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सीलिएक रोग क्या है?

सीलिएक रोग को कई बार स्प्रू (Sprue) या कोएलियाक (Coeliac) भी कहा जाता है। यह ग्लूटेन (Gluten) खाए जाने पर प्रतिरक्षा प्रणाली द्वारा दिया गया रिएक्शन होता है, ग्लूटेन एक प्रकार का प्रोटीन  होता है जो गेहूं, जौ और राई में पाया जाता है। माना जाता है कि सीलिएक रोग एक स्व-प्रतिरक्षित विकार होता है, जिसमें पारिवारिक या आनुवंशिक घटक हो सकते हैं। लक्षणों में आमतौर पर पाचन प्रणाली संबंधी समस्याएं होती हैं जिसमें पेट में तकलीफ, पेट में सूजन या फुलाव, मतली और दस्त आदि शामिल हैं इस रोग में किसी व्यक्ति को दस्त व पेट में दर्द हो सकता है, जबकि दूसरे व्यक्ति को उदासी या चिड़चिड़ापन महसूस हो सकता है। बच्चों में चिड़चिड़ापन इस रोग का सबसे सामान्य लक्षण होता है। कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनको कोई लक्षण महसूस ही नहीं होता।

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सीलिएक रोग आनुवंशिक होता है। इस रोग का पता लगाने में ब्लड टेस्ट डॉक्टर की मदद कर सकता है। डॉक्टरों को आपकी छोटी आंत के ऊतक का सेंपल लेकर उसका परीक्षण करने की जरूरत भी पड़ती है। सीलिएक रोग के उपचार में सख्ती से ग्लूटेन मुक्त भोजन का पालन करना होता है। 

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  1. सीलिएक रोग के लक्षण - Celiac Disease Symptoms in Hindi
  2. सीलिएक रोग के कारण - Celiac Disease Causes in Hindi
  3. सीलिएक रोग से बचाव के उपाय - Prevention of Celiac Disease in Hindi
  4. सीलिएक रोग का निदान - Diagnosis of Celiac Disease in Hindi
  5. सीलिएक रोग का उपचार - Celiac Disease Treatment in Hindi
  6. सीलिएक रोग के जोखिम और जटिलताएं - Celiac Disease Risks & Complications in Hindi
  7. सीलिएक रोग में क्या खाना चाहिए? - What to eat during Celiac Disease in Hindi?
  8. सीलिएक रोग की दवा - Medicines for Celiac Disease in Hindi
  9. सीलिएक रोग के डॉक्टर

सीलिएक रोग के क्या लक्षण होते हैं?

सीलिएक रोग के लक्षण काफी अलग-अलग हो सकते हैं तथा बार-बार आ और जा सकते हैं। लक्षण काफी कम हो सकते हैं और पूरी तरह से अप्रत्यक्ष (ध्यान में ना आने योग्य) हो सकते हैं, या फिर लक्षण बेहद गंभीर भी हो सकते है जो कि रोजमर्रा के जीवन पर बुरा असर ड़ालें। 

लक्षणों में निम्न शामिल हो सकते हैं:

  • गैस, पेट में सूजन और पेट फुलाव:
    ये लक्षण तब होते हैं जब छोटी आंत भोजन से पोषक तत्वों को अवशोषित करने में असफल रहती है। आपको पेट में दर्द भी महसूस हो सकता है पर आमतौर पर यह गंभीर नहीं होता। (और पढ़ें - पेट में दर्द का घरेलू नुस्खा)
     
  • असाधारण मल: 
    इसमें अक्सर दस्त या स्थूल, पतला, पीले रंग का, झागदार और बदबू वाला मल आने लगता है। मल में बड़ी मात्रा में वसा हो सकती है जो टॉयलेट सीट पर चिपक सकती है और कई बार फ्लश करने पर भी नहीं उतरती। इस बीमारी में अमूमन बच्चों और बड़ों में एक ही जैसे लक्षण देखने को मिलते है। हालांकि आंतों से जुड़ी दिक्कत जैसे कि कब्ज ज्यादातर बच्चों में ही होती हैं। (और पढ़ें - कब्ज में क्या नहीं खाना चाहिए)
     
  • वजन घटना: 
    सीलिएक रोग से ग्रस्त वयस्कों और बच्चों का सामान्य भूख लगने के बावजूद भी अस्पष्ट रूप से वजन घटने लगता है।  इस स्थिति को फेलियर टू थ्राइव (Failure to thrive) कहा जाता है। (और पढ़ें - वजन बढ़ाने के तरीके)
     
  • थकान और कमजोरी: 
    सीलिएक रोग के कारण सामान्य रूप से उर्जा और शक्ति में कमी आ सकती है। कुछ लोग ग्लूटेन खाने के बाद बीमार पड़ जाते हैं। वयस्कों के मुकाबले बच्चों में यह प्रतिक्रिया होने की संभावना ज्यादा होती है। (और पढ़ें - थकान दूर करने का तरीका)
     
  • अन्य समस्याएं:
    यदि सीलिएक रोग का समय पर इलाज ना किया जाए तो यह अन्य समस्याओं को भी पैदा कर देता है। आपको याददाश्त और ध्यान देने में कठिनाई जैसी समस्याएं हो सकती है। बच्चों में अधिक चिड़चिड़ापन आ सकता है। वयस्कों में डिप्रेशन के संकेत दिखाई दे सकते हैं।

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डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए

  • यदि आपको दस्त या पाचन संबंधी तकलीफ है जो दो हफ्तों या उससे अधिक समय से हो रही है तो अपने डॉक्टर से बात करें। यदि आपके बच्चे में चिड़चिड़ापन, रंग में पीलापन, सामान्य रूप से विकसित होने में असफलता, मोटापा या बदबूदार व बड़े आकार का मल आ रहा है तो अपने बच्चो को जल्दी से जल्दी डॉक्टर को दिखा लें। (और पढ़ें - मोटापा कम करने के उपाय)
  • ग्लूटेन मुक्त भोजन लेने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें। यदि सीलिएक रोग के टेस्ट करवाने से पहले आपने ग्लूटेन को बंद या उसकी मात्रा को कम कर दिया है तो सीलिएक टेस्ट रिजल्ट में बदलाव हो सकते हैं।
  • सीलिएक रोग की समस्या परिवार में अन्य लोगों को भी हो सकती है। यदि आपके परिवार में किसी को यह समस्या है तो डॉक्टर से पूछे की क्या आपको भी इलाज करवाने की जरूरत तो नहीं। यदि आपको या आपके परिवार को सीलिएक रोग से जुड़े जोखिम हैं जैसे डायबिटीज आदि, तो इसके बारे में डॉक्टर को बताएं और अपनी जांच करवाने के बारे में डॉक्टर से बात करें।

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सीलिएक रोग के कारण क्या हो सकते हैं?

सीलिएक रोग तब होता है जब प्रतिरक्षा प्रणाली, ग्लूटेन नाम के एक प्रोटीन पर एक असाधारण रिएक्शन देती है। यह प्रोटीन ब्रेड, पास्ता, अनाज (Cereals) और बिस्कुट आदि में पाया जाता है।

यह एक स्व-प्रतिरक्षित स्थिति होती है, इसमें प्रतिरक्षा प्रणाली स्वस्थ कोशिकाओं को खतरनाक कोशिकाएं समझ लेती है और उनके खिलाफ एंटीबॉडीज का उत्पादन करने लगती है। एंटीबॉडीज आमतौर पर बैक्टीरिया और वायरस से लड़ने का काम करते हैं। प्रतिरक्षा प्रणाली द्वारा बनाए गए एंटीबॉडीज आंतों की सतह में सूजन व जलन पैदा कर देते हैं।

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आंतों की सतह आमतौर पर लाखों छोटी-छोटी ट्यूब के समान ग्रोथ (Growth) से ढकी होती है जिन्हें विल्ली (Villi) कहा जाता है। विल्ली आंतों की सतह के क्षेत्र को बढ़ा देती है और भोजन को और प्रभावी रूप से पचाने में मदद करती है। हालांकि, सीलिएक रोग में आंतों की परत में सूजन व जलन हो जाती है और विल्ली कमजोर हो जाती है, जिससे पाचन में मदद करने की उनकी क्षमता कम हो जाती है।

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परिणामस्वरूप आपकी आंत भोजन से मिले पोषक तत्वों को पचाने में असफल रहती है। जिस कारण से सीलिएक रोग के लक्षण पैदा होने लगते हैं।

सीलिएक रोग का खतरा कब बढ़ जाता है?

इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि लोगों में सीलिएक रोग क्यों विकसित होता है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि क्यों कुछ लोगों में इसके बेहद कम लक्षण होते हैं जबकि बाकियों में इसके लक्षण गंभीर नजर आते है। 

हालांकि नीचे कुछ एेसे कारकों के बारे में बताया गया है जो आप में सीलिएक रोग होने के जोखिमों को बढ़ा सकते हैं। 

परिवार संबंधी समस्या: 
सीलिएक रोग अमूमन परिवार में एक से दूसरे को होता है। अगर आपके किसी करीबी रिश्तेदार जैसे माता पिता या भाई बहन को यह दिक्कत है तो आपको भी यह दिक्कत होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। 

जिनके परिवार के सदस्यों में पहले यह रोग हो चुका है, उनके लिए सीलिएक रोग विकसित होने के जोखिम सामान्य से 10 प्रतिशत बढ़ जाते हैं। यदि आपका कोई जुड़वा भाई या बहन है जिसको सीलिएक रोग है, तो यह रोग विकसित होने के जोखिम आपमें लगभग 75 प्रतिशत बढ़ जाते हैं।

पर्यावरणीय कारक: 
यदि आपके पाचन तंत्र में संक्रमण हो चुका है तो आपमें सीलिएक रोग विकसित होने की संभावनाए बढ़ जाती हैं। पाचन प्रणाली में संक्रमण जैसे बचपन के दौरान रोटावायरस संक्रमण (Rotavirus infection) होना।

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इसके अलावा कुछ ऐसे भी सबूत हैं जो यह बताते हैं कि यदि तीन महीने के होने से पहले किसी शिशु को ग्लूटेन युक्त आहार दिया जाता है तो शिशु में सीलिएक रोग होने का खतरा बढ़ जाता है।

वहीं जब शिशुओं को ग्लूटेन युक्त आहार दे रहे हैं और उसको स्तनपान नहीं कराया जा रहा हो, तो शिशु में सीलिएक रोग होने का खतरा और अधिक बढ़ जाता है।

सीलिएक रोग होने का खतरा कब बढ़ जाता है?

बहुत सारी स्वास्थ्य संबंधी स्थितियां हैं जो सीलिएक रोग को विकसित करने वाले जोखिम को बढ़ा सकती हैं, जिनमें निम्न शामिल हैं:

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यह स्पष्ट है या तो ये स्वास्थ्य संबंधी स्थितियां ही सीधे रूप से आपमें सीलिएक रोग को विकसित करने के जोखिम को बढ़ाती हैं या फिर ये स्वास्थ्य स्थितियां और सीलिएक रोग दोनों किसी अन्य अंतर्निहित कारण से विकसित होते हैं।

सीलिएक रोग की रोकथाम कैसे की जा सकती है?

यह एक आनुवंशिक प्रकृति होती है और इसलिए इसकी रोकथाम नहीं की जा सकती। जीवनभर ग्लूटेन वाले खाद्य पदार्थों से बचना ही इसका एकमात्र उपचार है।

भोजन को लेकर पर्याप्त सावधानी बरतने से आंत अपने आप ठीक होने लगती है और लक्षण गायब होने लगते हैं। लेकिन अगर आप ग्लूटेन खाना शुरू करते हैं तो फिर से सीलिएक रोग के लक्षण उभरने लग सकते हैं।

मरीज को पता होना चाहिए कि किस भोजन में ग्लूटेन है और किस में नहीं है। लेकिन हर प्रकार के भोजन में ग्लूटेन का पता लगाना काफी कठिन होता है क्योंकि कई खाद्य पदार्थों में गुप्त तरीके से ग्लूटेन पाया जा सकता है।

एक आहार विशेषज्ञ, सीलिएक रोग से ग्रस्त व्यक्ति की स्वस्थ आहार का पालन करने में मदद कर सकता है।

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ग्लूटेन वाले और बिना ग्लूटेन वाले उत्पाद:

बहुत सारे ऐसे खाद्य पदार्थ आते हैं जो ग्लूटेन मुक्त होते हैं। इनमें ग्लूटेन फ्री ब्रैड, पास्ता, कुकीज व अन्य कई पदार्थ शामिल हैं। निर्माताओं को अपने खाद्य उत्पादों को बनाने के लिए उनमें उपयोग की जाने वाली सामग्री के बारे में जानकारी प्रदान करनी पड़ती है। लेकिन लोगों को भी उत्पाद खरीदने और उन्हें खाने से पहले उत्पाद पर लगे लेबल को अच्छे से पढ़ लेना चाहिए।

बिना ग्लूटेन वाले ब्रैड, आटा, पास्ता और अन्य खाद्य पदार्थ आसानी से मार्केट में मिल जाते हैं।

“ग्लूटेन फ्री” शब्द का मतलब पूरी तरह से ग्लूटने मुक्त आहार नहीं होता, बल्कि इसका मतलब ये होता है कि इस आहार में ग्लूटेन कि हानिरहित मात्रा को शामिल किया गया है।

जो व्यक्ति ग्लूटेन मुक्त आहार का पालन करता है, उसको निम्न चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए:

  • सभी प्रकार के खाद्य पदार्थों से बचना जो गेंहू, राई, चोकर, समृद्ध आटा (Enriched flour), दलिया और जौं आदि से बने हैं। इनसे बने खाद्य पदार्थों में ब्रैड, पास्ता, बिस्कुट, केक और कुकीज आदि शामिल हैं।
  • बीयर व अन्य अनाज से बने अल्कोहल उत्पाद
  • ओट्स, ओट्स से जुड़े कुछ व्यंजनों में गेंहू की मिलावट की जाती है। (और पढ़ें - ओट्स खाने के फायदे)
    ध्यान दें कि जब आप ग्लूटन फ्री कोई चीज ले रहे हैं तो वह एेसी इकाईयों में तैयार की हुई न हो जहां भोजन में ग्लूटन मिलाया जाता हो या ग्लूटन वाले उत्पाद तैयार किए जाते हो। 

ऐसे कई प्रोसेसेड फूड (तैयार खाद्य पदार्थ) पदार्थ होते हैं, जिनमें ग्लूटेन शामिल होता है:

  • डिब्बाबंद सूप
  • चटनी मसाला, कैचअप और सरसों
  • सोया सॉस
  • आइस क्रीम और कैंडी
  • प्रोसेसेड और डिब्बाबंद मीट और सॉस आदि।

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निम्न में भी ग्लूटेन पाया जा सकता है:

  • डॉक्टर द्वारा लिखी गई तथा बिना डॉक्टर की पर्ची के मिलने वाली कुछ दवाएं
  • विटामिन के उत्पाद
  • सौंदर्य-प्रसाधन सामग्री जैसे लिपस्टिक, लिप ग्लॉस, चैपस्टिक और टूथपेस्ट आदि।

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सीलिएक रोक से ग्रसित लोगों को अक्सर लैक्टोज के प्रति असहनशीलता (Lactose intolerance) की समस्या भी होती है, इसलिए डेयरी उत्पादों के सेवन से बचाव रखना भी मदद कर सकता है।

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ग्लूटेन मुक्त आहार शरीर में अन्य कमियां पैदा कर देता है अगर इसका पालन ध्यानपूर्वक रूप से ना किया जाए।

सीलिएक रोग की जांच कैसे की जाती है?

सीलिएक रोग के परीक्षण के दौरान डॉक्टर मरीज की जांच करेंगे, मरीज के लक्षणों व संकेतों के बारे में पूछेंगें और कुछ टेस्ट करवाने का ऑर्डर देंगे।

टेस्ट करवाने का सुझाव तब तक नहीं दिया जाता जब तक आपको लक्षण महसूस नहीं होते या उनके विकसित होने के जोखिम नहीं बढ़ जाते।

सीलिएक रोग के लिए किये जाने वाले टेस्टों में निम्न शामिल हो सकते हैं:

  • ब्लड टेस्ट उन लोगों की पहचान करने के लिए जिनको सीलिएक रोग है।
     
  • बायोप्सी जांच परिणाम की पुष्टी करने के लिए।
     
  • डॉक्टर खून का सेंपल लेंगे और उसकी जांच करेंगे, डॉक्टर खून में उपस्थित उन विशिष्ट एंटीबॉडीज की जांच करेंगे जो शरीर सीलिएक रोग होने पर बनाता है।
     
  • खून टेस्ट करने के लिए डॉक्टर आपको ग्लूटेन वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करने के लिए कह सकते हैं। क्योंकि टेस्ट करवाने से पहले ग्लूटेन वाले खाद्य पदार्थ ना खाने से टेस्ट के रिजल्ट गलत आ सकते हैं।
     
  • यदि खून टेस्ट में एंटीबॉडीज मिल जाते हैं तो आपके डॉक्टर आपको आंतों की बायोप्सी करवाने के लिए आगे रेफर कर सकते हैं। परीक्षण करने के लिए सेंपल के तौर पर ऊतक का टुकड़ा निकालने की प्रक्रिया को बायोप्सी कहते हैं।
     
  • हालांकि, कई बार ऐसा भी हो सकता है कि आपको सीलिएक रोग हो लेकिन आपके खून में उसके लिए कोई एंटीबॉडीज ना बने हों।
     
  • अगर टेस्ट में नेगेटिव रिजल्ट आने के बावजूद भी आपको लगातार सीलिएक रोग जैसे लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो भी डॉक्टर आपको बायोप्सी टेस्ट करवाने का सुझाव दे सकते हैं।

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सीलिएक रोग की जांच करने के लिए छोटी आंत की बायोप्सी को सबसे सटीक टेस्ट माना जाता है डॉक्टर आंतों की सतह से सेंपल लेने के लिए एंडोस्कोपी करेंगे। परीक्षण के रिजल्ट को सटीक रूप से प्राप्त करने के लिए आंतों से कई सेंपल लिए जा सकते हैं। प्रक्रिया शुरू होने से पहले आपके गले को सुन्न करने के लिए एक लोकल अनेस्थेटिक (बेहोश करने वाली) और आपको रिलेक्स करने के लिए सीडेटिव दवाएं दे दी जाती हैं।

(और पढ़ें - एंडोस्कोपी क्या है)

छोटी आंत की सतह से सेंपल लेने के लिए गेस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट (पेट की समस्याओं के विशेषज्ञ) एंडोस्कोप के अंदर से बायोप्सी का एक पतला सा उपकरण डालते हैं। उसके बाद सीलिएक रोग के लक्षणों की जांच करने के लिए माइक्रोस्कोप के द्वारा सेंपल पर परीक्षण किए जाते हैं।

कुछ स्थितियां जिनके लक्षण सीलिएक रोग जैसे होते हैं:

  • अग्नाशयी अपर्याप्तता (Pancreatic insufficiency)
  • छोटी आंत का क्रोन रोग
  • इरिटेबल बाउल सिंड्रोम
  • छोटी आंत में अधिक बैक्टीरिया पैदा हो जाना
  • ग्लूटेन के प्रति अतिसंवेदनशीलता, इसके लक्षण एक समान होते हैं लेकिन हल्के होते हैं।

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समस्या को समझते और निदान देते समय डॉक्टर इन सभी संभावनाओं को खारिज कर देते हैं। 

सीलिएक रोग का उपचार कैसे किया जाता है?

सीलिएक रोग और ग्लूटेन प्रोटीन के कारण होने वाली छोटी आंत में सूजन व लालिमा का एकमात्र उपचार “जीवनभर ग्लूटेन मुक्त आहार का पालन करना” होता है।

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जैसे की ज्यादातर लोगों में ग्लूटेन फ्री आहार से लक्षण ठीक होने लगते हैं। लेकिन कुछ मरीजों में ग्लूटेन फ्री आहार भी असामान्य दर्द और ठीक से तत्वों को न सोंखना जैसे लक्षणों को नियंत्रित करने में असफल हो जाता है। इन रोगियों को आहार उपचार के लिए अपवर्तक (रेफरेक्टरी) माना जाता है। यदि डाइट थेरेपी लक्षणों को शांत करने में असफल हो जाती है, तो रेफरेक्टरी सीलिएक रोग का उपचार उन दवाओं के साथ किया जाता है जिनका उपयोग अन्य विकारों में सूजन व लालिमा को कम करने के लिए किया जाता है।

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उपचार में निम्न दवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है:

  • कोर्टिकोस्टेरॉयड (Corticosteroids)
  • एजाथियोप्राइन (Azathioprine)
  • साइक्लोस्पोरिन (Cyclosporine)

(और पढ़ें - दवाओं की जानकारी)

सीलिएक रोग में क्या जटलिताएं हो सकती हैं?

अगर सीलिएक रोग को बिना इलाज ही छोड़ दिया जाएं तो यह निम्न जटिलताओं का कारण बन सकता है:

  • कुपोषण: 
    छोटी आंत में किसी प्रकार की क्षति होने से आप पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्वों का अवशोषण करने में असमर्थ हो जाते हैं। कुपोषण के कारण एनीमिया और वजन घटने जैसी समस्याएं पैदा होने लगती हैं। बच्चों में कुपोषण विकास की गति को धीमा कर देता है और कद में भी कमी हो जाती है। (और पढ़ें - ब्लड बढ़ाने के उपाय)
     
  • कैल्शियम और हड्डियों की सघनता में कमी: 
    कैल्शियम और विटामिन डी का ठीक से अवशोषण न होने के कारण बच्चों की हड्डियां नरम (Rickets) हो सकती हैं और वयस्कों की हड्डियों में सघनता में कमी या हड्डियों की कमजोरी (ऑस्टियोपोरोसिस) आ सकती है। (और पढ़ें - हड्डी मजबूत करने के उपाय)
     
  • बांझपन या गर्भपात: 
    कैल्शियम और विटामिन डी के कुअवशोषण जनन संबंधी समस्याओं जैसे बांझपन और गर्भपात को बढ़ावा देता है। (और पढ़ें - बांझपन से छुटकारा पाने का तरीका)
     
  • लेक्टोज न सह पाना:
    छोटी आंत में क्षति होने के कारण आपको, लेक्टोज वाले डेयरी उत्पाद खाने पर दस्त और असामान्य दर्द महसूस हो सकता है भले ही उनमें ग्लूटेन ना शामिल हो। जब एक बार आपकी आंत ठीक हो जाती है आप लेक्टोज वाले डेयरी उत्पादों का सेवन कर सकते हैं। हालांकि कुछ लोगों में सीलिएक रोग का सफल तरीके से उपचार होने के बाद भी उनमें लेक्टोज असहिष्णुता की समस्या बनी रहती है। (और पढ़ें - दस्त में क्या खाना चाहिए)
     
  • कैंसर: 
    सीलिएक रोग से ग्रस्त जो लोग ग्लूटेन मुक्त आहार का पालन नहीं करते, उनमें कैंसर के कई प्रकार विकसित होने का बहुत अधिक खतरा रहता है। इसमें इन्टेस्टिनल लिम्फोमा और छोटी आंत का कैंसर आदि भी शामिल है। (और पढ़ें - कैंसर से लड़ने वाले आहार)
     
  • न्यूरोलॉजिकल समस्याएं:
    सीलिएक रोग से ग्रस्त कुछ लोगों में न्यूरोलॉजिकल समस्याएं भी विकसित हो सकती हैं। इन समस्याओं में दौरे पड़ना और पेरिफेरल न्यूरोपैथी (हाथों और पैरों में जाने वाली तंत्रिकाओं संबंधी रोग) आदि शामिल हैं। (और पढ़ें - भूलने की बीमारी का इलाज)

बच्चों में सीलिएक रोग के कारण फेलियर टू थ्राइव, यौवनावस्था आने में देरी, वजन घटना, चिड़चिड़ापन, दांतों की परत खराब होना, एनीमिया, गठिया और मिर्गी आदि जैसी समस्याएं पैदा हो जाती हैं।

(और पढ़ें - गठिया का आयुर्वेदिक इलाज)

सीलिएक रोग में क्या खाना चाहिए?

निम्न खाद्य पदार्थ जो सीलिएक रोग के मरीज के लिए सुरक्षित हैं:

अनाज जैसे मकई, बाजरा, ज्वार और चावल आदि ये खाद्य पदार्थ खाने के लिए सुरक्षित हैं।

गैर-अनाज पदार्थ जैसे अम्लान (Amaranth), क्विनोआ (Quinoa) और बकवेट (Buckwheat) भी हानिरहित हैं। आलू, केला, साबूदाना और गारबेंजो (Garbanzo) बीन्स भी सीलिएक रोग के मरीज के लिए सुरक्षित खाद्य पदार्थ हैं। इन खाद्य पदार्थों में ग्लूटेन नहीं होता इसलिए इनके कारण सीलिएक रोग के लक्षण पैदा नहीं होते।

सीलिएक रोग के कारण कमियों के जोखिम को कम करने के लिए, इस विकार से ग्रस्त व्यक्ति को विटामिन और मिनरल्स के सप्लीमेंट्स लेने की आवश्यकता होती है।

(और पढ़ें - खनिज के फायदे)

व्यंजनों में डाली जाने वाली सामग्री में ग्लूटेन की जगह किसी दूसरी वैकल्पिक सामग्री का इस्तेमाल करके और बेकिंग के लिए इस्तेमाल किए गए समय और तापमान को एडजस्ट करके व्यंजनों को ग्लूटेन फ्री बनाया जा सकता है।

अन्य खाद्य पदार्थ जिनका सेवन करने की अनुमति दी जाती है:

एक ग्लूटेन फ्री आहार तैयार करने के लिए कई सामान्य मूल आहारों का इस्तेमाल करने की अनुमति दी जा सकती है, जिसमें निम्न शामिल हैं:

Dr. Mahesh Kumar Gupta

Dr. Mahesh Kumar Gupta

गैस्ट्रोएंटरोलॉजी

Dr. Raajeev Hingorani

Dr. Raajeev Hingorani

गैस्ट्रोएंटरोलॉजी

Dr. Vineet Mishra

Dr. Vineet Mishra

गैस्ट्रोएंटरोलॉजी

सीलिएक रोग के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
RemicadeRemicade 100 Mg Injection41039.0
InfimabInfimab 100 Mg Injection32000.0

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