अन्डीसेंडेड टेस्टिकल होना क्या है?

अन्डीसेंडेड टेस्टिकल एक ऐसी स्थिति है जिसमें बच्चे के जन्म से पहले उसका अंडकोष, लिंग के नीचे मौजूद अंडकोष की थैली में नहीं जा पाता और बाहर ही रह जाता है। आमतौर पर ये समस्या केवल एक ही अंडकोष के साथ होती है, लेकिन कभी-कभी दोनों ही अंडकोष अंडकोष की थैली से बाहर रह जाते हैं। अन्डीसेंडेड टेस्टिकल की समस्या उन लड़कों में अधिक होती है जिनका जन्म समय से पहले हो जाता है।

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इस स्थिति का पता बच्चे को देखकर या गर्भवती महिला के टेस्ट होने पर चल जाता है, इसके अलावा इसके कोई अन्य विशेष लक्षण नहीं होते।

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अन्डीसेंडेड टेस्टिकल क्यों होता है?

अन्डीसेंडेड टेस्टिकल के सटीक कारण का अभी तक पता नहीं चल पाया है। हालांकि, ऐसा माना जाता है कि अनुवांशिकता, गर्भवती महिला का स्वास्थ और पर्यावरणीय कारणों की वजह से बच्चे में हॉर्मोन और शारीरिक बदलाव आते हैं, जिसके कारण अंडकोष के विकास पर असर पड़ सकता है।

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अन्डीसेंडेड टेस्टिकल का इलाज कैसे होता है?

अन्डीसेंडेड टेस्टिकल के इलाज के लिए आमतौर पर सर्जरी का उपयोग किया जाता है। इस सर्जरी में सर्जन बहुत ही सावधानी से टेस्टिकल को वापिस अंडकोष की थैली में डालते हैं और सही जगह से जोड़ देते हैं। इसके अलावा बच्चे को एक खास हॉर्मोन का टीका भी दिया जा सकता है, जिससे अंडकोष को सही जगह पर लाने में मदद मिलती है। हालांकि, ये हॉर्मोन ट्रीटमेंट करवाने की सलाह नहीं दी जाती है क्योंकि ये सर्जरी के मुकाबले बहुत कम असरदार होता है।

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