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थायरॉक्सिन टेस्ट क्या है?

थायरॉक्सिन या टी4 एक हार्मोन है, जो कि हमारे शरीर में थायराइड ग्रंथि द्वारा बनाया जाता है। अधिकतर टी 4 एक प्रोटीन से जुड़े हुए होते हैं, जिसे प्रोटीन से जुड़े ग्लोब्युलिन (प्रोटीन-बाइंडिंग ग्लोब्युलिन) कहते हैं। हालाँकि, सक्रिय हार्मोन बंधे हुए या जुड़े हुए नहीं होते। टी3 (एक अन्य थायराइड हार्मोन) के साथ टी 4 भी विभिन्न मेटाबॉलिज्म प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

टी4 का कितना उत्पादन करना है इसका निर्धारण थायराइड स्टिमुलेटिंग हार्मोन (टीएसएच) द्वारा किया जाता है, जो कि पिट्यूटरी ग्रंथि द्वारा मस्तिष्क में बनाया जाता है।

टी4 का अत्यधिक उत्पादन हाइपरथायरायडिज्म के लक्षणों को पैदा करता है, वहीं टी4 का कम मात्रा में बनने से हाइपोथायरायडिज्म के लक्षणों को पैदा करता है।

थायरॉक्सिन टेस्ट रक्त में मौजूद सक्रिय टी 4 के स्तर का पता लगाने के लिए किया जाता है ताकि थायराइड के कार्यों का पता लगाया जा सके।

  1. थायरॉक्सिन टेस्ट क्यों किया जाता है - Thyroxine Test Kyu Kiya Jata Hai
  2. थायरॉक्सिन टेस्ट से पहले - Thyroxine Test Se Pahle
  3. थायरॉक्सिन टेस्ट के दौरान - Thyroxine Test Ke Dauran
  4. थायरॉक्सिन टेस्ट के परिणाम का क्या मतलब है - Thyroxine Test Ke Parinam Ka Kya Matlab Hai

थायरॉक्सिन टेस्ट किसलिए किया जाता है?

थायरॉक्सिन टेस्ट निम्न स्थितियों में किया जाता है:

  • थायराइड फंक्शन टेस्ट (टीएफटी) के परिणाम का असामान्य आना 
  • हाइपो-पिट्यूटरिज्म (पिट्यूटरी ग्रंथि द्वारा हार्मोन का कम बनना)
  • थायराइड ग्रंथि में गांठ होना 
  • थायराइड ग्रंथि का बड़ा होना 
  • गर्भावस्था में समस्या या जटिलताएं होना

हाइपरथायरायडिज्म (अत्यधिक सक्रिय थायराइड) के सामान्य लक्षण हैं:

हाइपोथायरायडिज्म (सामान्य से कम सक्रिय थायराइड) के सामान्य लक्षण हैं:

थायरॉक्सिन टेस्ट की तैयारी करें?

आमतौर पर थायरॉक्सिन टेस्ट के लिए किसी विशेष तैयारी की आवश्यकता नहीं होती। यह टेस्ट दिन के समय किया जा सकता है इसके लिए भूखे रहने की भी जरुरत नहीं होती। हालाँकि, कुछ दवाएं टेस्ट के रिजल्ट को प्रभावित कर सकती हैं इसलिए यदि आप कोई भी दवा ले रहे हैं तो इसके बारे में डॉक्टर को बता दें। डॉक्टर आपसे कुछ ऐसी दवाएं लेने से मना कर सकते हैं जिससे टेस्ट के रिजल्ट पर प्रभाव पड़े। 

यदि आप थायराइड की दवा ले रहे हैं तो यह जरूरी है कि आप टेस्ट से पहले दवा न लें। यदि व्यक्ति बीमार है तो टेस्ट नहीं किया जाना चाहिए।

थायरॉक्सिन टेस्ट कैसे किया जाता है?

इस टेस्ट के लिए बांह की नस से खून के सैंपल लिए जाते हैं। सुई वाली जगह को अल्कोहल युक्त दवा से साफ किया जाता है। इस के बाद एक ट्यूब में ब्लड सैंपल ले लिए जाते हैं। सैंपल लेने के बाद रक्त का प्रवाह रोकने के लिए इंजेक्शन लगी जगह पर थोड़ा सा दबाव लगाकर रुई लगा दी जाती है। लिए गए सैंपल को आगे के परिक्षण के लिए लैब में भेज दिया जाता है। यह पूरी प्रक्रिया दर्दरहित है और यह बिना चीरा लगाए की जाती है, लेकिन कुछ मरीजों को सुई लगने से त्वचा पर हल्की सी लालिमा हो जाती है। प्रभावित जगह पर बर्फ लगाकर लालिमा को कम किया जा सकता है। यदि आपको किसी भी प्रकार की कोई अन्य तकलीफ महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

थायरॉक्सिन टेस्ट के परिणाम क्या बताते हैं?

थायरॉक्सिन टेस्ट के परिणाम उम्र, लिंग, व्यक्ति के पिछले स्वास्थ्य और टेस्ट के लिए प्रयुक्त तरीके के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। आपके डॉक्टर आपको रिपोर्ट्स के रिजल्ट की सही जानकारी देंगे। 

सामान्य परिणाम:
फ्री थायरॉक्सिन (जो प्रोटीन- बाइंडिंग ग्लोब्युलिन से जुड़े नहीं होते) की सामान्य रेंज 10-26 पिकोमोल्स प्रति लीटर (pmol/L) होती है। 

असामान्य परिणाम:
यदि टी 4 का स्तर सामान्य से अधिक होता है, तो यह निम्न स्थितियों के कारण हो सकता है:

  • थायरोडिटिस (थायराइड ग्रंथि में सूजन)
  • ग्रेव्स डिजीज (प्रतिरक्षा प्रणाली से संबंधित एक विकार)
  • गोइटर में विषाक्तता (Toxic Goiter)
  • थायराइड में विषाक्त गांठ बनना 
  • थायराइड हार्मोन की दवा को अधिक मात्रा में लेना 
  • आयोडीन युक्त भोजन से (यह दुर्लभ है और थायराइड से जुड़ी समस्याओं में होता है)
  • अंडाशय या वृषण में ट्यूमर (दुर्लभ) 

यदि टी 4 का स्तर सामान्य से कम होता है तो यह निम्न स्थितियों के कारण हो सकता है:

  • हाइपोथायरायडिज्म 
  • कुपोषण या भूखे रहने से (पर्याप्त भोजन की कमी)
  • कुछ विशेष दवाओं के कारण 
  • अचनाक गंभीर रूप से बीमार होना 

नोट: टेस्‍ट के रिजल्‍ट और व्‍यक्‍ति के लक्षणों के आधार पर ही उचित निदान किया जाना चाहिए। उपरोक्त जानकारी पूरी तरह से शैक्षिक दृष्टिकोण से दी गई है और यह किसी भी तरह से डॉक्‍टर की चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है।

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References

  1. Health Link. Thyroid Hormone Tests. British Columbia [internet].
  2. University of Rochester Medical Center. Free T4. Rochester, New York [internet].
  3. Ross DS. American Thyroid Association Guidelines for Diagnosis and Management of Hyperthyroidism and Other Causes of Thyrotoxicosis. Thyroid. 2016 Oct;26(10):1343-1421. PMID: 27521067
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  5. Penn State Health. Free T4 test. Milton S. Hershey Medical Center; Pennsylvania