myUpchar प्लस+ सदस्य बनें और करें पूरे परिवार के स्वास्थ्य खर्च पर भारी बचत,केवल Rs 99 में -

दांत या जबड़े के आसपास वाले हिस्से में दर्द को दांत में दर्द के रूप में परिभाषित किया जाता है। आमतौर पर यह दांतों की सड़न, दांतों में फ्रैक्चर, दांतों को सही तरीके से न भरने या मसूड़ों में सूजन के कारण होता है। दांतों का दर्द तेज या धीरे और लगातार या रुक-रुक कर हो सकता है। यह लक्षण रात में खराब हो जाते हैं, खासकर लेटते समय। ठंडे और गर्म खाद्य या पेय पदार्थों का सेवन करने से भी दर्द बढ़ सकता है।

दांत दर्द आमतौर पर पल्प (दांत का वह हिस्सा जिसमें जीवित रक्त वाहिकाएं, संयोजी ऊतक और बड़ी तंत्रिकाएं होती हैं) की सूजन की वजह से होता है, जो कि दांतों की आंतरिक परत बनाता है। डेंटल कैरीज (बैक्टीरिया द्वारा बनाए गए एसिड के कारण दांतों का टूटना) दांत दर्द का सबसे आम कारण है। इसके अलावा पीरियडोनटाइटिस और मसूड़े की सूजन भी दांतों और जबड़े में दर्द पैदा कर सकती है।

यदि कोई व्यक्ति दो दिनों से अधिक समय तक दांत में दर्द या बुखार या जबड़े में सूजन से पीड़ित है, तो उसे तुरंत अपने दंत चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए। ​यदि इस स्थिति का उपचार न किया जाए, तो लक्षण बदतर हो सकते हैं, खासकर अगर पल्प संक्रमित हो जाए और उसमें मवाद बनने लगे।

एक दंत चिकित्सक मरीज के मुंह की पूरी जांच करते हैं और दांत दर्द के कारण की पुष्टि करने के लिए एक्स-रे करवाने की सलाह दे सकते हैं। आमतौर पर खराब हिस्से को निकाल दिया जाता है और फिर इसे भर दिया जाता है। हालांकि, अगर खराब हिस्से को ठीक नहीं किया जा सकता है तो ऐसी स्थिति में प्रभावित दांत को हटाने की सलाह दी जा सकती है।

होम्योपैथिक उपचार मुख्य रूप से दांतों में दर्द से संबंधित स्थितियों जैसे कि डेंटल एंजाइटी और रिकरेंट डेंटल कैरीज को ठीक करने में सहायक है। इसे दांत दर्द के प्राथमिक चिकित्सा दर्द निवारक (फर्स्ट एड पेन किलर) के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

  1. दांत में दर्द की होम्योपैथिक दवा - Toothache ki homeopathic medicine
  2. होम्योपैथी के अनुसार दांत के रोगियों के लिए आहार और जीवन शैली में बदलाव - Homeopathy me Toothache ke liye khan pan aur jeevan shaili me badlav
  3. दांत दर्द के लिए होम्योपैथिक दवाएं और उपचार कितने प्रभावी हैं - dant me dard ki homeopathic medicine kitni effective hai
  4. दांत में दर्द के लिए होम्योपैथिक दवा के नुकसान और जोखिम - Dant me dard ke liye homeopathic upchar, nuksan aur jokhim
  5. दांत में दर्द के होम्योपैथिक उपचार से जुड़े अन्य सुझाव - Toothache ke homeopathic upchar se jude anya sujhav
  6. दांत में दर्द की होम्योपैथिक दवा और इलाज के डॉक्टर

होम्योपैथिक दवाएं बीमारी के संकेतों और लक्षणों के आधार पर कम (लो), मध्यम (मीडियम) और उच्च (हाई) प्रभावशीलता में निर्धारित की जाती हैं। इन्हें दांतों की समस्या (अचानक या लंबे समय से प्रभावित करने वाला दर्द) के अनुसार तैयार किया जाता है।

अचानक या तेज होने वाले दर्द को कम प्रभावशीलता वाली दवाइयों जबकि लंबे समय तक प्रभावित करने वाले दर्द के लिए उच्च प्रभावशीलता वाली दवाइयों से ठीक किया जाता है। यहां कुछ होम्योपैथिक दवाओं के बारे में बताया गया है, जो दांत दर्द के इलाज के लिए उपयोग की जा सकती है :

एट्रोपा बेलाडोना
सामान्य नाम : बेलाडोना, डेडली, नाइटशेड
लक्षण : बेलाडोना दांत दर्द के लिए एक शानदार उपाय है, क्योंकि यह नसों पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। हालांकि, यह एक जहरीला पौधा है, लेकिन होम्योपैथिक दवा के रूप में जब इसे पतला करके इस्तेमाल किया जाता है तो इसका विष असर नहीं करता है। इसके अलावा निम्नलिखित लक्षणों में भी सुधार होता है :

यह लक्षण आधी रात को 3 बजे, अचानक लेटने के दौरान, तेज रोशनी, छूने और शोर के संपर्क में आने पर बिगड़ जाते हैं। एक तुलनात्मक अध्ययन से पता चला है कि ऑर्थोडोंटिक पेन को नियंत्रित करने में बेलाडोना आइबुप्रोफेन की तरह काम करती है और इस होम्योपैथिक उपाय का कोई दुष्प्रभाव भी नहीं है।

मैट्रिकैरिया कैमोमिला
सामान्य नाम :
कैमोमिला, जर्मन कैमोमाइल
लक्षण : मानसिक और भावनात्मक लक्षणों से राहत के लिए कैमोमिला का सबसे अधिक उपयोग किया जाता है। हालांकि, यह शिशुओं में शुरुआती दर्द के दौरान और बच्चों में गंभीर असहनीय दांत दर्द के इलाज के लिए भी एक शानदार दवा है। इस उपाय से निम्नलिखित लक्षणों को ठीक किया जा सकता है :

  • चबाने में कठिनाई, खासकर बच्चों में
  • रात में और कॉफी पीने के बाद दर्द होना
  • चेहरे की मांसपेशियों व जीभ में मरोड़

यह लक्षण तेज गर्मी, खुली हवा, क्रोधित रहने, हवा और रात में बिगड़ जाते हैं। जबकि गर्म व नम मौसम में इनमें सुधार होता है। यह एक सामयिक क्रीम, मलहम, लोशन, पाउडर और तेल के रूप में भी उपलब्ध है।

हाइपरिकम परफोरटम
सामान्य नाम :
परफोरटम सेंट जॉन वॉर्ट
लक्षण : हाइपरिकम परफोरटम नसों को नुकसान पहुंचने की स्थिति में राहत दिलाता है। ज्यादातर यह तेज-चुभन वाले दर्द के इलाज के लिए और लॉकजॉ (एक गंभीर जीवाणु संक्रमण, जिसकी वजह से मांसपेशियों में ऐंठन की समस्या होती है) को रोकने के लिए उपयोग किया जाता है। यह उपाय ऑपरेशन के बाद दर्द और सूजन व फोड़े के कारण होने वाले दर्द को भी कम कर सकता है। इसका उपयोग चिंता और अवसाद को दूर करने के लिए भी किया जाता है। यह निम्नलिखित लक्षणों को ठीक करने में भी प्रभावी है :

  • ऊंचाई से गिरने का भय
  • जी मिचलाना
  • पेट में भारीपन
  • गर्दन के पीछे के भाग में दर्द

यह लक्षण ठंड, नमी, धुंधले मौसम, बंद कमरे और छूने से खराब हो जाते हैं, जबकि सिर को पीछे की ओर झुकाने पर लक्षणों में सुधार होता है।

प्लांटैगो मैजस टिंक्चर
सामान्य नाम :
प्लांटेन, व्हाइट मैन फुटप्रिंट, फ्लवॉर्ट
लक्षण : दांतों के दर्द के उपचार में प्लांटेन का काफी उपयोग होता है, विशेष रूप से दांत और कान के बीच में होने वाला दर्द। यह निम्नलिखित लक्षणों को भी ठीक करने में सहायक है : 

  • दांतों में दर्द व संवेदनशीलता बढ़ना
  • गालों की सूजन
  • अधिक लार आना
  • दांत लंबे व बड़े महसूस होना

यह लक्षण ठंडी हवा व छूने से बढ़ जाते हैं और भोजन करते समय कम हो जाते हैं।

क्रिओसोटम
सामान्य नाम :
बीचवुड क्रियोसोट
लक्षण : इसका उपयोग छोटे घावों से होने वाली असामान्य ब्लीडिंग के उपचार के लिए किया जाता है। इस उपाय से निम्नलिखित लक्षणों में भी राहत मिल सकती है :

यह लक्षण खुली हवा, लेटने, ठंडे वातावरण में और महिलाओं में पीरियड्स के बाद खराब हो जाते हैं, जबकि गर्म वातावरण और गर्म खाने से लक्षणों में सुधार होता है।

सिलिकिया टेरा
सामान्य नाम :
सिलिकिया, सिलिका, प्योर फ्लिंट, रॉक क्रिस्टल
लक्षण : यह उन मामलों में उपयोग किया जाता है, जहां पोषक तत्वों की कमी के चलते कुपोषण की समस्या हो जाती है। इसके अलावा, यह न्यूरस्तेनिया की स्थिति में भी निर्धारित किया जाता है, जो कि तंत्रिका तंत्र की थकावट होती है। सिलिकिया मुख्य रूप से निम्नलिखित लक्षणों को ठीक करने के लिए उपयोग किया जाता है :

  • संक्रमित दांतों की वजह से दर्द होना
  • ठंड की वजह से दांतों में दर्द
  • मसूड़ों पर फोड़े 
  • दांतों की जड़ों में फोड़ा
  • ठंडे पानी के प्रति संवेदनशीलता

सुबह के समय, पीरियड्स के दौरान, बाईं ओर लेटने और ठंड के संपर्क में आने से यह लक्षण बिगड़ जाते हैं जबकि गर्म वातावरण, गर्मी, नम मौसम और सिर को ढंकने से लक्षणों में सुधार होता है।

हेक्ला लावा
सामान्य नाम :
लावा सोरिक फ्रॉम माउंट हेक्ला
लक्षण : जबड़े से संबंधित समस्याओं के इलाज में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस उपाय से निम्नलिखित लक्षणों में भी राहत मिल सकती है :

  • जबड़े में सूजन के साथ दांत में दर्द
  • मैक्सिलरी (ऊपरी जबड़ा) हड्डी का बढ़ना
  • खराब हुए दांतों की वजह से चेहरे की नसों में दर्द
  • दांत निकालने के बाद दर्द होना
  • दांत निकालने के बाद संक्रमण
  • बच्चों में दांत आने में दिक्कत

कैल्केरिया फ्लूओरेटा
सामान्य नाम :
कैल्केरिया फ्लोरिका, फ्लूओरस्पर
लक्षण : इस उपाय से निम्नलिखित लक्षणों से राहत मिलती है :

  • दांत में दर्द के साथ गाल और जबड़े पर सूजन
  • दांत ढीले होना
  • छूने पर भी दर्द होना
  • कठोर और फटी जीभ
  • मसूड़ों में दाने के साथ जबड़े में सूजन

यह लक्षण आराम करने और मौसम बदलने से बढ़ जाते हैं, लेकिन गर्मी और वॉर्म एप्लीकेशन (जैसे गर्म सिकाई) से इनमें सुधार होता है।

स्टैफिसैग्रिया
सामान्य नाम :
स्टैवेसर
लक्षण : स्टैवेसर दांत और पेरीओस्टेम (हड्डियों की सतह को कवर करने वाली परत) पर अच्छी तरह से काम करता है। इसका उपयोग अक्सर प्लाक बनने के कारण होने वाले दांत में दर्द के लिए किया जाता है। इस उपाय के जरिए निम्नलिखित लक्षणों को अच्छी तरह से ठीक किया जा सकता है :

  • दांत निकालने के बाद सुन्नता और दर्द
  • पीरियड्स के दौरान दांतों का दर्द बढ़ जाना
  • दांतों का काला और टेढ़ा होना
  • मसूड़ों में सूजन व लार अधिक आना
  • तम्बाकू के धुएं को बर्दाश्त न कर पाना

य​​ह लक्षण गुस्सा करने, शरीर में तरल पदार्थ की कमी और तम्बाकू के उपयोग से बदतर हो जाते हैं, लेकिन नाश्ते के बाद, गर्मी और रात में आराम करने के बाद इनमें सुधार होता है।

अर्निका मोंटाना
सामान्य नाम :
लीपर्ड बेन
लक्षण : यह उपाय उन लोगों में अच्छी तरह से काम करता है, जिन्हें छूने पर उन्हें अच्छा नहीं लगता। इसका उपयोग ज्यादातर पोस्ट-सर्जिकल ब्लीडिंग के बाद किया जाता है। इस उपाय से निम्नलिखित लक्षणों से राहत मिलती है :

यह लक्षण मामूली रूप से छूने, आराम करने, शराब पीने और ठंड के मौसम में खराब हो जाते हैं, लेकिन सिर के निचले हिस्से के बल लेट जाने पर बेहतर हो जाते हैं।

होम्योपैथिक दवाइयों को अत्यंत घुलनशील रूप में तैयार किया जाता है, ऐसे में कुछ बाहरी कारकों की वजह से इन दवाइयों का असर प्रभावित हो सकता है। इसलिए, होम्योपैथिक डॉक्टर रोगियों को उनकी दिनचर्या में निम्नलिखित आहार और जीवनशैली में बदलाव शामिल करने की सलाह देते हैं -

क्या करना चाहिए

  • ऐसी स्थितियां जो लंबे समय से प्रभावित कर रही हैं उन मामलों में, लोगों को सक्रिय रहने के लिए नियमित रूप से व्यायाम करने और गैर-औषधीय खाद्य पदार्थ लेने की जरूरत है।
  • अचानक और तेज प्रभावित करने वाले मामलों में, रोगी कुछ निश्चित खाद्य पदार्थों और पेय की इच्छा व्यक्त करते हैं। इन इच्छाओं को पूरा करने से अस्थायी रूप से उन्हें राहत मिलती है। इसलिए, इन इच्छाओं को बिना किसी प्रतिबंध के पूरा करने की सलाह दी जाती है।

क्या नहीं करना चाहिए

  • टीकाकरण के प्रमाणित तरीके के विकल्प के रूप में होम्योपैथि का उपयोग न करें।
  • औषधीय पदार्थों वाले हर्बल चाय, कॉफी, शराब या बीयर जैसे पेय पीने से बचें।
  • मसालेदार व्यंजन, सूप और सॉस से बने पदार्थों से बचें, क्योंकि इनमें औषधीय गुण होते हैं जैसे कि प्याज, अजवाइन और मांस।
  • होम्योपैथिक दवाओं को इत्र, कपूर या अन्य वाष्पशील उत्पादों के पास नहीं रखना चाहिए, क्योंकि वे इन दवाओं के प्रभाव को बेअसर कर देते हैं।
  • अस्वच्छता से बचना चाहिए।
  • लंबे समय तक नम कमरे या नम वातावरण में न रहें।

दांत में दर्द की स्थिति में होम्योपैथिक उपचार दंत चिकित्सा में मदद करता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन होम्योपैथी को चिकित्सा की प्रमुख प्रणालियों में से एक के रूप में मान्यता देता है। होम्योपैथिक दंत चिकित्सकों द्वारा 6 महीने की अवधि के लिए एक शोध अध्ययन किया गया, जिसमें 726 रोगियों को शामिल किया गया था। इनमें से 496 मामलों को अनुसरण किया गया, जिसके बाद 90.1% सकारात्मक परिणाम और नकारात्मक परिणाम 1.8% आए। जबकि 7.9% में कोई परिवर्तन नहीं आया और 0.2% अध्ययन समूह का कोई रिकॉर्ड नहीं था।

दांतों से संबंधित परेशानियां जैसे पेरीकोरोनाइटिस, रिवर्सिबल पल्पाइटिस, सेंसिटिव सीमेंटम और दांतों में दर्द में होम्योपैथिक दवाओं ने सकारात्मक परिणाम दिखाए। इसीलिए, होम्योपैथिक उपचार चेहरे और मुंह से संबंधित लक्षणों के प्रबंधन में बहुत उपयोगी माना जाता है।

होम्योपैथी सभी उम्र के लोगों में दांत में दर्द का इलाज करने का एक बहुत ही सुरक्षित और प्राकृतिक तरीका है। दंत चिकित्सा से पहले और बाद में रोगियों के मानसिक स्वास्थ्य में सुधार के लिए भी इसका उपयोग किया जाता है। इसीलिए होम्योपैथी दंत चिकित्सा उपचार को अधिक आरामदायक बनाता है। दांत में दर्द की समस्या आम तौर पर पल्प की सूजन, दांत की बाहरी परत में दरारें, दांतों की जड़ों का दिखना और वायरल संक्रमण के कारण होता है। फिलहाल, इन मामलों में भी होम्योपैथी बेहद मददगार हो सकती है।

होम्योपैथिक उपचार शरीर को अंदर से साफ करता है, चयापचय में सुधार करता है, प्रतिरक्षा प्रणाली को उत्तेजित करता है और ब्लड सर्कुलेशन व संयोजी ऊतक को मजबूत करता है। इससे शरीर खुद ही स्थिति को ठीक करने में सक्षम हो जाता है।

होम्योपैथिक उपचार के कोई दुष्प्रभाव नहीं हैं। होम्योपैथिक उपचार पूरी तरह से सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि इन्हें प्राकृतिक पदार्थों से बनाया जाता है। यह घुलनशील रूप में तैयार किए जाते हैं। भले यह उपचार प्रमाणित इलाज की जगह नहीं ले सकता है, लेकिन इसे पूरक उपचार के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

यदि होम्योपैथिक चिकित्सक के मार्गदर्शन में इन दवाइयों को लिया जाता है तो यह दवाएं गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और यहां तक ​​कि शिशुओं में भी उपयोग के लिए सुरक्षित मानी जाती हैं। हालांकि, कुछ उपायों को लेकर कुछ स्वास्थ्य स्थितियों में मतभेद (एक ऐसी स्थिति, जिसमें दवा, प्रक्रिया या सर्जरी का इस्तेमाल नहीं किया जाता, क्योंकि यह हानिकारक हो सकता है) है।

कैमोमाइल

  • इन दवाइयों को गर्भवती या स्तनपान कराने वाली माताओं को नहीं दिया जाता है। कैमोमाइल के लिए एलर्जी की प्रतिक्रिया से एनाफिलेक्टिक
  • शॉक (एक गंभीर, संभावित जानलेवा एलर्जी रिएक्शन) या कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस (किसी निश्चित पदार्थ के संपर्क में आने से त्वचा पर चकत्ते) हो सकते हैं।

प्लांटेन

  • यह पतले खून वाले रोगियों में अत्यधिक ब्लीडिंग का कारण बनता है।
  • यह पेट से लिथियम और डाइऑक्साइडिन जैसी दवाओं के अवशोषण को प्रभावित करता है।
  • यह अम्लता बढ़ाता है और इसीलिए एसिड वाले रोगियों में इसे परहेज किया जाता है।
  • गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसके उपयोग से पहले डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।

दांतों में दर्द होना काफी परेशानी वाली स्थिति हो सकती है, यह अक्सर संक्रमण या दांतों की चोट के कारण हो सकता है। हालांकि, मसूड़े की सूजन और पेरियोडोंटाइटिस की वजह से भी दांत में दर्द की समस्या हो सकती है। चेहरे और मुंह से संबंधित समस्याओं के प्रबंधन के लिए होम्योपैथी दांतों से जुड़ी चिकित्सा के उपचार के विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है और इनके दुष्प्रभाव भी नहीं होते हैं या न्यूनतम होते हैं। ये दवाएं बच्चों और वयस्कों दोनों के लिए सुरक्षित हैं। फिर भी, यह ध्यान रखना बहुत महत्वपूर्ण है कि होम्योपैथी दवाओं को किसी अनुभवी चिकित्सक के मार्गदर्शन में लेना चाहिए।

Dr.DHARMENDRA SINGH

Dr.DHARMENDRA SINGH

होमियोपैथ

Dr.Anamika

Dr.Anamika

होमियोपैथ

Dr. Anupam Bala

Dr. Anupam Bala

होमियोपैथ

और पढ़ें ...

References

  1. NHS Inform. Toothache. National health information service, Scotland. [internet].
  2. National Health Service [Internet]. UK; Toothache
  3. Mathie RT, Farrer S. Outcomes from homeopathic prescribing in dental practice: a prospective, research-targeted, pilot study.. Homeopathy. 2007 Apr;96(2):74-81. PMID: 17437932
  4. Ujwala Rohan Newadkar et al. Homeopathy in Dentistry: Is There a Role?. Pharmacognosy Res. 2016 Jul-Sep; 8(3): 217. PMID: 27365994
  5. Chaitanya Dev Jain. Ethical Use of Homeopathy and How Can We Use It in Dentistry. Iran J Public Health. 2013 Dec; 42(12): 1476–1477. PMID: 26060651
  6. British Homeopathic Association. Dental homeopathy (2004). London; [Internet]
  7. National Center for Homeopathy. Toothaches. Mount Laurel; [Internet]
  8. University of Michigan Health System. Toothache and Gum Problems. Toothache and Gum Problems.
  9. British Homeopathic Association. Belladonna. London; [Internet]
  10. The School of Homeopathy. Get Well Soon. [Internet]
  11. Harshal Ashok Patil et al. Comparison of the efficacy of ibuprofen and belladonna in the control of orthodontic separator pain. Year : 2018 Volume : 12 Issue : 1 Page : 29-34
  12. William Boericke. Homoeopathic Materia Medica. Kessinger Publishing: Médi-T 1999, Volume 1
ऐप पर पढ़ें
कोरोना मामले - भारतx

कोरोना मामले - भारत

CoronaVirus
604643 भारत
2दमन दीव
100अंडमान निकोबार
15252आंध्र प्रदेश
195अरुणाचल प्रदेश
8582असम
10249बिहार
446चंडीगढ़
2940छत्तीसगढ़
215दादरा नगर हवेली
89802दिल्ली
1387गोवा
33232गुजरात
14941हरियाणा
979हिमाचल प्रदेश
7695जम्मू-कश्मीर
2521झारखंड
16514कर्नाटक
4593केरल
990लद्दाख
13861मध्य प्रदेश
180298महाराष्ट्र
1260मणिपुर
52मेघालय
160मिजोरम
459नगालैंड
7316ओडिशा
714पुडुचेरी
5668पंजाब
18312राजस्थान
101सिक्किम
94049तमिलनाडु
17357तेलंगाना
1396त्रिपुरा
2947उत्तराखंड
24056उत्तर प्रदेश
19170पश्चिम बंगाल
6832अवर्गीकृत मामले

मैप देखें