कंधे का एमआरआई एक इमेजिंग टेस्ट है, जिसके माध्यम से कंधे की मांसपेशियों, लिगामेंट, कंधे में उपास्थि (कार्टिलेज) सहित कंधे की संरचनाओं की छवियां तैयार की जाती हैं और उसकी जांच की जाती है।

एमआरआई स्कैनर एक बड़ी मशीन है, जो शरीर की आंतरिक संरचनाओं की छवियों को बनाने के लिए मैग्नेट और रेडियो वेव का इस्तेमाल करती है। इससे तैयार होने वाली छवियां अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे या कंप्यूटेड टोमोग्राफी (सीटी) स्कैन के मुकाबले ज्यादा स्पष्ट होती हैं। एमआरआई के दौरान, आपको मशीन में इस तरह रखा जाएगा कि आपके कंधे वाले हिस्से के चारों ओर मैग्नेटिक फील्ड बन सके। एमआरआई मशीन में एक ट्रांसमीटर लगा होता है, जो कि रेडियो वेव के रूप में नब्ज के बारे में जानकारी इकट्ठा करता है और स्कैनर इन तरंगों को छवियों में बदल देता है। ट्रांसमीटर कंधे वाले हिस्से में मौजूद परमाणुओं (एटम) के संरेखण (एलाइंमेंट) को बदल देता है। जब ट्रांसमीटर बंद हो जाता है, तो परमाणु दोबारा से संरेखण हो जाते हैं, जिसे रिसीवर कैप्चर कर लेता है और इन्हें कंप्यूटर में ट्रांसफर कर दिया जाता है।

कभी-कभी, एमआरआई में और अधिक साफ फोटो प्राप्त करने के लिए कंट्रास्ट डाई का उपयोग किया जाता है। इस डाई को आमतौर पर स्कैन से ठीक पहले इंजेक्ट किया जाता है।

(और पढ़ें - कंधे में दर्द की आयुर्वेदिक दवा)

  1. कंधे का एमआरआई क्यों किया जाता है? - Shoulder MRI reasons in Hindi?
  2. कंधे के एमआरआई से पहले की तैयारी? - Shoulder MRI preparation in Hindi?
  3. कंधे का MRI कैसे होता है? - Shoulder MRI kaise hota hai?
  4. कंधे के एमआरआई में कैसा महसूस होता है? - How will a shoulder MRI feel in Hindi?
  5. कंधे का एमआरआई कौन नहीं करा सकता है? - Who cannot have a shoulder MRI in Hindi?
  6. कंधे एमआरआई के परिणामों का क्या मतलब है? - Shoulder MRI results mean in Hindi?
  7. कंधे के एमआरआई के जोखिम और लाभ क्या हैं? - Shoulder MRI Risks and Benefits in Hindi?
  8. कंधे के एमआरआई के बाद क्या होता है? - What happens after a shoulder MRI in Hindi?
  9. कंधे के एमआरआई के साथ कौन से अन्य टेस्ट किए जा सकते हैं? - Other tests that can be done with a shoulder MRI in Hindi?

यह टेस्ट निम्नलिखित स्थितियों के मूल्यांकन या निदान में मदद करता है :

  • कंधे का दर्द, जिसका कारण पता नहीं चल पाता है और यह उपचार से ठीक नहीं होता है
  • फ्रैक्चर
  • कंधे के जोड़ को हिलाने-डुलाने में कमी आना
  • कंधे के जोड़ के आसपास के ऊतकों में दर्दसूजनब्लीडिंग
  • लिगामेंट और टेंडन के फटने के कारण कंधे में असामान्यताएं आना
  • खेल-संबंधी या काम से संबंधित विकार होना, बता दें ऐसे विकार अक्सर तब होते हैं जब हमें एक जैसी मूवमेंट / खिचाव बार-बार होती है।
  • संक्रमण (जैसे हड्डी में संक्रमण)
  • कंधे की सर्जरी के बाद सुधार देखने के लिए
  • जोड़ों और कंधे की हड्डियों से जुड़े ट्यूमर का पता लगाने के लिए
  • कंधे के जोड़ में लिक्विड का पता लगाने के लिए
  • कंधे की अस्थिरता / कमजोरी

(और पढ़ें - बांह की मांसपेशियां फटने का कारण)

आपको टेस्ट से छह घंटे पहले से कुछ भी नहीं खाना / पीना चाहिए। इसके अलावा निम्न स्थितियों के बारे में डॉक्टर या रेडियोलॉजिस्ट को टेस्ट से पहले बताएंं।

  • कंट्रास्ट मैटेरियल/डाई से एलर्जी
  • गर्भावस्था
  • शरीर में धातु इम्प्लांट कराया हो (जैसे स्टेंट, नकली धातु वाला दांत, कोक्लीयर इम्प्लांट, एक डिवाइस जो आंशिक रूप से सुनने में मदद करती है, कॉस्मेटिक मेटल इंप्लांट)
  • रक्त वाहिकाओं की हाल ही में सर्जरी कराई हो
  • इंट्रायूटेरियन डिवाइस का इस्तेमाल
  • किडनी की बीमारी हो या सिकल सेल एनीमिया हो
  • मेडिकल पैच पहना हो

यदि आपको बंद स्थानों से डर लगता है, तो आपको अपने डॉक्टर या रेडियोलॉजिस्ट को इस बारे में सूचित करना चाहिए। ऐसे मामले में, वे आपकी चिंता को कम करने के लिए सिडेटिव ड्रग्स दे सकते हैं।

सभी आभूषण और कीमती सामान जैसे घड़ियां और चाबी घर पर छोड़ दें, क्योंकि स्कैनिंग रूम में इन सबको ले जाने की अनुमती नहीं होती है।

(और पढ़ें - सिकल सेल की बीमारी का इलाज)

कंधे के एमआरआई की प्रक्रिया में आमतौर पर निम्नलिखित चीजें शामिल होती हैं :

  • रेडियोलॉजी स्टाफ सबसे पहले आपको मेटल वाली चीजें निकालने के लिए कहेंगे। इन चीजों में हियरिंग ऐड (सुनने में मदद करने वाली डिवाइस), पियर्सिंग, नकली दांत और यहां तक कि विग (नकली बाल) शामिल हैं।
  • वे आपसे अस्पताल का गाउन पहनने को कह सकते हैं, लेकिन ऐसा हर जगह नहीं होता है।
  • इसके बाद कर्मचारी आपको टेबल पर लेटने के लिए कहेंगे। यह टेबल स्कैनर में स्लाइड (अंदर जाना) होती है।
  • यदि टेस्ट में कंट्रास्ट डाई के उपयोग की आवश्यकता होती है, तो डॉक्टर नसों के जरिये डाई को शरीर में इंजेक्ट करते हैं। बता दें, डाई का प्रयोग अधिक स्पष्ट फोटो प्राप्त करन के लिए किया जाता है।
  • स्कैनिंग प्रक्रिया के दौरान स्थिर रहने की सलाह दी जाती है यानी हिलें-डुलें नहीं, क्योंकि ऐसा करने से फोटो ब्लर यानी धुंधली हो सकती हैं।

इस टेस्ट में आधा घंटे से लेकर एक घंटे या इससे भी अधिक समय लग सकता है।

(और पढ़ें - रोटेटर कफ की चोट का उपचार)

कंधे के एमआरआई के दौरान दर्द नहीं होता है, हालाकि, आप जिस टेबल पर लेटते हैं, कठोर हेने के कारण उसमें आप असहज हो सकते हैं। पूरे टेस्ट में एक ही स्थिति में लेटने की वजह से आप थका हुआ महसूस कर सकते हैं और स्कैन के दौरान कंधे पर गर्माहट महसूस हो सकती है।

यदि कंट्रास्ट डाई का उपयोग किया गया था, तो आपको इंजेक्शन लगाने पर ठंडक महसूस हो सकती है। कंट्रास्ट के उपयोग के कारण टेस्ट के दो दिन बाद तक आपको स्कैन किए गए कंधे में मुलायम सा महसूस हो सकता है।

(और पढ़ें - थकान के लक्षण)

कंधे का एमआरआई निम्नलिखित व्यक्तियों को नहीं कराना चाहिए या कराने से पहले डॉक्टर से परामर्श कर लेना चाहिए।

  • ऐसे व्यक्ति जिन्होंने अपने शरीर पर कहीं टैटू बनवाया हो : टैटू में उपयोग किए जाने वाली स्याही में कुछ मात्रा में धातु हो सकती है, ऐसे में एमआरआई स्कैन से टैटू वाले हिस्से में असुविधा या गर्मी महसूस हो सकती है।
  • ऐसे व्यक्ति जिन्होंने शरीर पर पियर्सिंग कराई है : पियर्सिंग यानी धातु से बनी किसी चीज को अपने शरीर के अंगों पर लगवाना या इम्प्लांट कराना। चूंकि यह धातु से बनी होती हैं ऐसे में एमआरआई के दौरान यह खराब हो सकती हैं।
  • गर्भवती महिलाएं : यदि आप गर्भवती हैं तो ऐसे में एमआरआई न करवाएं क्योंकि यह गर्भ में पल रहे बच्चे को नुकसान पहुंचा सकता है।

(और पढ़ें - प्रेगनेंसी में होने वाली प्रॉब्लम)

यदि टेस्ट रिपोर्ट सामान्य आती है तो इसका मतलब कि कंधे या आसपास के ऊतक में कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन रिपोर्ट असामान्य आने का अर्थ निम्न में से किसी स्थिति का संकेत हो सकता है :

  • फोड़ा (त्वचा में मवाद से भरा हुआ व उभरा हुआ)
  • कंधे की हड्डी में चोट या फ्रैक्चर
  • ओस्टियोनेक्रोसिस (हड्डी में खून की आपूर्ति में कमी के कारण होने वाला रोग)
  • रोटेटर कफ (टेंडन का वह हिस्सा, जो हाथ को गोल घुमाने में या हाथ उठाने में मदद करता है) की सूजन
  • रोटेटर कफ के टेंडन का फटना
  • ट्यूमर (कैंसर सहित)
  • ऑस्टियोमाइलाइटिस (हड्डी में संक्रमण)
  • बर्साइटिस (बर्सा की सूजन, यह हड्डी और मांसपेशी या त्वचा या टेंडन के बीच सपोर्ट या कुशन की तरह काम करता है)
  • बाइसेप्स फटना
  • फ्रोजन शोल्डर (कंधे की अकड़न)
  • शोल्डर लेब्रम टियर (शोल्डर लैब्रम ऊतकों का एक मोटा टुकड़ा है, जो जोड़ में मौजूद बॉल को उसकी जगह पर रखने में मदद करता है)

(और पढ़ें - कंधे के दर्द का घरेलू उपाय)

कंधे के एमआरआई के जोखिम निम्नलिखित हैं :

  • दुर्लभ मामलों में कंट्रास्ट डाई के उपयोग की वजह से एलर्जी हो सकती है। यह उन व्यक्तियों के लिए हानिकारक हो सकती है, जिन्हें किडनी की बीमारी के लिए डायलिसिस की आवश्यकता होती है।
  • कंधे के एमआरआई प्रोसेस के दौरान मेटल इंप्लांट जैसी चीजों को नुकसान हो सकता है।

कंधे के एमआरआई के लाभ निम्नलिखित हैं :

  • इसमें रेडिएशन का उपयोग नहीं होता है।
  • यह दर्द रहित है यानी इसमें दर्द नहीं होता है
  • यह एक विस्तृत व अन्य इमेजिंग टेस्ट के तुलना में साफ फोटो प्रदान करता है।

(और पढ़ें - कंधे में दर्द की होम्योपैथिक दवा)

आमतौर पर, रोगी टेस्ट के ठीक बाद अपनी दैनिक गतिविधियों को जारी रख सकते हैं। हालांकि, यदि मरीज को सिडेटिव ड्रग्स दिया गया है तो आपको निम्नलिखित सावधानियां बरतनी चाहिए :

  • टेस्ट के 24 घंटे बाद तक किसी को अपने साथ रहने के लिए कहें
  • सार्वजनिक परिवहन में अकेले सफर न करें व खुद से कार न चलाएं
  • परीक्षण के दिन किसी तरह की मशीनरी का संचालन न करें।

डॉक्टर कंधे के एमआरआई के साथ अन्य टेस्ट कराने का भी सुझाव दे सकते हैं, जो जांच के तहत बीमारी पर निर्भर करता है, उदाहरण के तौर पर

  • ऑस्टियोमाइलाइटिस के लिए : टिश्यू कल्चर टेस्ट, बोन बायोप्सी
  • रोटेटर कफ टियर : मैग्नेटिक रिजोनेंस आर्थ्रोग्राफी, अल्ट्रासाउंड

ध्यान रहे : इन सभी टेस्ट के परिणाम रोगी के नैदानिक स्थितियों से सहसंबद्ध यानी जुड़े होने चाहिए। ऊपर मौजूद जानकारी शैक्षणिक दृष्टिकोण से दी गई हैं और यह किसी भी डॉक्टर द्वारा सुझाए गए मेडिकल सलाह का विकल्प नहीं है।

और पढ़ें ...

संदर्भ

  1. Michigan Medicine [internet]. University of Michigan. US; Magnetic Resonance Imaging (MRI) of the Shoulder
  2. National Health Service [Internet]. UK; MRI scan
  3. Miller MD, Thompson SR, eds. DeLee and Drez's Orthopaedic Sports Medicine. 4th ed. Philadelphia, PA: Elsevier Saunders; 2015
  4. Anderson MW, Fox MG. MRI of the shoulder. In: Anderson MW, Fox MG, eds. Sectional anatomy by MRI and CT. 4th ed. Philadelphia, PA: Elsevier; 2017:chap 2
  5. Wilkinson ID, Graves MJ. Magnetic resonance imaging. In: Adam A, Dixon AK, Gillard JH, Schaefer-Prokop CM, eds. Grainger & Allison's Diagnostic Radiology. 6th ed. Philadelphia, PA: Elsevier Churchill Livingstone; 2015:chap 5
  6. Diagnostic Imaging Pathways [Internet]. Department of Health. Western Australia; Information for Consumers - Magnetic Resonance Imaging (MRI)
  7. Better health channel. Department of Health and Human Services [internet]. State government of Victoria. Australia; MRI scan
  8. Health direct [internet]. Department of Health: Australian government; Abscesses
  9. National Institute of Arthritis and Musculoskeletal and Skin Diseases [Internet]. National Institute of Health. US Department of Health and Human Services. US; Osteonecrosis
  10. Cleveland Clinic [Internet]. Ohio. US; Rotator Cuff Tendonitis
  11. Arthritis Foundation [Internet]. Georgia. Australia; Bursitis
  12. Johns Hopkins Medicine [Internet]. The Johns Hopkins University, The Johns Hopkins Hospital, and Johns Hopkins Health System; Shoulder Labrum Tear
  13. NYU Langone Health [Internet]. New York. US; Diagnosing Bone & Joint Infections
ऐप पर पढ़ें
cross
डॉक्टर से अपना सवाल पूछें और 10 मिनट में जवाब पाएँ