मेलाटोनिन एक हार्मोन है, जो शरीर में बनता है. इसे सप्लीमेंट के तौर पर भी लिया जा सकता है. यह शरीर के सोने और जागने के प्राकृतिक चक्र को संतुलित करने का काम करता है. मेलाटोनिन मुख्य रूप से नींद से जुड़ी बीमारियों को ठीक करने में फायदेमंद होता है. वहीं, इसके इस्तेमाल से सिरदर्द, व उल्टी जैसे दुष्प्रभाव भी देखने को मिल सकते हैं.

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आज इस लेख में आप जानेंगे कि मेलाटोनिन क्या है और इसके फायदे व नुकसान क्या हैं -

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  1. क्या है मेलाटोनिन?
  2. मेलाटोनिन के फायदे
  3. मेलाटोनिन के नुकसान
  4. सारांश
मेलाटोनिन के फायदे व नुकसान के डॉक्टर

मेलाटोनिन एक हार्मोन है, जिसे मस्तिष्क में मौजूद पीनियल ग्लैंड पैदा करता है. गहरी नींद लाने के लिए लोग इसका इस्तेमाल प्राकृतिक या सिंथेटिक सप्लीमेंट के रूप में करते हैं. मेलाटोनिन शरीर में कई काम करता है, लेकिन इसका मुख्य काम सर्कैडियन रिदम (circadian rhythms) को मैनेज करना होता है. सर्कैडियन रिदम को बॉडी क्लॉक के रूप में समझ सकते हैं. यह शरीर के सोने व जागने के चक्र को नियमित करने का काम करता है. इस सर्कैडियन रिदम के कारण ही शरीर दिनभर चुस्त व फुर्तीला बना रहता है और रात के समय सोने में मदद करता है.

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इसका सेवन पिल और गमी सप्लीमेंट के रूप में किया जा सकता है. जेट लैग से राहत दिलाने और नींद न आने की बीमारी में मेलाटोनिन को फायदेमंद पाया गया है. इसके अलावा, यह कैंसर ट्रीटमेंट में भी लाभदायक माना जा सकता है. आइए, मेलाटोनिन के फायदे के बारे में विस्तार से जानते हैं -

जेट लैग से राहत

अलग-अलग समय वाले देशों में यात्रा कर रहे लोगों को जेट लैग की दिक्कत होना आम बात है. जेट लैग की वजह से व्यक्ति को अच्छा नहीं महसूस होता है, उसे दिनभर थकान महसूस हो सकती है और पाचन तंत्र भी बिगड़ जाता है. शोध के अनुसार, इस स्थिति में मेलाटोनिन सप्लीमेंट जेट लैग से निजात दिलाने में मददगार पाया गया है.

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इनसोमनिया में फायदेमंद

जब किसी को नींद आने में दिक्कत होती है, तो इस अवस्था को इनसोमनिया कहा जाता है. मेलाटोनिन को स्लीप हार्मोन भी कहा जाता है, जो इनसोमनिया को ठीक करने के लिए एक आम और प्राकृतिक इलाज है. कई शोध भी बता चुके हैं कि मेलाटोनिन के सेवन से बेहतर नींद आने में मदद मिल सकती है. इसके सेवन से जल्दी नींद आने में सहायता मिल सकती है और नींद की गुणवत्ता में भी सुधार हो सकता है.

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सिरदर्द करे दूर

शोध के अनुसार, मेलाटोनिन कुछ तरह के सिरदर्द से राहत दिलाने में सहायता कर सकता है. यह माइग्रेन और क्लस्टर हेडएक (बार-बार होने वाला सिरदर्द) को ठीक करने में भी मददगार है.

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कैंसर में फायदेमंद

शोध बताते हैं कि जब कैंसर ग्रस्त व्यक्ति कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी के साथ मेलाटोनिन का सेवन करता है, तो इससे कैंसर के इलाज में मदद मिलती है. रेडिएशन थेरेपी के गंभीर नुकसान से लड़ने में मेलाटोनिन नामक यह एंटीऑक्सीडेंट सहायक है. यहां हम स्पष्ट कर दें कि कैंसर मरीज को मेलाटोनिन सप्लीमेंट दिया जाना है या नहीं, इसका निर्णय डॉक्टर लेते हैं. इसलिए, कैंसर के मरीज को खुद से इसका सेवन नहीं करना चाहिए.

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अल्जाइमर में मददगार

मेलाटोनिन का स्तर उम्र के साथ कम होता जाता है और यह उन लोगों में ज्यादा देखा गया है, जिन्हें अल्जाइमर रोग होता है. शोध बताते हैं कि अल्जाइमर रोग के चलते मस्तिष्क की कार्यप्रणाली में आ रही गिरावट को मेलाटोनिन धीमा कर सकता है.

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डिप्रेशन से राहत

सीजनल डिप्रेशन यानी सीजनल एफेक्टिव डिसऑर्डर दुनिया के 10 प्रतिशत लोगों को अपनी चपेट में ले लेता है. यह डिप्रेशन मौसम में होने वाले बदलाव से जुड़ा है और हर साल लगभग एक ही समय पर होता है. शोध कहते हैं कि यह सर्कैडियन रिदम से जुड़ा है और चूंकि मेलाटोनिन सर्कैडियन रिदम को नियमित करने में अहम भूमिका है, तो इसके सेवन से सीजनल डिप्रेशन के लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है.

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आंखों के लिए बढ़िया

मेलाटोनिन में एंटीऑक्सीडेंट ज्यादा होता है, जो सेल डैमेज से सुरक्षा करते हुए आंखों को स्वस्थ बनाए रखता है. शोध के अनुसार, ग्लूकोमा और उम्र संबंधित मैकुलर डिजेनरेशन को ठीक करने में मेलाटोनिन लाभदायक हो सकता है.

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फायदे के साथ-साथ मेलाटोनिन के कुछ साइड इफेक्ट्स भी देखे गए हैं, जो इस प्रकार हैं -

  • शोध कहते हैं कि वयस्कों के लिए मेलाटोनिन का इस्तेमाल सुरक्षित है, लेकिन यह भी सच है कि मेलाटोनिन सप्लीमेंट शरीर में प्राकृतिक रूप से इस हार्मोन के निर्माण की क्षमता को कम कर सकता है.
  • यह सिर्फ बड़े लोगों के लिए ठीक माना गया है, किशोर और बच्चों को इसके इस्तेमाल से बचने के लिए कहा जाता है.
  • मेलाटोनिन के सेवन से एलर्जिक रिएक्शन के साथ ही, कुछ लोगों को उल्टी, सिरदर्द, चक्कर आना और अधिक नींद आने जैसे नुकसान हो सकते हैं.
  • कुछ दवाइयों के साथ मेलाटोनिन का सेवन ठीक नहीं है, जिसमें एंटीडिप्रेसेंटस और ब्लड प्रेशर की दवाइयां शामिल हैं.
  • ब्रेस्ट फीडिंग और प्रेगनेंट महिलाओं के लिए भी इसे सुरक्षित नहीं माना गया है.        

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मेलाटोनिन शरीर में बनने वाला एक हार्मोन है, जिसका सेवन सप्लीमेंट के तौर पर भी किया जा सकता है. इसका काम शरीर को सोने और जागने का समय बताना है. यह सीजनल डिप्रेशन, इनसोमनिया और जेट लैग में फायदेमंद है. वहीं, यह बच्चों और ब्रेस्ट फीडिंग कराने वाली महिलाओं के साथ प्रेगनेंट महिलाओं के सेवन के लिहाज से सुरक्षित नहीं है. यही नहीं, कुछ लोगों को इसके सेवन से उल्टी और सिरदर्द जैसी समस्या भी हो सकती है. इसलिए, मेलाटोनिन सप्लीमेंट के सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है.

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