प्राचीन यूनानियों के समय से सौंफ की चाय का उपयोग औषधियों और व्यंजन में जड़ी बूटी के रूप में किया जाता रहा है। जिन लोगों को ख़राब पाचन, गैस और सूजन की समस्या है उन लोगों को खाने के बाद एक कप सौंफ की चाय का सेवन करना चाहिए। इन समस्याओं से निजात पाने के लिए यह सबसे प्रभावी उपाय है। सौंफ हमारे मुँह में जीवाणुरोधी की तरह काम करती है। यह सांस की बदबू, डकार आदि से निजात दिलाती है।

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ऐतिहासिक रूप से सबसे पहले सौंफ का उपयोग प्राचीन ग्रीस और रोम में होता था जहां यह प्रकृति के प्रतीक के रूप में पारंपरिक रीति-रिवाजों और समारोहों में उपयोग की जाती थी। ग्रीक डॉक्टरो ने स्तनपान कराने वाली माताओं के दूध को बढ़ाने के लिए इस चाय को पीने के लिए कहते थे। प्राचीन मिस्र, भारत और चीन में इस चाय का उपयोग साँप और कीड़ों के काटने पर औषधी के रूप में किया जाता था।

  1. सौंफ की चाय के फायदे - Saunf ki chai ke fayde in hindi
  2. सौंफ की चाय बनाने की विधि - Saunf ki chai banane ki vidhi in hindi
  3. सौंफ की चाय के नुकसान - Saunf ki chai ke nuksan in hindi

फेनल टी का उपयोग रोके गुर्दे की पथरी - Fennel tea for kidney stones in hindi

सौंफ हर्बल चाय स्वस्थ मूत्र प्रवाह को बढ़ाती है और शराब से लिवर की क्षति को रोकती है। यह पीलिया जैसे रोगों के इलाज में भी उपयोगी है। सौंफ हर्बल चाय में रक्त को साफ करने का गुण भी है। यह गुर्दे की कार्यप्रणाली में सुधार कर सकती है और गुर्दे की पथरी को होने से रोकती है। 

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सौंफ टी का करें सेवन दूध बढ़ाने के लिए - Fennel tea increases breast milk in hindi

माताओं के निपल्स में दर्द और संक्रमण के इलाज में इसकी चाय लाभदायक है। इसके लिए चाय में एक सूती कपड़ा डुबो कर पीड़ादायक क्षेत्र पर प्रतिदिन तीन बार लगाएं। दूध पिलाने वाली माताएं दूध बढ़ाने के लिए डॉक्टर से सलाह ले कर इसका सेवन करें।

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सौंफ टी का उपयोग मसूड़ों की सूजन के लिए - Saunf tea for Gum Health in hindi

सौंफ की चाय से कुल्ला करने से मसूड़ों की सूजन और सांस की बदबू की समस्या दूर हो जाती है।

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सौंफ टी के लाभ सांस की समस्याओं में - Fennel tea for asthma in hindi

सौंफ की चाय का उपयोग साधारण सर्दी और अस्थमा जैसी सांस की समस्याओं के इलाज में बहुत फायदेमंद है। इसके रोगाणुरोधी गुण श्वसन के रस्ते के संक्रमण से छुटकारा दिलाने में मदद करते हैं। यह एनजाइना (angina) और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं का इलाज करने में भी मदद करती है।

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सौंफ टी बेनिफिट फॉर हार्ट - Saunf chai for Heart in hindi

सौंफ चाय विटामिन और एंटीऑक्सिडेंट का एक अदभुत स्रोत है जो आपके हृदय को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करती है। यह आपके खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करती है और हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित होने की संभावनाको रोकती है।

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सौंफ के बीज की चाय आंखों के लिए - Fennel tea for eyes in hindi

कभी-कभी आपकी नींद अच्छे से पूरी नहीं हो पाती जिसके कारण आपकी आंखों में सूजन और दर्द महसूस होता है। इसके लिए आप सौंफ की चाय बना लें। उसमें एक रुई भिगो कर इसे 10 मिनट के लिए अपनी आंखों पर रखें। आपको काफी अच्छा लगेगा। यह केवल आँखों की सूजन को कम नहीं करता, अपितु नेत्र संक्रमण जैसे नेत्रश्लेष्मलाशोथ (conjunctivitis) के इलाज में भी मदद करता है।

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फेनल टी का उपयोग बढ़ाए प्रतिरक्षा प्रणाली - Saunf ki chai ke fayde for Immune System in hindi

स्वस्थ महसूस करने के लिए हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली का मजबूत रहना ज़रूरी है ताकि बैक्टीरिया और वायरस से लड़ा जा सके। सौंफ की चाय हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ा कर सर्दी के लक्षणों को शुरूआत में ही रोकने में मदद करती है। यह अदभुत चाय बुखार को कम करने, गले के दर्द से राहत देने, ऊपरी श्वसन तंत्र संबंधी बीमारियों जैसे अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, खाँसी आदि के इलाज में मदद करती है। इसका उपयोग छाती में जमे कफ की साफ करने में भी मदद करती है।

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सौंफ चाय का सेवन दिलाए गठिया के दर्द से राहत - Benefits of fennel seed tea for arthritis in hindi

सौंफ हर्बल टी शरीर को क्लीन (clean) करके आपके ऊतकों और जोड़ों के स्वास्थ्य में भी सुधार करती है। इस प्रकार यह गठिया के दर्द और गाउट रोग से राहत देती है।

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सौंफ की चाय करे वजन कम - Fennel tea benefits for weight loss in hindi

सौंफ की चाय शरीर में पानी की अवधारण क्षमता (water retention) को कम करने में मदद करती है जिससे यह वजन घटाने में भी सहायक है। इसका उपयोग आपके चयापचय को बढ़ा कर शरीर से वसा को जलाने में मदद करता है। यह सेल्युलाईट को कम करने और भूख को नियंत्रित करने में भी मदद करती है।

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फेनल टी के फायदे बच्चों के पेट दर्द के लिए - Fennel tea helps colic babies in hindi

सौंफ हर्बल चाय बच्चों के लिए अच्छी और सुरक्षित है। यह आंत्र को आराम देती है और बच्चे को पेट दर्द से पीड़ित होने पर मदद करती है।

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फेनल टी के लाभ करें आंत के कीड़े को नष्ट - Fennel tea kills parasites in hindi

सौंफ की चाय पेट में एसिड का स्तर कम करने और आंत के कीड़े और जीवाणुओं को नष्ट करने में मदद करती है।

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सौंफ की चाय का सेवन दिलाए पाचन समस्या से छुटकारा - Fennel seed tea for digestion in hindi

सौंफ को एंटी-स्पास्मोडिक (ntispasmodic) कहा जाता है। इसलिए इसकी चाय का उपयोग पाचन तंत्र को आराम दिलाने, पेट की ऐंठन और गैस को कम करने और इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (irritable bowel syndrome) के इलाज में मदद करने के लिए किया जाता है। इसके खुशबूदार और वायुनाशी (carminative) गुण पेट फूलना, दस्त, सूजन या पेट में ऐंठन जैसी समस्याओं से निजात दिलाने में मदद करती है।

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सौंफ की चाय के लाभ मासिक धर्म के लिए - Fennel tea for menstrual cramps in hindi

सौंफ की चाय एस्ट्रोजन के उत्पादन को बढ़ाती है। इसलिए इसका उपयोग पीएमएस के लक्षणों से छुटकारा दिलने, मासिक धर्म में ऐंठन या रजोनिवृत्ति के लक्षण को दूर करने के लिए किया जाता है। इसमें एनेथोल (anethole) पाया जाता है जिसके कारण सौंफ की चाय का उपयोग ना जाने कितने वर्षों से महिला प्रजनन प्रणाली की रक्षा के लिए टॉनिक के रूप में किया गया है।

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सौंफ की चाय के फायदे सीने मे जलन के लिए - Fennel tea for heartburn relief in hindi

सौंफ सीने मे जलन के इलाज के लिए बहुत अच्छी होती है। यदि किसी को अपच के लक्षणों के कारण दर्द और जलन की समस्या महसूस होती है तो एक कप सौंफ की चाय से सीने मे जलन और दर्द की समस्या में आराम मिलेगा।

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सौंफ के बीज का उपयोग करके

  • सबसे पहले आप एक चम्मच सौंफ के बीज को कूट लें।
  • अब एक चाय की छन्नी में कुटे हुए सौंफ के बीज डाल कर एक कप के ऊपर रखे और उस सौंफ के बीज पर गर्म पानी डालें जब सौंफ के बीज पानी में दुब जाएँ तो उसे सात से दस मिनट के लिए छोड़ दें।
  • अब आप चाय की छन्नी को हटा लें और थोड़ा गर्म पानी ऊपर से डालकर चाय को पिएं।

सौंफ के पत्तों का उपयोग करके

  • कुछ सौंफ के ताजे हरे पत्तों को अच्छी तरह धो लें।
  • अब एक कप उबला गर्म पानी उबाल लें।
  • अब उसमे पत्तियों को डाल कर 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें। (और पढ़ें – अदरक की चाय के फायदे)
  • अब आप उन पत्तियों को निकाल लें और उसमें ऊपर से थोड़ा गर्म पानी डालकर चाय को पिएं।

सौंफ के कंद का उपयोग करके

  • सौंफ के कंद को अच्छी तरह साफ कर लें।
  • अब उसे छोटे टुकड़ों में काट लें।
  • अब एक चाय की छन्नी में कटे हुए सौंफ के कंद डाल कर एक कप के ऊपर रखे और उस सौंफ के कंद पर गर्म पानी डालें जब सौंफ के कंद पानी में दुब जाएँ तो उसे 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें।
  • अब छलनी को हटा कर उसमे थोड़ा गर्म पानी डाल कर उसका सेवन करें।

यदि आपको गाजर या अजवाइन से एलर्जी है तो आपको सौंफ की चाय से एलर्जी हो सकती है क्योंकि यह एक ही वनस्पति परिवार से आते हैं। यदि आपको इसके सेवन से त्वचा की खुजली, हीवेस (hives) या सूजन जैसे लक्षण दिखते हैं तो इसका सेवन बंद करे और अपने चिकित्सक से संपर्क करें। 

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अगर आप किसी प्रकार की दवा का सेवन कर रहे हैं तो इसके सेवन से पहले चिकित्सक से बात करें। क्योंकि सौंफ की चाय आपकी दवा के असर को और बढ़ा के आपकी समस्या को बढ़ा सकता है। यदि आप खून के जमने की समस्या से ग्रस्त हैं तो इस चाय को कम मात्रा में पिएं।

एस्ट्रोजन आश्रित कैंसर वाले लोगों को इस चाय का सेवन नहीं करना चाहिए। पर ऐसा कहा जाता है कि कैंसर के लिए केमोथेरेपी या विकिरण उपचार के बाद यह पेट में ऐंठन और उल्टी के लिए उपयोगी हो सकती है।

गर्भावस्था के दौरान सौंफ़ हर्बल चाय का अधिक सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि गर्भावस्था के दौरान इसको पीने से यह जहरीली हो सकती है और नाड़ के माध्यम से आपके गर्भ में पल रहे बच्चे के अंतःस्रावी (endocrine) तंत्र के विकास को नुकसान पहुंचा सकती है।

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