेनालाईन के स्राव के प्रति अपने शरीर की प्रतिक्रिया को नियंत्रित करने के लिए प्रयोग कर सकता है -
- अपनी श्वास को धीमा करना या एक पेपर बैग में सांस लेने से शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति संतुलित हो सकती है। यह चक्कर आने की भावनाओं को कम करने में मदद कर सकता है। यह आपको शांत और अधिक नियंत्रण में महसूस करने में भी मदद कर सकता है।
- एक्सरसाइज करने से उत्तेजना से ध्यान हटाने में मदद मिल सकती है। योग या स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने से तनाव और चिंता से भी छुटकारा मिल सकता है।
- कुछ ताजा हवा लेने और खुले में जाने से भी आपको एड्रेनालाईन रश को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। बाहर घूमने या टहलने से मदद मिल सकती है।
- शांत करने वाला एक विशिष्ट शब्द चुन कर उसे दोहराने से भी एड्रेनालाईन के प्रति शरीर की प्रतिक्रिया से भटका सकता है। किसी आराम वाली छवि के बारे में सोचना एक अन्य तरीका है जो तनाव को कम करने में मदद कर सकता है।
ये तकनीकें शरीर और दिमाग को शांत करने में मदद कर सकती हैं और वे एड्रेनालाईन रश के तत्काल प्रभाव को कम कर सकती हैं।
एड्रेनालाईन में वृद्धि डरावनी हो सकती है और अगर ठीक से इसका प्रबंधन नहीं किया जाता है तो गंभीर दीर्घकालिक प्रभाव हो सकते हैं। यदि आप बार-बार एड्रेनालाईन सर्ज या इसकी वृद्धि से संघर्ष कर रहे हैं, तो किसी भी चिकित्सा परिस्थितियों का पता लगाने के लिए अपने डॉक्टर से बात करें। फिर रिलैक्सेशन तकनीक और तनाव प्रबंधन के बारे में और जानने के लिए एक मनोचिकित्सक से परामर्श लें।
सारांश
एड्रेनालाईन हार्मोन, जिसे "फाइट-ऑर-फ्लाइट" हार्मोन भी कहा जाता है, शरीर की तनावपूर्ण स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार है। यह अधिवृक्क ग्रंथियों (adrenal glands) द्वारा स्रावित होता है और मस्तिष्क को सतर्क, दिल की धड़कन तेज, और मांसपेशियों में ऊर्जा प्रदान करता है। यह रक्त प्रवाह को बढ़ाकर ऑक्सीजन और ग्लूकोज की आपूर्ति सुनिश्चित करता है, जिससे कठिन परिस्थितियों में निर्णय लेने और प्रतिक्रिया करने की क्षमता बढ़ती है। इसके फायदे में आपातकालीन परिस्थितियों में शरीर की सहनशक्ति और कार्यक्षमता बढ़ाना शामिल है। हालांकि, लगातार उच्च स्तर पर एड्रेनालाईन स्रावित होना तनाव और स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।



