गाउट एक प्रकार का आर्थराइटिस (गठिया) होता है, जिसमें ऑस्टियोआर्थराइटिस जैसा ही दर्द महसूस होता है। हालांकि इसमें और ऑस्टियोआर्थराइटिस में थोड़ा फर्क होता है।

यह खून में ज्यादा यूरिक एसिड बनने के कारण विकसित होता है। यूरिक एसिड हमारे जोड़ों में जमा हो जाता है, जिससे सूजन, दर्द व अन्य तकलीफें पैदा होने लगती हैं।

कुछ घरेलू उपायों की मदद से गाउट के लक्षणों में सुधार किया जा सकता है। हालांकि अगर इससे होने वाला दर्द अत्यधिक तीव्र व गंभीर है, तो कोई भी घरेलू उपचार आजमाने से पहले डॉक्टर से इस बारे में सलाह ले लेनी चाहिए।

(और पढ़ें - गठिया के घरेलू उपाय)

  1. गाउट का उपाय है अदरक - Gout ka desi nuskha hai Ginger
  2. गाउट से छुटकारा दिलाता है नींबू का रस - Gaut se chutkara dilata hai lemon juice
  3. सेब का सिरका और नींबू हैं गाउट के घरेलू उपाय - Gout ka gharelu upay hai seb ka sirka aur nimbu ka ras
  4. ठंडी और गर्म सिकाई से मिल सकती है गाउट से राहत - Thandi aur garam sikai se mil sakti hai Gout se rahat
  5. हल्दी गाउट का देसी इलाज - Turmeric hai Gout ka desi ilaj
  6. गाउट के दर्द का उपाय है मछली - Gout ke dard ka upay hai Fish
  7. गाउट को रोकने का उपाय है ये फल - Gout ko rokne ka upay hai ye fruits
  8. गाउट के घरेलू उपाय के डॉक्टर

अदरक को दर्द निवारक जड़ी-बूटी माना जाता है, जो सूजन व जलन जैसी स्थितियों के लिए काफी फायदेमंद रहती है। यह गाउट के दर्द को कम करने में भी काफी मदद कर सकती है।

आवश्यक सामग्री

  • एक चम्मच अदरक 
  • दो साफ कपड़े
  • गर्म पानी और ठंडा पानी

इस्तेमाल करने का तरीका

  • 1 गिलास पानी में एक बड़ी चम्मच पिसी हुई अदरक डालें और उस पानी को उबाल लें. इससे एक पेस्ट या मिश्रण बना लें
  • इसके बाद इस मिश्रण में एक साफ छोटा कपड़ा भिगोएं
  • जब पानी गुनगुना हो जाए, तो कपड़े की मदद से इस मिश्रण को प्रभावित त्वचा पर लगाएं

कैसे काम करता है

एक अध्ययन में यह पाया गया है कि अदरक गाउट में बनने वाले यूरिक एसिड के कारण पैदा होने वाले दर्द को कम करता है। अन्य अध्ययन में यह पाया गया है कि अदरक खाने से यूरिक एसिड का बढ़ा हुआ स्तर कम करने में मदद करती है जिससे गाउट में आराम मिलता है।

कब इस्तेमाल करें

इस प्रक्रिया को लगातार 15 से 20 मिनट तक करें और दिन में एक बार जरूर करें।

नींबू के रस को गाउट और गठिया के दर्द से राहत पाने के लिए एक अच्छा व सस्ता घरेलू उपाय माना जाता है। नींबू के रस में तिल का तेल मिला कर भी गाउट के लिए एक खास औषधि तैयार की जा सकती है।

आवश्यक सामग्री

इस्तेमाल करने की विधि

  • एक या दो नींबू को 4 हिस्सो में काट लें
  • सभी टुकड़ों को कॉटन के कपड़े में लपेट लें और इसे गर्म तिल के तेल में भिगोएं
  • कपड़े को गाउट से प्रभावित घुटने पर 5 से 10 मिनट के लिए लगाएं

कैसे काम करता है

नींबू के रस में सिट्रिक एसिड मौजूद होता है, जो यूरिक एसिड के क्रिस्टल को द्रव में घोल देता है, जिससे गाउट की समस्या ठीक हो जाती है।

कब इस्तेमाल करें

नींबू के रस व तिल के तेल के नुस्खे को आप दिन में दो बार इस्तेमाल कर सकते हैं।

आमतौर पर गाउट के दर्द में इस्तेमाल किए जाने वाले सबसे प्रभावपूर्ण उपायों में सेब का सिरका और नींबू का रस शामिल हैं। ये दोनों दर्द से तो आराम देते ही हैं, साथ ही इनका स्वाद भी अच्छा होता है।

सेब का सिरका

  • आवश्यक सामग्री:
    • 1 चम्मच सेब का सिरका
    • 1 गिलास पानी
       
  • इस्तेमाल करने की विधि:
  • एक गिलास पानी लें और उसमें एक चम्मच सेब का सिरका डालकर मिक्स कर लें। इस मिश्रण को रात को सोने से पहले पिएं।
  • अगर पानी मिलाने के बाद भी इसका स्वाद अधिक नमकीन या अम्लीय आ रहा है, तो इसमें शहद भी मिलाया जा सकता है।
  • इसके अलावा सेब के सिरके को सलाद में डालकर भी खाने में इस्तेमाल किया जा सकता है।

सेब के सिरके में पानी मिलाएं और इसे अच्छी तरह से मिक्स कर लें क्योंकि यह काफी एसिडिक होता है जो आपके दांतों को नुकसान पहुंचा सकता है।

कैसे काम करता है

वैसे सेब के सिरके पर अभी तक कोई खास अध्ययन नहीं किया गया, जिसमें दिखाया गया हो कि यह गाउट के इलाज में मदद करता है। लेकिन ऐसा माना जाता है कि यह किडनी को ठीक रूप से कार्य करने में मदद करता है।

  • कब इस्तेमाल करें

सेब के सिरके को रात में सोने से पहले लेना चाहिए और एक दिन में एक से अधिक बार इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

गर्म या ठंडे पानी की सिकाई से भी गाउट के दर्द से राहत पाई जा सकती है:

आवश्यक सामग्री

  • आधा लीटर ठंडा पानी 
  • आधा लीटर गर्म पानी
  • एक साफ कपड़ा 
  • बर्फ या आइस पैक 

इस्तेमाक का तरीका 

  • सबसे पहले दो अलग-अलग कपड़ों को गर्म पानी और ठंडे पानी में भिगोएं
  • गर्म कपड़े के साथ 3 मिनट तक प्रभावित जोड़ की सिकाई करें।
  • इसके ठीक बाद 30 सेकेंड के लिए ठंडे कपड़े को उसी जगह पर लगाएं।
  • ठंडी सिकाई करने के लिए आप बर्फ को तौलिए में लपेट कर भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

कैसे काम करता है

ठंडे पानी की सिकाई से प्रभावित क्षेत्र में रक्त का स्राव कम हो जाता है जिसके कारण सूजन कम होने लगती है। इसके साथ ही गर्म पानी की सिकाई फिर से रक्त प्रवाह को सामान्य स्थिति में ले आती है।

सिकाई करते समय अधिक गर्म पानी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से त्वचा जल सकती है। साथ ही बर्फ को सीधा त्वचा पर नहीं लगाना चाहिए, क्योंकि यह भी त्वचा को क्षतिग्रस्त कर सकता है।

हल्दी में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो दर्द व सूजन को कम करने में मदद करते हैं। इन्हीं गुणों के कारण हल्दी को गाउट के घरेलू उपचारों में भी शामिल किया जाता है।

  • आवश्यक सामग्री:
    • 1/4 कप हल्दी पाउडर
    • 1/2 कप पानी
    • 1 चम्मच शहद
    • 1 नींबू
    • 1 कपड़ा
       
  • इस्तेमाल करने की विधि:
    • हल्दी पाउडर को गर्म पानी में मिला कर इसका पेस्ट बना लें और बेहतर करने के लिए नींबू भी डाल सकते हैं
    • इस मिश्रण को प्रभावित जोड़ पर लगाए और किसी साफ कपड़े से बांध लें
    • कपडे को 10 घंटे बाद खोलें
       
  • कब इस्तेमाल करें:
    • जब तक सूजन कम ना हो, तब तक हल्दी और शहद के इस नुस्खे का इस्तेमाल किया जा सकता है

रात के समय हल्दी वाला दूध पीने से भी गाउट के लक्षणों में काफी आराम मिलता है।

मछली सेहत के लिए फायदेमंद होने  के साथ-साथ गाउट के लक्षणों को दूर करने में भी काफी मदद करती है।

आवश्यक सामग्री:

  • मछली
  • नींबू, ऑलिव ऑयल
  • कैनिला तेल

लेकिन कई ऐसी भी मछलियां होती हैं, जिनमें प्यूरिन की मात्रा अधिक पाई जाती है, जैसे कि ट्यूना, कॉड और सार्डिन आदि ये आपके दर्द को और बढ़ा सकती हैं। इसलिए मछली को अपने आहार में शामिल करने से पहले डॉक्टर से सलाह ले लेनी चाहिए।

इस्तेमाल करने का तरीका:

  • मछली को स्वादिष्ट बनाने के लिए उसमें नींबू और ऑलिव ऑयल मिलाया जा सकता है।
  • डीप फ्राई करने की बजाय मछली को ग्रिल या रोस्ट कर के खाएं
  • ऐसा करने के लिए ऑलिव या कैनोला तेल का इस्तेमाल करें

कैसे काम करता है:

मछली में ऐसे तत्व मौजूद होते हैं, जो शरीर को पूरी तरह से तंदरुस्‍त रखने के साथ-साथ दर्द को भी कम करने में मदद करते हैं। कई अध्ययनों में पाया गया है कि कुछ मछलियां शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा को कम करती हैं।

कब-कब करें इस्तेमाल:

हफ्ते में कम से कम एक दिन मछली खाना गाउट के लिए काफी लाभदायक होता है।

केला
केले को गाउट के दर्द में लाभकारी बताया गया है। यह पोटेशियम से युक्त होता है, जो हमारे शरीर में ऊतकों और अंगों को सही तरह से काम करने में मदद करता है। रोज एक केला खाने से लाभ होता है।

इस्तेमाल करने का तरीका

सेब की तरह ही केले खाने के लिए भी किसी विशेष विधि की आवश्यकता नहीं होती है, लेकिन फिर भी इसे और स्वादिष्ट बनाने के कई तरीके हैं। केले को आप पीनट बटर और होल वीट ब्रेड के साथ भी खा सकते हैं।

  • इसे बनाने के लिए पहले ब्रेड पर पीनट बटर लगाएं
  • इसके बाद केले को छोटे-छोटे हिस्सों में काट कर ब्रेड के ऊपर रख लें

कैसे काम करता है- 

केले में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स गाउट के दर्द पर सीधा असर करते हैं जिससे गाउट की सूजन कम होने लगती है।

कब-कब इस्तेमाल करें - 

इसे मुख्य रूप से सुबह नाश्ते के समय खाना चाहिए, लगातार दो या तीन दिन खाने से गाउट संबंधी समस्याओं को कम करने में काफी मदद मिलती है।

सेब
सेब शरीर के संपूर्ण स्वास्थ्य में सुधार करने के साथ-साथ गाउट के लक्षणों को कम करने में भी मदद करता है, इसलिए डॉक्टर गाउट के मरीजों को सेब खाने की सलाह देते हैं।

इस्तेमाल करने का तरीका

गाउट में सेब खाने के लिए किसी विशेष तरीके की आवश्यकता नहीं होती है, लेकिन फिर भी आप निम्न रूप से इसका सेवन कर सकते हैं:

  • सेब की चटनी बनाकर इसे अपने रोजाना के आहार में शामिल कर सकते हैं 
  • सेब का जूस बनाकर पिया जा सकता है
  • ड्राइड एप्पल (सूखे सेब) खाना, इसमें कम मात्रा में प्यूरिन पाया जाता है

कैसे काम करता है

सेब में मैलिक एसिड मौजूद होते हैं, जो यूरिक एसिड को कम करते हैं। सेब की यही खूबी गाउट के दर्द से आराम दिलाती है।

कब इस्तेमाल करें

गाउट के दर्द को कम के लिए रोजाना कम से कम एक सेब जरूर खा लेना चाहिए।

गाउट के दर्द में आराम करना काफी फायदेमंद साबित हो सकता है, साथ ही अगर आपका शारीरिक या मानसिक तनाव बहुत बढ़ चुका है, तो आपकी गाउट की स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। तनाव को कम करने की कोशिश करें और हो सके तो नियमित रूप से एक्सरसाइज व टहलने की आदते डाल लें।

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