आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में अपनी सेहत का ख्याल रखना हर किसी के लिए चुनौती साबित हो रहा है. वजन बढ़ना हमारी सेहत से जुड़ी ऐसी सबसे आम समस्या हो चुकी है, जो अनेक बीमारियों का कारण बन जाती है.
ऐसे कई कारक हैं जिसकी वजह से शरीर का वजन बढ़ता है. आपकी जीवनशैली, मानसिक स्वास्थ्य, खान-पान आदि कारणों से आपके शरीर का वजन बढ़ सकता है. बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक बढ़ते वजन की समस्या से परेशान हैं.
ऐसे में हर किसी का सेहत के प्रति पहला लक्ष्य है वजन घटाना. वजन घटाने के लिए सबसे जरूरी होता है डाइट पर ध्यान देना. रोजाना डाइट में हम सबसे अधिक आटे का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में सही आटे का चुनाव करके आप अपने वजन को घटा सकते हैं. चना, जौ, बादाम इत्यादि का आटा इस्तेमाल करके हम अपने वजन को घटा सकते हैं.
आज हम इस लेख में वजन घटाने के लिए कौन सा आटा सबसे अच्छा होता है, इस बारे में जानेंगे -
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वजन घटाने के लिए कौन सा आटा है सबसे अच्छा
सफेद मैदा या ऑल-परपज़ फ्लोर की जगह आप आसानी से कई हेल्दी ऑप्शंस इस्तेमाल कर सकते हैं। कई बार आप उतनी ही मात्रा रख सकते हैं, जबकि कुछ रेसिपी में थोड़ा एडजस्ट करना पड़ता है। हमारे घरों में आटा एक बेसिक चीज़ है जिससे हम मिठाइयाँ, बेकिंग आइटम, पास्ता और कई तरह की डिश बनाते हैं। लेकिन हर आटा हेल्दी नहीं होता। मैदा को प्रोसेस करके उसका चोकर और जर्म निकाल दिया जाता है, जिनमें असली फाइबर और न्यूट्रिएंट्स होते हैं। इसलिए लोग अब मैदा की जगह हेल्दी आटे इस्तेमाल करने की तरफ बढ़ रहे हैं।
आजकल कई तरह के आटे अनाज से नहीं, बल्कि नट्स और सीड्स से भी बनते हैं। यहाँ पाँच सबसे हेल्दी आटे बताए गए हैं, जिन्हें आप अपनी ज़रूरत के हिसाब से रोज़मर्रा की कुकिंग और बेकिंग में इस्तेमाल कर सकते हैं:
नारियल का आटा
नारियल का आटा सूखे नारियल के गूदे को पीसकर बनाया जाता है। यह अनाज रहित और ग्लूटेन-फ्री होता है, इसलिए जिन लोगों को ग्लूटेन से दिक्कत होती है, उनके लिए यह अच्छा विकल्प है। यह सामान्य आटों की तुलना में थोड़ा ज्यादा कैलोरी वाला होता है, लेकिन इसमें प्रोटीन, हेल्दी फैट, फाइबर और आयरन-पोटैशियम जैसे मिनरल भी भरपूर होते हैं।
नारियल के आटे में फैट की मात्रा ज्यादा होती है, और इसमें मौजूद MCT फैट शरीर में सूजन कम करने और मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। कुछ लोगों को सैचुरेटेड फैट को लेकर चिंता रहती है, लेकिन नारियल का फैट जंक फूड या फ्राइड फूड वाले फैट जैसा नुकसान नहीं करता। कई मामलों में यह फायदेमंद भी माना जाता है। इसके अलावा इसमें ऐंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं और यह एंटीमाइक्रोबियल गुण भी दिखाता है।
आधा कप (64 ग्राम) नारियल आटा में मिलता है:
- • 210 कैलोरी
- • 8.5 ग्राम प्रोटीन
- • 13 ग्राम फैट
- • 34 ग्राम कार्ब्स
- • 25 ग्राम फाइबर
- • 22% आयरन
- • 18% पोटैशियम
इसका स्वाद हल्का मीठा होता है, इसलिए केक, कुकीज़, ब्रेड और ऐसी बेक्ड चीज़ों में बढ़िया लगता है। इसकी बनावट थोड़ी किरकिराती हो सकती है और यह बहुत ज्यादा लिक्विड सोखता है, इसलिए कभी-कभी बैटर सूखा भी पड़ सकता है। इसी कारण ये उन रेसिपीज़ में सबसे अच्छा काम करता है जिनमें अंडे हों, जैसे मफिन्स वगैरह।
मैदा की जगह नारियल आटा कैसे इस्तेमाल करें:
- • जितना आटा रेसिपी में लिखा हो, उसका सिर्फ चौथा हिस्स नारियल आटा लें।
- • बाकी तीन-चौथाई हिस्सा किसी और आटे से पूरा करें।
- • क्योंकि यह बहुत लिक्विड सोखता है, हर 1/4 कप नारियल आटा के लिए 1 अंडा ज़रूर मिलाएँ ताकि नमी और टेक्सचर सही रहे।
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बादाम का आटा
बादाम का आटा, छिलका उतारे हुए बादाम को बारीक पीसकर बनाया जाता है। यह अनाज से नहीं बनता, इसलिए पूरी तरह ग्लूटेन-फ्री होता है। ध्यान रखें कि बादाम मील इससे अलग होता है, क्योंकि वह छिलके वाले बादाम को मोटा पीसकर बनता है और इसकी बनावट ज्यादा दानेदार होती है।
बादाम के आटे में मैग्नीशियम, ओमेगा-3 हेल्दी फैट, प्लांट प्रोटीन और विटामिन-E भरपूर होता है। विटामिन-E एक बेहतरीन ऐंटीऑक्सीडेंट माना जाता है। चूंकि बादाम खुद हाई-कैलोरी फूड है, इसलिए इसका आटा भी कैलोरी से भरपूर होता है। इसके न्यूट्रिएंट्स शरीर में इंसुलिन सेंसिटिविटी बेहतर करने, खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) कम करने और ब्लड प्रेशर को मैनेज करने में मददगार हो सकते हैं। विटामिन-E दिमाग की हेल्थ के लिए भी अच्छा माना जाता है और उम्र बढ़ने पर याददाश्त से जुड़े जोखिम को कम करने में भूमिका निभा सकता है।
आधा कप (56 ग्राम) बादाम के आटा में मिलता है:
- 340 कैलोरी
- 12 ग्राम प्रोटीन
- 30 ग्राम फैट
- 12 ग्राम कार्ब्स
- 4 ग्राम फाइबर
- 5% कैल्शियम
- 6% आयरन
- 8% पोटैशियम
- 65% मैग्नीशियम
- 100% विटामिन E
बादाम का आटा का स्वाद हल्का नटी होता है और इसे इस्तेमाल करना बेहद आसान है। ज़्यादातर रेसिपीज़ में आप इसे उतनी ही मात्रा में यूज़ कर सकते हैं, जितना गेहूं का आटा या मैदा लिया जाता है। यह पैनकेक, कुकीज़, स्कोन, बिस्किट जैसी बेक्ड चीज़ों में बहुत अच्छा काम करता है। इसके अलावा इसे होममेड पास्ता और मीटबॉल जैसी नमकीन रेसिपीज़ में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
क्विनोआ आटा
क्विनोआ का आटा क्विनोआ को पीसकर बनाया जाता है और एकदम बारीक, मुलायम आटे जैसा होता है। यह ग्लूटेन-फ्री है और इसे एक तरह का “प्यूडो-सीरियल” भी माना जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरा अनाज है, यानी इसे प्रोसेस करके इसके न्यूट्रिएंट्स नहीं निकाले जाते। यही वजह है कि इसमें भरपूर प्रोटीन, फाइबर, आयरन और हेल्दी अनसैचुरेटेड फैट मौजूद होते हैं।
क्विनोआ फ्लोर में ऐंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो पाचन सुधारने, शरीर में सूजन कम करने और कई तरह की बीमारियों के जोखिम को घटाने में मददगार माने जाते हैं। कुछ रिसर्च में इसकी ट्यूमर-ग्रौथ रोकने वाली क्षमता पर भी चर्चा की गई है।
आधा कप (56 ग्राम) क्विनोआ के आटा में मिलता है:
• 200 कैलोरी
• 8 ग्राम प्रोटीन
• 2 ग्राम फैट
• 38 ग्राम कार्ब्स
• 6 ग्राम फाइबर
• 33% आयरन
• 4% पोटैशियम
क्विनोआ का आटा बेक्ड आइटम्स को थोड़ा मॉइस्ट और सॉफ्ट टेक्सचर देता है। इसे ज़्यादातर रेसिपीज़ में गेहूं के आटे का आधा हिस्सा रिप्लेस करके आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है। कुछ लोगों को इसका स्वाद हल्का कड़वा लगता है, लेकिन अगर आप इसे 5 से 10 मिनट तक बिना तेल की कड़ाही में हल्का-सा टोस्ट कर लें, तो इसका कड़वापन काफी कम हो जाता है।
कहाँ इस्तेमाल करें:
• पैनकेक
• मफिन
• पिज़्ज़ा और पाई क्रस्ट
• सूप व सॉस को गाढ़ा करने के लिए
(और पढ़ें - वजन कम करने के आयुर्वेदिक उपाय)
कुट्टू का आटा
कुट्टू का आटा, बकव्हीट के दाने जैसा दिखने वाले बीजों को पीसकर बनाया जाता है। नाम में “गेहू” होने के बावजूद इसका गेहूं से कोई संबंध नहीं है, इसलिए यह 100% ग्लूटेन-फ्री है। इसका स्वाद हल्का मिट्टी जैसा और देसी फील देता है, और इसे जापान में पारंपरिक सोबा नूडल्स बनाने के लिए खूब इस्तेमाल किया जाता है।
कुट्टू का आटा फाइबर, प्रोटीन और कई माइक्रोन्यूट्रिएंट्स जैसे मैग्नीशियम, मैंगनीज़, कॉपर, फॉस्फोरस और आयरन का अच्छा स्रोत है। रिसर्च के अनुसार, यह डायबिटीज़ वाले लोगों में ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद कर सकता है और दिल की सेहत के संकेतक सुधार सकता है। इसमें एंटी-कैंसर, एंटी-इन्फ्लेमेटरी और प्रीबायोटिक गुण भी पाए जाते हैं। प्रीबायोटिक्स आपके पेट की अच्छी बैक्टीरिया को भोजन देते हैं, जिससे पाचन बेहतर रहता है।
आधा कप (60 ग्राम) कुट्टू का आटा में मिलता है:
• 200 कैलोरी
• 4 ग्राम प्रोटीन
• 2 ग्राम फैट
• 44 ग्राम कार्ब्स
• 6 ग्राम फाइबर
• 17% आयरन
• 34% मैंगनीज़
• 33% मैग्नीशियम
• 73% कॉपर
• 17% फॉस्फोरस
कुट्टू का आटा को अकेले इस्तेमाल करने की बजाय, इसे किसी और होल ग्रेन आटे के साथ मिलाकर यूज़ करना ज्यादा बेहतर रहता है। रेसिपीज़ में इसका हिस्सा 25 से 50 प्रतिशत तक रखना सबसे अच्छा माना जाता है।
कहाँ इस्तेमाल करें:
• पैनकेक
• क्विक ब्रेड
• मीट या किसी भी प्रोटीन पर कुरकुरा क्रम्ब कोटिंग बनाने में
पूरा गेहूं का आटा
पूरा गेहूं का आटा, बाजार में मिलने वाले ज्यादातर बेकरी प्रोडक्ट्स का बेस होता है। लेकिन मैदा और पूरे गेहूं के आटे में बहुत बड़ा अंतर होता है। पूरे गेहूं का आटा पूरे दाने (ब्रान, जर्म और एंडोस्पर्म) को पीसकर बनाया जाता है, इसलिए इसमें फाइबर और न्यूट्रिएंट्स मौजूद रहते हैं। जबकि सफेद मैदा बनाने में इसके सबसे पौष्टिक हिस्से हटा दिए जाते हैं, इसलिए मैदा कम हेल्दी माना जाता है।
पूरा गेहूं का आटा में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और कई ज़रूरी मिनरल्स होते हैं। इसका एक ध्यान रखने वाला पॉइंट यह है कि इसमें ग्लूटेन होता है, इसलिए यह सीलिएक डिज़ीज़ या ग्लूटेन सेंसिटिविटी वाले लोगों के लिए सही नहीं है।
आधा कप (60 ग्राम) पूरा गेहूं का आटा में मिलता है:
• 200 कैलोरी
• 8 ग्राम प्रोटीन
• 0 ग्राम फैट
• 42 ग्राम कार्ब्स
• 8 ग्राम फाइबर
• 11% आयरन
• 5% पोटैशियम
पूरा गेहूं का आटा को आप किसी भी रेसिपी में मैदा जितनी ही मात्रा में इस्तेमाल कर सकते हैं। बस ध्यान रखें कि यह मैदा जितनी मुलायम या फूली हुई टेक्सचर नहीं देता, क्योंकि यह अनरिफाइंड होता है। लेकिन हेल्थ के मामले में यह काफी बेहतर है।
कहाँ इस्तेमाल करें:
• घर की ब्रेड
• मफिन
• केक
• कुकीज़
• रोल्स
• पिज़्ज़ा डो
• पैनकेक और वॉफल
(और पढ़ें - वजन ज्यादा बढ़ने से होने वाले नुकसान)
सारांश - Summary
आज के समय में हेल्दी फ्लोर्स पहले की तुलना में कहीं ज्यादा आसानी से मिल जाते हैं। पहले ज्यादातर लोग सिर्फ गेहूं के आटे पर निर्भर रहते थे, लेकिन अब नट्स और ग्लूटेन-फ्री अनाज से बने कई आटे उपलब्ध हैं, जैसे नारियल, क्विनोआ, बादाम और बकव्हीट। हर आटे का अपना अलग स्वाद, टेक्सचर और न्यूट्रिशन प्रोफ़ाइल होती है, इसलिए आप अपनी जरूरत और रेसिपी के हिसाब से चुनाव कर सकते हैं।
इन आटों का सबसे अच्छा फायदा यह है कि आप इन्हें अलग-अलग रेसिपीज़ में ट्राई करके देख सकते हैं और पता लगा सकते हैं कि कौन सा आटा आपके लिए सबसे अच्छा काम करता है। बस ध्यान रखने वाली बात यह है कि हर आटे का इस्तेमाल बराबर मात्रा में नहीं किया जा सकता। कई बार मात्रा कम या ज्यादा करनी पड़ती है। इसलिए जब भी बेकिंग या किसी खास रेसिपी में इस्तेमाल करें, तो पहले उसकी सही कन्वर्ज़न ज़रूर चेक कर लें।
(और पढ़ें - वजन बढ़ाने के लिए कौन सी सब्जी खाएं)
शहर के नूट्रिशनिस्ट खोजें
वजन कम करने के लिए कौन सा आटा है सबसे अच्छा? के डॉक्टर
Dr. Dhanamjaya D
पोषणविद्
16 वर्षों का अनुभव
Dt. Surbhi Upadhyay
पोषणविद्
3 वर्षों का अनुभव
Dt. Manjari Purwar
पोषणविद्
11 वर्षों का अनुभव







